तेल संकट के बीच भारत की मदद, पाइपलाइन से बांग्लादेश भेजा 5,000 टन डीजल
भारत और बांग्लादेश के बीच हुए पाइपलाइन समझौते के तहत डीजल की आपूर्ति शुरू हो गई है. भारत हर साल 1,80,000 टन डीजल पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को देगा. अभी 5,000 टन की पहली खेप बांग्लादेश पहुंच चुकी है.
पूरी खबर: intdy.in/vkgugb#India#Bangladesh#OilCrisis#ATCard#AajTakSocial
जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा से ही दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं बी.एस.पी.-विरोधी तथा ’बहुजन समाज’ में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान का नहीं बल्कि जग-ज़ाहिर तौर पर इनके अनादर, अपमान व तिरस्कार का ही रहा है, इस बारे में मीडिया सहित इनका पीडीए (PDA) भी अच्छी तरह से जानता है।
साथ ही, ’बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती पर सपा पीडीए दिवस मनायेगी’, जो कि यह सपा की समय-समय पर की जाने वाली विशुद्ध राजनीतिक नाटकबाज़ी के सिवाय कुछ भी नहीं है अर्थात् सपा का इस प्रकार का व्यवहार शुद्ध रूप से इन उपेक्षित वर्गों के वोटों का स्वार्थ हेतु केवल छलावा व दिखावा है, जैसाकि अन्य विरोधी पार्टियाँ भी इन वर्गों के वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर अक्सर कई मौकों पर ऐसे ही दिखावा व छलावा आदि करती हुईं नज़र आती हैं।
वास्तव में दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग व बी.एस.पी.-विरोधी रवैये के साथ-साथ बहुजन समाज में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के अनादर, अपमान व तिरस्कारी रवैये तथा इन वर्गों के शोषण, अत्याचार व जुल्म-ज़्यादती आदि का लम्बा इतिहास है, जिसे कभी भी भुलाया जाना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव लगता है।
वैसे सपा के इस जातिवादी इतिहास की शुरूआत ख़ासकर सन 1993 में सपा व बी.एस.पी. की गठबंधन से होती है जब गठबंधन सरकार तथा दलित एवं अन्य कमजोर वर्गों के लोगों पर अन्याय-अत्याचार रोकने की पहली शर्त के बावजूद तत्कालीन सीएम श्री मुलायम सिंह यादव ने अपना रवैया नहीं बदला और जिसके फलस्वरूप अन्ततः बी.एस.पी. को दिनांक 1 जून सन 1995 को सपा सरकार से अपना समर्थन वापस लेना पड़ा था और फिर उसके बाद दिनांक 2 जून सन् 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस काण्ड कराकर मेरे ऊपर जो जानलेवा हमला कराया गया वह सब काली क्रूरता सरकारी रिकार्ड के साथ-साथ इतिहास के पन्नों में भी दर्ज है।
इसी प्रकार, बहुजन समाज में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के अनादर, अपमान व तिरस्कारी रवैये की भी काफी लम्बी श्रंखला है, जिसमें सपा को सत्ता में बैठाने वाले ख़ासकर मान्यवर श्री कांशीराम जी के आदर-सम्मान से जुड़े मामले में उनके नाम पर नया ज़िला बनाने को सपा सरकार द्वारा बदल दिया गया था।
और जब बी.एस.पी. की सरकार ने कासगंज को ज़िला मुख्यालय का दर्जा व सम्मान देते हुये कांशीराम नगर नाम से नया ज़िला बनाया, तो यह वर्तमान सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव के भी गले के नीचे से नहीं उतरा जिसे फिर सपा ने अपनी सरकार बनते ही अपनी घोर जातिवादी व द्वेषपूर्ण नीति एवं दलित विरोधी रवैया अपनाते हुये अन्य ज़िलों व संस्थानों आदि के नामों की तरह इसका नाम भी बदल दिया, जो कि बहुजन समाज के साथ विश्वासघात नहीं तो और क्या है?
इतना ही नहीं बल्कि सर्वसमाज में से ख़ासकर ग़रीबों, दलितों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों आदि को साथ मिलाकर इन्हें सत्ता की मास्टर चाबी दिलाकर इन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के मिशन के लिये अपना पूरा जीवन इसी संघर्ष में लगा देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी की दिली ख़्वाहिश के मुताबिक बी.एस.पी. की सरकार ने जब पूर्वांचल में वाराणसी के पास भदोही में महान संतगुरु के नाम पर संत रविदास नगर नाम से नया ज़िला बनाया, तो उसे भी सपा सरकार ने अपनी जातिवादी व बी.एस.पी. विरोधी रवैया अपनाते हुये बदल दिया था।
साथ ही, मुस्लिम समाज को दिये गये वादे के मुताबिक मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम से नया उर्दू-फारसी अरबी यूनिवर्सिटी लखनऊ में आईआईएम के पास बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने बदल डाला और अब जिसे भाजपा सरकार ’लैंगवेज यूनिवर्सिटी’ के रूप में प्रचारित करती है।
सहारनपुर में भी मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर बनाये गये सरकारी अस्पताल का नाम भी सपा सरकार ने बदल दिया। क्या यही सब है सपा का मान्यवर श्री कांशीराम जी के प्रति आदर व सम्मान?
इसके अलावा, अपने इस दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग व बहुजन समाज विरोधी कृत्यों के साथ-साथ सपा का रवैया मुस्लिम विरोधी भी रहा है। कांग्रेस पार्टी की तरह ही सपा की सरकारों में भी काफी घातक साम्प्रदायिक दंगों में भारी जान-माल की हानि के साथ-साथ लाखों परिवार प्रभावित हुये हैं।
हक़ीक़त में सपा के भड़काऊ आचरण आदि के कारण बीजेपी को राजनीतिक रोटी सेंकने का भरपूर मौक़ा मिलता रहा और इस प्रकार सपा व भाजपा दोनों एक-दूसरे की ज़रूरत बनकर यहाँ जातिवादी व साम्प्रदायिक राजनीति करते रहे और जिसका परिणाम है यूपी में भाजपा का राज और उससे पीड़ित मुस्लिम व बहुजन समाज तथा साथ ही हर प्रकार से त्रस्त प्रदेश की करोड़ों आमजनता है।
कुल मिलाकर, सपा का दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम व बहुजन समाज विरोधी जो जातिवादी व साम्प्रदायिक रवैया शुरू से अभी तक भी रहा है तो यह किसी से छिपा नहीं है।
इसके साथ ही सपा, लोगों को इस बात का भी जवाब दे कि बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी को उनके जीते-जी आदर-सम्मान देना तथा बहुजन एकता के लिये उनके योगदान की सराहना करना तो बहुत दूर, बल्कि उनके देहान्त के बाद एक दिन का भी राजकीय शोक घोषित करके उन्हें श्रद्धांजलि आदि क्यों नहीं अर्पित की गयी थी? सपा बहुजन समाज को जवाब दे।
अतः सपा के इन सब दलित विरोधी व जातिवादी कृत्यों को ध्यान में रखकर बहुजन समाज के लोगों को हमेशा सावधान रहना चाहिये, यही बी.एस.पी. की अपील है। धन्यवाद। जय भीम, जय भारत।
स्मार्ट मीटर योजना के नाम पर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालना अस्वीकार्य कभी तकनीकी के नाम पर कभी सुधार के नाम पर मालामाल हो रही है मीटर कंपनियां भुगत रही जनता।
आज सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के ‘विक्टिम कार्ड’ की हार और भारत के लोकतंत्र की जीत हुई है।
मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कही गई बातों से ममता बनर्जी जी कुछ सीख लेंगी।
'16 हज़ार VVPAT का मिलान हो चुका है और एक भी फर्जीवाड़ा नहीं पकड़ा गया है. समस्या चुनावी डेटा में नहीं, बल्कि बेटों को बदलने की ज़रूरत है': @ShivamSanghi12
'पेट 56 का है… SIR इस देश के प्रजातंत्र पर गंभीर आक्रमण है': @AbhayDubeyINC
#हल्ला_बोल #SIR#Democracy | @anjanaomkashyap
ICMR यानि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की हाल ही की एक रिपोर्ट बताती है कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में Antibiotic दवाएं कमजोर साबित हो रही हैं। इसका एक बड़ा कारण बिना सोचे-समझे इनका सेवन है। इसलिए मेरा आग्रह है कि Doctors की सलाह के बिना Antibiotics दवाएं ना लें।
#MannKiBaat
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 4 जनवरी तक बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित चकिया के विराट रामायण मंदिर पहुंचेगा। नए साल में फरवरी तक इस शिवलिंग के विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने की उम्मीद है।
शिवलिंग ने अबतक करीब 1635 किलोमीटर की यात्रा कर ली है। यह शिवलिंग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र होते हुए मध्य प्रदेश पहुंच गया है। अब मध्य प्रदेश के बाद शिवलिंग उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। उत्तर प्रदेश में भी विभिन्न जगहों पर स्वागत करने की योजना बनी है। बनारस, मोहनिया होते हुए शिवलिंग बिहार में प्रवेश करेगा।
#WorldBiggestShivling#Bihar#Devotion#OnTheWay | #ZeeNews
इंडिगो की फ्लाइट हुई कैंसल… पिता बन गए हीरो! रातभर 800 किमी दौड़ाई कार, बेटे को पहुंचाया इंदौर. असल में कुछ दिनों से इंडिगो की उड़ाने रद्द हो रही हैं। जिसकी वजह से देशभर में हाहाकार मचा हुई है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पेरशानियों को सामना करना पड़ रहा है। वहीं हरियाणा के रोहतक के एक परिवार को भी परेशानी झेलनी पड़ी। उसके बाद पिता ने कार से बेटे को इंदौर पहुंचाया।
🔴बता दें कि रोहतक के मायना गांव की पंघाल परिवार को भी इंडिगो की फ्लाइट रद्द होने की वजह से परेशानी उठानी पड़ी। पेशे से वकील राजनारायण पंघाल ने एक ही रात में 800 किमी का सफर तय किया, ताकि उनके बेटे का इंदौर में पेपर दे पाए। राजनारायण के बेटे के प्री बोर्ड एग्जाम थे। राजनारायण ने बताया कि उनके 17 साल का बेटा आशीष इंदोर में 12वीं में पढ़ता है। वह छुट्टी पर घर आया था। उनका बेटा शूटिंग का खिलाड़ी भी है और 8 दिसंबर को उसका एग्जाम था। ऐसे में वह छह दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि इंदौर की फ्लाइट कैंसल हो गई है. फिर उन्होंने सोचा कि अब तो बेटा इंदौर पहुंच नहीं पाएगी और उसके जो अवार्ड मिलना था वो भी नहीं मिल पाएगा। उसके बाद राजनारायण ने तय किया कि बेटे को किसी भी तरह इंदौर पहुंचाना है। उन्होंने कार से इंदौर का सफर करने का फैसला लिया. दिल्ली से इंदौर का फासला करीब 800 किमी था। उन्होंने सारी रात कार चलाई और फिर अगली सुबह समय पर इंदौर पहुंचे।
#IndiGoCrisis#FlightCancelled#Indore#Father#Emotional | #ZeeNews
भारत सरकार की अधिसूचना जारी प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा देश में ऊर्जा की सबसे बड़ी संवैधानिक कमेटी सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी में सदस्य नामित कियागया है।