

M K Choudhary 🐦💙
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@MinketChoudhari
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विद्युत संविदा कर्मचारियों के हड़ताल में जाने के कारण बिजली सुधार कार्य ठप हो चुका है और बिजली बिजली सुधार कार्य में बहुत देर लग रही है। सरकार को जल्द से जल्द विद्युत संविदा कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए। @vishnudsai @ArunSao3 @ChhattisgarhCMO @BJP4India @bhupeshbaghel @INCChhattisgarh @DeepakBaijINC @TS_SinghDeo @DrCharandas


छत्तीसगढ़ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का ये खेल देखिये। कैसे फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के सहारे ST कोटे की सरकारी नौकरी हड़पी जा रही है और सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लिया जा रहा है। कैसे एक OBC छात्र द्वारा ST कोटे से MBBS सीट हथिया लिया गया है और वह अब तक पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर में अध्यनरत है। छात्र का नाम अमित कुमार जगत पिता का नाम - देवकुमार जगत माता का नाम - प्रेमलता धीवर नीट रोल नंबर - 1702030514 नीट स्कोर - 443 ओवरआल रैंक - 171872 स्टेट रैंक - 2261 बैच -2023 इस MBBS छात्र की असली जाति धीवर है जो OBC केटेगरी में आता है, पर बैगा जनजाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर इसने 2023 में ST कोटे से पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर में एडमिशन लिया है। सरकारी शिक्षण संस्थानों में MBBS छात्र के पिता जाति बैगा ( ST ) हो जाती है और भू राजस्व रिकॉर्ड में जाती धीवर (OBC ) हो जाती है। MBBS छात्र की जाति पल-पल में ऐसे बदल रही है जैसे जाति ना होकर एक इच्छाधारी नागिन हो। इस MBBS छात्र के पिता सरकारी स्कूल में हेमास्टर और माता सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। इनकी भी जांच होनी चाहिए कि इन्होंने सरकारी शिक्षक की नौकरी कैसे पाई है? चुनाव आयोग के मतदाता सूची के अनुसार छात्र का नाम - अमित कुमार जगत पिता का नाम - देवकुमार बैगा माता का नाम - प्रेमलता धीवर दादा का नाम - मंगलूराम बैगा जबकि भू-राजस्व रिकॉर्ड में छात्र अमित कुमार जगत के माता-पिता और दादा की जाति धीवर ( OBC ) दर्ज है और छात्र के बुआ के स्कूल के दाखिला खारिज में भी छात्र के दादा की जाति धीवर दर्ज है। स्कूल के दाखिला खारिज में छेड़छाड़ कर,जाति को धीवर से काटकर बैगा किया गया है। जब छात्र के दादा धीवर ( OBC ) हैं तो फिर छात्र के पिता और छात्र बैगा बनकर ST कोटे का लाभ कैसे ले रहे हैं? ये बैगा जनजाति के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी लाभ लेने का एकलौता मामला नहीं है। बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दोनों जिलों में लगभग 100 से अधिक फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जनजाति ( ST ) के लोगों की कोटे की नौकरी हड़पी गई है। सबके तार ग्राम पोड़ी, थाना-सीपत विकासखण्ड मस्तूरी, जिला-बिलासपुर से जुड़ा हुआ है। बैगा जनजाति के सारे फर्जी जाति प्रमाण पत्र पोड़ी गांव से बन रहे हैं, जबकि पोड़ी गांव में बैगा जनजाति का एक भी व्यक्ति निवास नहीं करता है। बैगा जनजाति के फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी करने और सरकारी संस्थानों एडमिशन लेने वाले लोगों के खिलाफ लगातार आवाज उठाने और बैगा जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला अनेकों बार राष्ट्रीय अखबारों में छपने के बाद भी सरकार इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रही है? बैगा जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला महामहिम राज्य पाल महोदय, मुख्यमंत्री महोदय, मुख्यमंत्री सचिवालय, बिलासपुर जिला प्रशासन, गौरैला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन, बिलासपुर संभाग आयुक्त, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग को इस फर्जी जाति प्रमाण पत्र के बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका है, उसके बाद भी अब तक इन फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के सहारे सरकारी नौकरी पाने वाले और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ST कोटे से एंट्री लेने वालों के ऊपर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं करना प्रशासनिक मौन स्वीकृती की ओर इशारा कर रही है। क्या यह जांच का विषय नहीं हैं कि जिस गांव में बैगा जनजाति का एक भी व्यक्ति नहीं रहता उस गांव से 100 से अधिक बैगा जनजाति के जाति प्रमाण पत्र कैसे बन गये? कृपया छत्तीसगढ़ सरकार जनता को यह बताने का कष्ट करें कि सारे सबूत उपलब्ध होने के बाद भी सरकार इन फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर गलत तरीके से सरकारी लाभ लेने वालों खिलाफ कार्रवाई करने से क्यों डर रही है? @rashtrapatibhvn @narendramodi @PMOIndia @ECISVEEP @CEOChhattisgarh @GovernorCG @vishnudsai @vijaysharmacg @ArunSao3 @ChhattisgarhCMO @TribalCgGov @bhupeshbaghel @TS_SinghDeo @DeepakBaijINC @INCChhattisgarh @DrCharandas @BJP4CGState @DrRakeshGuptaCG @GajendraYdvBJP @SchoolEduCgGov @drramansingh @brijmohan_ag @BilaspurDist @GPM_DIST_CG

















