स्मिता गर्ग राष्ट्रवादी हिंदू

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स्मिता गर्ग राष्ट्रवादी हिंदू

स्मिता गर्ग राष्ट्रवादी हिंदू

@SmitaGarg8

एक हिंदू, सेफ हिन्दू

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स्मिता गर्ग राष्ट्रवादी हिंदू
पति एक दरगाह पर माथा टेककर घर लौटा, तो पत्नी ने.. बगैर नहाए घर में घुसने नहीं दिया । बोली : जब अपने खुद के बाप को शमशान में जलाकर आये थे, तब तो खूब रगड़ रगड़ के नहाये थे। अब किसी की लाश पर मत्था टेककर आ रहे हो, अब नहीं नहाओगे?पति:   अरी बावरी, वो तो समाधी है।
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AstroCounselKK 🇮🇳
AstroCounselKK 🇮🇳@AstroCounselKK·
Watch and share max.. He needs our support . Can't we do this much atleast. His work is well known now.. Jai Hind 🇮🇳
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Manisha Chaudhary
Manisha Chaudhary@ManiYogini·
कल सुप्रीम_कोर्ट में वीर सावरकर जी को "माफ़ी वीर" कहने के मानहानि केस में जज ने कहा कि अगर सिर्फ़ चिट्ठियों के आधार पर ये कहा जा रहा है कि वीर सावरकर "माफ़ी वीर" हैं, तो उन्होंने मोहनदास करमचंद गांधी के ब्रिटिश लॉर्ड और वायसराय को लिखे 12 खत दिखाते हुए राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या आपके क्लाइंट राहुल गांधी को पता है कि मोहनदास करमचंद गांधी ब्रिटिश वायसराय को लिखे हर खत के नीचे "आपका वफ़ादार सेवक" लिखते थे और अंग्रेजों से हर महीने ₹1200 सैलरी लेते थे.. तो क्या मोहनदास करमचंद गांधी को अंग्रेजों का सेवक माना जाएगा और फिर ये गांधी भी देश का गद्दार है.. ये सुनकर वकील मनु सिंघवी चुप हो गए.. अगर ये 12 चिट्ठियां सच हैं, तो गांधी पक्का गद्दा'र थे, अंग्रेजों के एजें"ट थे..
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Janardan Mishra
Janardan Mishra@janardanspeaks·
खान सर पटना में पैदा कैसे लिया जानिए... सगीर अहमद जो पटना के फेमस टीचर थे, उनके यहां टेबल साफ करना, सर को पानी पिलाना, अटेंडेंस बनाना, बच्चे की साइकिल देखना यही काम था. उसके बाद वहां से कुछ कांड करने के बाद भगाया गया। उसके बाद पटना से बहुत दिनों तक फरार हो चुका था। कुछ समय बाद फिर उत्तर प्रदेश से पटना आता है। फिर निखिल नाम के एक युवा टीचर का कोचिंग था जो बहुत अच्छा पढ़ाते थे, उससे दोस्ती करना शुरुआत वहीं से होता है खान का एजुकेशन फील्ड में आने का। किसान कोल्ड स्टोरेज में शुरू-शुरू में 25 से ज्यादा शिक्षक पढ़ाते थे। उसी कोल्ड स्टोरेज में एक कोचिंग संस्थान था निखिल कोचिंग सेंटर । निखिल कोचिंग सेंटर में उत्तर प्रदेश से फैज़ल खान नाम का लड़का आया। उसे वहां नौकरी मिली नोट्स तैयार करने का। फिर निखिल सर ने फैज़ल खान को वहां मैप पढ़ाने के लिए प्रमोट किया. फैज़ल खान निखिल कोचिंग सेंटर में भारत का मानचित्र पढ़ाने लगा। कई सालों पढ़ाया, फिर किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक के साथ ये मिलकर निखिल कोचिंग सेंटर को कैंपस से भगा दिया और उस कोचिंग सेंटर का नाम निखिल कोचिंग सेंटर से अपने नाम पर रख दिया “Khan GS” अब ये वहां GK GS भी पढ़ाने लगा। निखिल कोचिंग सेंटर पर कब्जा करके साजिश रच कर फिर धीरे-धीरे वहां से इसने मालिक से मिलकर सभी कोचिंग सेंटर खाली करवा दिया। आज वहां गिनकर 7 कोचिंग हैं, उसमें ज्ञान बिंदु भी है। हालांकि ज्ञान बिंदु की अपनी अलग भी दो बिल्डिंग है, लेकिन रोशन आनंद अपनी जिद के वजह से आज तक वहां से हिले नहीं हैं। रोशन आनंद अगर चाहे तो अपनी बिल्डिंग में पढ़ाई करा सकते हैं। चार मंजिला बिल्डिंग है, बहुत अच्छा है, लेकिन उनको दिखाना है हम कोई फैज़ल खान से डरते नहीं हैं। तुमने सभी को भगा दिया, मुझे भगा कर दिखाओ। फैज़ल खान से टकराने वाला रोशन आनंद मिले, बाकी सभी बेचारे डरकर हारकर साजिश करके या अन्य तरीके से कोचिंग खाली करवा दिए। फैज़ल खान चाहता है वहां एकछत्र मेरा राज चले। कोई स्टूडेंट दूसरे के यहां पढ़ने नहीं जाए ! हिंदू छात्र को नहीं हिंदू शिक्षक को भी बरबाद किया है फ़ायदा उठाया है ...
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Dinesh
Dinesh@dkjain1308·
400 साल दबा मंदिर… फिर भी ये रुका नहीं 😳 बैंगलोर जैसे मॉडर्न शहर के बीचों-बीच, ज़मीन के नीचे छुपा था एक ऐसा शिव मंदिर जिसे सदियों तक किसी ने देखा तक नहीं। लेकिन जब खुदाई हुई… तो सामने बैठा नंदी आज भी बिना रुके शिवलिंग पर जल अर्पित कर रहा था। ❌ ना पाइप ❌ ना टंकी ❌ ना मशीन फिर भी पानी बह रहा है। ये इंजीनियरिंग है? या महादेव का चमत्कार? 👇 कमेंट में बताओ — चमत्कार या विज्ञान?
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Radharamn Das राधारमण दास
Arrest this 🐖 pig. Just see how daring they have become that they are openly discussing that they have succeeded in dividing Hindus in Jats, Sikhs, Dalits, Tribals etc & day dreaming to convert them one by one. Enough is enough. We Hindus don’t want these pigs who want to divide Hindus. Same time those foolish Hindus who are separating themselves from Hindu family: Please remember ek hai toh safe hai. Maulana At Islamic Summit in India: "Thousands of Jats have declared themselves non-Hindu, Sikhs, Buddhists, tribals, Dalits, Lingayats, and the people of Tamil Nadu are also not Hindu; we have made Hindus a minority in this country too."
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कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳
दिल्ली के फर्श बाजार में जिहादी भीड़ ने हिंदू युवक पर चाकू-डंडे-पत्थरों से हमला बोल दिया। बुरखा पहनी महिलाएं भी शामिल। दिल्ली पुलिस का एक सिपाही सिर्फ वीडियो बना रहा, कोई एक्शन नहीं। 6 दिन बाद भी SHO ने FIR तक दर्ज नहीं की। ये दिल्ली में हिंदुओं पर जिहादी हमले की साजिश है। @gupta_rekha @DelhiPolice @CMODelhi तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
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UP POLICE NEWS
UP POLICE NEWS@UPPOLICE_NEWS5·
आप चिंता ना करे यूपी पुलिस है ना ग्रेटर नोएडा: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रक से गिरे पत्थरों ने हादसे का मंजर खड़ा कर दिया था। कई गाड़ियों के टायर फट गए और बड़े हादसे का खतरा मंडराने लगा।तभी दादरी पुलिस मौके पर पहुंची। तेज धूप की परवाह किए बिना UP Police के जवानों ने खुद फावड़ा उठाकर सड़क साफ की और सैकड़ों लोगों की जान बचा ली। कानून संभालने के साथ जब खाकी सड़क पर उतरकर लोगों की सुरक्षा के लिए पसीना बहाती है, तो भरोसा दोगुना हो जाता है। सलाम UP Police की इस फुर्ती और जज्बे को।
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डॉ. अनिल पाण्डेय
। 😡सौ करोड़, सौ करोड़, सौ करोड़ ... ये सौ करोड़ की पीपणी बजाना बंद कर दो ...ये सौ करोड़ का भृम निकाल दो अपने मस्तिष्क से ...ये अम्मीये, आपिये, सापिये, ललटेनिए, लालचढिये, तामसिये, आपको भृम मे डालते रहते हैं ताकि तुम गलतफहमी मे पडे रहो ओर खतरे को भांप न पाओ 😡 हम सौ करोड़ हैं ... करते करते तुम्हारे पैरो के नीचे से जमीन गायब हो रही है😡😡 सोचो .... यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या अयोध्या में हिंदुओं पर गोलियां चलवाने वाले हत्यारों को सत्ता देते ?🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या श्री राम कभी पैदा ही नहीं हुए और रामसेतु को काल्पनिक बताने वाले तुच्छ खांग्रेसियों को सत्ता देते ?🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या भगवा आतंकी कहने वाले को सत्ता देते ?🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या कश्मीर में हिंदुओं को मौत के घाट और बहन बेटियों के साथ बलात्कार करने वाले को समर्थन देने वालों को सत्ता देते ?🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या सरेआम गाय कटवाने वालों को सत्ता देते ?🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या दशहरा, दीपावली, होली पर ही बर्बादी का ज्ञान बाँटने वालों को सत्ता देते ?🚩🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या 'मन्दिर में जाने वाले लड़की छेड़ते हैं, ऐसा कहने वाले कथित दत्तात्रेय ब्राह्मण को सत्ता देते ?🚩🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या भगवान श्रीराम जी के जन्म का प्रूफ मांगने वाले को सत्ता देते ?🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या 8 राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने वाले को सत्ता देते ?🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या ''इस देश के संसाधनों पे पहला हक़ मुसलमानों का है !' कहने वाली खांग्रेस को सत्ता देते ?🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो,क्या बुरहान, याकूब, ओसामा को शहीद कहने वाले को सत्ता देते ?🚩🚩 यदि हिन्दू वास्तव मे ही सौ करोड़ होते तो, क्या देश के दो टुकड़े (भारत-पाकिस्तान) करने वाले को सत्ता देते ??🚩 हिन्दुओं... अपनी आँखों का मोतियाबिंद ठीक करवा लो.😡 धर्मनिरपेक्ष, गंगाजमुनी तहजीब वाले, लिबरांडू, लुटियंस, इफ्तारी हड्डियां चूसने वाले, , निलचट्टे, कायर, लालची... इन सबको घटाकर देखो - अल्पसंख्यक हो चुके हो, अल्पसंख्यक😡😡 सौ करोड़ का भूत उतार दो अपने सर से ...😡 जो भी तीस- चालिस करोड़ शुद्ध हिन्दू बचे हैं, वो आगे कैसे बचे रहेंगे ये सोचो !😡 उठो जागो सब एक बनो, धर्म और संस्कृति की रक्षा तभी हो पाएगी जब आप अपनी रक्षा करने मे समर्थ होओगे। 🚩🚩🚩🚩🚩 । #औ_का @TriShool_Achuk
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ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳
14 Gau Rakshak sentenced to life by MP court & no one talking about this!💔
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मोहिनी बोली, "तुम्हें मेरे साथ नृत्य करना होगा। और मैं जो भी मुद्रा बनाऊंगी, तुम्हें उसकी हूबहू नकल करनी होगी। यदि तुम ऐसा कर पाए, तभी मैं तुम्हें अपना पति स्वीकार करूंगी।" भस्मासुर तुरंत तैयार हो गया। इसके बाद एक अद्भुत नृत्य आरंभ हुआ। मोहिनी कभी एक हाथ उठाती, तो भस्मासुर भी वही करता। वह कभी घूमती, तो भस्मासुर भी घूमता। कभी वह झुकती, तो वह भी झुक जाता। धीरे-धीरे नृत्य और भी तेज होता गया। भस्मासुर पूरी तरह मोहिनी के जाल में फंस चुका था। उसे यह भी याद नहीं रहा कि वह कौन है और क्या करने आया था। फिर वह क्षण आया जिसका इंतजार स्वयं भगवान विष्णु कर रहे थे। मोहिनी ने धीरे-धीरे अपना दाहिना हाथ उठाया और अपने सिर पर रख लिया। भस्मासुर बिना सोचे-समझे उसकी नकल करने लगा। उसने भी अपना हाथ उठाया और अपने सिर पर रख दिया। जैसे ही उसका हाथ उसके सिर को छुआ, अगले ही पल भयंकर अग्नि प्रकट हुई। चारों ओर दिव्य प्रकाश फैल गया। भस्मासुर की आंखों में भय उतर आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसी वरदान ने, जिस पर उसे इतना घमंड था, उसी क्षण उसका अंत कर दिया। कुछ ही क्षणों में उसका विशाल शरीर राख में बदल गया। आकाश में देवताओं की जय-जयकार गूंज उठी। महादेव प्रकट हुए और भगवान विष्णु को प्रणाम किया। देवताओं ने राहत की सांस ली। तीनों लोकों का संकट समाप्त हो चुका था। इस प्रकार भगवान विष्णु ने अपनी बुद्धि और मोहिनी रूप की अद्भुत लीला से संसार को एक महाविनाश से बचा लिया। यह कथा हमें सिखाती है कि शक्ति प्राप्त करना बुरा नहीं है, लेकिन यदि शक्ति के साथ अहंकार आ जाए, तो वही शक्ति विनाश का कारण बन जाती है। भस्मासुर को कोई देवता नहीं हरा सका, लेकिन उसका अपना अहंकार ही उसके पतन का कारण बन गया। जय महादेव जय श्रीहरि विष्णु हरहरमहादेव
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क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी आया था जब स्वयं देवों के देव महादेव को अपनी ही दी हुई शक्ति से बचने के लिए तीनों लोकों में भागना पड़ा था? एक ऐसा भयानक राक्षस जिसने अपने तप, अपनी जिद और अपने अहंकार के बल पर ऐसा वरदान प्राप्त कर लिया था कि वह जिस किसी के भी सिर पर हाथ रख देता, वह उसी क्षण भस्म होकर राख बन जाता। उसका नाम था भस्मासुर। यह कथा केवल एक राक्षस की नहीं, बल्कि अहंकार, लालच और भगवान की अद्भुत लीला की भी है। बहुत समय पहले हिमालय के घने जंगलों और ऊंचे-ऊंचे पर्वतों के बीच एक अत्यंत शक्तिशाली असुर रहता था। उसका नाम था भस्मासुर। वह महत्वाकांक्षी था, लेकिन उसके मन में शक्ति पाने की ऐसी भूख थी जो कभी समाप्त नहीं होती थी। वह चाहता था कि पूरे ब्रह्मांड में उससे अधिक शक्तिशाली कोई न रहे। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसने भगवान शिव की कठोर तपस्या करने का निश्चय किया। भस्मासुर हिमालय की एक निर्जन गुफा में चला गया। वहां उसने भोजन, जल और आराम सब कुछ त्याग दिया। दिन बीतते गए, महीने बीत गए और फिर वर्ष बीतने लगे। वह तपस्या करता रहा, लेकिन भगवान शिव प्रकट नहीं हुए। धीरे-धीरे उसका शरीर कमजोर होने लगा, लेकिन उसकी जिद कम नहीं हुई। उसने सोचा कि यदि साधारण तपस्या से महादेव प्रसन्न नहीं हो रहे हैं, तो उसे अपनी भक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण देना होगा। इसके बाद उसने एक विशाल यज्ञकुंड तैयार किया। अग्नि प्रज्वलित हुई और भस्मासुर ने अपने शरीर का मांस काट-काटकर उस अग्नि में अर्पित करना शुरू कर दिया। उसके शरीर से रक्त बह रहा था, लेकिन वह रुका नहीं। उसकी आंखों में केवल एक ही लक्ष्य था—महादेव को प्रसन्न करना। वर्षों की तपस्या के बाद जब वह अपना मस्तक काटकर यज्ञ में अर्पित करने ही वाला था, तभी अचानक पूरा आकाश दिव्य प्रकाश से भर गया। चारों दिशाओं में डमरू की ध्वनि गूंज उठी। कैलाशपति भगवान शिव अपने दिव्य स्वरूप में उसके सामने प्रकट हुए। महादेव ने करुणा से भरे स्वर में कहा, "वत्स, तुम्हारी तपस्या से मैं प्रसन्न हूं। मांगो, क्या वरदान चाहते हो?" भस्मासुर के चेहरे पर एक विचित्र मुस्कान फैल गई। उसने बिना एक पल गंवाए कहा, "प्रभु, मुझे ऐसा वरदान दीजिए कि मैं जिसके भी सिर पर अपना हाथ रखूं, वह उसी क्षण भस्म होकर राख बन जाए।" महादेव अपने स्वभाव के अनुसार भोले थे। वे अपने भक्तों को निराश नहीं करते थे। उन्होंने बिना किसी छल-कपट के कहा, "तथास्तु।" जैसे ही यह शब्द निकला, भस्मासुर के शरीर में अद्भुत शक्ति का संचार हो गया। लेकिन शक्ति मिलते ही उसका मन बदल गया। उसके भीतर छिपा हुआ अहंकार जाग उठा। उसने सोचा, "अब इस ब्रह्मांड में मुझे कोई नहीं रोक सकता। मैं देवताओं का भी स्वामी बन सकता हूं।" फिर उसके मन में एक और भयानक विचार आया। उसने सोचा, "क्यों न सबसे पहले इसी वरदान की परीक्षा महादेव पर की जाए?" यह सोचते ही उसने भगवान शिव की ओर देखा और उनके सिर पर हाथ रखने के लिए उनकी तरफ दौड़ पड़ा। पहले तो महादेव उसकी मंशा समझ नहीं पाए, लेकिन जब उन्हें सच्चाई का आभास हुआ, तो वे तुरंत वहां से चले गए। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे ब्रह्मांड को हिला दिया। भस्मासुर महादेव के पीछे दौड़ रहा था और महादेव उससे बचने के लिए एक लोक से दूसरे लोक तक जा रहे थे। कभी वे पृथ्वी लोक में दिखाई देते, कभी देवलोक में, तो कभी आकाश मार्ग से निकल जाते। लेकिन भस्मासुर उनका पीछा नहीं छोड़ रहा था। तीनों लोकों में हाहाकार मच गया। देवता भयभीत हो गए। ऋषि-मुनि चिंतित हो उठे। सभी को लगने लगा कि यदि भस्मासुर ने महादेव को छू लिया, तो सृष्टि का संतुलन बिगड़ जाएगा। तब सभी देवता भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, "प्रभु, अब केवल आप ही इस संकट से संसार को बचा सकते हैं।" भगवान विष्णु मुस्कुराए। वे जानते थे कि जहां बल काम नहीं करता, वहां बुद्धि और माया अपना कार्य करती है। उन्होंने इस समस्या का समाधान खोज लिया। कुछ समय बाद एक सुंदर नदी के किनारे एक अद्भुत दृश्य दिखाई दिया। वहां एक ऐसी दिव्य और मनमोहक स्त्री प्रकट हुई, जिसकी सुंदरता को देखकर देवता भी मोहित हो सकते थे। वह कोई साधारण स्त्री नहीं थी। वह स्वयं भगवान विष्णु का मोहिनी रूप था। उसी समय भस्मासुर वहां पहुंचा। जैसे ही उसकी नजर मोहिनी पर पड़ी, वह मंत्रमुग्ध हो गया। वह अपनी सारी योजनाएं, अपना क्रोध और अपना उद्देश्य भूल गया। उसकी आंखें केवल मोहिनी को ही देख रही थीं। भस्मासुर ने तुरंत कहा, "हे सुंदरी, मैं तुमसे विवाह करना चाहता हूं।" मोहिनी मुस्कुराई और बोली, "विवाह इतना सरल नहीं है। यदि तुम मुझसे विवाह करना चाहते हो, तो पहले तुम्हें मेरी एक शर्त पूरी करनी होगी।" भस्मासुर ने उत्सुकता से पूछा, "क्या शर्त है?" शेष कमेंट में....
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कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳
अज़मगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र में बनस्थान मोड़ पर पीडब्ल्यूडी की ज़मीन पर बिना अनुमति मज़ार का अवैध निर्माण चल रहा है। शटरिंग का काम जोरों पर है। जिला प्रशासन @dmazamgarh प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान मे लें जाँच कराएँ और अवैध निर्माण करने वालो पर सख्त कार्रवाई करें।
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रेस्टोरेंट में लड़का, लड़की के सामने रखी कोल्ड ड्रिंक पीकर बोला, ऐसे उदास क्यों बैठी हो यार? लड़की: आज का दिन बहुत बुरा है। सुबह ब्यॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया। रास्ते में कार खराब हो गई। ऑफिस पहुंचाी तो बॉस ने नौकरी से निकाल दिया। अब सुसाइड के लिए कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाया था, वो भी तूने पी ली। लड़का बेहोश...😆😆😆
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
सर @CMOfficeUP @myogiadityanath @adgzonemeerut @digrangemeerut @meerutpolice पिछले कुछ वर्षों से मेरठ में बड़े पैमाने पर संगठित रूप से ऐसी अवैध झुग्गियां बसाई गई है और इसमें बांग्ला बोलने वाले और दूसरी पता नहीं कौन सी भाषा बोलने वाले मुसलमानो को ला लाकर बसाया जा रहा है इसमें रोहिंग्या भी हैं बांग्लादेशी भी हैं दूसरे राज्यों के लोग भी हैं यहां एक विशाल बॉस की मस्जिद और मदरसा भी बनाया गया है जिसमें सारे मौलाना बिहार के हैं यह एक संगठित रूप से सरकारी जमीन पर एक अवैध मुस्लिम कॉलोनी बनाने की पूरी साजिश रची गई है लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण इस पर चुप है तुरंत इस पूरी अवैध बस्ती को हटाई जाए
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Preet Sirohi
Preet Sirohi@BhaiPreetSingh·
गाँव हस्तसाल उत्तम नगर की सरकारी ज़मीन पर बने अवैध कब्रिस्तान ईदगाह मस्जिद मदरसा उत्तमनगर मामले में साथ देने की अपील हम लड़ रहे है आप साथ देंगे ? शेयर भी नहीं कर सकते तो छोड़ दीजिए सोशल मीडिया
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Anand Ranganathan
Anand Ranganathan@ARanganathan72·
"Watch Kanhaiya Lal's beheading. You will receive the same fate. It is your turn now. Even Modi won't be able to save you." Scary threats to Hindu seer @drsumanandgiri because of his views. This cannot be normalised anymore. @HMOIndia should immediately provide him security.
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Deepak Sharma
Deepak Sharma@SonOfBharat7·
कौन हैं ये NGO जो आतंकी को बचाने के लिए अडालतों में खड़े होते हैं ? चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला 🫵🏻 3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी। आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी! आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है। सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है। जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है। ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।” कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं। 1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई 2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली 3. रिहाई मंच 4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क 5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी 6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन 7. जमीयत उलेमा हिंद जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए। उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं। जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए! रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है। दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल। जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं। पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं... ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है। सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी। जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी... ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए... ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके...
Deepak Sharma tweet media
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