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प्रिय साथियों
जब इस चुनावी महासंग्राम की तैयारी हो रही थी, तो मैंने सोचा भी नहीं था कि बलौदा बाज़ार के इस एक सामान्य कांग्रेसी कार्यकर्ता को आप अपना एक जुझारू और ईमानदार साथी मानकर इस हद तक साथ देंगें।
इस निर्वाचन युद्ध में मेरे साथ चला मेरा हर एक साथी मेरे लिए खास है । हर दोस्त, हर भाई, हर बहन और हर उस मां के आशीर्वाद के साथ मुझमें शक्ति आयी कि मैं इस चुनाव में आपके बीच सेवा भावना से दावेदारी प्रस्तुत कर सका और इस चुनाव को लड़ पाया ।
मैं बलौदा बाज़ार के लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे साथ हर छोटे कंकर से लेकर हर पानी पत्थर को नापा।
बलौदा बाज़ार में विकास की चाह रखने वाले हर इंसान के लिए मेरे घर के दरवाज़े हमेशा खुले रहेंगे।
मुझे मेरे जीवन के पहले चुनाव में आपने हज़ारों मतों का उपहार देकर मुझे सदैव के लिए ऋणी बना दिया है ।
मैं अब और मेहनत, निष्ठा और समर्पण के साथ आपकी सेवा करना चाहूंगा।
प्रसिद्ध कवि शिवमंगल सिंह सुमन जी की इन पंक्तियों से मैं भी सहमत हूं कि :
यह हार एक संग्राम है ,
जीवन महासंग्राम है
क्या हार में क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
संधर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही
वरदान मांगूंगा नहीं।
लघुता न अब मेरी छुओ
तुम हो महान बने रहो
अपने हृदय की वेदना मैं व्यर्थ त्यागूंगा नहीं
वरदान मांगूंगा नहीं।
चाहे हृदय को ताप दो
चाहे मुझे अभिशाप दो
कुछ भी करो कर्तव्य पथ से किंतु भागूंगा नहीं
वरदान मांगूंगा नहीं।
जय हिंद, जय भारत, जय छत्तीसगढ़
सादर
सदैव आपका अपना
शैलेश नितिन त्रिवेदी

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