OBC Naujawan Sabha
2.5K posts

OBC Naujawan Sabha
@OBConline
we want OBC Reservation upto 52%.
Katılım Mayıs 2021
531 Takip Edilen168 Takipçiler
OBC Naujawan Sabha retweetledi

CJP वाले कहते हैं — “सिस्टम खराब है”
हम कहते हैं — सिस्टम पर मनुवाद का कब्जा है!
जब तक OBC, SC और ST समाज को उनकी आबादी के अनुसार हक, प्रतिनिधित्व और भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक व्यवस्था न्यायपूर्ण नहीं बन सकती।
असल डर यही है कि बहुजन समाज अगर बराबरी पर आ गया, तो सदियों पुराना वर्चस्व खत्म हो जाएगा।
इसी सोच के कारण दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आज भी इंसान नहीं, “कॉकरोच” समझा जाता है।
लेकिन याद रखिए ,
जिसे ये कुचलना चाहते हैं, वही अब अपने अधिकारों की लड़ाई का नेतृत्व करेगा। ✊🏻

हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज़ादी के बाद से लंबे समय तक सत्ता, प्रशासन, शिक्षा, न्यायपालिका और संस्थागत ढाँचों पर कथित उच्च जातियों विशेषकर बंगाली ब्राह्मण और कायस्थ वर्ग का वर्चस्व बना रहा भूमि सुधार और वामपंथी राजनीति के बावजूद मनुवादी मानसिकता ने सामाजिक प्रतिनिधित्व का सवाल हल नहीं होने दिया।
बंगाल में OBC आरक्षण पर लगातार हमले हो रहे हैं मनुवादी कुव्यवस्था और RSS की राजनीति सामाजिक न्याय और मंडल की मूल भावना को कमजोर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है जहाँ मंडल आयोग ने देश की लगभग 52% OBC आबादी के लिए समान हिस्सेदारी, शिक्षा, नौकरी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात कही थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में हिन्दू-ओबीसी और मुस्लिम-ओबीसी के बीच मण्डल कमीशन रिपोर्ट की सार्थकता को ख़त्म किया जा रहा है।
मंडल आयोग के चेयरमैन बी0पी0 मण्डल ने सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर उन समुदायों की पहचान की जो परंपरागत श्रम आधारित व्यवसायों से जुड़े थे और सदियों से सामाजिक वंचना झेल रहे थे। इसमें सभी जाति और धर्म के लोगों को शामिल किया मण्डल कमीशन रिपोर्ट के आधार पर सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े लगभग 90% मुस्लिम आबादी ओबीसी है।
मण्डल कमीशन के अनुसार ओबीसी लिस्ट में जातियों के नाम इस प्रकार हैं 1. बैश्य कपाली 2. बरुजीबी 3. गोआला, गोप(पल्लव गोप, बल्लव गोप, यादव गोप, गोप, अहीर और यादव) 4. कपाली 5. कर्मकार 6. कुम्भकार 7. कुर्मी 8. मोइरा (हलवाई), मोदक (हलवाई) 9. नेपित 10. सचासी 11. सूत्रधार 12. स्वर्णकार 13. तेली 14. योगी, नाथ 15.नगर (इसमें शामिल नहीं है अप्रवासी मैथिली ब्राह्मण और अन्य राज्यों से अप्रवासी नागर ब्राह्मण और बनिया) 15. करणी 16. राजू 17. केओरी/कोइरी 18. साराक 19. कोस्टा/कोस्था 20. चित्रकार 21. मालाकार 22. जोलाह (अंसारी मोमिन) 23. कंसारी 24. तांती, तंतुबाया 25. धानुक 26. शंखकार 27. जोगी 28. फकीर, साधु। 29. नेमबांग 30. संपंग 31. तुरहा 32. बुंगचेंग 33. भुजेल 34. कहार 35. बेटकर (बेंटकर) 36. सुकली (सोलंकी राजपूतों को छोड़कर) जो खुद को सुकली होने का दावा करते हैं) 37. चुरिहार 38. थामी 39. धुनिया 40. धीमल 41. भर 42. लखेरा/लाहेड़ 43. रंगवा 44.कसाई-कुरैशी 45. कलवार 46. हवारी, धोबी (इनमें शामिल लोगों के अलावा) अनुसूचित जाति की सूची) 47. तंबोली/तमाली 48.खेन (गैर बनिया श्रेणी) 49. चामलिंग 50. अनुसूचित जातियां और उनकी संतानें ईसाई धर्म में परिवर्तित होती हैं 51. राईन (कुंजड़ा) 52. हेले/हलिया/चासी-कैबरट्टा, दास कैबर्टा 53. नश्या-सेख 54. शेरशबदिया 55. राय (चामलिंग सहित) 56. भरभुजा 57. दीवान 58. पाटीदार 59. बंशी बर्मन 60. पहाड़िया मुस्लिम शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल में पूर्व की सरकारों द्वारा जिन 77 उन पेशेवर और पारंपरिक जातियों को सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर OBC में शामिल किया गया था। उसे जातिवादी मनुवादी मानसिकता के मनुवादी जजों ने रद्द कर दिया। कोर्ट का कहना था कि प्रक्रिया वैधानिक तरीके से नहीं अपनाई गई। जिन पेशेवर/परंपरागत जातीय समूह को शामिल किया गया था वह इस प्रकार हैं-जुलाहा/अंसारी/ मोमिन (बुनकर), कसाई / कुरैशी (मांस व्यवसाय), राइन / कुंजड़ा (सब्जी व फल व्यवसाय), धुनिया (रुई धुनने का कार्य), फकीर, नश्या शेख, शेरशाबदिया, पहाड़िया मुस्लिम, कलंदर, रंगरेज,दर्जी मुस्लिम उपसमूह, तेली मुस्लिम उपसमूह, सैफी / लोहार मुस्लिम समूह, मल्लाह मुस्लिम उपसमूह, मदारी, चीक, हज्जाम की कुछ उपश्रेणियाँ, मछुआरा, मुस्लिम समूहों की उपजातियाँ, नट मुस्लिम उपसमूह आदि शामिल किये गये थे।
इन समुदायों में अधिकांश वे जातियाँ हैं जो पारंपरिक श्रम, कारीगरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी थीं और जिन्हें मंडल आयोग की सोच सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ा मानती है। मंडल आयोग ने OBC समाज को सामाजिक न्याय की साझा लड़ाई में बगैर जाति व धर्म देखें उनके सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर उन्हें जोड़ने का प्रयास किया था लेकिन मनुवादी मानसिकता और आरएसएस के हिंदुत्व की राजनीति ने हिन्दू-ओबीसी बनाम मुस्लिम ओबीसी में विभाजित कर दिया है।
पश्चिम बंगाल का ओबीसी विवाद केवल कानूनी मामला नहीं है, बल्कि यह मंडल बनाम मनुवाद, सामाजिक न्याय बनाम सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और प्रतिनिधित्व बनाम वर्चस्व की लड़ाई भी है। मंडल आयोग ने जिन श्रमजीवी और पिछड़े समुदायों को सम्मान, प्रतिनिधित्व और अधिकार दिलाने का सपना देखा था, आज वही समुदाय फिर से अपने संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि ओबीसी समाज जातीय और धार्मिक विभाजन से ऊपर उठकर साझा सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत नहीं करेगा, तो मंडल की मूल भावना कमजोर होती जाएगी।
#मण्डल_कमीशन_रिपोर्ट #ObcResevatiom

हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

बीजेपी सरकार पिछड़ा वर्ग विरोधी सरकार है जो पिछड़े वर्ग के हक अधिकार एवं उनकी भागीदारी की हत्या कर रही है।
बीजेपी सरकार द्वारा बंगाल से आरक्षण खत्म करने की शुरुआत कर दी है
#ओबीसी_महासभा एलान करता है कि आने वाले समय में भाजपा को हराने का काम करेगा।
@NationalDastak @RahulGandhi

हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

अब याचना नहीं रण होगा,
संघर्ष महा भीषण होगा ।
#27प्रतिशत_ओबीसीअनहोल्ड_करो
#एमपी_के_युवा_मांगे_रोजगार
#काॅकरोच_जनता_पार्टी
@CMMadhyaPradesh
@AmitShah
@narendramodi
@BJP4India
@BJP4MP
@CockroachNewsX
@OfficeOfKNath
@udaypratapmp
@SYadavMLA
@MPArunYadav
@GaneshSingh_in

हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

डॉ. भीमराव अंबेडकर महासभा, जहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की पवित्र अस्थियां सुरक्षित रखी गई हैं, उसे हटाकर कहीं और शिफ्ट करने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
भाजपा सरकार का यह रवैया साफ दर्शाता है कि उन्हें बाबा साहेब के विचारों और उनके सम्मान से कितनी नफरत है।
देश का दलित, पिछड़ा और संविधान में विश्वास रखने वाला हर नागरिक इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
📍लखनऊ, उत्तर प्रदेश
हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

पिछले 08 वर्षों से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को सरकार और न्यायालय ने लटकाकर रखा है। सरकार तो है ही ओबीसी विरोधी परंतु न्याय मिलने में 08 सालों का लंबा विलंब न्याय तंत्र पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है!
#WE_WANT_JUSTICE
#13प्रतिशत_ओबीसीअनहोल्ड_करो
@CMMadhyaPradesh
@BJP4MP
@aajtak

हिन्दी

@suraj_yadav2005 @RahulKa07236918 OBC के हक अधिकार को लगातार कमजोर किया जा रहा है, कौन सी ताकत लगी हुई है, OBC के हक अधिकार को कमजोर करने के लिए!
हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

Other Backward Cockroaches जागो और होश में आओ।
पश्चिम बंगाल में OBCआरक्षण को भाज पार्टी आरएसएस सरकार ने 17 से कोटा घटाकर किया 7 फीसदी !
भाज पार्टी आरएसएस ताल ठोक कर तुम्हारे हितों को रौंद रही है, और तुम ताली बजा बजा कर फेकू और तडीपार के नारे लगा रहे हो।
मंडल आयोग ने साफ कहा था कि देश में OBC आबादी लगभग 52% है, तो उसे उसी अनुपात में हिस्सेदारी और आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन 52% तो छोड़िए, आज तक 27% आरक्षण भी पूरी ईमानदारी से लागू नहीं किया गया। इसका उदाहरण मध्य प्रदेश है। और बंगाल में तो OBC समाज को 27% के बजाय सिर्फ 17% आरक्षण ही मिल रहा था, लेकिन OBC विरोधी भाजपा ने उसे 17% से घटाकर सिर्फ 7% कर दिया।
बंगाल में OBC कौन हैं ? मण्डल कमीशन अनुसार सेंट्रल लिस्ट में जातियों के नाम।
1. बैश्य कपाली
2. बरुजीबी
3. गोआला,
गोप(पल्लव गोप,
बल्लव गोप,
यादव गोप, गोप,
अहीर और यादव)
4. कपाली
5. कर्मकार
6. कुम्भकार
7. कुर्मी
8. मोइरा (हलवाई),
मोदक (हलवाई)
9. नेपित
10. सचासी
11. सूत्रधार
12. स्वर्णकार
13. तेली
14. योगी, नाथ
15.नगर (इसमें शामिल नहीं है
अप्रवासी मैथिली ब्राह्मण और
अन्य राज्यों से अप्रवासी नागर
ब्राह्मण और बनिया)
16. करणी
17. राजू
18. केओरी/कोइरी
19. साराक
20. कोस्टा/कोस्था
21. चित्रकार
22. मालाकार
23. जोलाह (अंसारी मोमिन)
24. कंसारी=
25. तांती, तंतुबाया
26. धानुक
27. शंखकार
28. जोगी
29. फकीर, साधु।
30. नेमबांग 1
31. संपंग
32. तुरहा
33. बुंगचेंग
34. भुजेल
35. कहार
36. बेटकर (बेंटकर)
37. सुकली (सोलंकी राजपूतों को छोड़कर)।
जो खुद को सुकली होने का दावा करते हैं))
38. चुरिहार
39. थामी
40. धुनिया
41. धीमल
42. भर
43. लखेरा/लाहेड़ा
44. रंगवा
45. कसाई-कुरैशी =
46. कलवार
47. हवारी,
धोबी (इनमें शामिल लोगों के अलावा)
अनुसूचित जाति की सूची)
48. तंबोली/तमाली
49. हटाया गया 12015/13/2010-बी.सी.II. डी.टी. 08/12/2011
50. खेन (गैर बनिया श्रेणी)
51. चामलिंग
52. अनुसूचित जातियां और उनकी संतानें ईसाई धर्म में परिवर्तित होती हैं
53. राईन (कुंजड़ा)
54. हेले/हलिया/चासी-कैबरट्टा, दास कैबर्टा
55. नश्या-सेख
56. शेरशबदिया
57. राय (चामलिंग सहित)
58. भरभुजा
59. दीवान
60. पाटीदार
61. बंशी बर्मन
62. पहाड़िया मुस्लिम
भाज पार्टी आरएसएस जाति जनगणना को निरस्त करने के किये षड्यंत्र कर रही है और OBC समाज अपने अधिकारों की लड़ाई और आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी तथा शिक्षा, नौकरी, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय - से ध्यान हटाकर OBC बनाम OBC करवा रही है।
मंडल आयोग ने जिन जातियों को सामाजिक न्याय की साझा लड़ाई में जोड़ा था, आज उन्हें आपस में लड़ाने की कोशिश हो रही है। तथा आरक्षण और सामाजिक न्याय दोनों को कमजोर करना चाहती हैं।
जय ओबीसी।
जय मंडल।
Dr @suraj_yadav2005 Mandal
#ईवीएम_हटाओ_देश_बचाओ
#BanEvmSaveIndia
#भाजपा_हटाओ_देश_बचाओ
#DefeatBJPSaveIndia
#संविधान_बचाओ_संघर्ष_समिति

हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

“हम मिटाए नहीं जा सकते।
हम सवाल पूछेंगे, हक़ मांगेंगे और एकजुट रहेंगे।
Congress ही असली Cockroach Janta Party है।”
OBC ,SC और ST वर्ग के हक की आवाज!
Yaduvendra Nirvan@YaduSkd
हम है कॉकरोच, मिटते नहीं, कुचलोगे लाख, झुकते नहीं, संविधान है हाथ, हक की आवाज, OBC,SC और ST बदलेंगे हालात! बहुजन कॉकरोच एंथम!✊🏻 @DrJaihind
हिन्दी

हम है कॉकरोच, मिटते नहीं,
कुचलोगे लाख, झुकते नहीं,
संविधान है हाथ, हक की आवाज,
OBC,SC और ST बदलेंगे हालात!
बहुजन कॉकरोच एंथम!✊🏻
@DrJaihind
हिन्दी

@DrJaihind @YaduSkd “अत्याचार के हर नए प्रदर्शन के खिलाफ,
हर ‘कॉकरोच’ को एकजुट होना होगा।
जनता की आवाज़ — Congress.”
हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

@YaduSkd great song telling reality of OBC, SC, ST Indians
Yaduvendra Nirvan@YaduSkd
हम है कॉकरोच, मिटते नहीं, कुचलोगे लाख, झुकते नहीं, संविधान है हाथ, हक की आवाज, OBC,SC और ST बदलेंगे हालात! बहुजन कॉकरोच एंथम!✊🏻 @DrJaihind
English

@YaduSkd @DrJaihind @AdvRajendraPal @baagi_kamlendra @BasavanIndia @prajaptiinder @ambe28610 “हम मिटाए नहीं जा सकते।
हम सवाल पूछेंगे, हक़ मांगेंगे और एकजुट रहेंगे।
Congress ही असली Cockroach Janta Party है।”
OBC ,SC और ST वर्ग की आवाज कॉंग्रेस पार्टी है!
हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

@yadavakhilesh हम हैं कॉकरोच, डरते नहीं,
अन्याय के आगे रुकते नहीं।
दलित, पिछड़े, आदिवासी साथ,
एकता से लिखेंगे नया इतिहास।
हिन्दी
OBC Naujawan Sabha retweetledi

लखनऊ हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
अनारक्षित वर्ग की कटऑफ से अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केवल आरक्षित कटऑफ के आधार पर मुख्य परीक्षा से बाहर करना गलत माना गया है।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16(1) का उल्लंघन हो सकता है।
न्यायालय ने स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा से जुड़ी विज्ञापन शर्तों और आयोग के 9 जनवरी 2020 के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 26 मई तय की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने भावना यादव व अन्य की विशेष अपील पर पारित किया।

हिन्दी
