
प्रताप प्रजापति
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प्रताप प्रजापति
@PRATAP_IIMC
Currently Working as a PR and Political Consultant. ex Network 18 ( IIMCIAN) ( यहाँ बोया गया सारा चरस खुद का है)




क्या किसी क्षत्रिय को इस तरिके से गाली गलोच कर एक महिला को धमकी देना उचित हैं, क्या एक राजपूत को सोभा देता हैं?



मात्र 13 दिन की फीस 70,000 हज़ार रुपये!😳😲 यह जो जोधपुर का तरुण है जो विराट चौधरी की कमांडो एकेडमी में विराट चौधरी का वीडियो देखकर एडमिशन के लिए आता है जिसके बाद तरुण से फ़ीस के 1 लाख रुपए जमा करवा लिए जाते है मगर 13 दिन बाद तरुण को इन्फेक्शन हो जाता है और वो वापस नहीं जाता है परंतु जब तरुण अपनी फीस वापस माँगता हैं तो उसे सिर्फ़ 30,000 रुपए दिए जाते हैं यानी 13 दिन के 70,000 रुपए काट लिए जाते हैं










सभी लोग रविन्द्र भाटी द्वारा कॉल करके छोटूसिंह रावणा को धमकाने की बात कर रहे हैं! लेकिन कोई इस मुद्दे पर बात नहीं कर रहा कि जब छोटूसिंह को यह अच्छी तरह से पता हैं कि उसके व रविन्द्र भाटी जी के बीच पूर्व में अनबन रही हैं और मेरे किसी भी तरह के कमेंट से सीधा पर्सनल अटैक माना जायेगा, फिर भी जानबुझकर विवादित एवं उकसाने वाला कमेंट करने की जरूरत कहाँ पड़ी!इसका मतलब छोटूसिंह द्वारा उक्त कृत्य जानबूझकर एवं भड़काऊ कमेंट किया और अब विक्टिम बनकर अनावश्यक समाज में दरार एवं विवाद उत्पन्न किया किया है।


राजस्थान प्रदेश का राज्य पशु होने के बावजूद प्रदेश में ऊंटों की संख्या लगातार काम होती जा रही है, जोकि एक चिंताजनक विषय है। राज्य की पहचान, 'रेगिस्तान का जहाज़' कहे जाने वाले ऊंट से है जिसके कारण मरू भूमि के सैंकड़ों परिवारों के घर चलते हैं... hindi.news18.com/news/rajasthan… 1/2

असल में जिन लोगों ने यह बैठक आयोजित करवाई है वे ऐसी बैठकों के बहाने ही अपनी कम्युनिटी को खुद के पावरफुल होने का मेसेज देते रहते हैं। और जानबूझकर ऐसी बैठकें आयोजित करते हैं ताकि यह बताते रहें कि हम पावर कॉरिडोर क्रिएट करते हैं। वरना तो फिर ऐसे संगठनों के आव्हान पर कैसे बिरादरी की भीड़ आएगी ? जबकि जाति - समाज के मुद्दों पर जब भी जन - प्रतिनिधियों को बुलाया जाए तो उसे सीक्रेट रखने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन फिर बिरादरी कैसे मानेगी कि पावर उनके यहां नतमस्तक होता है। जबकि ऐसी मीटिंग्स को ओपन करके ये लोग खुद की जाति का नुकसान तो करते ही हैं बल्कि जाति के नेताओं को भी कभी - कभार मुसीबत में डाल देते हैं। जबकि जो पावर में होता है उसे बताने की जरूरत नहीं पड़ती कि हमारी बात सुनी जाती है। फील आना चाहिए Bro...








