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लाल कोठी Katılım Eylül 2020
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बज़्म काव्यमंच दैनिक प्रतियोगता
🗓️ दिनांक 5/5/2026 ✍️
विषय – #आँखों_आँखों_में
चाहे कविता हो, ग़ज़ल हो, लघुकथा हो या मुक्तक दिल की धरकनों को कागज़ पर उतरने दीजिए।
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#बज़्मकाव्यमंच@BazmKavyamanch
#बज़्म_काव्य_मंच में आज 5/5/2026 का दैनिक विषय - #आँखों_आँखों_में कवितायें, कहानियाँ, शेर, ग़ज़ल, गीत, नज़्म कुछ भी लिखा जा सकता है ।। #बज़्म 👈 लगाना अनिवार्य है ।
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ग़ज़ल --
रदीफ़: “ला सकते हैं”
पानी आँख में भर कर मुस्कान ला सकते हैं,
टूटे लम्हों में भी थोड़ी सी जान ला सकते हैं।
ख़ाक़ होते हुए दिल में अरमान ला सकते हैं,
हम अंधेरे में उजाले का गुमान ला सकते हैं।
ज़ख़्म गहरे सही, उनका मरहम ला सकते हैं,
खुद को समझा नया इक जहान ला सकते हैं।
शहर सूखा है,पानी आसमान से ला सकते हैं,
प्यासे लबों पर उम्मीद की तान ला सकते हैं।
हार मानें नहीं तो,तरीक़ा आसान ला सकते हैं,
अपने हालात में थोड़ा तो इम्कान ला सकते हैं।
दिल बिखर जाय हिम्मत से जान ला सकते हैं,
अपनी ख़ामोशियों में भी बयान ला सकते हैं।
दर्द चाहे जो मिले,उसमें भी शान ला सकते हैं,
हम तो वीरां सफ़र में भी कारवाँ ला सकते हैं।
कोशिश करें तो, फ़िर से पहचान ला सकते हैं,
ख़ुद को खोकर नया एक इंसान ला सकते हैं।
#अशोक_मसरूफ़
Pic credit Pinterest

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ग़ज़ल --
किसी भी बात में पहले सा मज़ा रहा नहीं है,
तुम्हारे बाद दिल ये अच्छा भला रहा नहीं है।
ये सारा शहर शोर से भर तो गया हरसू मग़र,
जज़्बा प्यार का दिल में किसी के रहा नहीं है।
वे जो वादों की किताबें हुआ करती थीं कभी,
उनमें अब एक का भी पता कहीं रहा नहीं है।
हंस कर मैं अपने दर्द को छुपा लेता हूँ ज़रूर
मग़र सच ये कि दिल अंदर से हँसता नहीं है।
तेरी यादों का मौसम भी अब बदल गया है यूँ,
आसरा पहले सा दिल में मेरे अब रहा नहीं है।
जो साथ चलते थे हर मोड़ पर बन हमदम मेरे,
उनमें से तो अब नज़र में भी कोई रहा नहीं है।
ये दिल भी थक के अब ख़ामोश हो गया जैसे,
किसी को हाल सुनाने का हौसला रहा नहीं है।
हरसू -- हर तरफ़ जज़्बा -- भाव
#अशोक_मसरूफ़
pic credit Pinterest

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हक़ीक़त की जमीं से बज़्म ए अंजुम पर निशाने वाले,
छोड़ के सहरा में मुझे तन्हा घर ऊफ़क़ पे बनाने वाले,
किस भरोसे लाया था तू मुझे इस रंगों बू की दुनिया में,
दिल के ख़्याबानशीं पर गुलों को हर रोज़ सुखाने वाले।
ऊफ़क़-- क्षितिज ख़्याबानशीं -- फूलों की सेज
#अशोक_मसरूफ़
#गीतमाला
गीतमालाگیتمالا@mK2yKgwbGz2R2Aq
यारों सब दुआ करो 💕 Singer #रामशंकर जी हैं जिनके पिता #शंकर व चाचा #शंभू एक प्रसिद्ध सूफ़ी गायक थे जिनका संबंध U.P. के जिला #Aligarh से था, दोस्तों जो भी पसंदीदा #song #shayri लिखें उसके #singer या #writer का एक छोटा सा परिचय अवश्य दें,#स्वरचित होतो अपना? #चित्रपट 🎧#गीतमाला
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