Hello, Meta...
Just delete one video of Yogi Ji, and the next day a bulldozer will be at your door.
But I am surprised that you deleted a video of Modi Ji , and the IT Minister of India has remained silent.
Silence raises questions.
अब ‘एक अधिकारी-एक गाड़ी’, सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर केंद्र की सख्ती
hindi.opindia.com/news-updates/m…
अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर नहीं मिलेगी दूसरी कार
Last week, I took my daughter for a walk around the society with my wife.
Two aunties met us and started a conversation: “Aap kaunse flat mein rehte ho?” I replied with the flat number.
Then they asked our names. My wife told them her name, and the aunties asked, “Aage?”
This is a posh society in Greater Noida, with retired bureaucrats and defence personnel, including people who retired as Secretaries and Generals.
Reservation hatana hai? Abhi nahi hatega. 100–200 saal lagenge, bhai. SC/ST ka reservation, you’ll have to cope with it.
श्रावण मास (30 जुलाई - 28 अगस्त)
कुछ जरूरी बातें, ध्यान रखें:
* श्रावण मास में रुद्राभिषेक कभी भी किया जा सकता है. शिववास नही देखा जाता है.
* शिव की सदैव अर्धप्रदक्षिणा करनी चाहिए.
* शिव की पूजा और रुद्राभिषेक करते समय भस्म अथवा चन्दन से माथे पर त्रिपुण्ड लगाएं. यदि उपलब्ध हो तो रुद्राक्ष की माला भी धारण कर लें.
* आरती के लिए कपूर या देशी घी का दीपक अपने दायीं ओर रखें.
* शिवलिंग पर हल्दी या सिंदूर नही चढ़ाना चाहिए.
* शिव पूजन में पंचामृत: दूध, गंगाजल, शहद, केसर, दही का उपयोग किया जाता है.
* चतुर्थी, अष्टमी, नवमी,चतुर्दशी और अमावस्या तिथियों और सोमवार को बिल्वपत्र न तोड़े. पहले दिन का रखा बिल्वपत्र चढ़ाना चाहिए.
* बिल्वपत्र की डंडी की गांठ तोड़ देना चाहिए. सारदीपिका के 'स्युबिल्व पत्रमधो मुखम्' के अनुसार बिल्वपत्र को नीचे की ओर मुख करके (पत्र का चिकना भाग नीचे रहे) ही चढ़ाना चाहिए. पत्र की संख्या में विषम संख्या का ही विधान शास्त्र सम्मत है.
* माली के घर में रखे हुए फूलों में बासी दोष नही होता है. फूलों को जल में डुबाकर धोना मना है. केवल जल से इसका प्रोषण कर देना चाहिए.
* कमल के अलावा किसी अन्य फूल की कलियों का पूजा में प्रयोग निषेध है.
* कदम्ब और चंपा के फूलों से शिव की पूजा केवल भाद्र मास में की जाती है.
* शिवपूजन के लिए विहित पत्र-पुष्प:
आक मंदार,कनेर,बिल्वपत्र, चिचिड़ा, शमी का पत्ता, धतूरा,भांग,चमेली,बेला, पलाश इत्यादि समस्त सुगंधित सफेद फूल.
* तुलसीपत्र, टूटे हुए चावल, केतकी केवड़ा, चंपा, जूही, शिरीष और दोपहरिया इत्यादि के गन्धहीन फूल शिवार्चन में उपयोग नही करें.
🙏🏼ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव🙏
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण न होने के बावजूद स्थिति यह है कि हम एक कार की बैटरी तक खुद नहीं बना पा रहे और इसके लिए चीन पर निर्भर हैं। देश में मौजूद निजी कंपनियां अपनी किसी स्वदेशी या खुद की विकसित तकनीक से उत्पाद नहीं बनातीं। वे सारी तकनीक, उपकरण और स्पेयर पार्ट्स विदेशों से आयात करती हैं, जिन्हें यहाँ बेहद खराब ढंग से असेंबल करके बेच दिया जाता है। आरक्षण के बिना इस तथाकथित 'मेरिट' का ये हाल है?
गालियों के बचाव में शुरू हुए गालीचिंतन ने उनपर सोचने को विवश किया! स्त्री जननांगों पर आधारित गालियाँ पुरुषों ने गढ़ी होंगी पर कौन से पुरुषों ने? खोजने पर मध्ययुग से पहले ऐसी गालियों का कोई सबूत नहीं मिला! कृष्ण को शिशुपाल की सौ गालियों में से एक भी वैसी नहीं! फिर कहाँ आईं? सोचिए!
AI डीपफेक पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने में उनका कोई रोल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि E20 और एथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़े सभी प्रोजेक्ट केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हैं।
गडकरी ने AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। उनका कहना है कि फर्जी वीडियो के जरिए उनके और उनके परिवार को E20 से आर्थिक लाभ होने की गलत धारणा फैलाई गई।
उन्होंने कहा, "मेरा मकसद सरकारी नीतियों की आलोचना रोकना नहीं, बल्कि जनता को फर्जी और भ्रामक कंटेंट से बचाना है।" साथ ही, AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो और भ्रामक डिजिटल कंटेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही।
#NitinGadkari#Deepfake#AI#E20#Ethanol#FakeNews#BombayHighCourt@nitin_gadkari
@tadka_tez ट्रेन में चना बेचने के लिए RPF और रेलवे मैनेजमेंट को भी पैसा देना पड़ता है नहीं तो चलती ट्रेन से सारा सामान फेंकवा दे. रेलवे के जितने स्टाल होते है उनको रेलवे के अधिकारियों को पैसा देना पड़ता है इसीलिए वो लोग MRP से ज्यादा में सामान बेचते है।
ये भाई साहब उतरेटिया से शिवपुर चलने वाली मेमू ट्रेन में मसालेदार चना बेचते हैं।
जिसमें 10KG चना,10KG प्याज़,2KG टमाटर,1/2KG नींबू, 250ग्राम हरी मिर्च और थोड़ा सा सीक्रेट मसाला डालते हैं।
10KG चना की कीमत 800 रूपये
10KG प्याज की कीमत 250-3 00रूपये
टमाटर की कीमत लगभग 300 रूपये
नींबू की कीमत लगभग 100रूपये
हरि मिर्च की कीमत 25 रूपये अधिकतम
सीक्रेट मसाला मुश्किल से 100 रूपये
टोटल वजन 25 KG हो गया जिसकी कीमत लगभग 1800 रूपये होती हैं 25000 ग्राम को बेचने के लिए 500 आदमी तक पहुंचना होगा
10 रुपए में 50 ग्राम बेच दिया तो 5000 रूपये तैयार हो जाता हैं जो कि 10 रूपये में 50 ग्राम शायद ही कोई देता हो
5000 से 2000 खर्च निकाल दे तो 3000 रुपए एक दिन का बच सकता हैं ये मेरा अनुमान है।
ये अपनी बचत 2000 रूपये बता रहे हैं जो किसी भी हिसाब से गलत नहीं सच ही बोल रहे हैं।
जो लोग कहते हैं इंडिया में रोजगार नहीं उन्हें इनसे सीखना चाहिए लेकिन इस बीच नुकसान रेलवे के रेवन्यू में जरूर हो रहा है।
रेलवे को इस तरह के लोगों को भी अपना लाइसेंस देना चाहिए जिससे मोदी जी के लिए थोड़ा सा धन कमाया जा सकें।
@meevkt ऐसे देहाती ही देश को समस्या है, जो अपने ग्वारपन को ही स्वैग समझते है. ये कोई स्किल नहीं सीखेंगे, टेक और इकोनॉमिक्स का जीरो ज्ञान होगा. बस बड़का सरकारी बाबू बनना है और इतिहास भूगोल हिंदी फिलॉसफी जैसे फर्जी के सब्जेक्ट्स में BA MA PhD करने में 8-10 साल बर्बाद करके बैठ जाएंगे.
@akhileshsharma1 भाजपा अब भीम जनता पार्टी बन गई है, सवर्णों का संस्थागत दमन में लग गई है पूरी तरह से, क्यों सवर्ण समर्थन करे, बहुत किया सवर्ण ने और मिला सिर्फ गाली और सौतेला व्यवहार.
पिछले सात दिनों में सोशल मीडिया पर एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राइट विंग या तो ख़ामोश हो गया या यह स्पेस छोड़ कर चला गया। उसके ख़ाली किए गए स्थान को विरोधी विचारधारा ने भर दिया।
The E20 policy is the most mismanaged policy & if INDIA truly reforms it We The Citizens can get pure unadulterated Petrol at about ₹80-90 / litre.
Join TEAM BHARAT for the #GaadiMarchGandhiMarch.
Drive this movement with us.
Our Demands:
* Allow E10 Petrol for E10-compatible vehicles.
* Reduce the price of E20 petrol by 20%.
* Reduce the price of E0 or pure petrol currently retailing between ₹165-170/litre.
* Put all documents of E20Fuel policy in public domain.
* Get a solution for pre 2023 vehicles that are affected by Ethanol 20 blended petrol.
* Nitin Gadkari Ji is in Conflict of Interest with regards to Ethanol.
Join us, on the Gaadi March from INDIA GATE to outside Nitin Gadkari ji & Hardeep Puri ji's office and residence and stop at Parliament Street!
🚗 Gaadi March, Gandhi March
📅 31 July 2026 (Friday)
📍 India Gate → Parliament Street, New Delhi.
Bring your car. Bring your bike. Bring your voice.
Our Vehicles. Our Choice. Our Right.
#TeamBharat#MeriGaadiMeraAdhikaar#MeriBikeMeriChoice#EthanolScam
BETA BADHAO YOJNA
GAADI MARCH GANDHI MARCH!
@OGTeamBharat
@sanatanisuman जब से सवर्णों ने फ्री की नौकरी छोड़ी है भाजपा वालों की इनकी IT cell और इनके नेता एक भी नैरेटिव नहीं बना पाए न ही सफलता के साथ किसी मुद्दे में डिफेंड कर सके . सवर्णों के साथ धोखा भारी पड़ा बीजेपी को। भले ये बात इन्हें देर से समझ में आये.
इस्तिफा तो नहीं देंगे चाहे वो तुम कुछ भी कर लो क्योंकि यहां खुद (प्रधान )की भावना होना चाहिये इस्तिफा देने की जो की नही है,यदि इस्तीफ़ा अब दे भी दिया या ले भी लिया गया तो ये ग़लत नज़ीर बन जायेग की प्रेशर में दिया।बेहतर है की सरकार कोई बीच का रास्ता निकाले जो सबके लिये हितकर हो।
@navneetmishra99 जितना भाजपा ने अपने समर्पित वोटरों का काटा है उतना ही भीमटो और लिब्रांडुओ का चाटा है। कोई सिंपैथी नहीं रही अब इस सरकार से, रोज ऐसे ही पिटे साले.. गडकरी की भी ऐसी तैसी होने चाहिए.. निर्मला और अश्वनी वैष्णव की भी।
जिसने आपको ग़लत मान लिया है, आप सिर भी कटा देंगे तो भी वो ख़ुश नहीं होगा।
सरकार भी इस बात को जानती है। फिर भी, प्रधान का इस्तीफ़ा उन न्यूट्रल मतदाताओं और नई पीढ़ी को विचलित होने से रोकने के लिए हुआ है, जो भाजपा के समर्पित वोटर नहीं हैं, लेकिन मुद्दों के आधार पर वोट देते रहे हैं। कोर वोटर विजय की बुनियाद बनाते हैं और फ़्लोटिंग वोटर जीत की इमारत। क्योंकि जब तेज हवा बनती है तो उसकी चपेट में वो भी पत्ते उड़ जाते हैं, जो उड़ना नहीं चाहते। बाकि आंदोलन की आड़ में अराजकता से देश को बचाने का मामला तो है ही। दुनिया की हर बड़ी ताक़त भारत की आंतरिक समस्याओं के पीछे आपदा में अवसर ढूँढ ही रही है।
@GabbbarSingh The time has passed when people used to get offended if someone insulted Modi. After Trump's snub and the UGC regulations, many feel that Modi's political aura has faded. In my village, people now even enjoy seeing him being abused.
The more videos of youngsters abusing Modi with MC-BC goes viral, the happier the BJP will be.
This is a classic trap, Rahul baba has been falling in it for age immemorial. Never attack the personality, attack the party & its work. Else the base consolidates. Chowkidar chor hai to MC-BC. He gets abuse, but decides to address the students on a selfie video. People are watching. The core base is watching.
@pandit_jag जोशी जी जैसे लोग कभी अपने बिरादरी की छोड़ो अपने बीवी बच्चों के अलावा किसी से सीधे मुँह बात नहीं करते, जाती के नाम पर बाबुओं का समर्थन चुटियाप है, वो लोग सिर्फ स्वयं के लिए जीते है। बाकी सचिव का ट्रांसफर हुआ है जो एक रूटीन बात है बाबुओं के लिए.
जोशी जी हटाये गए, गंगवार जी को बुलाया गया ।
प्रधान जी यथावत हैं ।
जातिवादियों के मुंह पर तमाचा है । जो मेरिट मेरिट चिल्ला रहे थे , उनके लिए संदेश भी है कि तुमको हम एक पैसे का भाव नहीं देते । तुम को ताउम्र गुलामी के लिए रखा गया है ।
बेचारे चिल्ला चिल्ला कर डीप स्टेट, फॉरेन फंडिंग, विदेशी साजिश सबको समझाते रह गए । और सरकार जाकर सबको जूस पिला आई ।
लेकिन फिर भी उनको समझ में नहीं आएगा 🤣🤣