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@RanuC6

हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है 🙏 हरे राम हरे कृष्ण 🌹 जय सनातन 🙏

Ahmedabad เข้าร่วม Şubat 2019
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Dipali
Dipali@RanuC6·
जिसका भी साँवरे की चौखट पर ठिकाना हो गया.... उसका दुनियाँ में हर कोई दीवाना हो गया......!! 💐 श्री राधे राध्ध्ध्धेय् 💐 🌹🙏जय श्री कृष्ण.......
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Snehal
Snehal@snehal_1·
@RanuC6 #जय_श्री_राधे_कृष्णा‌‌
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Dipali
Dipali@RanuC6·
*🌿🌿* #गुजरो_न_बस_करीब_से_ख्याल_की_तरह, #आ_जाओ_जिन्दगी_में_नये_साल_की_तरह......*🌿🌿🌞🙏🏼 *#जयश्री_राधे_कृष्ण* 🙏🏼🌞
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Dipali
Dipali@RanuC6·
@Imjyotii_ जय श्री हरि विष्णु नारायण नमोस्तुते 🙏
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ज्योति सिंह राष्ट्रवादी🇮🇳™
आज रमा एकादशी के दिन श्री हरि भगवान विष्णु के प्रातः काल पंचामृत अभिषेक एवं मंगला आरती के अलौकिक दर्शन 🙏🙏🏼🚩
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Dipali
Dipali@RanuC6·
💐💐 मंगला झांकी दर्शन💐💐 _श्री श्री तिरुपति बालाजी जी चिला तिनपुर आंध्र प्रदेश २० सितम्बर २०२३ ( बुधवार ) भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष पंचमी विक्रम संवत २०८० ( जय बालाजी जी ) 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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Dipali
Dipali@RanuC6·
💐💐 मंगला झांकी दर्शन💐💐 💐💐 श्री गणेश जी 💐💐 मोती डूंगरी जयपुर राजस्थान २० सितम्बर २०२३ ( बुधवार ) भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष पंचमी विक्रम संवत २०८० ( जय गजानन जी ) 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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Snehal
Snehal@snehal_1·
पुरुष को स्त्री "स्त्री" तभी नजर आती है जब उसमें पुरुषत्व उपस्थित होता है ,अन्यथा नहीं । तुम किस शरीर(स्त्री/पुरुष) में हो यह मायने नहीं रखता , तुम्हारी उपलब्धि कहां तक है यह तुम्हारा दृष्टिकोण तय करता है ।दिखते कैसे हो मायने नहीं रखता, देखते क्या हो यह महत्वपूर्ण है ।(2/2)
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Snehal
Snehal@snehal_1·
🌷स्त्री के लिये 'मां ' होना, ममतामयी होना, आखरी पड़ाव नही है । 🌷मां होना स्त्री भाव की उपस्थिति को दर्शाता है । जहां स्त्री हैं वहां पुरुष उपस्थित रहेगा । 🌷स्त्री को पुरुष, "पुरुष" तभी दिखता है जब उसमें स्त्रित्व उपस्थित होता है, अन्यथा नहीं। (1/2)
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Dipali
Dipali@RanuC6·
@1953_rvc शुभ संध्या 🙏
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Dipali
Dipali@RanuC6·
_.-^-._ @(~?~)@ ( ) (.)( % )(.) ======= “वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा गणेश उत्सव के पावन पर्व में, आपका जीवन सुख शांति और धन से भरा हो, जीवन में आपको सफलता मिले -आप सबको गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं!🪷🐁🪷🌺🙏
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Dipali
Dipali@RanuC6·
@1953_rvc शुभ गणेश चतुर्थी 🙏
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Dipali
Dipali@RanuC6·
श्री कृष्ण जन्माष्टमी हमें उम्मीद दिलाती है हालात चाहे कितने भी विपरीत हों, यदि ईश्वर की कृपा है तो, कारागार के दरवाजे भी खुल जाएंगे, घनघोर अंधकार में भी मार्ग प्रशस्त हो जाएगा, उफनती नदी भी रास्ता दे देगी और अंततः दुःख परमानन्द में परिवर्तित हो जाएगा। जन्माष्टमी की शुभकामनाए🙏
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Dipali
Dipali@RanuC6·
@yajnshri जय श्री कृष्ण 🌹🙏
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Tehxi
Tehxi@yajnshri·
।। श्री कृष्ण जन्माष्टमी_व्रत ।। #Thread सामन्य गृहस्थ/ स्मार्त का व्रत तारीख ६ बुधवार को है। वैष्णवो का व्रत तारीख ७ गुरुवार को है। जन्माष्टमी के ऊपर दो मत है #स्मार्त संप्रदाय के अनुसार और #वैष्णव संप्रदाय के अनुसार। सरलतम भाषा मे कहे तो जो दो मत के नाम पढकर स्वयं कौन से संप्रदाय के है यह खोज रहे है वह सभी स्मार्त है। स्मार्त और वैष्णव की परिभाषा धर्म शास्त्रीय ग्रंथों के आधार पर हमें ग्रहण करनी होगी स्मार्त का अर्थ है जो स्मृति ग्रंथो के अनुसार आचरण करें अर्थात गृहस्थी लोग। और वैष्णव का अर्थ है जो वैखानस,पंचरात्रादी शास्त्रों के आधार पर  आचरण करे वैष्णव दिक्षा प्राप्त अथवा जो संन्यास ग्रहण चुके हैं। वैष्णव का अर्थ भगवान विष्णु की पूजा करने वाले कदापि नहीं है। बल्कि जो संन्यस्त हैं, सन्यास में ‘दीक्षित’ हैं / वैष्णव परंपरा मे ‘दीक्षित’ वही धर्म शास्त्रीय मतानुसार वैष्णव कहे गये हैं । यह दोनों व्याख्याएं बहुत प्राचीन है। अब प्रश्न यह उत्पन्न होता है की जन्माष्टमी व्रत कौन किस दिन करें। इसमें निम्न स्थितियां स्मार्त संप्रदाय के अनुसार है:-- १.यदि अष्टमी पहले दिन अर्ध रात्रि काल में चंद्रोदय के समय हो तो जन्माष्टमी व्रत पहले दिन करें। २. यदि अष्टमी केवल दूसरे दिन ही चंद्रोदय के समय हो तो जन्माष्टमी व्रत दूसरे दिन करें। ३. यदि अष्टमी तिथि दोनों दिन अर्ध रात्रि में चंद्रोदय के समय हो  और रोहिणी का योग एक भी दिन ना हो तो जन्माष्टमी व्रत दूसरे दिन करें। ४. यदि अष्टमी तिथि दोनों दिन अर्ध रात्रि में चंद्रोदय के समय हो और रोहिणी का योग एक ही दिन अर्धरात्रि में हो तो जन्माष्टमी व्रत रोहिणी योग वाले दिन करें। ५. यदि दोनों दिन अर्धरात्रि में चंद्रोदय के समय अष्टमी हो और दोनों दिन अर्धरात्रि में रोहिणी का योग भी हो तो जन्माष्टमी व्रत दूसरे दिन करें। ६. यदि दोनों दिन अष्टमी अर्धरात्रि में चंद्रोदय के समय न हो तो इस स्थिति में जन्माष्टमी व्रत दूसरे दिन ही होगा। कुछ लोग कहीं-कहीं के संस्कृत वाक्य उठा उठा कर के लिख रहे हैं। उन्हें उन वाक्यों के प्रसंग का बिल्कुल ख्याल नहीं है वह वाक्य या तो संन्यासियों के विषय में कहे गए हैं या उन्होंने पूरे प्रकरण को ध्यान से नहीं पढ़ा है। पहले अज्ञानता के कारण अष्टमी का व्रत करके अगले दिन गोगा नवमी का पूजन किया जाता था। जबकि हकीकत यह है कि गोगा नवमी का पूजन सूर्योदय कालीन नवमी के दिन ही किया जाता है और जन्माष्टमी का व्रत अर्धरात्रि में अष्टमी हो और चंद्रोदय हो उस दिन किया जाता है। यह दोनों पर अलग-अलग है। इनका मुहूर्त भी अलग-अलग दिन हो सकता है। व्रतों के निर्णय में पुराणों के छिटपुट वाक्य प्रमाण नहीं माने जा सकते। इस विषय पर #धर्मसिंधु, #निर्णयसिंधु ,#कालमाधव, #पुरुषार्थचिंतामणि, #तिथिनिर्णय आदि विशेष ग्रंथों में हमारे पूर्वजों ने बहुत खोजबीन कर ही निर्णय दिया गया है इसका सारांश मैंने जन्माष्टमी व्रत के विषय में ऊपर लिख दिया। #प्रमाण--- मासे भाद्रपदेऽष्टम्यां निशीथे कृष्णपक्षगे। --- भागवत पुराण उपोष्य जन्मचिन्हानि कुर्याज्जागरणं तु य:।अर्धरात्रयुताष्टम्यां सोऽश्वमेधफलं लभेद्। ---नारद पुराण वर्जनीया प्रयत्नेन सप्तमीयुताष्टमी.... यह पूर्वविद्धा परविद्धा का मत का ग्रहण तभी किया जाता है जब तिथि दोनों दिन कर्मकाल में व्याप्त या अव्याप्त हो--उभयत्र कर्मकालव्याप्तौ अव्याप्तौ वा युग्मवाक्यादिना पूर्वविद्धाया: परविद्धाया: वा तिथे: गृराह्यत्वम् -- धर्मसिंधु: उदये चाष्टमी किंचित्सकला नवमी यदि.... यहां उदये का अर्थ चंद्रोदय से ही है--- उदये= चन्द्रोदये इति व्याख्येयम् ,"अर्धरात्रे तु योगोऽयं तारापत्युदये सति" --इति विष्णुधर्मोक्ते-- भट्टोजिदीक्षित (तिथिनिर्णय ग्रंथे ) और भी-- सामान्यत जन्माष्टमी,जयन्ती और शिवरात्रि सप्तमीविद्धा ही प्रशस्त है जन्माष्टमी जयन्ती च शिवरात्रिस्तथैव च। पूर्वविद्धैव कर्त्तव्या तिथिभान्ते च पारणम्।। --- भृगु। और भी-- सप्तमीविद्धा अष्टमी में ही उपवास करें- जयन्त्यां पूर्वविद्धायां  उपवासं समाचरेत्- पद्मपुराण रोहिणी नक्षत्र-- रोहिणी नक्षत्र का योग न होने पर रात्रि में चन्द्रोदयअष्टमी में ही है व्रत करना चाहिए , अगले दिन रोहिणी नक्षत्र हो लेकिन रात में चन्द्रोदय में अष्टमी न हो तो अर्थहीन है-- रोहिणीयोगाऽभावेऽपि अर्द्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी ग्राह्या। परदिने नक्षत्रयोग: अकिंचित्कर:-- मीमांसक भट्टोजिदीक्षित। अतः सामान्य गृहस्थि स्मार्त का व्रत तारीख ६ बुधवार को निर्विवाद रूप से है। (यह लेख समस्त व्रत विषयक ग्रंथों का सार है जो आजीवन काम आएगा। विज्ञ इसे सुरक्षित रखें) #KrishnaJanmashtami हर हर महादेव 🙏🚩
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Dipali
Dipali@RanuC6·
@Queensugandha राधे राधे 💕 शुभ प्रभात बेहना 😊
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Sugandha Sharma
Sugandha Sharma@Queensugandha·
जिनकी संगत में..... ख़ामोश संवाद होते हैं... ❣️❣️ अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं. ❣️❣️❣️❣️ #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #जय_श्री_राधे_कृष्णा‌‌ #रक्षाबंधन_की_शुभकामनाएं
Sugandha Sharma tweet media
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Dipali
Dipali@RanuC6·
@Queensugandha जय श्री कृष्ण 🌷
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Sugandha Sharma
Sugandha Sharma@Queensugandha·
बेवजह है तभी मोहब्बत है वजह होती तो साजिश होती...!!!!🍀❤️🌻 #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #जय_माता_रानी_की
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Sugandha Sharma
Sugandha Sharma@Queensugandha·
कई रिश्तों की उम्र पत्तों सी होती है आज हरे.........कल सूखे ......... फिर पतझड़ से बिखरे-बिखरे। #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #जय_श्री_राम‌‌
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𝓓𝓻. 𝓝 𝓟𝓪𝓽𝓮𝓵
श्री गुरु पद हिय राम सिय, महाबली हनुमान। दो सद्बुद्धि विवेक बल, भक्ति ज्ञान उत्थान।। ॐ हं हनुमते नमः 🙏 जय श्री राम जय हनुमान #सनातन_धर्म_सर्वश्रेष्ठ_है 🚩 आसिन्धुसिन्धुपर्यन्ता यस्य भारतभूमिकाः। पितृभूपुण्यभूश्चैव स वै हिन्दुरितिस्मृतः ॥
𝓓𝓻. 𝓝 𝓟𝓪𝓽𝓮𝓵 tweet media
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