Er Satkaran Singh Hindu
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Er Satkaran Singh Hindu
@satkaran08
male, age: 66y, Engineer
B-2/3, Inderprastha colony, bi Katılım Şubat 2012
18 Takip Edilen213 Takipçiler

@AmitShahOffice क्या बीसीसीआई के लोग भारतीय नहीं हैं? क्या पहलगाम की घटना से उनका खून नहीं खौलता?
जब ऑपरेशन सिंदूर जारी है तो किक्रेट का संबंध क्यों रखा जा रहा है?
क्या भारतीय क्रिकेटर सिर्फ धन लोलुप ही हैं?
क्या होम मिनिस्टर इन पर कोई कार्यवाही नहीं कर सकता?
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मैं चिदंबरम जी से कहना चाहता हूँ कि हमारे पास अनेक प्रूफ हैं कि वो तीनों पाकिस्तानी थे।
तीन में से दो के पाकिस्तानी वोटर नंबर भी हमारे पास उपलब्ध हैं। उनकी राइफलें भी हैं, उनके पास से जो चॉकलेट मिली है वो भी पाकिस्तान में बनी है। और ये कहते हैं कि वो पाकिस्तानी नहीं थे, इसका मतलब है कि देश का एक पूर्व गृह मंत्री पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहा है: गृह मंत्री श्री @AmitShah
youtube.com/live/OxF9tiUXM…

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@JaipurDialogues जो खुद यह कह चुका कि "I am fighting with India itself" उस का क्या, वो कुछ भी बक सकता है।

@grok @rkchoudhary951 @Raathore_ भारत ने सिंधु जल समझौते पर अपना कड़ा रुख कायम रख रखा है।
पाकिस्तान को स्पष्ट कहा गया है कि बात होगी तो केवल आतंकवाद व पी ओ के पर ही होगी।
इतने सब के बाद भी यदि भारत हार गया है तो फिर जैसी प्रभु इच्छा।
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@rkchoudhary951 @Raathore_ खबर में कुछ सच्चाई है, लेकिन पूरी तरह सही नहीं। भारत-पाकिस्तान संघर्ष, नूर खान एयरबेस पर हमला और अमेरिकी मध्यस्थता की खबरें विश्वसनीय स्रोतों से पुष्ट हैं। मई 2025 में मिसाइल हमले और 10 मई को युद्धविराम हुआ। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान और भारत की "कड़ी शर्तों" का कोई स्पष्ट सबूत नहीं है। ये दावे अतिशयोक्तिपूर्ण हो सकते हैं। पूरी जानकारी के लिए CNN, NYT जैसे स्रोत देखें।
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भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम को लेकर अमेरिका के प्रतिष्ठित न्यूज नेटवर्क न्यूयॉर्क टाइम्स ने बड़ा दावा किया है।
NYT ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि शुरुआत में अमेरिका की भारत और पाकिस्तान युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं थी। जिसके तहत अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कई न्यूज इंटरव्यू में साफ कर दिया था कि अमेरिका की उस युद्ध में कोई भूमिका नहीं है।
आगे की जानकारी कमेंट बॉक्स में है...👇👇

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@epanchjanya जब तक भारत बकरा बना रहेगा, आतंकी भारतियों को मारते रहेंगे। जिस दिन शेर बन कर हमला करेगा तब वो मिमियाने लगेंगे।
किसी तरह की कोई माफी नहीं, इनके आका का सीधे सीधे इलाज तुरंत और भयानक रूप से तुरंत होना चाहिए।
आतंकियों को नहीं उनके आका का सफाया होना चाहिए।
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पहलगाम से बड़ी खबर!
हमने जो कहा था वही हुआ है!
दो स्थानीय मुसलमानों ने आतंकियों की मदद की थी।
खुफिया एजेंसी के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है।
दोनों स्थानीय मुसलमानों के नाम मोहम्मद आदिल और मोहम्मद आसिफ है।
दोनों ने आतंकियों को रेकी करने में मदद की थी, जंगल में 5-6 आतंकी छिपे हुए थे।
सभी आतंकी पूरी तैयारी से आए थे, आतंकियों के बैग में गोलियों के साथ ड्राई फ्रूट्स भरे हुए थे।
हम कल से ही कह रहे थे बिना लोकल सपोर्ट के इतना बड़ा हमला नहीं हो सकता।
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@SrBachchan कर्म किये जा फल की इच्छा मत कर ए इंसान।
चिंता छोड़ो और आराम करो।
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@ProfSudhaanshu इस चपंडु से पूछो कि २० जनवरी १९४८ के दिन गोडसे गैंग को पंडित जी ने गिरफ्तार क्यो नहीं किया जब की उसने गाँधी जी पर जान लेवा हमला किया था।
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🚨🚨 शर्मनाक वाक़या 👇
कांग्रेस के कन्हैया कुमार ने लगातार हार के बाद अब जहर उगलना शुरू कर दिया है ।
कन्हैया कुमार : पीएम मोदी संघी हैं ।
पत्रकार मेघा प्रसाद : तो क्या?
संघी है मतलब? क्या यह गाली है?
कन्हैया कुमार : वे आतंकवादी हैं।
गांधी की हत्या करने वाले आतंकवादी हैं।
मेघा : आप दोनों को कैसे जोड़ रहे हैं?
आपके हिसाब से आरएसएस के सभी लोग मूर्ख हैं?
निराश कन्हैया कुमार : हां। और आप प्रवक्ता की तरह 😳
मेघा 🔥 : क्या?
मैं अब प्रवक्ता हूं?
आप लोगों को इस तरह से गाली कैसे दे सकते हैं?


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@epanchjanya भारत की इकोनोमि को रोकने के लिए बाडेन और चीन की साजिश है यूद्ध ke लिए भारत को उकसाना। युनुस मिया उसी एजेंडे पर काम कर रहे है।
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@We_IndianIN ऐसी कथाओ में कुछ तथ्य तो सत्य है ही।
सबसे बड़ी सचाई तो यही है कि अभिनंदन को बिना शर्त छोड़ा गया।
पाकिस्तान ने दरिया दिल से छोड़ा, ये बात तो हजम नहीं होती। कुछ तो भारत ने ऐसा किया था कि पाकी अभिनंदन को छोड़ने को मजबूर हुए।
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स्वीडन की एक न्यूज़ मैगज़ीन ने लिखा है --
F16 के जमीदोज होते ही अमेरिका को पता चल गया था। भारत पर इसके इस्तेमाल से अमेरिका गुस्से में था।
पर उस समय ये भी जरुरी था कि पाक को भारत के गुस्से से बचाना। क्योकि भारत का एक पायलट पाक कब्जे में जाते ही भारत ने बड़ी कार्यवाई के लिये ब्रम्होस मिसाइलें तैयार कर ली थी।
प्लान यही था कि पाकिस्तान एयर फोर्स को रात में ही तहस नहस कर दिया जाये। जिसकी भनक अमेरिका को लग गयी।
पूरी रिपोर्ट कमेंट में पढ़िए...
आंखें फटी की फटी रह जाएंगी... 👇

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@devidarshan51 हमारे ग्रन्थों से छेड़ छाड़ का स्पष्ट सबूत है वाल्मीकि रामायण।
वाल्मीकि जी ने कथा के दूसरे ही श्लोक में लिख दिया है कि ये कथा ५०० सर्ग व २४००० श्लोक में पूरी हो जायेगी।
लेकिन प्रचलित पुस्तको में ६३५ सर्ग व ३१००० श्लोक है। अब ये बढ़ाये किसने?
ष्पष्ट् है मूल ग्रंथ को छेडा गया है
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1. रामायण राम के जन्म से कई साल पहले लिखी जा चुकी थी | रामायण महाकाव्य की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की है। इस महाकाव्य में 24 हजार श्लोक, पांच सौ उपखंड तथा उत्तर सहित सात कांड हैं।
2. वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को, पुनर्वसु नक्षत्र में कर्क लग्न में हुआ था। उस समय सूर्य, मंगल, शनि, गुरु और शुक्र ग्रह अपने-अपने उच्च स्थान में विद्यमान थे तथा लग्न में चंद्रमा के साथ गुरु विराजमान थे। यह सबसे उत्कृष्ट ग्रह दशा होती है , इस घड़ी में जन्म बालक अलौकिक होता है।
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@ProfSudhaanshu गिद्ध भोजन व्यवस्था में तो ऐसा ही होता है।
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@BachchanJrFC Yes, Abhishek did excellent work in this movie.
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the untold stories behind I Want to Talk ❤️ #IWantToTalkOnPrime, Watch Now
#AbhishekBachchan #Bachchan #IWantToTalk #Bollywood #ABcrew




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@GaganPratapMath ७० पर चुनाव लड़ा, ६७ पर जमानत जब्त। क्या रिकॉर्ड बनाया है? शायद "fighting against India itself" का नतीजा है।
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@Roli_pathak1 जय श्री कृष्ण
द्वापर में अवतरित भगवान कृष्ण ने पूर्ण लीला के दौरान अपने विभिन्न विराट रूप के दर्शन कराये थे।
महाभारत शुरू होने से पहले अर्जुन के लिए दिये गए अद्भुत सुंदर विराट रूप के दर्शन, भक्तो को बहुत रोमांचित करता है।
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@kaankit अमरिका ने घुस्पेठियो को गोली नहीं मारी यही मानवता बहुत है। चीन होता तो ऐसा ही करता।
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अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 अवैध प्रवासियों को लेकर भारत में बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है. आज संसद में भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया.
सवाल उठाया जा रहा है कि अमेरिका ने इन लोगों को अपने मिलिट्री प्लेन से क्यों भेजा?
भारत ने खुद अपना विमान भेज कर क्यों नहीं इन्हें वहां से मंगवाया ?
सीधी सी बात है यह कोई सम्मान समारोह तो था नहीं, जिसमें खास इंतजाम किए जाएं.अमेरिका ने अपने प्रोटोकॉल के तहत जो उचित समझा, वही किया.
तर्क यह भी दिया जा रहा है कि इससे भारत की छवि को नुकसान पहुंचा है.
लेकिन जब ये लोग अवैध तरीके से, लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके मानव तस्करी नेटवर्क के जरिए, अपनी जान जोखिम में डालकर अमेरिका में घुसते हैं, और वहां पकड़े जाते है ,तो क्या इससे भारत की प्रतिष्ठा बढ़ती है?
बाहरी देशों में अवैध घुसपैठियों के साथ कैसा व्यवहार होता है, उन्हें कैसी अमानवीय स्थितियों में रखा जाता ,इसका अंदाजा शायद बहुतों को नहीं है.
हर देश की एक संप्रभुता होती है और वह अपने कानूनों के हिसाब से अवैध प्रवासियों को नियंत्रित करता है.
अमेरिका में डिपोर्टेशन प्रक्रिया के दौरान आमतौर पर अवैध प्रवासियों को हथकड़ी लगाई जाती है, चाहे वे किसी भी देश के हों.
मतलब अमेरिका और भारत के रिश्तों की कसौटी यही है कि अमेरिका,भारतीय घुसपैठिए को हथकड़ी नहीं लगाए, कैसा तर्क है ये ?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन लोगों ने खुद यह जोखिम उठाया था. उन्होंने अवैध रास्ता चुना, भारी रकम खर्च की, मानव तस्करों पर भरोसा किया और अंततः वहां के कानून तोड़ते हुए पकड़े गए. जब आप किसी देश का कानून तोड़ेंगे, तो आपको उसके परिणाम भी भुगतने होंगे.
अमेरिका में अवैध प्रवास को लेकर हमेशा से सख्त नीतियां रही हैं, और यह कोई नई बात नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया था और अब वे उसे लागू कर रहे हैं.
भारत के विदेश मंत्री ने राज्यसभा में साफ किया कि अमेरिका ने यह पहली बार नहीं किया है.उन्होंने पिछले कई वर्षों में अमेरिका द्वारा डिपोर्ट किए प्रवासियों के आंकड़े भी पेश किए हैं.
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@indian57402080 @kaankit इन लोगो में बहुत से तो ऐसे है जो २०१३ से पहले अमरिका में घुसे थे।
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@kaankit Sir आप बड़ा चाटुकार andhbhakt हो आप को बीजेपी IT सेल ज्वाइन करना चाहिए आप के हिसाब से अमेरिका इंडियन को हटकरी लगा कर जो इंडिया डिपोर्ट कर रहा है ठीक है ? पैसेंजर प्लेन से भी भेज सकता था और हा मोदी रोजगार देती न तो अमेरिका इस तरह से donkey रूट के ज़रिए कोई नहीं जाता ,🤬🤬

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@ArunKosli अमरिका ने दूसरे देशों के लिए भी घुस्पेठियो के खिलाफ कठोर कार्यवाही के रास्ते खोल दिये है।
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