Dinesh Kumar
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Dinesh Kumar
@decksuthar
Voice of the People | Questioning the System
Mumbai, India เข้าร่วม Aralık 2012
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@MediaHarshVT तुम्हारी क्यों जल रही है?
जब कोई अपनी बात रखता है तो तकलीफ होने लगती है क्या?
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न्यायाधीश स्वर्णकांता शर्मा जी के विरुद्ध अरविंद केजरीवालजी का सत्याग्रह न्याय की भावना के पक्ष में है? ऐसे कोई भी आरोपी किसी मामले में न्यायाधीश को पक्षपाती बताकर तथाकथित सत्याग्रह कर सकता है।
Arvind Kejriwal@ArvindKejriwal
जस्टिस स्वर्णकान्ता शर्मा जी से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट चुकी है। अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनते हुए, गांधी जी के सिद्धांतो को मानते हुए और सत्याग्रह की भावना के साथ, मैंने फ़ैसला किया है कि मैं इस केस में उनके सामने पेश नहीं हूंगा और कोई दलील भी नहीं रखूँगा।
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@abhisar_sharma @raghav_chadha अब बीजेपी जॉइन करके “पॉजिटिव पॉलिटिक्स” करेगा -
लगता है अब तक नेगेटिव बैटरी से चल रहे थे, अब चार्जिंग बदल ली है 😄
कल तक जो सिस्टम को कोस रहे थे, आज उसी सिस्टम में “सुधार” करने निकल पड़े हैं…
राजनीति में ये U-turn नहीं, full 360° का स्टंट है भाई!
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वैसे @raghav_chadha बीजेपी से इतनी शर्मिन्दगी ?पूरे वीडियो में बीजेपी का नाम तक नहीं लिया . आपके शब्दों में, माना गुंडों की पार्टी है ... मगर अब तो पार्टी के संस्कारी whitewashed सिपाही हो ? इतनी बेइज्जती पहले ही दिन ?
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Make our candidate win, and on the first day of the month, women will get Rs 3,000/ month.
All the unemployed youths will be credited Rs 3,000 into their account.
Pregnant women will be given Rs 21,000. Besides, women will not have to pay bus fare in the government buses.
- Shri @AmitShah
#BanglarMoneSudhuiBJP
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@sanket “100% blend” matlab ab mix karne ke liye kuch bacha hi nahi — bas announcement aur reality ko thoda blend karna hai 😉
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तुलना तो बड़ी फिल्मी कर दी, लेकिन सच्चाई इतनी सिंपल नहीं है।
महिला आरक्षण बिल का मामला ‘इंगेजमेंट-शादी’ जैसा नहीं, बल्कि डिलिमिटेशन और जनगणना जैसी शर्तों से जुड़ा है, जो खुद सरकार ने ही जोड़ी हैं।
पहले समर्थन मिला क्योंकि बिल अधूरा नहीं था, लेकिन लागू करने की टाइमलाइन और शर्तें साफ नहीं हैं — यही असली सवाल है।
जनता को इमोशनल उदाहरण नहीं, क्लियर जवाब चाहिए कि आरक्षण कब और कैसे मिलेगा।
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कुतर्क ये है कि महिला आरक्षण बिल तो पहले ही पास हो चुका था। अरे भईया, बिल पास हुआ तो आरक्षण मिल गया था क्या?
जब तक पता था कि अभी तो और काम होंगे तब आरक्षण देने की बारी आएगी तब तक तो साथ सबने दे दिया और जैसे ही सारी बाधाएँ हटाकर आरक्षण देने की बारी आई तो तीन पाँच करके रोक दिया।
ये तो वैसे ही है कि इंगेजमेंट में तो साथ दे दिया लेकिन बारात आने और फेरों की बारी आई तो ये दिक्कत वो दिक्कत बताकर शादी ही रुकवा दी।
गजबे है
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महिला आरक्षण बिल को लेकर सवाल उठाना ‘एंटी रिफॉर्म’ नहीं, बल्कि उसकी टाइमिंग और इम्प्लीमेंटेशन पर चर्चा है।
अगर नीयत इतनी ही साफ है तो इसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया गया? जनगणना और डिलिमिटेशन के नाम पर सालों टालना भी तो एक तरह का ‘विरोध’ ही है।
और मज़ेदार बात ये है कि जिसे ‘एंटी रिफॉर्म’ कहा जा रहा है, उसी Indian National Congress ने पहले भी महिला आरक्षण का समर्थन किया था—बस फर्क इतना है कि तब इसे टालने की शर्तें नहीं जोड़ी गई थीं।
टीवी डिबेट वाली लाइनें अच्छी लगती हैं, लेकिन ज़मीन पर सवाल पूछना ही असली जिम्मेदारी है।
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@RubikaLiyaquat Bas ‘address at 8:30 pm’ likh dene se suspense create ho jata hai… content baad me pata chalta hai 😄
thoda context bhi de dete to speculation kam hota!
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@kkjourno तथ्य साफ हैं, एनी बेसेंट, सरोजिनी नायडू और नेल्ली सेनगुप्ता जैसी महिलाएँ कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं, जिनका गांधी परिवार से कोई संबंध नहीं था।
इसलिए गलत जानकारी फैलाना बंद होना चाहिए, इतिहास सबके सामने है।
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आईटी सेल वाले गधे हैं। मैसेज फैला रहे हैं कि कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष परिवार से बनी। इनको गूगल करना भी नहीं आता।
कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष आज से 110 साल पहले बनी थीं। नाम था एनी बेसेंट।
दूसरी महिला अध्यक्ष बनीं सरोजिनी नायडू। तीसरी महिला अध्यक्ष बनीं नेल्ली सेनगुप्ता।
इन सबका गांधी परिवार से क्या ताल्लुक था?
जब संघी गुरु बता रहे थे कि देश में मनुस्मृति लागू कर दो, तब नेहरू परिवार और कांग्रेस की दर्जनों महिला नेता जेल काट रही थीं।
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Your point is valid—real empowerment needs action, not just slogans. Women’s representation in Lok Sabha is still low, and if even the ruling party lags behind, it raises serious concerns.
Narendra Modi should act now—implement Women’s Reservation based on 543 seats and ensure fair representation.
No more jumlas, only real change.
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Dear @narendramodi your party has the lowest percentage of women among all parties in Lok Sabha . Implement Women’s Reservation NOW based on 543 seats - what is stopping you? Jumlabazi Nahi Chalegi

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@RubikaLiyaquat संसद में मेज़ थपथपाना हर बार “जश्न” नहीं होता, कई बार वो
* विरोध
* या प्रतिक्रिया दिखाने का तरीका भी होता है
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बिल के गिरने के बाद दुखद था कुछ महिला सांसदों को मेज़ थपथपाते देखना।
आधी आबादी को पूरी ताकत देने वाले संविधान संशोधन बिल को विपक्ष का साथ नहीं मिला
विपक्ष ने बिल गिरने पर मेज थपथपा कर स्वागत किया।
बिल को पास करने के लिए दो तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी था।
कुल 528 वोट पड़े
उस लिहाज़ से दो तिहाई मतलब 352 वोट चाहिए थे।
बिल के समर्थन में- 298
बिल के विरोध में- 230
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@DrNimoYadav महिला आरक्षण? अरे मैं तो खुद आरक्षण का walking talking version हूँ!
महिलाओं की तरह नाचता हूँ, दिल जीतता हूँ, वोट लूटता हूँ।
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@RoflGandhi_ बुद्धा अब राजनीति कम, ड्रामा ज़्यादा कर रहा है…
संसद में एक्टिंग, बाहर इमोशनल कार्ड—जनता सब समझ रही है।
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@Iam_Rohit_G GDP ya performance se Lok Sabha seats decide nahi hoti. Seats 1971 ki population ke base par freeze hain, isliye उस समय Kerala की आबादी ज़्यादा थी तो उसे 20 सीटें मिलीं, और Haryana को 10।
मतलब किसी के साथ unfair नहीं, system ही पुराना है — लोगों को बेवकूफ मत बनाओ।

Haryana : Lok Sabha Seats : 10
👉 Population : 3.4 Crore
👉 GDP : 15 Lakh Crore
👉 Growth Rate : 11%
👉 GDP Per Capita : 3.95 Lakh/Annum
👉 Fiscal Deficit: 2.7% of GDP
👉Debt to GDP Ratio : 26.18%
👉 Total Exports : 18 Billion Dollars
Kerala : Lok Sabha Seats : 20
👉 Population : 3.4 Crore
👉 GDP : 13 Lakh Crore
👉 Growth Rate : 6%
👉 GDP Per Capita : 3.17 Lakh/Annum
👉 Fiscal Deficit: 3.4% of GDP
👉Debt to GDP Ratio : 35%
👉 Total Exports : 10 Billion Dollars
Haryana has been out performing Kerala on all important Parameters, The Population is also the same but has only 10 Loksabha Seats.
Who is being treated unfairly : North India's Haryana or South India's Kerala?
English

I’ve been waiting for my withdrawal from Bitbns for the last 2 years, and it’s still not processed. This is extremely disappointing.
Jab aap withdrawal hi release nahi kar rahe ho, to naye funds invest karne ka koi sense nahi banta. Kindly resolve this issue at the earliest or provide a clear update on my withdrawal status.
Ticket no.853297
Looking forward to your prompt response.
@bitbns @gauravdahake
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@RoflGandhi_ @varungrover इतने “मैनेजमेंट” के बाद भी अगर दीदी ही भारी पड़ जाएं,
तो समझ लो जनता अभी भी स्क्रिप्ट नहीं, अपना फैसला लिखती है।
बंगाल है साहब… यहाँ हवा नहीं, मिज़ाज बदलता है — और वो भी आख़िरी वक्त पर 😉
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@dibang बिल्कुल सही बात। चुनाव आयोग को पूरी पारदर्शिता के साथ हर सवाल का जवाब देना चाहिए—#livestream जैसी पहल से भरोसा और बढ़ेगा। मतदाता सूची में गड़बड़ी प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसका खामियाज़ा वोटर को नहीं भुगतना चाहिए। निष्पक्षता और पारदर्शिता ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
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चुनाव आयोग को हर पार्टी और हर पत्रकार के सभी सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब ज़रूर देना चाहिए.
👉 चुनाव आयोग राजनैतिक दलों के साथ अपनी मुलाकातों को #livestream क्यों नहीं करता? देखे दुनिया #CEC चिल्लाते हैं '#GetLost' या दलों के नेता चीखते हैं.
लोकतंत्र में हर वोटर के वोटिंग का अधिकार सुरक्षित होना ही चाहिए. इसमें कोई भी चूक लोकतंत्र के लिए घातक होगी. पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से 27,16,393 से अधिक मतदाताओं को हटाया गया, जबकि उनका मामला अभी विचाराधीन है.
👉 साफ है इसमें मतदाताओं की गलती नहीं है, ये प्रशासनिक कमी है. ऐसी हालत में पिछले चुनाव की मतदाता सूची में शामिल नामों को वोट देने का अधिकार होना चाहिए. कानून भी यही कहता है.
चुनाव आयोग को हर तरह के शक और शंका से ऊपर होना चाहिए. उसका हर फैसला स्वतंत्र और बिना पक्षपात के होना चाहिए. तभी देश में लोकतंत्र मज़बूत होगा और पूरी चुनाव व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहेगा.
आपकी राय.
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