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🚨 माननीय गृहमंत्री @AmitShah जी, जब 'गद्दार' सिस्टम के अंदर बैठे हों, तो सरहदें कैसे सुरक्षित होंगी? 🚨 'स्मार्ट बॉर्डर' और हाई-टेक रडार देश की सुरक्षा के लिए बेहतरीन कदम हैं। लेकिन इसकी आड़ में देश के अंदर चल रहे उस 'स्लीपर सिंडिकेट' का क्या, जो बिहार और अन्य राज्यों में घुसपैठियों को महज कुछ हजार रुपयों में भारत का 'वैध' नागरिक बना रहा है? सिस्टम के अंदर बैठे 'गद्दारों' पर 3 सीधे सवाल: 🎯 आंतरिक घुसपैठ: रडार से बचकर आने वाले घुसपैठियों को लोकल साइबर कैफे और अधिकृत सेंटर्स से 'असली आधार' कौन उपलब्ध करा रहा है? 🎯 असली दुश्मन अंदर है: जब बायोमेट्रिक क्लोन हो रहे हैं और फर्जी दस्तावेजों को बैकएंड से अप्रूवल मिल रहा है, तो साफ है कि कुछ 'गद्दार' सिस्टम के अंदर ही बैठे हैं। क्या सिर्फ मोहरों को पकड़ना काफी है? 🎯 सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत: सरहदों के साथ-साथ अब देश के अंदर चल रहे इन 'फर्जी आधार सिंडिकेट्स' और इन्हें संरक्षण देने वाले 'सफेदपोश' अधिकारियों पर भी एक कठोर कार्रवाई की जरूरत है। पहले घर के अंदर बैठे इन गद्दारों को बेनकाब करना होगा, तभी देश पूरी तरह सुरक्षित होगा! @HMOIndia @PMOIndia @UIDAI @BSF_India @CMOBihar @ceo_uidai @UIDAIRanchi #AmitShah #NationalSecurity #AadhaarScam #Bihar #InternalSecurity #SystemFail #Accountability


