राघव चड्ढा ने धोखा दिया?
क्या देश में कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी है जिसमें नेताओं ने एक-दूसरे को — यहाँ तक कि अपने आकाओं को भी — धोखा न दिया हो?
आज की राजनीति का मतलब ही धोखाधड़ी है, और ज़्यादातर मलाई की बंदरबाट के लिए।
कारण साफ़ है — वफ़ादारी पार्टी से नहीं, नेता से होती है, क्योंकि नेता ही पार्टी है।
कोई एक नाम बता दो — अगर बन पड़े तो।
कांग्रेस निकट भविष्य में हार की सेंचुरी मारने वाली है। इसी हताशा में अब वो देश में पैनिक क्रिएट करने पर उतर आई है। इसलिए असम के मेरे भाई-बहनों और नौजवानों को कांग्रेस के फ्रस्ट्रेशन से बहुत सावधान रहना है।
@suryapsingh_IAS तू न घर का हुआ न ही घाट का। गए तो तुम भी तलवे चाटने लेकिन बाबा को तलवे चाटने वाले पसंद नहीं है। अब तू फिर से विरोध कर रहे हो कि शायद दूसरी पार्टियां तुझे कुछ हड्डी डाल दे।
यू आर ए फेल्योर ब्यूरोक्रेट,,,
ये तो ठीक है, लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर से लखनऊ की काया पलट हो जायेगी।अभी दो फेज बाकी हैं-कई वर्ष लगेंगे।इसे भी आगरा एक्सप्रेसवे व गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाना चाहिये ।
ज़वाब इन पर चाहिये:
1. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का
मुहूर्त कब आयेगा? सालों से बन रहा
है।
2. आलमबाग चौराहे के ट्रैफिक जाम से
निजात कब मिलेगी?
3. लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को
शहीद पथ से कब जोड़ा जायेगा?
किसान पथ से जाओ तो रास्ता ख़राब
और दूरी बहुत अधिक हो जाती है।
@myogiadityanath जी की अभी नज़र नहीं पड़ी।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में बीएड टेट-2011 संगठन, रायबरेली के संरक्षक श्री मान बहादुर सिंह चंदेल जी ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव जी एवं श्री नीलेश कुमार शुक्ल जी भी उपस्थित रहे।
डंडा चलाने से पहले SDM/ADM साहब एक दिन BLO की फील्ड ड्यूटी करके देख लें—
तभी समझ आएगा कि यह काम सच में ‘एक महीने’ में पूरा हो सकता है या नहीं।
इतने महत्वपूर्ण कार्य में चुनाव आयोग को इतनी हड़बड़ी क्यों है?
BLO को धमकाकर आधे-अधूरे कागज़ तो अपलोड हो जाएँगे,
पर SIR का काम कभी भी सही और भरोसेमंद नहीं होगा।
समय सीमा बढ़नी चाहिए,
ताकि नामावली अपडेट गुणवत्ता के साथ हो सके, न कि दबाव में।
वरना यदि ऊपरवालों को सिर्फ खानापूरी ही चाहिए तो फिर डेडलाइन भी ठीक है, और डंडा भी।
@Bsp4u@ECISVEEP BSP यूपी में भी जिंदाबाद है और बिहार में भी जिंदाबाद है। एक एक मिलकर ग्यारह होते हैं। एक यूपी का और एक बिहार का मिलाकर 11 हो गए।
जय भीम, जय भारत, जय संविधान, जय कांशीराम ।
कैमूर की रामगढ़ सीट जीतने के बाद भी वहां का प्रशासन हाराने के लिये आमादा 123 वोट से जितने के बाद भी दुबारा वोट काटे फिर भी 38 वोट से जीत गये लेकिन सिर्टिफिकेट नहीं दें रहे पिछली बार भी रिकाउंटिंग में 161 वोट से हराया गया था फिर वही करने जा रहे है @ECISVEEP संज्ञान लें इस तरह की धांधली ठीक नहीं यह लोकतंत्र की हत्या है
परिषद का यह भी मत है कि नियमित एवं समय से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को कम से कम 30% की छूट या प्रोत्साहन प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि दोनों वर्गों—बकायेदार और नियमित भुगतान करने वाले—के साथ समान व्यवहार हो सके।
UPPCL द्वारा एकाएक मात्र डेढ़ से 2 साल में 25 साल के लिए लगभग 21000 मेगावाट बिजली खरीद के पावर परचेज एग्रीमेंट और टेंडर प्रक्रिया पर मचा बवाल UPERCभी सकते में आयोग ने 1000 MWमीडियम पीक समर और 2000 MW लॉन्ग टर्म पीक समर के मामले को स्थगित करते हुए UPPCL से तलब किया पूरा ब्यूरो।