NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION

158 posts

NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION banner
NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION

NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION

@HumanWelfer

NATIONAL PRESIDENT OWNER (BHARTIYA SWABHIMAN SAMCHAR) (अधिकारों की आवाज़ | मीडिया की सुरक्षा)

Bhuj, India 가입일 Nisan 2021
432 팔로잉48 팔로워
NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION 리트윗함
Harsh Sanghavi
Harsh Sanghavi@sanghaviharsh·
माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah एवं मुख्यमंत्री श्री @Bhupendrapbjp जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज गुजरात के भुज में बॉर्डर आउट पोस्ट G-7 और G-13 का लोकार्पण किया गया। मोदी सरकार राष्ट्र की सीमाओं को आधुनिक, मजबूत और अभेद्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सीमा सुरक्षा में तैनात BSF के वीर जवानों से संवाद कर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। देश की सुरक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सीमाओं की मजबूती के लिए हर आवश्यक कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं।
Harsh Sanghavi tweet mediaHarsh Sanghavi tweet mediaHarsh Sanghavi tweet mediaHarsh Sanghavi tweet media
हिन्दी
3
109
348
3.1K
NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION
@KutchToday @SP_EastKutch वर्सामेडी की सीमा में देसी शराब की भट्टियाँ और शराब के धंधे बेलगाम! शराब के अड्डों पर बीट जमादार का आशीर्वाद, एल.सी.बी और डी-स्टाफ की मौन सहमति की चर्चा!
NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION tweet media
हिन्दी
0
0
0
10
NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION 리트윗함
Kutch Today
Kutch Today@Kutch_Today·
અંજાર પોલીસ સ્ટેશનના હદ વિસ્તારમા વરસામેડીની સીમમાં ચાલતી દેશીદારૂની ભઠ્ઠીઓ અને દારૂના અડ્ડાઓ કોણ બંધ કરાવશે? મીઠીનજર રાખનાર બીટ જમાદાર કે વહીવટ લેતા ડી-સ્ટાફ, એલ.સી.બીના અધિકારીઓ ? કે પછી જનતા રેડ જ એક માત્ર ઉપાય !!! @SP_EastKutch
GU
1
1
0
36
NATIONAL HUMAN RIGHT & MEDIA WELFARE FOUNDATION 리트윗함
Supriya Shrinate
Supriya Shrinate@SupriyaShrinate·
24 मिनट 14 सेकंड का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोक सभा में पश्चिम एशिया के संकट पर दिया वक्तव्य असल में खोदा पहाड़ और निकली चुहिया है ▪️स्थिति गंभीर है इसका अंदाज़ा तो इसी से लग गया कि आज मोदी जी ने एक एक शब्द पढ़ कर बोला. आज ना सीना ठोका, ना नेहरू जी को याद किया, बल्कि विपक्ष से एकजुटता की अपील की. प्रधानमंत्री को आज कोरोना काल याद आया - मतलब अभी चुनौती और संकट टला नहीं है ▪️पर पश्चिम एशिया में चल रहे इस भीषण युद्ध और तबाही पर आज देश अपने प्रधानमंत्री को सुनना चाहता था. देश जानना चाहता था - भारत का क्या रूख है. देश कोरे आंकड़ों, सोलर एनर्जी पर लफ़्फ़ाज़ी और खोखले दावों से ऊब चुका है ▪️लेकिन मोदी जी ने अमेरिका और इज़राइल का एक भी बार नाम ही नहीं लिया ▪️मोदी जी ने यह माना कि युद्ध से संकट बड़ा है, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ बंद होने से हमारे यहाँ सप्लाई बाधित है. उनके मूर्ख प्रवक्ता और भक्त तो गैस की किल्लत मानने को भी तैयार नहीं हैं ▪️लेकिन प्रधानमंत्री ने सदन को यह स्पष्ट नहीं बताया कि तेल और गैस की सप्लाई कैसे सुनिश्चित होगी. उन्होंने यह नहीं बताया कि सप्लाई पर ईरान, इज़राइल और अमेरिका से क्या बात चल रही है? ▪️यूरिया पर 6 प्लांट लग जाने से तो आपूर्ति नहीं होगी, तो यूरिया आएगी कहाँ से? जब आपूर्ति में कोई बाधा नहीं थी तब भी मध्यप्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश तक खाद की कमी किससे छिपी है? ▪️किसानों के हितों को US ट्रेड डील में स्वाहा करके मोदी जी किस मुँह से उनके विश्वास को बात कर रहे हैं? ▪️कितनी बड़ी विडंबना है कि अमेरिका को अपनी Energy Security सौंप कर आज प्रधानमंत्री Energy Security पर बतिया रहे हैं! यह कौन बतायेगा कि जो रूसी तेल हम बड़े डिस्काउंट पर खरीदते थे आज वही प्रीमियम देकर अमेरिका की स्वीकृति मिलने के बाद खरीदा जा रहा है ▪️उन्होंने नहीं बताया कि LPG, पेट्रोल, इंडस्ट्रियल डीजल, सरसों के तेल, रिफाइंड आयल सब महंगा हो गया है. गैस से चलने वाली हज़ारों फैक्ट्री बंद हो गईं हैं और एक बार फिर से मज़दूर अपने गाँव लौटने को मजबूर है ▪️प्रधानमंत्री ने कहा देश में रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ गई है. लेकिन यह नहीं बताया कि पिछले 12 सालों में कच्चे तेल के प्रोडक्शन में 28% गिरावट क्यों आई है? 👉अपने वक्तव्य में इस देश के प्रधानमंत्री ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा एक संप्रभु देश के सर्वोच्च नेता की टार्गेटेड हत्या पर एक शब्द नहीं बोला 👉मोदी जी ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ बंद किए जाने का विरोध किया लेकिन अमेरिकी-इज़राइल हमले से ईरान में 165 निर्दोष स्कूली बच्चियों के मारे जाने पर एक शब्द नहीं बोला 👉और मोदी जी ने यह भी नहीं बताया कि हमारी विदेश नीति इतनी विफल कैसे हो गई कि अभी भी हमारे इतने जहाज़ हॉर्मुज़ में फँसे हुए हैं 👉👉24 मिनट में कोरोना और दो बार एकजुटता का हवाला सुनकर एक बात तो साफ़ है - चुनौती गंभीर है, भक्त बकलोली करते रहें - प्रधानमंत्री ने तो हाथ खड़े कर दिए हैं. कोरोना काल को याद करके तो यह साफ़ है कि आपको अपने हाल पर छोड़ दिया गया है. बस ताली थाली बजवा लेना ही बाक़ी है
हिन्दी
517
1.7K
5.2K
106.1K