
भगवान #बिरसा_मुंडा के जन्मदिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को #जनजातीय_गौरव_दिवस की बधाई और शुभकामनाएं। #BirsaMunda #JanjatiyGauravDivas #BhagwanBirsaMunda आदिवासी वीरता और साहस के प्रतीक, राष्ट्र की आत्मा में बसती हुई संस्कृति के रक्षक बिरसा मुंडा जी ! आज जब हम स्वतंत्र भारत के निर्माण की कहानी सुनाते हैं, तो बिरसा मुंडा का नाम एक ज्वाला की तरह चमकता है। 1875 में झारखंड के उलीहातू में जन्मे इस आदिवासी नायक ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद और जमींदारों के शोषण के खिलाफ 'उलगुलान' विद्रोह का बिगुल फूंका। मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंडा जनजाति को एकजुट कर भूमि अधिकार, स्वाभिमान और स्वावलंबन की लड़ाई लड़ी।बिरसा के मूल्य आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। वे कहते थे, "अबुआ राज एते जना, महारानी राज तुनु जता" – अब हमारा राज, रानी का राज न मानेंगे। उन्होंने शोषण के खिलाफ अडिग साहस दिखाया। समानता और संस्कृति रक्षा: आदिवासी संस्कृति, धर्म और जंगलों को बचाने के लिए उन्होंने 'बिरसैत' धर्म की स्थापना की, जो प्रकृति और समानता पर आधारित था। वे आत्मनिर्भरता सिखाते थे, ताकि जनजातियां अपनी मिट्टी पर राज करें। उन्होंने आदिवासी आंदोलनों की नींव रखी, जो आज भी संविधान के अनुसूचित जनजाति अधिकारों में गूंजती है। बिरसा ने साबित किया कि संघर्ष से ही स्वतंत्रता मिलती है। आइए संकल्प लें, उनके सपनों का भारत बनाएं, जहां हर वंचित की आवाज सुनी जाए। जय बिरसा! जय आदिवासी शक्ति! #Ulgulan #AdivasiAtma #BharatKeVeer #TribalPride @MurariLalBharti @ThePSFront @CS_SCSTWelfAsso @Mayawati @NimSahab @RTIExpress @praveenrpal82











