Asad M
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#Exclusive | "The investment climate in India is very bad, and that is what has gone wrong. On the other side, you've got the political climate. So I think what is happening is that the government is in a great comfort zone because it is winning all the elections. So it does not see any urgency or need to do reforms, especially on the growth side."- @surjitbhalla to @SardesaiRajdeep #NewsToday






इतिहास गवाह है — जब न्याय की कुर्सी पर बैठे लोग निष्पक्षता से हटते दिखाई देते हैं, तब लोकतंत्र की आत्मा घायल होती है। कमाल मौला मस्जिद मामले में ऐतिहासिक फैसला देने वाली संयुक्त पीठ में शामिल न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला के पुत्र सुजय शुक्ला को लगभग उसी दिन सरकारी पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है??? इतना ही नहीं, यह जानकर और भी आश्चर्य होता है कि सुजय शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री सुनील जैन जी के सहायक भी हैं, जिन्होंने इसी मामले में एएसआई @ASIGoI का पक्ष रखा था। ऐसे में जनता के मन में यह प्रश्न स्वाभाविक है — क्या यह केवल संयोग है? या फिर सत्ता, व्यवस्था और प्रभाव का सुनियोजित प्रयोग? जब न्यायपालिका से जुड़े इतने बड़े फैसले के आसपास ऐसे नियुक्ति आदेश सामने आते हैं, तो सवाल उठना लोकतंत्र की सेहत के लिए आवश्यक है। न्याय केवल होना नहीं चाहिए, न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए। अगर न्याय के मंदिर में भी पक्षपात की आहट सुनाई देने लगे, तो लोकतंत्र का भरोसा कमजोर होता है। शुक्ला जी को अपने बेटे के भविष्य का कितना ध्यान रखना पड़ा है, यह इन परिस्थितियों से स्पष्ट होता दिखाई देता है। देश जानना चाहता है — क्या यह योग्यता थी, या व्यवस्था की कृपा? #KamalMaulaMasjid #Judiciary #JusticeForAll #Democracy #Accountability #dhar @ShayarImran @salman7khurshid @ashharwarsi_inc @arifmasoodbpl @khanumarfa @TheMuslim786

दिनांक 11.05.2026 को जनपद महोबा के थाना चरखारी पर शामिया पुत्री जहीर निवासी ग्राम कांशीराम कालोनी, थाना चरखारी, जनपद महोबा द्वारा सूचना दी गई कि बीती रात उसके ही मोहल्ले के निवासी सलमान द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके पिता जहीर एवं अन्य परिजनों के साथ मारपीट की घटना कारित की गई है। प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। यह तथ्य संज्ञान में आया है कि जहीर का उपचार जिला अस्पताल महोबा में चल रहा था, जहां से उन्हें उच्च स्तरीय उपचार हेतु झांसी रेफर किया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई। प्रकरण में नामित आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी चरखारी श्री दीपक दुबे द्वारा दी गयी बाइट। @Uppolice














Throwing non-vegetarian food remains into the Ganga river could hurt Hindu religious sentiments: Allahabad High Court






The #SupremeCourt on Monday (May 18) expressed reservations about the judgment in 'Gulfisha Fatima' (which denied bail to #UmarKhalid & #Sharjeel =Imam in the Delhi riots larger conspiracy case) saying that it did not properly follow the 3-judge bench judgment in 'KA Najeeb' which recognised long delay in trial as a ground for bail in cases under the Unlawful Activities Prevention Act. Read more: zurl.co/KTS8d





