
Deepak Menat
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हनुमान बेनीवाल जी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के प्रति की गई निम्न स्तरीय बयानबाजी की मैं घोर निंदा करता हूँ। जनता के विश्वास, विकास और सुशासन के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से कार्य कर रहे सरल, सौम्य एवं स्वच्छ छवि के धनी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ करना केवल राजनीतिक हताशा और मीडिया सुर्खियों में बने रहने का प्रयास प्रतीत होता है। लोकतंत्र में वैचारिक विरोध स्वाभाविक है, किन्तु मर्यादाहीन भाषा और अनर्गल आरोप किसी भी जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हनुमान बेनीवाल जी को स्वयं के अतिरिक्त शायद ही कोई सकारात्मक दिखाई देता हो। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शब्दों की गरिमा और संयम भी उतना ही आवश्यक है। @BhajanlalBjp




हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी के लिए जिन हल्के शब्दों का इस्तेमाल किया है, वो उनके बौद्धिक स्तर और राजनीतिक संस्कारों को दर्शाता है। राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा की मर्यादा और पद की गरिमा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग केवल व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं का भी अपमान है। हनुमान बेनीवाल को तत्काल माफ़ी माँगनी चाहिए ।





