
Karan Patel
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World’s largest party they said🤭



मोदी जी, आपका Melody Reel हर भारतीय का - और उसके दर्द का - अपमान है।


When there is nothing to hide, there is nothing to fear. What happens to India’s image when the world sees a compromised PM panic and run from a few questions?

Primeminister of India, Narendra Modi, would not take my question, I was not expecting him to. Norway has the number one spot on the World Press Freedom Index, India is at 157th, competing with Palestine, Emirates & Cuba. It is our job to question the powers we cooperate with.




देश की जनता को ये समझना होगा कि इस समय International Fuel Crisis के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में Leadership Crisis, दूरदर्शी सोच का आभाव है और Incompetency कूट-कूट कर भरी है। ये Crisis Modi-Govt-Made crisis है। जिसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को पेट्रोल, डीज़ल और LPG पर अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। जब डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो पूरे देश में महँगाई का Cascading Effect पड़ता है। उद्योगों से लेकर घरेलू बजट व किसानों - सब पर बुरा असर पड़ता है। जब West Asia War शुरू हुई तो देश को बताया गया कि “सब चंगा सी” और कांग्रेस पार्टी के सवालों को नकारा गया। कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया, उल्टा अमरीकी “Permission” और “Allow” के चलते हमारी Sovereignty को गिरवी रखा गया। चुनाव के दौरान मोदी सरकार ऐसे बरताव करती है कि “सब सामान्य है” और केंद्र सरकार का काम केवल राज्यों में चुनाव लड़ना है। अब जब Crisis बढ़ रही है तो मोदी जी Work From Home और Fuel बचाने का झुनझुना बजाने लगे। हमारे दो सवाल — 1. मार्च में जो रूसी तेल ख़रीदने का 30-दिन का waiver दिया था जिसमें अमरीका ने “allow” और “permission” जैसे अपमानजनक शब्द लिखे थे, ख़बरों के अनुसार अब भारत सरकार उस Waiver का Extension चाहती है। सवाल है कि मोदी जी ने देश को “permission” माँगने की स्थिति में क्यों पहुँचा दिया है। 2. क्या ये सच नहीं है कि जब अंतरराष्ट्रीय Crude Oil के दाम कम थे, तब मोदी सरकार ने आम जनता को कोई राहत नहीं दी, उल्टा Central Taxes से 10 सालों में ₹43 लाख करोड़ कमाए? तो अब जनता पर महँगाई का बोझ क्यों लादा जा रहा है?

ए चोमू, कितना बेवक़ूफ़ बनाओगे लोगों को? जब मोदी जी और उनकी सरकार लोगों की महँगाई से कमरतोड़ रही है तब दुनिया के तमाम देश अपने लोगों को राहत दे रहे हैं • नेपाल ने 2 रुपए पेट्रोल सस्ता किया, डीजल 12 रुपए • ऑस्ट्रेलिया ने एक्साइज ड्यूटी कम की, पेट्रोल 17 रुपए सस्ता हुआ. एक्साइज ड्यूटी कम करने का फायदा जनता को हुआ, हमारे यहां की तरह तेल कंपनियों को नहीं • जर्मनी ने तेल पर टैक्स कम किया, 17 से 19 रूपए तक पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ • ब्रिटन ने बिजली के बिल पर 100 पाउंड की छूट दी, तेल पर टैक्स कम किया ताकि महंगा ना हो सारा देश जानता है कैसे मोदी ने अमेरिका के सामने सरेंडर करके पूरी energy security चौपट कर दी है चोमू हो तुम, चुपछाप बैठो

















