“ ना सेब के नीचे कैमरा, ना आम के बीच में कैमरा, ना कद्दू के ऊपर कोई कैमरा,और ना शिमला मिर्च के नीचे कैमरा,बस आई और सब्जी ले गई आम इंसान की तरह “
ममता दीदी को प्रचार करना नहीं आता है बिल्कुल नहीं आता है नहीं तो यहाँ साहब आते तो 4 कैमरे टोकरी में होते है
2 कैमरे टमाटर के ऊपर , 3 तीन कैमरे शिमला मिर्च के ऊपर तब जाकर अच्छी रील्स बन पाती उनकी !
इस मामला में ममता जी पीछे है उन्हें प्रचार करना बिल्कुल नहीं आता है ये चीज सीखनी चाहिए उनको !
ऐसे आम इंसान की तरह आकर सब्जी खरीदना सही नहीं है कम से कम 1 घनाते TV पर चलना चाहिए की टमाटर लाल वाला उठाया ममता जी ने , उस पर दो निशाना बने थे निशान वाला ही क्यों उठ्या ??
इस चीज पर दो दो घंटे डिबेट चलनी चाहिए और दो दो घंटे बहस होनी चाहिए जैसे साहब की होती है !
किस हाथ से पकड़ी झालमुड़ी ?? झालमुड़ी को पहलू बार में कितना ग्राम हाथ में लिया साहब ने ??
1956 vs 2026
जमाना कितना बदल गया ₹22,500 में हाथ से लिखा बिल
₹98,980 का कम्प्यूटर वाला GST इनवॉइस
वही Splendor लेकिन सफर बहुत लंबा तय कर लिया है
पुराने जमाने की सादगी VS आज की डिजिटल दुनिया
@UP_24k में एक astrologer हु, मुझे एक call आया था कि उसने मुझे जन्म कुंडली देखने की फीस 1000 ₹ दिया था, अब उसकी बेटी बीमार है उसके इलाज के लिए में वो 1000 वापस कर दूं
🤔 क्या करूँ दे दूं पैसे?
आज व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया है,भाई में बहुत परेशान हूँ राशन की आवश्यकता है कुछ मदद कर दीजिए...
मैसेज बहुत इमोशनली है जिसे पढ़ कर में फैसला नहीं कर पा रहा हूं, उसकी मदद करूं या न करूं..?
आप लोग मुझे सही सुझाव दीजिए मुझे क्या करना चाहिए 🙏
@DelhiSection Thank you for the prompt action. The issue has been resolved at the next station as promised. I am very satisfied with the quick response and service.
@drm_dli@RailwaySeva@drm_umb I have already shared my PNR and mobile number via DM. A staff member attended to the issue and informed me that it will be resolved at the next station. I will keep you updated once the problem is fixed. Thank you.
@Sdev_official@ishita_9529 सर जो लीगल तरीके से बेचता है वह बहुत ही परेशान होता है
जो इलीगल बेच रहे उनपे कुछ पोस्ट कीजिए
ये लोग तो अनाधिकृत नहीं है जो भी है अधिकृत तरीके से काम कर रहे
कुछ दिन पहले मैं ट्रेन से कुछ काम से दूसरे शहर जा रही थी रात का वक्त था मैने खाना के लिए पूछा तो बोले 130 रुपए की थाली है।
मै बोली भैया 80 रुपए की मिलती है वेंडर बोलता है आपको 80 वाली ही थाली लाकर देता हूं।
लेकिन आप शिकायत मत कीजिएगा वेंडर मजबूरी सुनाने लगा तो...Read extra
@p14_sandeep@ishita_9529 वाह, अगर उसको सैलरी 10% के हिसाब से भी मिलता हैं तो भी उसका डेली का 100 plate's के हिसाब से भी 800 रुपये होते हैं...
और उसकी ऊपर की कमाई का जरिया हम क्यूँ बने??? जो जनरल में ये लूट मचाते है वो अलग
क्या आपने कभी सोचा कि IRCTC booking में बिना खाना लिए भी आपका ticket ₹150-₹300 महंगा क्यों हो जाता है?
ज्यादातर लोग जल्दी में booking करते समय ऊपर दिख रहे veg या meal option select कर देते हैं और उन्हें लगता है यह जरूरी है जबकि यही जगह extra charge जोड़ती है
मान लीजिए आपका ticket ₹1200 है तो meal select करते ही इसमें करीब ₹150-₹300 extra जुड़ जाता है और total ₹1350-₹1500 तक पहुँच जाता है
लेकिन असली option नीचे छिपा होता है जहाँ scroll करने पर I don’t want food and beverages का checkbox मिलता है
जैसे ही आप इस option को select करते हैं वैसे ही ₹150-₹300 catering charge हट जाता है और आपको सिर्फ ticket price ही pay करना पड़ता है
सबसे बड़ी बात यह है कि यह option खाने के option के पास ही होना चाहिए ताकि user को साफ समझ आए कि खाना लेना जरूरी नहीं है लेकिन इसे नीचे छिपा दिया जाता है जिससे confusion होता है
कमेंट में बताइए क्या आपने कभी बिना notice किए extra food charge pay किया है?
ये jio वाले मेरे ही साथ गलत क्यों करते हैं?
जब नेटवर्क ही सही नहीं देना तो अनलिमिटेड का क्यों बताते हो?
@JioCare@nch1915@TRAI
मैने 899₹ का रिचार्ज किया जिसमें प्लान था 2gb per day+ Unlimited data
मेरे में 300+ डाटा अभी 2gb का बचा हुआ है लेकिन फिर भी नेटवर्क चल नहीं रहा है
जब अनलिमिटेड डाटा हर जगह पहुंच नहीं रहा है तो बेच क्यों रहे हो?
अगर 300+ डाटा और अनलिमिटेड भी है फिर भी नहीं चल रहा है ये लोग हम लोगों को 4g/ 5g के चक्कर मे उलझाए हुए है
सीधा सीधा कंपनी हम लोगों के साथ स्कैम कर रही है
@aajtak ये तो latest news हैं
मेरे पास LL tha, मेरे भाई के पास Permanent DL था हम दोनों भाई मेरी बाइक पर कहीं जा रहे थे, Police वाले ने रोका, मैंने LL दिखाया मेरे भाई ने DL दिखाया, पर पुलिस वाले बोले LL से bike नहीं चला सकते और 500 का चालान काट दिया 😒 आप लोग बताओ कौन सही है यहाँ?
राजस्थान के नागौर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक इलेक्ट्रिक कार (EV) का ही प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) चालान काट दिया. इस कार्रवाई के बाद अब पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं.जानकारी के अनुसार, जोधपुर निवासी पुनाराम ने करीब तीन महीने पहले नई इलेक्ट्रिक कार खरीदी थी. उनका उद्देश्य था कि वाहन से न केवल खर्च कम होगा, बल्कि प्रदूषण से भी बचाव होगा. लेकिन 6 अप्रैल को जब उनका वाहन नागौर में था, तभी यह विवाद खड़ा हो गया.
बताया जा रहा है कि उस समय कार पुनाराम के बड़े भाई अशोक पंवार चला रहे थे. इसी दौरान RTO रोड पर पुलिसकर्मी ने वाहन को रोककर चालान काट दिया. पुनाराम को जब मोबाइल पर चालान का मैसेज मिला तो उन्होंने तुरंत अपने भाई को फोन कर जानकारी दी.अशोक पंवार मौके पर मौजूद ASI राजकुमार के पास पहुंचे और चालान का कारण पूछा. उन्होंने बताया कि यह इलेक्ट्रिक वाहन है, जिससे प्रदूषण नहीं होता. इस पर ASI ने जवाब दिया कि उनकी मशीन में वाहन का PUC सर्टिफिकेट "NIL" दिख रहा है, इसलिए चालान किया गया.
पुलिस ने ₹1500 का PUC चालान और ₹200 का टिंटेड ग्लास (काले शीशे) का चालान बनाकर कुल ₹1700 का जुर्माना वसूल लिया.वाहन चालक अशोक पंवार का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के विपरीत है. उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन से धुआं नहीं निकलता, इसलिए PUC सर्टिफिकेट की आवश्यकता ही नहीं होती. वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाहन के शीशों पर काली फिल्म नहीं, बल्कि धूप से बचाव के लिए जाली लगाई गई थी.
#ElectricVehicle | #PUC | #EVCar | #AajTakSocial | #ATCard
@Deepeshpatel87 मेरा भी जबरदस्ती का challan कर दिया था, अगर LL के साथ bike पर पीछे Permanent DL के साथ कोई बैठा हो तो LL valid होता है पर ये कहा मानते हैं
ये है हमारे देश के पढ़े-लिखे पुलिसकर्मी जो एक इलेक्ट्रिक गाड़ी का पॉल्यूशन का चालान कर देते हैं जो कि दस हजार का होता है, जब इनसे बोला जाता है कि ये इलेक्ट्रिक गाड़ी है इंजन गाड़ी नहीं है जो पॉल्यूशन करेगी, तब ये मानने को तैयार नहीं थे, बोल रहे थे कि इसका चालान होगा पॉल्यूशन का, और ज्यादा इनसे बहस करने पर ये बहुत सारा चालान और कर देते हैं, जैसे ब्लैक शीशे और बाकी चीजों का, पर ये इलेक्ट्रिक गाड़ी है, इसका पॉल्यूशन का चालान कहां होगा, ये हमको जानना है, इन पुलिसकर्मियों से।
बाकी सिविक सेंस, अपना एथिक्स, मोरेलिटी घुसा लो पिछवाड़े में यहां कुछ काम नहीं आने वाला है, पुलिस ने कह दिया चालान होगा मतलब होगा।
क्या आपने कभी नोटिस किया कि ATM की छोटी सी receipt कुछ दिनों बाद अपने आप गायब हो जाती है?
असल में उस पर कोई ink होती ही नहीं… वो thermal paper होता है, जिस पर heat से print आता है।
यानी जो amount लिखा है, वो permanent नहीं बल्कि एक chemical reaction है
धूप, गर्मी, जेब की रगड़ या समय के साथ ये text धीरे-धीरे fade हो जाता है…
मतलब transaction हुआ, पर proof कमजोर हो गया!
इसीलिए banks SMS, passbook या mobile statement को ही valid proof मानते हैं ✔️
सीधी बात 👇
💸 पैसे permanent हैं
🧾 ATM receipt temporary है
Important transaction हो तो हमेशा digital record save करें
आप क्या करते हो?
Receipt संभाल कर रखते हो या तुरंत फेंक देते हो?
🚨 AC कोच में सफर या सज़ा? ये कैसा सिस्टम है!
गोरखपुर से ओखा जाने वाली ट्रेन नम्बर
15045 की B2 बोगी में दरवाज़े की जगह पर्दा टांग दिया गया…
और उसी के पास एक यात्री की सीट!
सोचिए…
जहां से यात्री को सुविधा होनी चाहिए थी
वहां पर्दा…
और साथ में टॉयलेट की बदबू का फ्री पैकेज
शिकायत की गई… जवाब मिला
"Please look into this matter"
लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं बदला!
एक जागरूक नागरिक बार बार आवाज़ उठा रहा है,
फिर भी सिस्टम सुनने को तैयार नहीं…
सवाल ये है
क्या AC टिकट लेकर भी यात्रियों को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ेगी?
क्या यात्रियों की तकलीफ मायने नहीं रखती??
वीडियो कमेंट बॉक्स में 👇
@MoPNG_eSeva hello sir, mera consumer no. 7201751171, kartarsar indane gas agency (phillaur) me book hai. Sir me 14 march 2026 ko gas book kiya tha aaj tak gas delivery nhi hui.. abhi auto canceled dikha raha hai.. mere pass sms me DAC no. Bhi aaya hai per bokking failed ho gya
@Mithileshdhar Ye sale sab computer ki book purchase karwate hain aur computer ke nam pe inke school me 1 computer hota hain jispe ye school fee ki billing karte hain
पटना के एक प्राइवेट स्कूल ने पिछले साल क्लास KG और तीसरी की किताब, कॉपी के लिए 14 हजार 635 रुपए की वसूली की थी। शायद किताबों पर सोने या चांदी की वर्क लगी होगी। उसी साल लखनऊ के बड़े स्कूल में क्लास आठवीं की किताब कॉपी 9590 तो पांचवीं के लिए 6 हजार से ज्यादा की लूट हुई। लुटेरों का मौसम आ गया है। लेकिन एक बात गांठ बांध लीजिए, इस खुली डकैती के खिलाफ नेता बोलेंगे न अधिकारी। अमीर बोलेगा नहीं क्योंकि उसे इससे फर्क नहीं पड़ता। नेता अधिकारी इसलिए नहीं बोलेंगे क्योंकि वे खुद इस गोरखधंधे में संलिप्त हैं। हमें ही लड़ना होगा। कमर कस लीजिए।