Prashant Kumar
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Prashant Kumar
@KumarK14701
Common citizen | Roads, transport & public issues Listening more than speaking
New Delhi India Katılım Temmuz 2023
46 Takip Edilen32 Takipçiler

@AshokShrivasta6 @Rajendr76134839 जब अफसरशाही के शोषण और मनमाने व्यवहार से जनता अपने आप को ठगा सा महसूस करे तो उसके सिवाय विकल्प ही कुछ नहीं बचता क्योंकि जनता के द्वारा चुने गए प्रतिनिधि तो सरकारी सुविधाओं का उपभोग करने में व्यस्त रहते हैं उन्हें चुनाव के समय ही जनता की याद आती है।
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नोएडा में श्रमिकों के नाम पर जो हिंसा हुई है, वो अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित लगती है।
कल ही सरकार ने खुद आगे बढ़कर संवाद का रास्ता खोला, अधिकारियों को 24 घंटे में बातचीत के निर्देश दिए। जब बातचीत शुरू होनी थी, तब उससे पहले अचानक आज सुबह ही आगजनी और हमला और तोड़ फोड़ क्यों ? क्या इस हिंसा के तार 2027 के चुनाव से पहले राज्य का माहौल खराब करने की साजिशों से जुड़े हैं ?
ऐसा लगता है कि कुछ लोगों को डर है कि अगर बातचीत हुई तो उनका फैलाया झूठ और नैरेटिव बेनकाब हो जाएगा।
श्रमिकों के नाम पर राजनीति करने वालों का असली चेहरा सामने आ रहा है।
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@KumarK14701 @CMODelhi @TransportDelhi @LabourMinistry @DelhiTransport @court_india उसके हितों की रक्षा हो सके।
लेकिन अगर फैसले और उनका अमल सिर्फ दफ्तरों में बैठे अधिकारियों तक ही सीमित रह जाए,
तो जनप्रतिनिधियों की भूमिका कहाँ रह जाती है?
सिर्फ घोषणा नहीं,
अमल भी उतना ही जरूरी है—
तभी नीति का मतलब बनता है।
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@KumarK14701 @CMODelhi @TransportDelhi @LabourMinistry @DelhiTransport @court_india नीति बनाकर जिम्मेदारी पूरी नहीं होती, उसे जमीन पर उतारना असली काम है।
एक विभाग से दूसरे विभाग तक फाइल घूमती रहती है—
कहीं नोटिफिकेशन अधूरा,
कहीं लागू करने की इच्छा नहीं,
कहीं निगरानी गायब।
फिर सवाल उठता है—जवाबदेही किसकी है?
जनता अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुनती है कि 1/2
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जब सुनवाई नहीं होती,
तभी लोग मजबूरी में गलत रास्ता अपनाते हैं।
अब टैक्सी ड्राइवरों को ही देख लीजिए—
सालों से अपनी समस्याएं लेकर गुहार लगा रहे हैं,
पर आज तक न स्थिर आय, न स्पष्ट नीति, न सुरक्षा का ठोस समाधान।
@CMODelhi @TransportDelhi @LabourMinistry @SupremeCourtOfIndia
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@Pk31Bhardwaj @CMODelhi @TransportDelhi @LabourMinistry क्या सीधी और साफ बात सरकार तक पहुँचती है? जब सालों तक सुनवाई नहीं होती, तभी लोग मजबूर होकर सड़क पर उतरते हैं।
टैक्सी ड्राइवर भी वर्षों से अपनी समस्याओं को लेकर गुहार लगा रहे हैं—
अगर समय रहते संवाद और समाधान हो,
तो हालात यहाँ तक क्यों पहुँचें?
@DelhiTransport @court_india
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@KumarK14701 @Pk31Bhardwaj @CMODelhi @TransportDelhi @LabourMinistry @DelhiTransport @court_india बिल्कुल प्रशांत भाई बिल्कुल दिखाओ इनको इन्होंने नहीं सुनेंगे भाई उनके जब सर में पढ़ती है ना तभी सुनती है सरकार भी हो चाहे कंपनी हो चाहे कोई भी हो यह चाहते हैं कि जब तक रोड पर ना आए तब तक हम नहीं सुनेंगे दंगा फसाद कर के ही सुनते हैं यह
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श्रमिकों की मांगें जायज़ हैं,
पर उन्हें मनवाने का तरीका गलत है।
लेकिन सवाल ये है—
क्या सीधी और साफ बात सरकार तक पहुंच भी पाती है?
जब सुनवाई नहीं होती,
तभी लोग मजबूरी में गलत रास्ता अपनाते हैं। 1/2
अब टैक्सी ड्राइवरों को ही देख लीजिए—
सालों से अपनी समस्याएं लेकर गुहार लगा रहे हैं,
Yogi Adityanath@myogiadityanath
औद्योगिक अशांति पैदा करने वालों से सावधान रहिए, उनको सफल मत होने दीजिए...
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@parivahanpanch @SandhuTaranjitS @drpankajbjp @gupta_rekha @nihar15aug @PTI_News @NavbharatTimes @mssirsa @nitin_gadkari जो भी सरकारी संस्थान जनता के लिए बनाए जाते हैं उसमें यह सुविधा ऑटोमेटेकली हो जाती है
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दिल्ली परिवहन विभाग का बुरारी वाहन निरक्षण केंद्र जिसके रोड टूटे हुए है न वहां पानी की व्यवस्था है न शौचालय न कोई कैंटीन न कोई सहायता केन्द्र कुछ काम हो तो दलालों पर निर्भर @SandhuTaranjitS @drpankajbjp @gupta_rekha @nihar15aug @PTI_News @NavbharatTimes @mssirsa @nitin_gadkari
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@parivahanpanch @gupta_rekha @SandhuTaranjitS @drpankajbjp @nihar15aug @nitin_gadkari @PTI_News @sanket @htTweets @timesofindia @ABPNews क्या जरूरत है भाई जी इन सभी को प्रशासन की तरफ से संरक्षण मिला हुआ है एक टैक्सी ड्राइवर है जो असली मायने में इतनी मोटी कमाई कर रहा है की इन सब के खर्च चला सकता है
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दिल्ली में डीटीसी/क्लस्टर/देवी बसो में स्पीड गवर्नर नहीं है यही कारण है रोज एक्सीडेंट हो रहा है जीपीएस में चैक कर सकते है कि कोई भी बस 40 की स्पीड पर नहीं चलती@gupta_rekha @SandhuTaranjitS @drpankajbjp @nihar15aug @nitin_gadkari @PTI_News @sanket @htTweets @timesofindia @ABPNews
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@CMODelhi @MCDdelhi @DelhiPolice @LtGovDelhi
कॉलोनी में पार्किंग और सफाई को लेकर RWA द्वारा बनाए गए नियम काबिले तारीफ हैं। 👏
जहां सरकार को पहल करनी चाहिए थी, वहां residents खुद आगे आकर व्यवस्था बना रहे हैं—ये जिम्मेदार समाज की पहचान है। ऐसे प्रयासों को पूरा समर्थन मिलना चाहिए।

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@Pk31Bhardwaj @CMODelhi @MCDdelhi @DelhiPolice @LtGovDelhi कानून बनाना आसान है, उसे जमीन पर उतारना असली जिम्मेदारी है।
राजा आदेश दे सकता है, लेकिन जनता कैसे जीएगी ये लागू करने वाली व्यवस्था तय करती है।
जरूरी है कि हर स्तर पर जवाबदेही तय हो—तभी नियम असर दिखाएंगे और व्यवस्था मजबूत बनेगी।
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@KumarK14701 @Pk31Bhardwaj @gupta_rekha @CMODelhi @PMOIndia @narendramodi @HMOIndia @AmitShah @NitinNabin @BJP4Delhi @BJP4India हमें किसी पार्टी सरकार से कोई परेशानी नहीं लेकिन हमारे हक़ अधिकार पर सरकार-प्रशासन डाका डाल रहे है कानून की धज्जियाँ ख़ुद कानून बनाने वाली सरकार और उसकी पालना करने वाले प्रशासनिक अधिकार उड़ा रहे है
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@Pk31Bhardwaj @gupta_rekha @CMODelhi @PMOIndia @narendramodi @HMOIndia @AmitShah @NitinNabin @BJP4Delhi @BJP4India नीतियाँ बनाना सराहनीय है मैडम,
पर जो समस्याएं पहले से समाधान का इंतज़ार कर रही हैं,
उनका हल भी उतना ही ज़रूरी है।
वर्षों से लंबित किराया संशोधन और ड्राइवर हित के मुद्दों का समाधान भी उतना ही ज़रूरी है।
जब पुराना ठीक होगा,
तभी नया मजबूती से खड़ा हो पाएगा।
#SteeringKiSachchai
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@gupta_rekha @CMODelhi @PMOIndia @narendramodi @HMOIndia @AmitShah @NitinNabin @BJP4Delhi @BJP4India प्रदूषण की चिंता सही है मैडम,
पर जो ड्राइवर 12-14 घंटे सड़क पर रहकर भी अपना खर्च नहीं निकाल पा रहा—
वो EV लेगा या EMI भरेगा?
Policy तब सफल होगी
जब ड्राइवर survive करेगा…
वरना ये भी सिर्फ ‘draft’ बनकर रह जाए!
#DriverKiBaat #SteeringKiSachchai
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@KumarK14701 @gupta_rekha @CMODelhi @PMOIndia @narendramodi @HMOIndia @AmitShah @NitinNabin @BJP4Delhi @BJP4India कागज़ों पर नीतियाँ मजबूत दिखती हैं,
पर ज़मीन पर ड्राइवर का भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है।
संकेत साफ हैं…
बस समझने की जरूरत है,
क्योंकि असर समय आने पर खुद दिख जाएगा।
#steeringkiSachchai
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दिल्ली में प्रदूषण है, दिल्ली की हवा खराब है… यह तो हर व्यक्ति कह सकता है, लेकिन समाधान क्या है?
पहली बार किसी सरकार ने इस गंभीर विषय पर गंभीरता से काम किया है। दिल्ली शहर के लिए ईवी पॉलिसी का ड्राफ्ट हम लेकर आए हैं। transport.delhi.gov.in पर यह ड्राफ्ट अपलोडेड है।
अब सभी दिल्लीवासी इसे पढ़ें और अगले 30 दिनों में अपना फीडबैक हमें भेजें।
email से evpolicy2026@gmail.com
पर और डाक से संयुक्त आयुक्त (ईवी), परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी, 5/9, अंडर हिल रोड, दिल्ली-110054 के पते पर भेजें।
आइए, मिलकर काम करें।
हमारी दिल्ली, हमारी जिम्मेदारी।
#SmartDelhi
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किराया वही, खर्चा दुगुना,
जिम्मेदारियां हर दिन नई…
फिर भी कहा जाता है—‘driver खुश है।’
सड़कें हमारी रोज़ की साथी हैं,
पर मंज़िल आज भी दूर है।
सफर आसान दिखता है,
पर हर किलोमीटर की असली कीमत
सिर्फ ड्राइवर जानता है।
#SteeringKiSachchai
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