Sameer Ali
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@SameerAli91
Gorakhpur president:- Ghause Azam Foundation (GAF) NGO | Social worker | Follow: @SameerAli91 Follow our NGO Twitter account 👉 @GAF_NGO





























इस दंगाई पर तत्काल कारवाई करे रेल्वे। किसने अधिकार दिया इस दंगाई को एक दाढ़ी टोपी वाले मुस्लिम को मारने की।😡













ओवैसी साहब आप बीजेपी को रोकने के लिए चुनाव थोड़ी न लड़ रहे थे. आपने बहुत पहले ही कह दिया है भाजपा को हराने का ठेक हमने नहीं ले रखा है. पर इतना तो साफ ज़ाहिर हो रहा है. दूसरे दलों के मुस्लिम प्रत्याशियों को सदन में पहुंचने से रोकने का ठेका आपने ज़रूर ले रखा है. कम से कम बिहार चुनाव से यही साबित हो रहा है. आप उसी जगह पर अपने उम्मीदवार खड़े कर देते हैं. जहां पहले से ही एक मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा था. हर साल कितने मुस्लिम विधायक बनते थे. लेकिन आज कितने बन रहे हैं. आप अगर सिर्फ मुस्लिमों के कयादत की बात करेंगे और बीजपी और संघ परिवार भी केवल हिन्दुओं की बात करेगी. तब तो सेक्यूलर पार्टियां भी अगर किसी मुस्लिम को टिकट देना बंद कर दें. तो आपको क्या फायदा होगा. 80 फीसद की आबादी से क्या आप धर्म के आधार पर लड़ना चाहते हैं. इसे कौम की नुमाइंदगी नहीं कहते. आपने पांच सीटें निकाली है. इसके लिए मुबारकबाद के हकदार है. लेकिन आप मज़हब के नाम पर जो ज़हर बो रहे हैं. उसका नतीजा सिर्फ मुसलमाना का आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार होने वाला है. अगर आप धर्म के आधार नुमाइंदगी की बात करते हैं. इससे कोई एतराज़ नहीं है. समाज में हर तबके को नुमाइंदगी मिलनी चाहिए. लेकिन आपकी सियासत अब बहुसंख्यक बनाम अल्पसंख्यक की दिशा में भाग रही है. इससे आपको बचना होगा. मुस्लिम से जुड़े बहुत से मुद्दे सदन में आएगें. और पहले ही पेंडिंग है. उनसे आप कैसे निजाद पाएंगे. उसमें आपके कितने नुमाइंदे वोटिंग कर पाएंगे. उस वक्त आपको दूसरे सेक्यूलर पार्टियों से समर्थन भी चाहिए होगा. सदन में सिर्फ जज़्बाती तकरीरों से आप मुसलमानों का दिल जीत सकते हैं. पर सदन में आपको नम्बर की ज़रूरत पड़ेगी. और उस नम्बर को हासिल करने के लिए आपको सेक्यूलर पार्टियों के साथ की ज़रूरत होगी, तब आप क्या करेंगे. उस वक्त भी आप मुसलमानों को कोसते रह जाएंगे. हमने 4-5 सालों में मुस्लिमों की कयादत के लिए आपके मेहनत को सराहा है. उसे कैमरे पर फिल्माया भी है. कई एपिसोड भी बनाए हैं. लेकिन आपकी सियासत अब मुस्लिमों के खिलाफ ही नज़र आ रही है. आपकी राजनीति ही मुस्लिमों के खिलाफ एक घातक होती जा रही हैं. आपकी पार्टी मुस्लिमों को गालीबाज़ बना रही है. या फिर यूं कहें कि आरएसएस और बीजेपी के जैसे ही गालीबाज़ ट्रोलर आपके पार्टी के समर्थक बनते जा रहे हैं. कहीं ये मुसलमानों के गर्दन काटने पर न तुल जाएं. आपके समर्थकों की ज़ुबान और उनकी भाषा निहायत ही गलीज़ होती जा रही है.



