Shashi Lochan Singh 🇮🇳🚩

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@shashilochan

“Only a life lived for others are a life worth while.” Broadcast Professional (जो अच्छा और सच्चा लगा वो लिख दिया, किसी को आहत करने की कोई मंशा न थी न है)

नई दिल्ली, भारत เข้าร่วม Haziran 2010
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सुनील
सुनील@suniljha899·
अक्सर कांग्रेसी कहते हैं कि मोदी जी ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था कांग्रेसी ये नहीं बताते हैं कि नेहरू ने अपनी पत्नी की स्थिति कितनी भयावह कर दी थी वो भी सिर्फ एक अंग्रेजन के लिए !!! 😡👇
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Baliyan
Baliyan@Baliyan_x·
JK के CM उमर अब्दुल्ला उस केटेगरी वाले है जिनका परिवार दादा-पिता कश्मीर से हिंदुओं को भगाने के दौरान सरकार में रहा। ये ख़ुद उस विचार के रहे कि अगर 370 हटायी तो राज्य में तिरंगा उठाने वाला नहीं मिलेगा। लेकिन 12 साल के भगवा राज ने इनके मह-जबी गुरूर तोड़ कर रख दिए है- खीर भवानी मे मंदिर में पूजा कर रहे है। मैंने सुना है इनके यहाँ से ह-राम होता, इंतेज़ार करूँगा कि कौन मौ/लाना फतवा जारी करने की हिम्मत करता है।
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Shashi Lochan Singh 🇮🇳🚩
शान्तितुल्यं तपो नास्ति न सन्तोषात् परं सुखम्। न तृष्णायाः परो व्याधिर्न च धर्मो दयापरः।। *दिन शुभ और मंगलमय हो* 💐🙏💐
सीमा सिंह 🙏🚩 (मोदी का परिवार🫶)@Shalus226

@Mistu4uy2 हर हर महादेव 🙏🏻🚩 शुभ संध्याकाल वदंन 🙏🏻🚩

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@awesh29 77 साल आप लोग सत्ता में थे क्यों नहीं कोर्ट गये या कानून बनाया...
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Awesh Tiwari
Awesh Tiwari@awesh29·
प्रो अपूर्वानंद, प्रियांक खड़गे द्वारा उठाए गए सवाल को जरूरी मानते हैं और कहते हैं कि यह सवाल तो केंद्र सरकार का होना चाहिए था । उन्होंने कहा कि RSS कोई धर्म नहीं है। यह नहीं कहा जा सकता है कि चूंकि हिन्दू धर्म रजिस्टर्ड नहीं है तो संघ भी नहीं हो सकता। अपूर्वानंद जी कहते है कि अब तक सिर्फ एक संगठन गोपनीय रूप से काम करता रहा है।सीपीआई माओइस्ट। संघ खुद को पर्दे में रखने की कोशिश करता है। संघ की कई अनकही सच्चाइयों को सामने लाने वाला और हिन्दुस्तान की राजनीति की इस अदृश्य बनावट वाली संस्था के भारतीय जनमानस और राजनीति पर पड़ते असर को बताने वाला यह इंटरव्यू आप सबको बहुत पसंद आयेगा। पूरे इंटरव्यू का लिंक कमेंट बॉक्स में- @Apoorvanand__ @PriyankKharge
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Ratan acharya
Ratan acharya@ratanac81230688·
राहुल गांधी जी कोटा के इलाहाबाद में होंगे, कोटा में तो देशभर के छात्र आते हैं – पुण्य प्रसून वाजपाई अगली प्लानिंग इलाहाबाद की है जो उत्तर प्रदेश में आता है उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में चुनाव है..। देशभर में 17 से 32 बरस के युवाओं की तादाद 37 करोड़ से 40 करोड़ के बीच में आती है...! अकेले उत्तर प्रदेश में 8 करोड़ से ज्यादा युवा और छात्र हैं, प्राइवेट सेक्टर में 1.25 आवेदन किए हुए हैं..! नोट – राहुल गांधी जी छात्र संवाद को एक बढ़िया प्लानिंग की जिससे हर घर तक राहुल गांधी जी की आवाज पहुंचेगी....!
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ANUPAM MISHRA
ANUPAM MISHRA@scribe9104·
“प्रिय मित्र नरेंद्र, फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे” पिछले कुछ दिनों में फ़्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, यूक्रेन, इटली समेत अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते समय हिंदी के शब्दों/वाक्यों का प्रयोग करते हुए नज़र आये इसका कारण मोदी द्वारा विदेशी दौरों पर हिंदी में संवाद करना रहा है कुल मिलाकर तमिलनाडु को छोड़कर पूरी दुनिया हिंदी बोल रही है 😎
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Vatsala Singh
Vatsala Singh@_vatsalasingh·
उर्दूवुड का दशकों पुराना ब्रेनवॉशिंग का दौर अब खत्म हो चुका है; बॉलीवुड अब बेबाक हिंदुओं का है!!
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@TS_SinghDeo उस कानून को बताओ जिसके अंतर्गत रजिस्टर्ड होना चाहिए... या केवल बकलोली ही करना है...।
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T S Singhdeo
T S Singhdeo@TS_SinghDeo·
RSS - कथित तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी 'स्वयंसेवी, दक्षिणपंथी संस्था' भारत में रजिस्टर्ड ही नहीं है। भारत में जन्म से ले कर मृत्यु, छोटी रेहड़ियों से ले कर अरबपति कंपनियां सब पंजीकृत किये जाते हैं। सारी आमदनी और खर्च का हिसाब किया जाता है। मगर, RSS इससे अछूता है। और, जवाब देने की जगह तर्क ये मिलता है कि हिंदू धर्म भी पंजीकृत नहीं हैं। हिंदू धर्म संस्था नहीं, आस्था है, जीने का तरीका है और सनातन है - जो RSS से हजारों साल पहले भी था और आगे भी रहेगा। RSS धर्म नहीं, न धर्म का ठेकेदार है - ऐसी तुलना करने में शर्म आनी चाहिए। RSS और उसके पदाधिकारी आत्मनंथन करें क्योंकि वो धर्म का नाम बीच में ला कर करोड़ों की आस्था का अपमान ही करते हैं। और, सबसे ज़रूरी बात - देश के कानून का पालन करें, अपना पंजीकरण कराएं।
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P.N.Rai
P.N.Rai@PNRai1·
महेश जेठमलानी का जवाब। @PriyankKharge का पत्र, जो RSS प्रमुख माननीय मोहन भागवत जी को संबोधित है, वह संवैधानिक जांच का कोई अभ्यास नहीं है। कानून पर पतला, अनुमानों पर मोटा, और वंशवादी राजनीति की entitlement से स्पष्ट रूप से चिह्नित। एक पूरे शताब्दी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र की सेवा खुलेआम कर रहा है, जनता की पूरी नजर में: चरित्र निर्माण, अनुशासन को बढ़ावा, सामाजिक एकता को मजबूत करना — और यह सब बिना राज्य संरक्षण की मांग किए। इसके विपरीत, कुछ कांग्रेस नेता संदिग्ध कूटनीति को तरजीह देते रहे हैं — चीन जाकर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ MoU पर हस्ताक्षर करना, जो गोपनीयता और राजनीतिक असहजता से घिरा हुआ था। विरोधाभास इससे अधिक स्पष्ट नहीं हो सकता। एक पक्ष 100 वर्षों से भारतीय सूर्य के प्रकाश में कार्य कर रहा है। दूसरा पक्ष बार-बार विदेशी छायाओं में comfort ढूंढता रहा है। आइए प्रियंक खड़गे की मांगों को उस सटीकता से संबोधित करें जिसमें वे कमी रखती हैं। संविधान का अनुच्छेद 19(1)(c) प्रत्येक नागरिक को संघ, यूनियन या सहकारी समितियां बनाने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। यह राज्य द्वारा दी गई कोई privilege नहीं है। यह एक संवैधानिक स्वतंत्रता है। अनुच्छेद 19(4) इस स्वतंत्रता पर केवल निर्दिष्ट संवैधानिक आधारों पर और केवल कानून के प्राधिकार से उचित प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। संविधान में कहीं भी यह अनिवार्य नहीं है कि हर स्वैच्छिक संघ को अस्तित्व में आने या कार्य करने से पहले राज्य से पंजीकरण प्राप्त करना चाहिए। RSS ठीक ऐसा ही नागरिकों का स्वैच्छिक संघ है, जो साझा वैचारिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से एकजुट है। इसे किसी मंत्री से अस्तित्व का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। इसे किसी वंशवादी से राजनीतिक अनुमति की पर्ची नहीं चाहिए। इसे पंजीकरण की जरूरत नहीं है केवल इसलिए कि कोई कांग्रेस नेता विवाद खड़ा करना चाहता हो। प्रियंक खड़गे की मांग कि RSS को “पंजीकृत” होना चाहिए या अपनी कानूनी अस्तित्व को सही ठहराना चाहिए, वह संवैधानिक पाठ, वैधानिक दायित्व या स्थापित सिद्धांत पर आधारित नहीं है। यह कानून से असमर्थित एक मनमानी assertion है। एक संवैधानिक लोकतंत्र में, जो कानून के शासन से संचालित होता है, कोई भी व्यक्ति — चाहे उसका पद कितना भी ऊंचा हो — केवल इसलिए dictates जारी नहीं कर सकता और अनुपालन की उम्मीद नहीं कर सकता क्योंकि वह सार्वजनिक पद पर है। प्रियंक खड़गे कर्नाटक सरकार में मंत्री हो सकते हैं। उस पद से उन्हें केवल वे कार्यकारी शक्तियां प्राप्त होती हैं जिन्हें कानून मान्यता देता है। इससे उन्हें किसी भी नागरिक या संगठन को बुलाकर यह मांग करने का अधिकार नहीं मिलता कि वह अपनी संरचना उनके व्यक्तिगत मनमाने तरीके से बदल दे। ऐसी मांगें, जो किसी कानूनी प्राधिकार से unbound हैं, कानून में non est (अस्तित्वहीन) हैं। विरासत से लाडला कोई वंशवादी संविधान से बड़ा नहीं हो जाता केवल इसलिए कि वह मंत्री की कुर्सी पर बैठ गया हो। शायद ठीक इसी प्रकार की overreach की आशंका में, जिन्हें अस्थायी प्राधिकार से सजाया गया हो, थॉमस फुलर ने कहा था: “Be you ever so high, the law is above you।” इन शब्दों को बाद में लॉर्ड डेनिंग ने The Due Process of Law में अमर कर दिया। यह बिंदु यहां पूरी तरह लागू होता है। इसके अलावा, श्री खड़गे द्वारा फंडिंग, व्यय, संपत्तियों और कराधान का खुलासा करने पर जोर देना सुविधाजनक रूप से अदालती फैसलों को नजरअंदाज करता है। गुरुदक्षिणा — RSS को उसके सदस्यों से प्राप्त स्वैच्छिक चढ़ावे — की कर योग्यता का प्रश्न पहले ही एक संवैधानिक अदालत द्वारा जांचा जा चुका है। Commissioner of Income-Tax vs. Rashtriya Swayamsevak Sangh मामले में पटना उच्च न्यायालय ने पारस्परिकता (mutuality) के सिद्धांत को upheld किया और कहा कि सदस्यों से प्राप्त गुरुदक्षिणा कर योग्य नहीं है। RSS ने कभी कानून से छूट का दावा नहीं किया। एक सौ वर्षों से यह खुलेआम कार्य करता रहा है, अपनी गतिविधियों को प्रकाशित किया है, प्रतिबंधों, राजनीतिक शत्रुता और कांग्रेस सरकारों द्वारा बार-बार इसे बदनाम करने के प्रयासों का सामना किया है। यह सब बिना टैक्सपेयर के पैसे या विदेशी फंडिंग के किया है। जूनियर खड़गे द्वारा जवाबदेही के बहाने लिखा गया पत्र कानूनी भ्रांति और राजनीतिक दुर्भावना से उपजा है। यह न तो उनके संवैधानिक पद के योग्य है और न ही उन लोकतांत्रिक परंपराओं के योग्य है जिनकी वे रक्षा का दावा करते हैं। RSS को किसी भी वंशवादी से, चाहे उसका पद कितना भी ऊंचा हो, अच्छे आचरण का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। कानून हम सबके ऊपर है। खड़गे जूनियर की दिखावटी मांगें उससे नीचे हैं।
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P.N.Rai
P.N.Rai@PNRai1·
15 से दंभ, अहंकार से सत्ता में हनक रखने वाली TMC बीजेपी से सिर्फ हारी ही नहीं, छिन्न भिन्न ऐसी हुई जिसका मिसाल भारत के राजनैतिक इतिहास में देखने को नहीं मिलता। TMC की बर्बादी पर एक गजल बना और सोशल मीडिया पर छा गया।
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Panchjanya
Panchjanya@epanchjanya·
तमिलनाडु से बड़ी खबर! तमिलनाडु विधानसभा के इतिहास में दशकों (करीब 25 वर्षों) बाद राष्ट्रगान बजाया और गाया गया। यह ऐतिहासिक घटना राज्यपाल राजेन्द्र आर्लेकर के पारंपरिक अभिभाषण के दौरान हुई। कार्यवाही की शुरुआत राज्य के गान 'तमिल थाई वाझथु' के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' बजाया गया, जो 1990 के दशक के बाद पहली बार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण से पहले हुआ।
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Organiser Weekly
Organiser Weekly@eOrganiser·
#HaldighatiVijay450 | “Maharana Pratap was aware that his army was small compared to the other side, that weapons were fewer, and that wealth was limited... But we have truth on our side. We are Bharatiya and we can never be enslaved... We are a cultured people; we never become slaves.” — RSS Sarsanghchalak Dr Mohan Bhagwat at the 450th anniversary celebrations of the Haldighati victory in Udaipur, Rajasthan
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@OfficialDMRC बंधुवर ये स्थिति है झंडेवालान मेट्रो स्टेशन exit gate आए दिन खराब रहता है। कृपया संज्ञान ले ofिस टाइम में सभी का समय कीमती होता है..!
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Arvind Mohan Singh
Arvind Mohan Singh@ArvindSinghUp·
पहले सोचा 2 मिनट का अंश साझा करूँ… फिर 5 मिनट का… फिर 10 मिनट का… परंतु प्रातःस्मरणीय महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी पर आज मोहन भागवत के उद्बोधन से अधिक तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रेरक वक्तव्य शायद ही सुनने को मिले। मेरी बात मत मानिए… स्वयं सुनिए…
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ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।। ॐ विष्णवे नमः 🚩🙏 दिन शुभ और मंगलमय हो 💐
सीमा सिंह 🙏🚩 (मोदी का परिवार🫶)@Shalus226

चिरंजीव कुरु कीर्तिवर्धनम्!! चिरंजीव कुरु पुण्यवर्धनम्!! प्रार्थयामहे भव शतायुषी, ईश्वरः सदा त्वां च रक्षतु!!...🙏🚩 @sudhirchaudhary जी आपको अवतरण दिवस की ढेरों शुभकामनाऐ आप हमेशा हमारे प्रेरणा दायक ऐसे ही बने रहे महादेव से यही प्राथना है....🙏🚩 जय जय श्रीराम। 🙏🚩 @sudhirchaudhary reply जरूर दे देना सर जी उससे पता चल जाता है की आप तक बात पहुंच गई है ....😝😝😝😝🙏🏻🚩🫶 #Happybarthdaysudhirsir 🙏🏻🚩

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ShilpaSur
ShilpaSur@NovaShil·
She totally nailed it! Explained it to the liberals in the only language they understand.. 😂🔥
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@SupriyaShrinate खेड़ा जी को तपस्या का फल मिल गया पर अभी भी आपको बहुत प्रतीक्षा करना पड़ेगा ...
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Supriya Shrinate
Supriya Shrinate@SupriyaShrinate·
पूरे 5 म‍िनट तक ट्रम्प ने मोदी को नजरंदाज किया - जबकि मोदी उनके आगे पीछे मंडराते रहे फोटो ख‍िंचवाने के बाद कमरे में मोदी ख़ुद आगे बढ़कर ट्रंप से म‍िलने गए 3 भारतीयों की क्रूर हत्या करने के बाद अमेरिका चौड़ा बना चल रहा है और हमारे वाले भीगी बिल्ली बने हुए हैं
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सीमा सिंह 🙏🚩 (मोदी का परिवार🫶)
मोदी जी को पता है कब और कहां पर अपनी बात रखनी है ...🔥🔥 प्रधानसेवक कभी अपने जनतंत्र के मन की बात नही भूलता....🙏🏻🔥 बस विरोधी दलो को अपनी जमीं नही मिल पा रही है !🔥🔥🔥 #IndiaFightsDesertification #NirbhayRaho
सीमा सिंह 🙏🚩 (मोदी का परिवार🫶) tweet media
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Padmaja 🇮🇳
Padmaja 🇮🇳@prettypadmaja·
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का कोई औपचारिक पंजीकरण (Registration) इसलिए नहीं है क्योंकि भारतीय कानून में स्वैच्छिक और गैर-लाभकारी संगठनों के लिए इसे अनिवार्य नहीं किया गया है। संघ खुद को 'व्यक्तियों के समूह' (Body of Individuals) के रूप में वर्गीकृत करता है, जिसे आयकर विभाग और अदालतों द्वारा कानूनी मान्यता प्राप्त है। गुरु दक्षिणा यह आरएसएस की सबसे पुरानी और मुख्य फंडिंग परंपरा है। हर साल 'गुरु पूर्णिमा' के अवसर पर स्वयंसेवक अपनी स्वेच्छा से संघ के भगवा ध्वज को अपनी आय में से कुछ हिस्सा (दान) अर्पित करते हैं। इसमें कोई निश्चित राशि तय नहीं होती है। @ashutosh83B आपके समझ के बाहर है ये स्वयंसेवा !
ashutosh@ashutosh83B

RSS प्रमुख मोहन भागवत को प्रियांक खड़गे के सवालों के जवाब देने चाहिये । आरएसएस अपने को रजिस्टर कराये । क्या कोई दिक्कत है ? अगर कोई दिक्कत है तो कर्नाटक सरकार को बताये ।

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