NGO- OFFICIAL

351 posts

NGO- OFFICIAL banner
NGO- OFFICIAL

NGO- OFFICIAL

@AmanInsaaf9325

NGO संस्था में आपका स्वागत है। सामाजिक कार्य हेतु जुड़ने के लिए संपर्क करें। अमन संकल्प इंसाफ फाउंडेशन जनहित कार्यों में सदैव आपके साथ है। 9953492692

New delhi Katılım Mart 2025
308 Takip Edilen23 Takipçiler
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
चांदपुर सनसनीखेज मामला: पुलिस के दावों के बीच दबंगों का खौफ, पीड़ित फारुख ने बयां किया दर्द। बिजनौर (चांदपुर): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसने स्थानीय पुलिस के दावों और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित फारुख ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, पीड़ित फारुख के साथ बीते २७ अप्रैल २०२६ (27/04/2026) को दबंगों द्वारा एक वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद बिजनौर पुलिस का कहना है कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के दावों के उलट खुलेआम घूम रहे आरोपी, एक तरफ जहाँ पुलिस कागजी कार्रवाई और तफ्तीश की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ घटना को करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी नामजद दबंग आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित फारुख का आरोप है कि गिरफ्तारी न होने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार उसे (पीड़ित को) केस वापस लेने व जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पीड़ित का पूरा परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ित फारुख का दर्द:पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन आरोपी खुलेआम घूमकर मुझे धमका रहे हैं। अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ भी होता है, तो इसकी जिम्मेदार स्थानीय पुलिस और ये दबंग होंगे। वीडियो वायरल कर आला अधिकारियों से गुहार, स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होती देख, निराश होकर पीड़ित फारुख ने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इस वीडियो के जरिए उसने बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने, दबंगों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की भावुक अपील की है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने और मामला मीडिया में आने के बाद बिजनौर पुलिस इन रसूखदार दबंगों पर क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करती है। पीड़ित: संपर्क,,+91 96507 85628) @112UttarPradesh @Uppolice @dgpup @bijnorpolice @UPGovt @CMOfficeUP @HMOIndia @PMOIndia @homeupgov @NCIBHQ गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
हिन्दी
1
7
7
6.6K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
गाजियाबाद: लोनी में विवाहिता का गंभीर आरोप, 'पति बनाता है अप्राकृतिक संबंध का दबाव, शिकायत के बाद भी पुलिस मौन। लोनी (गाजियाबाद) उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच जनपद गाजियाबाद के थाना लोनी क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली की रहने वाली एक पीड़िता ने अपने पति पर अप्राकृतिक यौन शोषण (Unnatural Sex), बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि यूपी पुलिस हेल्पलाइन और थाने में लिखित शिकायत देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 2023 में हुई थी शादी, शुरुआत से ही प्रताड़ना प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुराना मुस्तफाबाद (दिल्ली) निवासी तबस्सुम (पुत्री आफताब नाबीना) का निकाह वर्ष 2023 में मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार रठौल निवासी वाहिद (पुत्र शाहिद) के साथ हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद से ही उसका पति उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।अप्राकृतिक संबंध का दबाव और ससुराल वालों की बेरुखी पीड़िता ने अपनी शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसका पति वाहिद उस पर अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता है। जब भी वह इसका विरोध करती है, तो पति अन्य महिलाओं का उदाहरण देकर उसके साथ गाली-गलौज और बेरहमी से मारपीट करता है।जब मैंने इस अमानवीय व्यवहार की शिकायत अपने सास-ससुर (मुन्नी और शाहिद) व अन्य ससुराल वालों से की, तो उन्होंने मेरी मदद करने के बजाय अपने बेटे को घर से निकाल कर हमसे पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता (तबस्सुम) किराए के मकान में जानलेवा हमला और बच्चों का खर्च रोकने का आरोप ससुराल से बेदखल होने के बाद वर्तमान में पति पीड़िता को चिरौड़ी स्थित एक किराए के मकान में रख रहा है। आरोप है कि यहाँ भी प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं और पति ने कई बार पीड़िता को जान से मारने की कोशिश की। वर्तमान में पीड़िता के दो मासूम बच्चे हैं (ढाई साल और छह महीने के दो बेटे), जिनके भरण-पोषण के लिए पति फूटी कौड़ी भी नहीं दे रहा है। पीड़िता को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया है और आरोपी पति लगातार तीन तलाक (तलाक) देने का दबाव बना रहा है। आखिर यूपी पुलिस इतनी लापरवाह क्यों? पीड़िता का सवाल पीड़िता ने पुलिस प्रशासन के ढीले रवैये पर बेहद तीखे सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार: 15 मई 2026: पीड़िता ने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 18 मई 2026: पीड़िता ने थाना लोनी में जाकर लिखित शिकायत पत्र सौंपा। * लिखित शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे पीड़िता और उसके बच्चे असुरक्षित माहौल में जीने को मजबूर हैं। सख्त धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति वाहिद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की सुसंगत धाराओं धारा 377 (अप्राकृतिक कृत्य), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), और 506 (अपराधिक धमकी) के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि इस मामले के मीडिया में आने के बाद गाजियाबाद पुलिस हरकत में आती है या पीड़िता को न्याय के लिए उच्च अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे। पीड़िता, मो: 9560403450 @Uppolice @dgpup @112UttarPradesh @ghaziabadpolice @UPGovt @UPMahilaKalyan @NCWIndia @myogiadityanath @CMOfficeUP @HMOIndia @PMOIndia गहनता से जांच कर उचित कार्यवाही के संदर्भ में।
हिन्दी
1
4
4
8.1K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
बड़ा सवाल: आखिर किसके संरक्षण में स्वामी दयानंद अस्पताल में बेखौफ घूम रहा फर्जी डॉक्टर शाहनवाज? FIR न होने पर उठे सवाल। दिल्ली (शाहदरा): स्वामी दयानंद अस्पताल में चल रहा 'फर्जी डॉक्टर' का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में मीडिया द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद भी, 'फर्जी' डॉक्टर शाहनवाज को एक बार फिर अस्पताल के अंदर बेखौफ देखा गया। वीडियो साक्ष्य ने खोली पोल, सामने आए नए वीडियो साक्ष्य में न सिर्फ शाहनवाज, बल्कि कुछ नए चेहरे भी उजागर हुए हैं। वीडियो में साफ तौर पर अस्पताल का गार्ड ओमकार भी इस फर्जी डॉक्टर के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, एक दूसरा शख्स मुशर्रफ, जो कथित तौर पर एक प्राइवेट लैब चलाता है, वह भी शाहनवाज और गार्ड के साथ जुगलबंदी करता नजर आया। यह स्थिति सरेआम अस्पताल प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। MS के सख्त आदेशों की उड़ी धज्जियां, इस पूरे सनसनीखेज मामले को जब संज्ञान में लाया गया, तो अस्पताल की MS सुनीता ने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए साफ तौर पर लिखा था: This person is not allowed in our wards. Strict instructions have been given in this regard. (इस व्यक्ति को हमारे वार्डों में आने की अनुमति नहीं है। इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं।) जांच का विषय: सच या संरक्षण? अब MS के इन दावों में कितना सच है और जमीनी स्तर पर इस फर्जी डॉक्टर को किसका संरक्षण प्राप्त है, यह तो उच्च स्तरीय जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। लेकिन एक बात पूरी तरह स्पष्ट है कि इतने बड़े खुलासे और वीडियो सबूतों के बावजूद अब तक फर्जी डॉक्टर शाहनवाज पर न तो कोई FIR दर्ज हो पाई है और न ही कोई ठोस दंडात्मक कार्यवाही की गई है। प्रशासन का यह ढुलमुल रवैया मरीजों की जान के साथ बड़े खिलवाड़ की गवाही दे रहा है। &(इस मामले से जुड़ा पिछला रिकॉर्ड भी संकलन किया जा रहा है।) ( x.com/i/status/20320… ) 👆👇 ( x.com/i/status/20374… ) @MoHFW_INDIA @dc_snz_mcd @MCD_Delhi @NhmRJOfficial @DeptHealthRes @drpankajbjp @ArvindKejriwal @CVCIndia @DelhiGovDigital @DelhiPolice @CrimeBranchDP @CBIHeadquarters @CMODelhi @HMOIndia @PMOIndia जांच कर उचित कार्यवाही के संदर्भ में।
हिन्दी
0
2
5
6.2K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
कल्याणपुरी में पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम सट्टे का काला कारोबार, बीट ऑफिसर पर संरक्षण का आरोप। दिल्ली, पूर्वी दिल्ली के थाना कल्याणपुरी इलाके में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सट्टे का अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल्याणपुरी के 15 ब्लॉक और 10 ब्लॉक (छोटे क्वार्टर) में जुए और सट्टे का यह जाल पूरी तरह सक्रिय है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार को स्थानीय पुलिस का कथित संरक्षण प्राप्त है, जिससे इलाके के निवासियों में भारी रोष है। इरफ़ान और गुलफ़ाम भाइयों का आतंक, इलाके के लोगों के मुताबिक, इस पूरे रैकेट को इरफ़ान और उसका भाई गुलफ़ाम खुलेआम अंजाम दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इरफ़ान थाना कल्याणपुरी का घोषित बीसी (बैड कैरेक्टर) है, जिसके खिलाफ पहले से ही दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि ये दोनों भाई आपराधिक प्रवृत्ति की महिलाओं (लड़कियों) का सहारा लेकर लोगों के मकानों पर अवैध कब्जा करने का काम भी करते हैं। इसके अलावा, 10 ब्लॉक के छोटे क्वार्टरों, दुकानों और स्थानीय दुकानदारों से अवैध उगाही (हफ्ता वसूली) करना इनका रोजाना का काम बन चुका है। बीट ऑफिसर पर मिलीभगत के गंभीर आरोप, स्थानीय जनता का आरोप है कि इस पूरे काले धंधे को इलाके के बीट ऑफिसर नितिन का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। शिकायत के बावजूद बीट ऑफिसर द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी कथित मिलीभगत के कारण अपराधी बेखौफ होकर पुलिस की नाक के नीचे कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मुख्य आरोपी: इरफ़ान (थाना कल्याणपुरी का BC) और उसका भाई गुलफ़ाम। प्रमुख इलाके: 15 ब्लॉक और 10 ब्लॉक (छोटे क्वार्टर), कल्याणपुरी। लगाए गए आरोप: अवैध सट्टा, मकानों पर कब्जा, दुकानदारों से जबरन उगाही। संलिप्तता का आरोप: स्थानीय बीट ऑफिसर नितिन पर अपराधियों को शह देने का आरोप। जनता की मांग: स्थानीय निवासियों ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने, भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ सख्त जांच करने और इलाके को इस आतंक से मुक्त कराने की गुहार लगाई है। @DCPEastDelhi @DelhiGovDigital @delhipolice @dgovcbic @HMOIndia @JointCP_ER @LtGovDelhi @narcoticsbureau @CPDelhi @AATSHQ @shoKalyanpuri @CMODelhi @CrimeBranchDP @HMOIndia @PMOIndia जांच कर उचित कार्यवाही के संदर्भ में।
हिन्दी
1
5
7
5.2K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
उत्तर पूर्वी दिल्ली में शुरू हुआ दशकीय जनगणना का काम? जानें सर्वे में पूछे जा रहे हैं कौन से सवाल। नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ दिनों से एक व्यापक सर्वे किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, उनके घरों पर आ रहे सर्वेक्षकों (Surveyors) का कहना है कि वे भारत सरकार की ओर से आए हैं और यह प्रक्रिया देश में हर दस साल में होने वाली पारंपरिक जनगणना (Census) का हिस्सा है। इस सर्वे को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने के लिए, आइए जानते हैं कि सर्वे टीम आपके घर आकर डिजिटल माध्यम से कौन-कौन से सवाल पूछ रही है। जनगणना सर्वे में पूछे जा रहे मुख्य सवाल सर्वेक्षक एक विशेष मोबाइल ऐप या डिजिटल डिवाइस के जरिए सीधे मौके पर ही डेटा फीड कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारियां मांगी जा रही हैं: परिवार की बुनियादी जानकारी: घर के मुखिया का नाम क्या है? परिवार में कुल कितने सदस्य रहते हैं और उनमें शादीशुदा जोड़ों की संख्या कितनी है? आवास की स्थिति: आप दिल्ली में किराये के मकान में रह रहे हैं या आपका अपना निजी मकान है? यदि दिल्ली में किराये पर हैं, तो क्या पैतृक गांव में आपका अपना मकान है? इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की उपलब्धता: क्या घर में रेडियो, टीवी या लैपटॉप मौजूद है? इसके अलावा, परिवार के सदस्यों के पास कौन सा मोबाइल है—कीपैड वाला सामान्य फोन या टचस्क्रीन स्मार्टफोन? वाहनों का विवरण: परिवार के पास यातायात के लिए कौन सा वाहन है? टू-व्हीलर (स्कूटर/मोटरसाइकिल) या फोर-व्हीलर (कार)? खान-पान की आदतें: मुख्य भोजन के रूप में परिवार में ज्यादा क्या खाया जाता है—गेहूं (रोटी) या चावल? अंतिम चरण: इन सभी जानकारियों को दर्ज करने के बाद, सुरक्षा और सत्यापन के लिए घर के मुखिया या सदस्य का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है, जिस पर आए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) या वेरिफिकेशन के बाद डेटा को फाइनल सब्मिट (Submit) कर दिया जाता है। निवासियों के लिए जरूरी सावधानी और सलाह चूंकि जनगणना एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से नागरिकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए: 1.आईडी कार्ड जरूर देखें: जब भी कोई आपके घर खुद को सरकारी सर्वेक्षक बताकर आए, तो सबसे पहले उनसे भारत सरकार या संबंधित विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) दिखाने को कहें। 2. गोपनीय दस्तावेज:** ध्यान रखें कि सामान्य जनगणना में आपके बैंक खाते की जानकारी, पिन नंबर, या एटीएम कार्ड जैसे अत्यंत गोपनीय दस्तावेज नहीं मांगे जाते हैं। 3. सहयोग करें: यदि सर्वेक्षक पूरी तरह प्रमाणित हैं, तो उन्हें सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य में राशन, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की योजनाएं तैयार करती है। यदि आपके इलाके में भी ऐसा कोई सर्वे हो रहा है, तो सतर्क रहते हुए देश के इस महत्वपूर्ण काम में अपना योगदान दें। @govt_delhi @DelhiGovDigital @CensusIndia2027 @DM_DelhiNE @dm_northeast @DMNorthEast1 @CMODelhi @PMOIndia #जनगणना2027 #Delhiindia
हिन्दी
0
5
6
6.1K
NGO- OFFICIAL retweetledi
Saba Khan
Saba Khan@KhanSaba60574·
थाना नंद नगरी के क्षेत्र f,ब्लॉक में शौचालय के पास अवैध सट्टे का व्यापार राहुल गुप्ता द्वारा किया जा रहा है सूत्रों द्वारा स्थानीय पुलिस का संरक्षण बताया जा रहा है उच्च अधिकारी संज्ञान में लेकर कार्यवाही करें। @DCPNEastDelhi @AcpNand @shonandnagrined @CPDelhi @CrimeBranchDP
हिन्दी
0
2
2
27
NGO- OFFICIAL retweetledi
Saba Khan
Saba Khan@KhanSaba60574·
थाना खाजू खास के अंतर्गत क्षेत्र ज़ीरो पुस्ते गली में रितिका महिला द्वारा अवैध शराब का व्यापार किया जा रहा है सूत्रों द्वारा बीट ऑफिसर hc राजप्रीत की छत्रछाया में संचालित बताया जा रहा है उच्च अधिकारी संज्ञान में लें। @DCPNEastDelhi @PoliceKhas @AcpKhanka @CPDelhi @CrimeBranchDP
हिन्दी
0
1
1
33
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
विकास के दावों की खुली पोल: लोनी का अल्वी नगर बदहाल, बूंद-बूंद पानी को तरस रही जनता, सड़कों पर बह रहा लाखों लीटर साफ पानी। vikalpbharatnews.in/?p=6194 क्लिक करें 👆 लोनी (गाजियाबाद)। एक तरफ जहाँ सरकारें और स्थानीय प्रशासन चमचमाते विकास के बड़े-बड़े दावे करते नहीं थकते, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की धज्जियां उड़ाती नजर आती है। ताजा और डराने वाली तस्वीर गाजियाबाद के लोनी इलाके से सामने आई है। यहाँ के वार्ड नंबर 24, अल्वी नगर में रहने वाली जनता इस वक्त बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाली के आंसू रोने को मजबूर है। स्थिति यह है कि एक तरफ लोग बूंद-बूंद पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक नाकामी के कारण सड़कों पर कीचड़, जलभराव और कूड़े का अंबार लगा हुआ है। टापू' में तब्दील हुई कॉलोनी, बीमारियों का बढ़ा खतरा स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अल्वी नगर की मुख्य पानी की पाइपलाइन बीते कई दिनों से लीकेज (टूटी) है। इसके चलते प्रतिदिन लाखों लीटर पीने का साफ पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। पानी की इस भारी बर्बादी के कारण पूरी कॉलोनी टापू जैसी नजर आने लगी है। सड़कों पर हुए भारी जलभराव की वजह से स्थानीय लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। लोगों के घरों के ठीक आगे गंदा और बदबूदार पानी जमा है, जिसके कारण इलाके में मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। चुनावी वादे हवा-हवाई, पार्षद ने फेरा मुंह, अल्वी नगर की जनता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर मौजूदा पार्षद पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है: चुनाव के वक्त जो जनप्रतिनिधि हाथ जोड़कर बड़े-बड़े वादे करते थे, वे आज हमारी सुध लेने को भी तैयार नहीं हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद पार्षद के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। पानी की इस भीषण बर्बादी और जनता की रोजमर्रा की परेशानी से स्थानीय पार्षद को कोई सरोकार नहीं है। प्रशासन की गहरी नींद पर उठते सवाल, अल्वी नगर से सामने आई ये तस्वीरें और शिकायतें सीधे तौर पर स्थानीय नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही को उजागर करती हैं। एक तरफ पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं और दूसरी तरफ जलभराव व गंदगी ने उनका जीना मुहाल कर रखा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक वार्ड नंबर 24 की इस बेकसूर जनता को नरकीय हालातों में जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा? क्या लोनी नगर पालिका और मौजूदा पार्षद इस गहरी नींद से जागकर मुख्य पाइपलाइन को ठीक कराएंगे, या फिर अल्वी नगर की जनता को ऐसे ही गंदगी और पानी के संकट से जूझते हुए छोड़ दिया जाएगा? @UPGovt @SBM_UP @SBMGUP2 @JalUttar @PmWbu @AMRUTCityGzb @NppLoni @dm_ghaziabad @AayuktaNagar @myogiadityanath @CMOfficeUP @HMOIndia @PMOIndia जांच कर उचित कार्यवाही के संदर्भ में।
हिन्दी
0
6
7
5.1K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
आस्था पर भारी 'अव्यवस्था': मानचंद देव स्थल बना गंदगी का नरक, अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल। मुकरनपुर, बिजनौर। भ्रष्टाचार और लापरवाही का आलम यह है कि अब आस्था के केंद्र भी सुरक्षित नहीं रहे। बिजनौर की ग्राम पंचायत मुकरनपुर स्थित लगभग 2 एकड़ में फैला प्राचीन मानचंद देव स्थल अपनी भव्यता खोकर आज गंदगी और दूषित पानी का अड्डा बन चुका है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में प्रशासन की इस अनदेखी के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। दबंगई की इंतहा: हाईवे के नीचे पाइप डालकर बहाया जा रहा कचरा स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुछ लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर हाईवे और मुख्य सड़कों के नीचे अवैध रूप से पाइप डाल दिए हैं। इन पाइपों के जरिए घरों की नालियों और पशुओं का गंदा पानी सीधे देव स्थल के परिसर में छोड़ा जा रहा है। आलम यह है कि जिस पवित्र स्थान पर लोग सिर झुकाने आते थे, वहां अब बदबू के कारण सांस लेना भी दूभर हो गया है। बीमारियों को न्योता देता 'दूषित तालाब' देव स्थल में जमा हो रहे इस गंदे पानी से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि यह मच्छरों के पनपने और गंभीर बीमारियों के फैलने का मुख्य केंद्र बन गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जलभराव और गंदगी के चलते अब वहां पूजा-अर्चना करना असंभव हो गया है। प्रशासन की 'कुंभकर्णी' नींद: पूर्व में प्रकाशित खबरों का भी असर नहीं, हैरानी की बात यह है कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी खबरें प्रकाशित की गई थीं और ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत व संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दीं। लेकिन 'ढाक के तीन पात' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए, विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। क्या प्रशासन किसी बड़े हंगामे का इंतजार कर रहा है? बार-बार शिकायत के बाद भी अवैध पाइप लाइनों को क्यों नहीं हटाया गया? यह सीधे तौर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। एक आक्रोशित ग्रामी, ग्रामीणों की मुख्य मांगें: अवैध पाइप लाइन: हाईवे और सड़कों के नीचे डाली गई पाइप लाइनों को तत्काल उखाड़ा जाए। दोषियों पर कार्रवाई: धार्मिक स्थल को डंपिंग यार्ड बनाने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। सफाई और निकासी: परिसर से गंदा पानी निकालकर उसकी पूर्ण सफाई और सौंदर्यीकरण कराया जाए। यदि प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो देव स्थल की पवित्रता पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। अब देखना यह है कि क्या संबंधित अधिकारी इस बार गहरी नींद से जागते हैं या श्रद्धालुओं की आस्था ऐसे ही गंदगी के ढेर तले दबती रहेगी। @dmbijnor @myogiadityanath @UPPWD @bijnorpolice @dgpup @Uppolice @UPGovt @SBMUrbanUP @SBM_UP @SBMGUP2 @NagarVikas_UP @HMOIndia @PMOIndia संबंधित अधिकारी हेतु गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
हिन्दी
0
6
7
4.2K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिल्ली नगर निगम? जौहरीपुर में MCD अधिकारी पर अवैध वसूली और पक्षपात के गंभीर आरोप। उत्तर पूर्वी दिल्ली (जौहरीपुर): राजधानी के उत्तर पूर्वी दिल्ली के जौहरीपुर इलाके से MCD विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और पीड़ितों के अनुसार, MCD अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने नियम-कानूनों को ताक पर रखकर न केवल वाहनों को जब्त किया, बल्कि उन्हें छोड़ने के बदले अवैध मांग भी की।क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, घटना शाम 4 से 5 बजे के बीच की है। जौहरीपुर स्थित चावलों के गोदाम के सामने वाली पुलिया और मालिक धर्म कांटे के सामने वाली पुलिया से MCD विभाग की क्रेन ने दो अलग-अलग जगहों से निजी वाहनों को उठाया। क्रेन द्वारा एक वैगनार गाड़ी और एक छोटा हाथी (DL 1 L, AG 2127) को जब्त कर नंद नगरी स्थित MCD पार्किंग ले जाया गया। पक्षपात और अवैध वसूली के आरोप, इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब सूत्रों ने दावा किया कि वैगनार गाड़ी को बिना किसी ठोस प्रशासनिक कार्यवाही के ही छोड़ दिया गया। वहीं, छोटा हाथी के मालिक का आरोप है कि जब उन्होंने अपने वाहन के संबंध में बात की, तो वहां मौजूद अधिकारी राम कुमार (LI) ने तानाशाही रवैया अपनाया। पीड़ित के अनुसार अधिकारी का बयान: मैं ऑफिसर हूं, जो चाहे वो करूं। अगर छोटा हाथी छुड़ाना है तो कुछ देना होगा, वरना जो कर सको कर लो। आरोप है कि अधिकारी ने पीड़ित को नंद नगरी पार्किंग से अपमानित कर भगा दिया और वाहन छोड़ने के बदले अनुचित लाभ (रिश्वत) की मांग की।CCTV फुटेज से खुलेगा राज? पीड़ित वाहन स्वामी ने अब इस पूरे प्रकरण को लेकर MCD के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: फुटेज की जांच: घटना के समय (शाम 4 से 5 बजे के बीच) की CCTV फुटेज खंगाली जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। प्रशासनिक कार्यवाही: आरोपी अधिकारी राम कुमार के खिलाफ पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। समान कार्यवाही: एक वाहन को छोड़ने और दूसरे को रोकने के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया जाए। गहराते सवाल, यह घटना MCD की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियां उठाना अब विभाग के लिए राजस्व से ज्यादा 'निजी कमाई' का जरिया बन गया है? अगर वैगनार गाड़ी को बिना कागजी कार्यवाही के छोड़ा गया, तो वह किस आधार पर था? फिलहाल, पीड़ित पक्ष प्रशासन के जवाब और कार्यवाही का इंतज़ार कर रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषी कर्मचारी पर नकेल कसते हैं या नहीं। @MCD_Delhi @dc_snz_mcd @LtGovDelhi @mayornorthdelhi @SBM_MCD @DelhiGovDigital @AamAadmiParty @HMOIndia @PMOIndia @rashtrapatibhvn @BJP4Delhi गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media
हिन्दी
0
5
5
3.6K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
@MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi आखिर @MCD_Delhi @DPCC_Pollution@DCSOUTHZONE द्वारा कोई कार्यवाही होगी या नहीं? जबकि लिखित कंप्लेंट भी दे दी गई है। क्या अवैध कार्यों पर संबंधित अधिकारियों की नजर नहीं है?
हिन्दी
1
3
3
2.1K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
वार्ड-184: जैतपुर में बिल्डर की मनमानी, नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माण। दिल्ली | जैतपुर, खड्डा कॉलोनी दिल्ली राजधानी के जैतपुर पार्ट-2 एक्सटेंशन (खड्डा कॉलोनी) क्षेत्र में इन दिनों निर्माण संबंधी सरकारी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गली नंबर 5, 25 फुटा रोड (वार्ड नंबर 184) के पास स्थित हाउस नंबर 184 पर एक विशाल इमारत का निर्माण किया जा रहा है, जिसे पूर्णतः अवैध बताया जा रहा है। धूल और प्रदूषण से स्थानीय निवासी बेहाल, इस निर्माण कार्य की सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि बिल्डर द्वारा सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण स्थल को ग्रीन नेट (हरी जाली) से नहीं ढका गया है, जिसके कारण: क्षेत्र में धूल के कणों की मात्रा अत्यधिक बढ़ गई है। राहगीरों और स्थानीय निवासियों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। आस-पास के घरों में धूल जमा होने से लोग गंदगी और बीमारी के डर में जीने को मजबूर हैं। प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका* स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर बिना किसी खौफ के इस अवैध ढांचे को खड़ा कर रहा है। क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर नगर निगम और संबंधित विभाग की नाक के नीचे यह अवैध कार्य कैसे फल-फूल रहा है? बिना एनओसी (NOC) बिना नक्शे और बिना सुरक्षा मानकों के हो रहे इस निर्माण ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। निर्माण कार्य के कारण उड़ती धूल ने हमारा सड़क पर निकलना मुश्किल कर दिया है। न तो यहाँ पानी का छिड़काव किया जाता है और न ही जाली लगाई गई है। हम बस यही चाहते हैं कि प्रशासन इस पर तुरंत कार्रवाई करे।" क्षेत्रीय नागरिकों ने अब मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत मौके का मुआयना करें और इस अवैध निर्माण को रोककर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें ताकि पर्यावरण और जनहित की रक्षा हो सके। @MCD_Delhi @tweetndmc @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi @LokNiwasDelhi @gupta_rekha @CMODelhi @RajaiqbalSingh3 @SBM_MCD @DelhiGovDigital गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media
हिन्दी
2
7
9
6.6K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
प्रशासनिक फाइलों में दबी शिकायतें: अवैध कार्यों पर कब जागेगा निगम प्रशासन? नई दिल्ली: राजधानी में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई गहरी होती जा रही है। ताज़ा मामला दक्षिणी दिल्ली का है, जहाँ दिल्ली नगर निगम (MCD) के ट्विटर हैंडल द्वारा शिकायत का संज्ञान लेकर उसे 'DCSOUTHZONE' को अग्रसारित (Forward) तो कर दिया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह प्रक्रिया केवल कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह गई है। शिकायत हुई, कार्रवाई का इंतजार, संबद्ध नागरिक द्वारा लिखित शिकायत और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमाण दिए जाने के बावजूद, @MCD_Delhi, @DPCC_Pollution और @DCSOUTHZONE की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। विभाग का मानक जवाब आता है शिकायत को संबंधित टीम को सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। परंतु प्रश्न यह है कि यह 'सत्यापन' कब पूरा होगा? क्या अवैध कार्यों का संचालन अधिकारियों की आँखों से ओझल है या जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? अवैध कार्यों से बढ़ती समस्या* स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध कार्यों ने न केवल सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई हैं, बल्कि प्रदूषण मानकों को भी ताक पर रख दिया है। DPCC (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति) की सुस्ती इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण संरक्षण के वादे केवल विज्ञापनों तक सीमित हैं। रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध गतिविधियाँ अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करती हैं। जनता के ज्वलंत सवाल: जब लिखित शिकायत दर्ज है, तो मौके पर जाकर कार्रवाई करने से हाथ क्यों खींचे जा रहे हैं? क्या साउथ जोन के जिम्मेदार अधिकारियों को अपने क्षेत्र में हो रहे अवैध कार्यों की भनक नहीं है? डिजिटल इंडिया के दौर में शिकायत के 'फॉरवर्ड' होने और 'एक्शन' होने के बीच इतना लंबा अंतराल क्यों? निष्कर्ष: निगम की कार्यप्रणाली पर उठते ये सवाल जायज हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रशासन की साख पर बट्टा लगना तय है। अब देखना यह है कि @MCD_Delhi और @DCSOUTHZONE केवल ट्वीट तक सीमित रहते हैं या मौके पर जाकर इन अवैध गतिविधियों पर लगाम कसते हैं।@MCD_Delhi @tweetndmc @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi @LokNiwasDelhi @gupta_rekha @CMODelhi @RajaiqbalSingh3 @SBM_MCD @DelhiGovDigital
(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media
हिन्दी
1
5
7
5.6K
NGO- OFFICIAL retweetledi
Delhi Pollution Control Committee
Delhi Pollution Control Committee@DPCC_Pollution·
@Vikalpbhar55225 @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi मामले को संज्ञान में लिया गया है। संबंधित विभाग द्वारा जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
हिन्दी
0
4
4
59
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
जेतपुर एक्सटेंशन: नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण, MCD के संबंधित अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल। नई दिल्ली, जेतपुर। राजधानी के जेतपुर एक्सटेंशन पार्ट-2 स्थित मकान नंबर E190 (Lat 28.512527°, Long 77.337641°) में कानून और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ बिना किसी स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। ग्रीन नेट न होने से बढ़ा प्रदूषण, निर्माण स्थल पर सुरक्षा और पर्यावरण नियमों का भी कोई पालन नहीं किया जा रहा है। बिना 'ग्रीन नेट' लगाए ही काम किया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में धूल और निर्माण सामग्री के कणों से प्रदूषण फैल रहा है। एनजीटी (NGT) के सख्त निर्देशों के बावजूद इस तरह की लापरवाही प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका, स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह अवैध निर्माण नगर निगम (MCD) के संबंधित विभाग के अधिकारियों की मौन सहमति और मिलीभगत से किया जा रहा है। यही कारण है कि खुलेआम नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य, हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र के ई-ब्लॉक, गली नंबर 5 में भी कुछ समय पहले इसी तरह के अवैध निर्माण की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। उस मामले में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन प्रशासन ने उस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्रशासन की इसी सुस्ती के कारण अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। अब देखना यह होगा कि क्या MCD और संबंधित विभाग इस नए मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य रुकवाते हैं, या फिर जेतपुर में इसी तरह नियमों की बलि चढ़ती रहेगी। @tweetndmc @DCSOUTHZONE @LtGovDelhi @LokNiwasDelhi @gupta_rekha @CMODelhi @RajaiqbalSingh3 @SBM_MCD @DelhiGovDigital @DPCC_Pollution गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media
हिन्दी
2
5
8
4.6K
NGO- OFFICIAL retweetledi
(VBN) विकल्प भारत न्यूज
लगाई गई खबर पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पीड़िता निर्वेश कुमारी व सुसराल वालो के साथ समझौता किया जा रहा है। जिसमें ग्राम प्रधान व स्थानीय पुलिस व अन्य लोगों के बीच फैसला हो रहा है। हम स्थानीय पुलिस के आभारी हैं जोकि पीड़िता को इंसाफ दिलाया। धन्यवाद
(VBN) विकल्प भारत न्यूज tweet media
हिन्दी
0
4
5
937
NGO- OFFICIAL
NGO- OFFICIAL@AmanInsaaf9325·
@MDishaen अवैध कामों पर रोक लगनी चाहिए ताकि जांबाज़ दिल्ली पुलिस की छवि धूमिल होने से बचाया जा सके। साथ स्वच्छ दिल्ली नशा मुक्त दिल्ली बन सके।
हिन्दी
0
4
4
129
svadesh prem news
svadesh prem news@MDishaen·
राजधानी दिल्ली के थाना नन्द नगरी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर बेहद गंभीर और चिंताजनक सवाल खड़े हो रहे हैं। ब्लॉक F-1, सुंदर नगरी में लंबे समय से राहुल, रीना तथा उनके साथ जुड़े 4–5 अन्य लोगों द्वारा खुलेआम अवैध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इन गैरकानूनी धंधों में अवैध शराब की बिक्री, सट्टेबाजी, जुआ-पर्ची तथा “चिड़िया-कबूतर” जैसे अवैध खेल शामिल हैं, जो क्षेत्र के सामाजिक ताने-बाने को लगातार कमजोर कर रहे हैं। सूत्रों एवं स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क संबंधित बीट अधिकारी अश्वनी के संरक्षण में फल-फूल रहा है। क्षेत्र में दिन-रात अवैध शराब की सप्लाई और सट्टेबाजी जारी रहने से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिससे अपराध दर में इजाफा होने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। उक्त अवैध सट्टा कारोबार ओर नशीले प्रदार्थ माफियाओं की शिकायत पहले भी कई बार की गई लेकिन कार्यवाही शून्य रही | जिससे इनके हौसले इस कदर बढ़े हुए है कि वर्तमान में सभी अवैध धंधे खुलेआम धड़ल्ले से बेखोफ चलाया जा रहा है | स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जब भी इस संबंध में शिकायत की जाती है, तो केवल औपचारिक और दिखावटी कार्रवाई की जाती है। कुछ समय के लिए गतिविधियां बंद होती दिखती हैं, लेकिन जल्द ही सब कुछ पहले की तरह शुरू हो जाता है। यह स्थिति संबंधित विभागों की संभावित मिलीभगत की ओर भी इशारा करती है, क्योंकि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इस प्रकार का संगठित अवैध कारोबार चल पाना संभव नहीं है। जनहित में यह अत्यंत आवश्यक है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। ब्लॉक F-1 और आसपास के सभी संदिग्ध ठिकानों पर तत्काल छापेमारी कर अवैध गतिविधियों को पूर्णतः बंद कराया जाए। साथ ही, संबंधित बीट स्टाफ एवं अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कानून का राज स्थापित हो सके और आम जनता का विश्वास बहाल किया जा सके। माननीय उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। @rashtrapatibhvn @PMOIndia @HMOIndia @LtGovDelhi @gupta_rekha @CPDelhi @DcpNarcotics @CPDelhi @DCPNEastDelhi @DelhiPolice @AcpNand @narcoticsbureau साथ ही, सभी मीडिया बंधुओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े साथियों से अनुरोध है कि इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को अधिक से अधिक साझा करें, प्रकाशित करें और प्रसारित करें, ताकि अवैध सट्टा कारोबार, नशे के धंधे और इससे जुड़े माफियाओं पर सख्त अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम हो सके। @Crime24x7 @Adhunik9540 @SMMalik71673583 @sanjeev544644 @crimespeednews @MNafeesRasheed1 @DelhiRoshanNews @MDishaen @LeadDelhi @aijazbijnornews @VipinSh81171283 @news_Delhi_01 @Vikalpbhar55225 @Ch_Savita9540 @Madhu928913 @Lalita_Rani7 @TajGosia @AnitaRa81338304 @AnitaRajpu95641 @NehaMalik191459 @KrantiFoundati5 @SoniRinki17570 @DeepMal22423119 @AsifansariP @farukhsiddqui91 @SNNEWSDELHI1 @TirchiNazarNews @AATSHQ
svadesh prem news tweet mediasvadesh prem news tweet mediasvadesh prem news tweet media
हिन्दी
6
11
15
407