Dr.BD Jade - Sr.Scientist.

7.5K posts

Dr.BD Jade - Sr.Scientist.

Dr.BD Jade - Sr.Scientist.

@BDJade1

Sr.Scientist - Water n Nutrients management. Pioneer in Fertigation, Multi Purpose Drip System. Crop Specialist.

Jalgaon, India Katılım Mayıs 2017
860 Takip Edilen2.8K Takipçiler
Dr.BD Jade - Sr.Scientist.
Best wishes on "World Book Day !". - Dr.BD Jade. जागतिक पुस्तक दिनाच्या हार्दीक शुभेच्छा. - डॉ.बी डी जडे
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet media
MR
0
0
0
6
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. retweetledi
Bharat Rathi🇮🇳
Bharat Rathi🇮🇳@bharatrathi·
जलगांव में #जैन_इरिगेशन_फार्म देखने माननीय केंद्रीय कृषि माननीय श्री @ChouhanShivraj ji पहुचे शायद देश के पहले कृषि मंत्री होंगे जो देश के भिन्न भिन्न भागो भ्रमण एवं रिसर्च सेंटर , उन्नत कृषकों के खेतों का अब्लोकन , साथ ही देश के सर्वोच्च कृषि अनुसंधान केंद्र के साथ ही निजी क्षेत्र के फ़ार्म एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट का भ्रमण कर वो भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ जैसे कल माननीय विधायक ताई श्रीमती @khadseraksha एवं @JainIrrigation के संचालकगण @AjitJisl जी एवं उनकी पूरी टीम जिनका संकल्प है #Better_Yield_Great_Profit जों @JainTissueCrops #पॉलीफ़ार्मिंग #जैन_ड्रिप इरीगेशन जिसका उद्देश्य #MORE_CTOP_PER_DROP💧है जो देश की प्प्रथम ड्रिप इरीगेशन (टपक सिचाई पद्दति) तकनीक किसान भाइयो को समर्पित करने वाली पहली कंपनी है जिसके फाउंडर परम आदरणीय भाऊसाहब श्री भवरलाल जी जैन जी जो बुरहानपुर एवं जलगांव जिले के किसान भाइयो के खेत खेत में स्वयं घूमकर १९९० के उस दौर में इन जिलो में कृषि क्रांति लेन हेतु इस गंगाधारी प्रयास की नीव रखी थी इन जिले के बुजुर्ग किसान भाई बताते है की भाऊसाहब स्वयं बैलगाड़ी से हमारे यहाँ उस दौर में आते थे एवं इस तकनीक के लिए प्रोत्साहित करते थे जबकि इन जिलो में वाटरलेबल ६००-७०० फीट पर था यानी ट्यूबवेल के निर्माण के लिए १००० फीट तक गहरा बोरवेल करना पड़ता था है आप सोचिए की केले की खेती में सबसे ज़्यादा पानी के डिमांड होती है और वो ऐसे जिले में सर्वाधिक लग रही है जहाँ का वाटरलेबल ७००-१००० फीट है ये कैसे संभव है केली की खेती भी इन जिलो में इसी पद्दति से संभव हो पाई है आज भी @BKJFoundation के माध्यम से आपके संकल्पों को आगे परिपूर्ण करा जा रहा है समय उपरांत @JainIrrigation के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं एग्रोनॉमिस्ट टीम द्वारा जिसमे श्री डॉक्टर के बी पाटिल साहेब @patil_kb सर जिनके विशेष योगदान से @JainTissueCrops में देश के किसानो को केले की नई प्रजाति #GrandNaine #G9 के टिश्यू को विकसित करा जो मात्र ११ माह में हार्वेस्ट हो जाती है ईसे #टिश्यू से उत्तम दर्जे का रोप -पौधे तैयार कर किसानो को समर्पित करी आज भी इन जिले के किसानो के लिए आप भगवानतुल्य है जिन्होंने अपना पूरा जीवन ही तन ,मन,धन से किसान भाइयो के लिए समर्पित कर रखा है एवं उम्र के इस पड़ाव में भी आदरणीय भाऊसाहब के संकल्प को पूरा करने हेतु खेत-खेत भ्रमण कर केले की खेती में उत्पादन एवं आगामी समस्याओं के विषय में शेतकरी बंधुओं को मार्गदर्शित कर रहे है इसी तरह डॉ बी डी जड़े साहब @BDJade1 का भी बहुत बहुत साधुवाद जो भाऊसाहब के संकल्पों को अपने कृषि ज्ञान के प्रवाह के माध्यम से अविरल आगे बड़ा रहे है आशा और पूर्ण विश्वास है की इस तरह एक समग्र सोच के साथ @OfficeofSSC जी के इन भागीरथी प्रयासों से निश्चित ही भारतीय कृषि को नई दशा और दिशा मिलेगी एवं इस समग्र अनुसंधान की धारा को हमारे कर्णवीर किसान भाइयो के खेतों तक आधुनिक तंत्रज्ञान पद्धति के माध्यम से उनके खेतों तक @dare_goi के माध्यम से पहुचाने और माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कृषि आय को दुगना करने के संकल्प हेतु मील का पत्थर साबित होगी आप सभी का इस कृषि महाकुंभ में अपनी अपनी आहुति देने के इस समग्र प्रयासों के लिए पुनः बहुत बहुत साधुवाद धनवाद
हिन्दी
0
2
7
250
Dr.BD Jade - Sr.Scientist.
आपण सर्व जण राज्य स्तरीय सिताफळ परिषद साठी उद्या दि. २१ मार्च रोजी कृषी महाविद्यालय पुणे येथे आमंत्रीत आहात. - डॉ.बी डी जडे, - वरीष्ठ कृषी शास्त्रज्ञ, जैन इरीगेशन, एवम् संचालक - महाराष्ट्र राज्य सिताफळ महासंघ पुणे.
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet media
MR
0
0
0
15
वैद्य जी
वैद्य जी@gharelupath·
तर्कशक्ति के विद्वान हाजिर हो और इसका उत्तर बताओ.......?
वैद्य जी tweet media
हिन्दी
2.9K
101
952
140.5K
𝗗𝗲𝘀𝗶 𝗩𝗮𝗶𝗱𝘆𝗮
गणित के विद्वान हाज़िर हो और इसका सही उत्तर बताएं ....?
𝗗𝗲𝘀𝗶 𝗩𝗮𝗶𝗱𝘆𝗮 tweet media
हिन्दी
206
6
48
14.1K
Dr.BD Jade - Sr.Scientist.
मेरी आवाज और मेरा काम ही मेरी पहचान है, अगर याद रहे तो....... - डॉ.बी डी जडे....
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet media
हिन्दी
0
0
1
92
Dr.BD Jade - Sr.Scientist.
आदरणिय भाऊंचा (जैन इरीगेशन चे संस्थापक अध्यक्ष स्व.भवरलाल जी जैन ) ह्यांचा आज श्रद्दावंदन दिन 🙏 भाऊंना विनम्र अभिवादन. - डॉ.बी डी जडे आणि कुटुंबीय.
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet media
MR
0
0
1
47
Dr.BD Jade - Sr.Scientist.
Friends, Pleased to inform 1.9 Lakh viewers watched Mission #Maize Targeted Yield 100 Quintals per Acre on "eagroworld" YouTube channel. Watch full video, hurry up n understand how to get more production of Maize. - Dr.BD Jade. Sr.Scientist #JainIrrigation
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet media
English
0
0
0
97
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. retweetledi
News Potli English
News Potli English@NewsPotliEng·
Can maize yield 100 quintals per acre? How much fertiliser does it need? How to choose the right seed and protect the crop from pests & diseases? All answers in today’s 6 PM video on News Potli. Watch now: @NewsPotli/featured" target="_blank" rel="nofollow noopener">youtube.com/@NewsPotli/fea… #NewsPotli #Maize #Farming #Kisan @BDJade1
News Potli English tweet media
English
0
1
0
50
News Potli
News Potli@PotliNews·
एक एकड़ में 100 कुंतल मक्का 🌽 उत्पादन का फ़ार्मूला 🌱 वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और मक्का विशेषज्ञ डॉ बीडी जड़े @BDJade1 से समझिए मक्के की उन्नत किस्मों, बुवाई का समय, बुवाई की विधि, लागत और उत्पादन का पूरा गणित 19 मिनट का पूरा वीडियो News Potli के Youtube पर देखिए लिंक 🎥 youtu.be/uGku1tu0MEo?si…
YouTube video
YouTube
हिन्दी
1
3
4
289
Dr.BD Jade - Sr.Scientist.
Pioneer of Mission Maize target yield 10 tons or 100 Quintals per Acre. It is possible to get it with drip irrigation n Fertigation technologies. #JainIrrigation helps #farmers to achieve it. @dr.bd jade
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet mediaDr.BD Jade - Sr.Scientist. tweet media
English
0
0
1
93
Arvind Shukla
Arvind Shukla@AShukkla·
“बैल मजबूरी में बेच रहा हूं, जब मेरे पास ही कुछ खाने को नहीं है तो इन्हें क्या खिलाऊंगा। 2 जून को बीड की बाजार में 1 लाख 2 हजार रुपए की ये जोड़ी ली थी। आज बेचने लाया हूं तो व्यापारी सिर्फ 40 हजार लगा रहे हैं, अगर 60 हजार तक मिल जाते तो कुछ खर्च चल जाता।” 18-19 साल के लड़के ने एक बैल के माथे पर हाथ फेरते हुए मायूसी से कहा.. उस लड़के ने अपना नाम आदर्श कापसे बताया, वो खुद बाजार इसलिए आया था क्योंकि माता-पिता बुजुर्ग हैं.. वो भारत के तमाम जिम्मेदार युवकों की तरह कम उम्र में किसान और घर मुखिया बन चुका है। आदर्श से बात करते हुए लग रहा था कि वो बैलों से बहुत प्यार करता है, उनकी सींघों पर पीतल से सजावट थी, गले में घुंघरुओं का पट्टा पड़ा था, जो उसने बैल खरीदने के बाद बड़े मन से बनवाया था.. आदर्श ने बताया जून में बैल खरीदे और जुलाई से लेकर अक्टूबर तक भीषण बाढ़ और अतिवृष्टि ने उसके जैसे तमाम किसानों को बर्बाद कर दिया। “मेरे पास 4.5 एकड़ जमीन है जो नदी के पास है। उसमें 2 एकड़ में सोयाबीन बोई थी और 2.5 एकड़ में उदड़ लगाया था। बाढ़ में हमारी पूरी फसल चली गई। खेत का एक हिस्सा भी नदी में कट गया। पूरे खेत से सिर्फ 6000 की सोयाबीन हुई और 4000 का उड़द हुआ। हमारा कम से कम 2.5 लाख से 3 लाख का नुकसान हुआ है। और सरकार से सिर्फ 7000 रुपए का मुआवजा मिला है। जमीन पर ही 2 लाख 80 हजार का बैंक से कर्ज लिया था। अब बैंक कर्ज़ चुकाना तो दूर घर पर खाना मुश्किल है। लेकिन यहां बैल के सिर्फ 40 हजार दाम मिल रहे हैं।” न्यूज पोटली से बात करते हुए आदर्श ने कहा, बैल सिर्फ मैं ही नहीं बेच रहा हूं, हमारे गांव में कम से कम 200 बैल की जोड़ी थी, लेकिन अभी मुश्किल से 30-40 बची हैं। सब बेच रहे हैं, क्या करेंगे। आदर्श से बात करते करते दिल बोझिल सा हो गया.. लौटते हुए आदर्श की पीठ पर हाथ रखा, गले से लगाया,. मोबाइल नंबर लिया और कहा- हौसला रखना.. ये वक्त बीत जाएगा.. वो मुस्कुराया.. गले में पड़े कार्ड को देखते हुए कहा, अरे ये चैनल मैं इंस्टाग्राम पर देखता हूं कभी कभी.. बात उम्मीद पर खत्म हुई इस बाजार में न्यूज पोटली ने कई और किसानों और व्यापारियों से बात की सबने कहा कि पहले से रेट आधे हैं, बेचने वाले ज्यादा और खरीदने वाले कम हैं, क्योंकि जहां से बैल जाते थे वहां भी मौसम के चलते किसान परेशान हैं, किसी की सोयाबीन बर्बाद हुई तो किसी का कपास तो किसी का मक्का... जो फसल हुई उसके रेट नहीं मिले... न्यूज पोटली ने अपनी बाढ़ के बाद के हालातों पर केंद्रित सीरीज फ्लड फुट प्रिंट #FloodFootPrints में महाराष्ट्र के 4 जिलों में बीड, लातूर, जलगांव और छत्रपतिसंभाजी नगर के दर्जनों किसानों और कृषि जानकारों से बात की, जिसमें उन्होने बताया कि आदर्श जैसे जाने कितने युवक मजबूर हैं, पशु बेचने को, घर छोड़ने को.. मुंबई-पुणे जाकर पेट पालने की जद्देजहद करने को। साल 2025 की बाढ़ और अतिवृष्टि में महाराष्ट्र में करीब 70 लाख एकड़ फसल बर्बाद हुई। हजारों किसान तबाह हो गए। महाराष्ट्र देश का वो इलाका है जहां साल 2025 के शुरुआती 9 महीनों में 781 किसानों ने आत्महत्या की थी। एनसीआरबी के अनुसार साल 1995 से लेकर 2013 तक 60 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। जनवरी 2026 में ही #महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में 22 किसानों ने आत्महत्या की है। विदर्भ जन आंदोलन समिति के संस्थापक-अध्यक्ष किशोर तिवारी ने मीडिया से कहा कि मुताबिक सरकार कृषि संकट से निपटने में नाकाम साबित हो रही हैं। मराठवाड़ा के हालात समझाते हुए लातूर के किसान महारुद्र शेट्टी कहते हैं, खेत में फसलें बर्बाद हुई हैं, यहां कोई रोजगार है नहीं। घर में बूढ़े मां-बाप बचे हैं जवान लड़के मुंबई-पुणे में 15-20 हजार की नौकरी करने को मजबूर हैं। वहां न उनका पेट भर रहा है न गांव में माता-पिता का। महाराष्ट्र की ये ग्राउंड रिपोर्ट आप न्यूज पोटली के Youtube पर देख सकते हैं.. ग्राउंड रिपोर्ट में मेहनत दिखे तो शेयर कर महाराष्ट्र के इन किसानों की आवाज़ आगे तक पहुंचा सकते हैं। #NewsPotli #GroundReport #FarmCrisis #Agriculture #shetkari #Maharashtra
Arvind Shukla tweet mediaArvind Shukla tweet mediaArvind Shukla tweet media
हिन्दी
13
80
223
13K
Dr.BD Jade - Sr.Scientist. retweetledi
Ankita Singh
Ankita Singh@ankita_sin38649·
क्या आप जानते है कि एक ऐसे कथावाचक जिनके पास पत्नी के अस्थि विसर्जन तक के लिए पैसे नहीं थे तब मंगलसूत्र बेचने की बात की थी।👇 यह जानकर सुखद आश्चर्य होता है कि पूज्यनीय रामचंद्र डोंगरे जी महाराज जैसे भागवताचार्य भी हुए हैं जो कथा के लिए एक रुपया भी नहीं लेते थे। मात्र तुलसी पत्र लेते थे। जहाँ भी वे भागवत कथा कहते थे, उसमें जो भी दान दक्षिणा चढ़ावा आता था, उसे उसी शहर या गाँव में गरीबों के कल्याणार्थ दान कर देते थे। कोई ट्रस्ट बनाया नहीं और किसी को शिष्य भी बनाया नहीं। अपना भोजन स्वयं बना कर ठाकुरजी को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते थे। डोंगरे जी महाराज कलयुग के दानवीर कर्ण थे। उनके अंतिम प्रवचन में चौपाटी में एक करोड़ रुपए जमा हुए थे, जो गोरखपुर के कैंसर अस्पताल के लिए दान किए गए थे। स्वंय कुछ नहीं लिया। डोंगरे जी महाराज की शादी हुई थी। प्रथम रात के समय उन्होंने अपनी धर्मपत्नी से कहा था, "देवी मैं चाहता हूं कि आप मेरे साथ १०८ भागवत कथा का पारायण करें, उसके बाद यदि आपकी इच्छा होगी तो हम गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे" इसके बाद जहाँ जहाँ डोंगरे जी महाराज भागवत कथा करने जाते, उनकी पत्नी भी साथ जाती।१०८ भागवत कथा पूर्ण होने में करीब सात वर्ष बीत गए। तब डोंगरे जी महाराज पत्नी से बोले, 'अब अगर आपकी आज्ञा हो तो हम गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कर संतान उत्पन्न करें'। इस पर उनकी पत्नी ने कहा, 'आपके श्रीमुख से १०८ भागवत कथा श्रवण करने के पश्चात मैंने गोपाल को ही अपना पुत्र मान लिया है, इसलिए अब हमें संतान उत्पन्न करने की कोई आवश्यकता नहीं है'। धन्य हैं ऐसे पति पत्नी, धन्य है उनकी भक्ति और उनका कृष्ण प्रेम। डोंगरे जी महाराज की पत्नी आबू में रहती थीं और डोंगरे जी महाराज देश दुनिया में भागवत कथा रस बरसाते थे। पत्नी की मृत्यु के पांच दिन पश्चात उन्हें इसका पता चला। वे अस्थि विसर्जन करने गए, उनके साथ मुंबई के बहुत बड़े सेठ थे "रतिभाई पटेल जी" थे। उन्होंने बाद में बताया कि डोंगरे जी महाराज ने उनसे कहा था कि रति भाई मेरे पास तो कुछ है नहीं और अस्थि विसर्जन में कुछ तो लगेगा। क्या करें? फिर महाराज आगे बोले थे, ऐसा करो, पत्नी का मंगलसूत्र और कर्णफूल पड़ा होगा उसे बेचकर जो मिलेगा उसे अस्थि विसर्जन क्रिया में लगा देते हैं। सेठ रतिभाई पटेल ने यह बात रोते हुए बताई थी... जिन महाराजश्री के इशारे पर लोग कुछ भी करने को तैयार रहते थे, वह महापुरुष कह रहा था कि पत्नी के अस्थि विसर्जन के लिए पैसे नहीं हैं। हम उसी समय मर क्यों न गए। फूट फूट कर रोने के अलावा मेरे मुँह से एक शब्द नहीं निकल रहा था। सनातन धर्म ही सर्वोपरि है। ऐसे संत और महात्मा आप को केवल सनातन संस्कृति में ही मिलते है। हमारे देश में बहुत सी बातें हैं जो हम सभी तक पहुंच नहीं पायी। ऐसे महान विरक्त महात्मा संत के चरणों में कोटी कोटी नमन भी कम है। कथाकार व संत ऐसे होते है ना कि करोड़ों रुपए लेकर हरी मौला वाले। 🙏🙏 सादर जय श्री राम 🙏
Ankita Singh tweet media
हिन्दी
118
487
1.1K
16.9K