vibha singh

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vibha singh

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@vibhas242

Katılım Mayıs 2017
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
कोई तो एक ऐसा मुझ को मिले जहाँ में ढूँढे मुझे वहाँ भी खुद भी नहीं जहाँ मैं #अमित_सिंह
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
कुछ तो कहेगा हम को ख़ामोश देख कर वो इस बात के लिए अब चुप ही रहा करेंगे -मीर तक़ी मीर #justiceformoumitadebnath
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
आ गई जो उरूज पे इक बार फिर अना का ज़वाल मुश्किल है लाख कोशिश करूँ मगर मिलनी ‘मीर’ की अब मिसाल मुश्किल है #अमित_सिंह
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
ज़िन्दगी इक सवाल मुश्किल है दर्द की देख-भाल मुश्किल है फिर से महबूब लौट आयेगा फिर से होगा कमाल मुश्किल है इश्क़ ग़मगीन है कि अब इस में हिज्र आसाँ विसाल मुश्किल है हो गया दिल असीर-ए-उल्फ़त तो दिल का होना बहाल मुश्किल है हो न अपना ख़याल मुमकिन है हो न उन का ख़याल मुश्किल है
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
जो अपने-आप से बेज़ार हो गए हैं हम सफ़र के वास्ते तय्यार हो गए हैं हम हमारी रूह के छालों से लफ़्ज़ रिसते हैं ख़ुद अपनी आह के अश’आर हो गए हैं हम बतौर जिस्म जो पाबंदियाँ हैं सो तो हैं बतौर ज़ेहन भी लाचार हो गए हैं हम -डॉ. पूनम यादव @drpoonam_yadav
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Harvinder Bhardwaj
Harvinder Bhardwaj@harvinderbhard3·
कुछ तो मेरा प्यार था, कुछ थी तेरी पीर। मैं तेरा रांझा बना, बनी तु मेरी हीर। -हरविंद्र भारद्वाज 'शान'
Harvinder Bhardwaj tweet media
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vibha singh
vibha singh@vibhas242·
कलयुग चल रहा है इस लिए ये विचार अपने दिल से निकाल दो , कि बिना स्वार्थ के कोई तुमसे रिश्ता रखेगा ... #wafa
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
शिद्दत से प्यार तुझ को तुझ को ही बस किया ता-'उम्र सिर्फ़ तुझ को तुझ को ही बस जिया सूरज की क्या ज़रूरत होगी भला मुझे रौशन है दिल में जब तेरे नाम का दिया तारीफ़ और तेरी कैसे करूँ बता अब जब कि नाम तेरा इस दिल पे लिख लिया #अमित_सिंह
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
वस्ल की आग जब भी जली रात भर रात बन कर धुआँ फिर उड़ी रात भर इश्क़ में जिस्म दो जब भी जागे गये रात भी साथ जागी गयी रात भर चाँद ने जाने क्या बात उस से कही चाँदनी मुस्कुराती रही रात भर #अमित_सिंह
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Harvinder Bhardwaj
Harvinder Bhardwaj@harvinderbhard3·
दुश्मनी थी हम से तो दोस्त बनने पर आमदा क्यूँ हैं? ये मसला, ये माजरा ,ये आरज़ू ,ये जुस्तज़ू क्या है? - हरविंद्र भारद्वाज ‘शान’
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
amit singh tweet media
ZXX
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
इक कर्ब-ए-मुसलसल की सज़ा दें तो किसे दें मक़्तल में हैं जीने की दुआ दें तो किसे दें पत्थर हैं सभी लोग करें बात तो किस से इस शहर-ए-ख़मोशाँ में सदा दें तो किसे दें है कौन कि जो ख़ुद को ही जलता हुआ देखे सब हाथ हैं काग़ज़ के दिया दें तो किसे दें -आनिस मुईन
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amit singh
amit singh@__amitsingh·
हलकान करे मुझ को मिरे दिल की ही आदत इक-तरफ़ा किये जाये ये हर इक से मुहब्बत #अमित_सिंह
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Harvinder Bhardwaj
Harvinder Bhardwaj@harvinderbhard3·
साहिब-ए-दर्द बन कर आए थे वो कभी करीब मेरे, नहीं मालूम था कि उनकी हस्ती में दग़ा शामिल है। - हरविंद्र भारद्वाज ‘शान’
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vibha singh
vibha singh@vibhas242·
मुँह पर सच बोलने और गुस्सा करने वाले लोग उन लोगों से लाख गुना बेहतर है जो आपके सामने कुछ और है पीठ पीछे कुछ और है !!
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Dinesh MN IPS
Dinesh MN IPS@DineshMNIPS1·
Some Tennis in the morning.
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Harvinder Bhardwaj
Harvinder Bhardwaj@harvinderbhard3·
वहम कि हम ही हम हैं बीमारी है इक, वर्ना कौन अपनी तारीफ़ ख़ुद करता है? -हरविंद्र भारद्वाज 'शान'
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