Yugesh Kumar ShuklaUPPSS

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@Shuklayugesh

Gorakhpur Katılım Aralık 2014
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
गत 10 वर्षों से कतिपय ऐसे लोग जो कोर्ट में टेट और नॉन टेट के मुक़दमे करके पदोन्नति फँसाये हुए हैं वे लोग 1 सितम्बर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से ही अपने मनसूबे पूरे होते देख रहे हैं ।रिव्यू स्वीकार होने पर यही लोग कह रहे थे कि सेवा में बने रहने के लिए टेट से छूट मिलेगी लेकिन पदोन्नति में नहीं मिलेगी,13 की सुनवाई के बाद इनके सुर बदल गए और अब व्याख्या कर रहे हैं कि सेवा में बने रहने के लिए टेट करना होगा । राइट टू एजुकेशन एक्ट, 2009 बनने के बाद से लेकर आज तक मूल अधिनियम हो या उसके बाद के संशोधन — कहीं भी “Teacher Eligibility Test (TET)” शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। हर जगह केवल “Minimum Qualification / न्यूनतम अर्हता” शब्द का प्रयोग हुआ है। RTE Act की धारा 23(1) के अंतर्गत केंद्र सरकार ने NCTE को Academic Authority बनाया। इसके बाद NCTE ने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना द्वारा पहली बार TET को “Minimum Qualification” का हिस्सा बनाया। NCTE ने अपने राजपत्र में स्पष्ट किया कि— • 23 अगस्त 2010 के बाद होने वाली नियुक्तियों की न्यूनतम अर्हता “with TET” होगी। • 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त/कार्यरत शिक्षकों की न्यूनतम अर्हता “without TET” मानी जाएगी। बाद में 2017 के संशोधन में यह कहा गया कि 31 मार्च 2015 तक नियुक्त या कार्यरत शिक्षकों को Section 23(1) के अंतर्गत निर्धारित न्यूनतम अर्हता प्राप्त करनी होगी। अब यदि कोई शिक्षक 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त है, तो उसकी निर्धारित न्यूनतम अर्हता वही होगी जो उस समय लागू थी, अर्थात without TET। जिस एनसीटीई को TET लागू करने की शक्ति है तो क्या उसे परिस्थितियों के अनुसार relaxation देने की शक्ति नहीं है? यह विषय अभी भी न्यायिक व्याख्या के अधीन है और आवश्यकता पड़ने पर पुनः न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। यदि आरटीई में कहीं टेट प्रयोग हुआ है तो उपलब्ध करायें ।चाहे सुप्रीम कोर्ट से हो या संसद से एनसीटीई के राजपत्र 23अगस्त 2010 से टेट आया है उसी के आधार पर mimimum qualification decide होगी ।
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Ikman Ali, Mantri UPPSS, Block Moradabad.
मा मुख्यमंत्री जी यूपी के सेवारत शिक्षकों के साथ तो तभी न्याय होगा। जब यूपी में RTE Act लागू होने 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट से मुक्त रखा जाये। चाहे वह मा सुप्रीम कोर्ट के आदेश द्वारा हो या भारत सरकार के द्वारा अध्यादेश लाकर। @UPGovt @myogiadityanath @ANI
Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے@vipinUPPSS

सिविल अपील 1385/2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेट अनिवार्यता के सम्बन्ध में दिये गये निर्णय के विरूद्ध दाखिल रिव्यू पर आज सुनवाई सम्पन्न हुई। सुनवाई के समय सुप्रीम कोर्ट में टी.एफ.आई. की ओर से डा. दिनेश चन्द्र शर्मा, श्री संजय सिंह, श्री राम मूर्ति ठाकुर, श्री राधेरमण त्रिपाठी, श्री अनूप केसरी, श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव, श्री मेघराज भाटी, श्री अशोक कुमार शर्मा एवं सलीम सहाय तिग्गा आदि उपस्थित रहे। देश के विभिन्न राज्यों से दाखिल रिव्यू में याचियों ने सुप्रीम कोर्ट के लगभग एक दर्जन प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पूरी दमदारी एवं तथ्यों सहित शिक्षकों का पक्ष प्रस्तुत किया। आज की सुनवाई के महत्वपूर्ण बिन्दु निम्नवत हैं:- 1. सुनवाई की शुरूआत उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने की। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक बार भी ये स्वीकार नहीं किया गया कि 2017 का संशोधन आर.टी.ई. से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू नहीं होता है। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कोई भी ऐसा तथ्य नहीं रखा गया जो आर.टी.ई. से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के पक्ष में हो। 2. सभी प्रसिद्ध एवं विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा विभिन्न मजबूत तर्कों के साथ यह तथ्य प्रस्तुत किया गया कि आर.टी.ई. लागू होने के समय 23 अगस्त, 2010 के राज पत्र में पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टी.ई.टी. लागू नहीं किया गया है। 3. सुनवाई के दौरान न्यायधीश महोदय ने स्पष्ट कहा कि संसद ने जब 2017 में आर.टी.ई. में संशोधन करके 31 मार्च, 2015 को नियुक्त एवं कार्यरत सभी शिक्षकों पर टी.ई.टी. अनिवार्य किया गया तब इस संशोधन को चुनौती क्यों नहीं दी गयी। (जबकि भारत के किसी भी राज्य ने इस संशोधन को लागू करने हेतु कोई भी शासनादेश निर्गत नहीं किया गया अर्थात भारत सरकार ने यह संशोधन छिपा कर रखा था।) 4. सुनवाई के अन्त में जज साहब ने फैसला रिजर्व कर लिया। @DrDCSHARMAUPPSS @TFI4India @UPPSS1921

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Dr Chakravarti Singh UPPSS
Dr Chakravarti Singh UPPSS@Chakravarti000·
टीएफआइ जिंदाबाद डॉ दिनेशचंद्र शर्मा जिंदाबाद राममूर्ति ठाकुर जिंदाबाद संजय सिंह जिंदाबाद टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ टीएफआइ डॉ दिनेशचंद्र शर्मा जी के नेतृत्व में संघर्षरत है। हम सब होंगे कामयाब एक दिन। @DrDCSHARMAUPPSS @Priyanshu_UpPsS @RamMurtiThakur @TFI4India @UPPSS1921
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
मा सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेट की अनिवार्यता के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2025 को दिये गये निर्णय के बाद इस मुद्दे पर संघ द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में सबाल करने वाले साथियों को हमने सदैव कहा कि लोकतंत्र में संसद सर्वोपरि है ।हमारी समस्या का निराकरण संसद द्वारा ही होगा ।इसलिए टीएफआई द्वारा देश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंप कर अपनी बात संसद तक पहुँचायी गई ।संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के अधिकांश सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया और समस्या के निराकरण की मांग की ।टीएफआई द्वारा सभी जनपदों के मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मा प्रधान मंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किये गये । टीएफआई द्वारा 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करके भारत सरकार तक अपनी बात पहुँचाई गई ।रैली में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी को आमंत्रित किया गया और श्री पाल साहब ने आपकी लाखों की उपस्थिति और आप के मुद्दे की जानकारी सरकार तक पहुँचाई । माननीय केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी , भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी जी एवं केंद्रीय राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद जी से मिलकर उच्च स्तरीय वार्ता एवं निराकरण की मांग की गई । चूँकि आदेश सुप्रीम कोर्ट से आया है इसलिए कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ना आवश्यक है ।रिव्यू स्वीकार होने पर ओपन कोर्ट में सुनवाई के लिए टीएफआई ने सीनियर एडवोकेट श्री पी एस पटवालिया एवं श्री वी गिरि जी को कोर्ट में उतारा ।श्री पटवालिया जी ने टीएफआई के महासचिव श्री राम मूर्ति ठाकुर के राज्य संगठन अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के रिव्यू में तथा श्री वी गिरी जी द्वारा उ प्र प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से श्री मेघराज सिंह एवं 232 अन्य के नाम से दाखिल रिव्यू में अपना पक्ष रखा ।जिसको आप वीडियो में देख सकते हैं । सुनवाई के दौरान सभी विद्वान अधिवक्ताओं ने भारत सरकार (श्री मनमोहन सिंह सरकार)के दौरान संसद द्वारा आरटीई एक्ट के लागू होने पर दिनांक 23 अगस्त 2010 के द्वारा इससे पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट देने का तर्क दिया गया ।लेकिन जज साहब भारत सरकार (श्री मोदी सरकार) के दौरान संसद द्वारा पारित किए गए संशोधन के क्रम में निर्गत राजपत्र दिनांक 10 अगस्त 2017 के द्वारा 31 मार्च 2015 को नियुक्त एवं कार्यरत सभी शिक्षकों पर टेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता लागू करने पर ही अडिग दिखे । सुनवाई के दौरान 10 राज्य सरकारों के अधिवक्ता मौजूद थे लेकिन किसी ने भी यह स्वीकार नहीं किया कि गत 8 वर्षों में किसी भी राज्य सरकार द्वारा सभी शिक्षकों पर टेट लागू करने हेतु कोई भी नोटिस या आदेश जारी नहीं किया है । कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है जिसके शीघ्र ही आने की उम्मीद है ।वकीलों का अपना मत है लेकिन हम कामना करते हैं कि निर्णय आपके पक्ष में हो । निर्णय अनुकूल होने पर सभी को बधाई और यदि प्रतिकूल हो तो हतोत्साहित न हो ।हम अपना आंदोलन आगे बढ़ाते हुए आगे बढ़ेंगे और श्री मोदी सरकार से कहेंगे कि जो पाप/अन्याय /संशोधन आपकी सरकार के दौरान हुआ है ।ऐसे संशोधन को वापस लेकर देश के 25 लाख शिक्षकों के करोड़ों परिजनों के साथ न्याय करें ।🙏🙏
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Dr Chakravarti Singh UPPSS
Dr Chakravarti Singh UPPSS@Chakravarti000·
टीएफआइ जिंदाबाद डॉ दिनेशचंद्र शर्मा जिंदाबाद संघर्ष जारी रहेगा सफलता मिलने तक। हमारा नेतृत्व सड़क,संसद से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक हर जगह पूरी मुस्तैदी से खड़ा है। हम सब हिन्ज कामयाब।। @DrDCSHARMAUPPSS @SanjaySnghUPPSS @RRTRIPATHIUPPSS @UPPSS1921 @TFMetals @Priyanshu_UpPsS
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
अण्डमान निकोबार से दिल्ली चलकर पहुँचे अण्डमान निकोबार शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार साधु एवं महासचिव श्री विकास मंडल से मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के टेट के संबंध में आये आदेश के बाद अंडमान निकोबार के शिक्षक साथियों की दुख भरी व्यथा को सुनकर मन बहुत व्यथित हुआ और सोचने पर मजबूर हूँ कि इस प्रकार के आदेश आने के बाद सरकार किस अनहोनी का इंतज़ार कर रही है । दोनों शिक्षक नेताओं ने बताया कि 25 मार्च को अण्डमान निकोबार में टेट पास करने की अनिवार्यता के सम्बन्ध में पत्र निर्गत होने के बाद शिक्षक अवसाद से जूझ रहे हैं किसी भी शिक्षक को विश्वास नहीं हो रहा है कि आरटीई से पूर्व में नियुक्त एवं २०-२५ वर्षों से शिक्षण कर रहे शिक्षकों पर इस आदेश को कैसे थोपा जा सकता है । संघ के महासचिव श्री विकास मंडल जोकि आरएसएस के विभाग बौद्धिक प्रमुख भी हैं उनका कहना कि पोर्ट ब्लेयर में इस आदेश के बाद शिक्षकों में भारी तनाव व्याप्त है उन्होंने बताया कि बहाँ पर एक मात्र सांसद को छोड़कर कोई भी अन्य जनप्रतिनिधि नहीं है ।बहाँ का शासन पूर्णतया नौकरशाह चला रहे है ऐसे बिना किसी जनप्रतिनिधि के अपनी बात नौकर शाह को समझाना मुश्किल है दूसरी ओर उन्होंने बताया कि दिल्ली आकर न्याय की गुहार लगाना भी बहुत मंहगा है पोर्ट ब्लेयर से दिल्ली हवाई जहाज से आने पर एक तरफ़ से दोनों साथियों का टिकट 61000 रुपये का मिला है और यदि हवाई जहाज़ से न आकर दूसरा रास्ता अपनाये ,तो पानी के जहाज़ से कलकत्ता या चेन्नई तक पहुँचने में 3-4 दिन लगते हैं तथा किराया 18 हज़ार उसके बाद ट्रेन से दिल्ली तक का किराया एवं दो दिन का सफ़र ।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट में बहुत महंगी पैरवी एवं राज्य में चुने हुए विधायक या एमएलसी न होने पर जब इस प्रकार का पत्र आया तो शिक्षक अवसाद में आ गये । उन्होंने बताया कि बहुत कठिन परिस्थिति में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं उन्होंने बताया कि पोर्ट ब्लेयर के पास अन्य द्वीप पर विद्यालय संचालित है बहाँ आने जाने का एक मात्र साधन छोटी नाव है कई बार ऐसा होता है विद्यालय पहुँचने के बाद मौसम ख़राब होता है तो लौटने हेतु नाव नहीं मिल पाती है और दो तीन दिन विद्यालय वाले द्वीप पर ही रहना पड़ता है । उनका कहना है कि नौकरी जाने पर बहाँ कोई फैक्टरी या उद्योग भी नहीं है जहाँ प्राइवेट नौकरी की जा सके । अंडमान निकोबार में शिक्षक साथियों ने 4 अप्रैल को रामलीला मैदान की रैली के फोटो और वीडियो देखे तो उन्हें आशा की किरण दिखाई दी और उन्होंने टीएफआई से संपर्क का मन बनाया । 17 अप्रैल को दोनों शिक्षक नेता अपने क्षेत्र के भाजपा सांसद श्री विष्णु पद रे के दिल्ली आवास पर पहुँचें और उनके साथ मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी से मुलाक़ात की ।मा पाल साहब ने हमें इन साथियों से मुलाकात करवाई । दोनों साथी पूरे दिन हमारे एवं श्री राधे रमण त्रिपाठी जी के साथ रहे और हमने आश्वस्त किया कि आप अकेले नहीं हैं टीएफआई आपके साथ है अब टीएफआई का नारा “कश्मीर से कन्याकुमारी तक “न होकर “कश्मीर से अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक “होगा । दोनों साथियों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही अगली बैठक पोर्ट ब्लेयर में होगी ।
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
विद्यालय की साफ़ सफ़ाई के सम्बन्ध में @DmSambhal के स्पष्ट एवं सराहनीय निर्देश ।शिक्षकों के साथ यह कार्य हम सबने विद्यार्थी जीवन में किया है जोकि शिक्षा का ही एक हिस्सा है परंतु वर्तमान में छात्रों द्वारा अपने स्वयं के भोजन किए वर्तन धोने या अपने कक्षा कक्ष में कोई सफाई करने जैसी खबरों पर अनेक शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है ।अब इससे राहत मिलेगी ।जिलाधिकारी महोदय को धन्यवाद 🙏
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सहित देश में लगभग 20 लाख ऐसे शिक्षक जो आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त हुए हैं उन पर टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु 4 अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में हुई रैली के बाद आज टीएफआई के प्राधिनिधि मण्डल की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी के साथ श्री पंकज चौधरी जी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उ प्र एवं मा वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार से विस्तृत वार्ता हुई ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश के लाखों शिक्षकों पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचाने हेतु कानून बनाने की पूरी पैरवी की गई ।मा प्रदेश अध्यक्ष जी ने शीघ्र ही शीर्ष नेतृत्व से वार्ता एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया ।प्रतिनिधि में टीएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजय सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी उपस्थित रहे । @jagdambikapalmp @mppchaudhary @narendramodi @AmitShah @TFI4India @UPPSS1921
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
#NoTetBeforRteAct महाराष्ट्र के दो दो शिक्षक संघ भी आये @TFI4India के साथ श्री श्रीकांत देशपांडे जी पूर्व एमएलसी एवं संस्थापक अध्यक्ष शिक्षक अघाड़ी विदर्भ प्रदेश तथा श्री दत्तात्रेय सावंत पूर्व एमएलसी एवं महासचिव महाराष्ट्र शाला क्रुती समिति महाराष्ट्र से कल दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने के आंदोलन पर विस्तार से चर्चा हुई,दोनों ही नेताओं ने टीएफआई के प्रयास की सराहना की एवं टीएफआई से संबद्ध होने की इच्छा व्यक्त की ।महाराष्ट्र के दोनों संगठन शीघ्र ही टीएफआई के सदस्य होंगे ।
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Vandana Saxena
Vandana Saxena@VandanaUPPSS·
आज पूरे देश का शिक्षक जान चुका है कि शिक्षकों की सेवा शर्तों और सम्मान की लड़ाई पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अगर कोई लड़ रहा है तो सिर्फ आप ही लड़ रहे हैं । आपके नेतृत्व में शिक्षकों ने स्वयं को सुरक्षित महसूस किया इसीलिए विपरीत परिस्थितियों में भी इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बने ।
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS

#NoTetBeforeRteAct अपनी जीविका एवं अपने स्वाभिमान पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों को पीछे छोड़ कर सैकड़ों किमी की यात्रा कर @TFI_India9 की रैली में पहुँचें इन सभी साथियों के मजबूत इरादों 💪को प्रणाम 🙏 @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @dpradhanbjp @jagdambikapalmp @UPPSS1921

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Rajesh Shukla
Rajesh Shukla@RajeshShukUPPSS·
📍 रामलीला मैदान में शिक्षकों की ऐतिहासिक हुंकार नई दिल्ली का रामलीला मैदान आज शिक्षकों की एकजुटता का गवाह बना। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के बैनर तले देशभर से आए शिक्षकों ने अपनी ताकत और एकता का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। 🔴 रैली का मुख्य मुद्दा रहा सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का विरोध, जिसमें शिक्षा का अधिकार लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षकों ने इसे अपने भविष्य और आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। 🗣️ टी.एफ.आई. के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने स्पष्ट कहा— "शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों के लिए यह लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी।" 🤝 मुख्य अतिथि जगदम्बिका पाल ने भी शिक्षकों को पूरा समर्थन देते हुए उनकी आवाज़ को प्रधानमंत्री तक पहुँचाने का भरोसा दिलाया। देश के कोने-कोने से उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि शिक्षक अब चुप नहीं बैठेंगे — यह सिर्फ रैली नहीं, बल्कि अधिकारों की निर्णायक लड़ाई का आगाज़ है। ✊ एकता ही ताकत है, और आज शिक्षक शक्ति ने देश को यह दिखा दिया। #TeachersUnity #TFI #EducationRights #RamlilaMaidan #TeacherProtest #NewDelhi #शिक्षक_एकता @basicshiksha_up @DrDCSHARMAUPPSS @UPPSS1921 @bstvlive @DainikBhaskar @aajtak @AmarUjalaNews @JagranNews @INCIndia @RahulGandhi
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Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے
#04AprilMarchToDelhi #NoTetBeforeRteAct @DrDCSHARMAUPPSS Teachers Federation of India के बैनर तले राष्ट्रीय अध्यक्ष @DrDCSHARMAUPPSS के एक आव्हान पर दिल्ली की 4 अप्रैल की सुबह आज साधारण नहीं थी — राजधानी की हवा में एक बेचैनी आज भी है, एक पुकार है, एक प्रतीक्षा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शिक्षक केवल इकट्ठा नहीं हुए, वे अपने भीतर वर्षों से दबे प्रश्न, उपेक्षाएँ और उम्मीदें साथ लेकर पहुँचे। सड़कों पर उमड़ी यह संख्या महज़ जनसमूह नहीं, यह उन आवाज़ों का संगम है जिन्हें लंबे समय से सुना जाना बाकी था। जो हाथ अब तक बच्चों के भविष्य को आकार देते रहे, वही हाथ अपने वर्तमान के सम्मान के लिए उठे। जो स्वर कक्षाओं में ज्ञान बाँटते थे, वही स्वर व्यवस्था से उत्तर माँग रहे। “No TET before RTE” अब केवल एक पंक्ति नहीं रही, यह उन शिक्षकों की सामूहिक पीड़ा और अधिकार का उद्घोष बन चुकी है। दिल्ली उस धैर्य की साक्षी बनी जो वर्षों तक संयम में रहा, और अब न्याय की प्रतीक्षा में सड़क पर उतर आया। यह संघर्ष किसी टकराव की इच्छा नहीं, बल्कि उस सम्मान की माँग है जो शिक्षा देने वालों को सहज मिलना चाहिए था। अब समय की ओर सबकी निगाह है— क्या संवेदनाएँ निर्णय बनेंगी, या फिर यह आंदोलन अपनी अगली, और अधिक तीव्र धड़कन लिखेगा। धन्य हैं अनुशासित शिक्षक वर्ग 🙏
Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet mediaVipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet mediaVipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet mediaVipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet media
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जितेंद्र दीक्षित UPPSS
TFI -Teachers Federation of India के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय Dr Dinesh Chandra Sharma जी की हुंकार ✊ नई दिल्ली "रामलीला मैदान" ने देखा कश्मीर से कन्याकुमारी के शिक्षकों का शौर्य, उत्साह और जज्बा #NoTetBeforeRteAct @PMOIndia @dpradhanbjp
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
Teachers Federation of India के बैनर तले देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लाखों शिक्षकों ने रामलीला मैदान दिल्ली पहुँच कर बता दिया कि शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जायेगा ।रैली में उपस्थित सभी शिक्षकों ने साफ़ कहा कि भर्ती के समय सरकार द्वारा जो भी नियम और योग्यता निर्धारित की उसे अर्जित करने के बाद ही सभी शिक्षक नियुक्ति पाये है ।सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपा जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई इसलिए उसकी सेवा शर्तों की सुरक्षा का दायित्व भी सरकार का है ।फेडरेशन ने माँग की कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के retrospective effect को समाप्त करने के लिये क़ानून बनाए । रैली के मुख्य अतिथि मा सांसद श्री जगदंबिका पाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा हम देश के शिक्षकों की आबाज को देश यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाएँगे और शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जायेगा । हम देश भर से आये सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं । #NoTetBeforeRteAct @narendramodi @jagdambikapalmp @dpradhanbjp @AmitShah @PMOIndia
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
#NoTetBeforeRteAct अपनी जीविका एवं अपने स्वाभिमान पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों को पीछे छोड़ कर सैकड़ों किमी की यात्रा कर @TFI_India9 की रैली में पहुँचें इन सभी साथियों के मजबूत इरादों 💪को प्रणाम 🙏 @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @dpradhanbjp @jagdambikapalmp @UPPSS1921
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gyanendra ojha uppss
gyanendra ojha uppss@gyanendrao39235·
@PMOIndia @dpradhanbjp @DrDCSHARMAUPPSS TFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में 4 अप्रैल को दिल्ली में हो रही विशाल रैली में प्रतिभाग करने के लिए गोरखपुर जिले से कौड़ीराम एवं ब्रह्मपुर ब्लॉककेशिक्षकोंको राजेश धर दूबे एवं ज्ञानेंद्र ओझानेहरीझंडीदिखाकररवानाकिया
gyanendra ojha uppss tweet mediagyanendra ojha uppss tweet media
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
Teachers Federation of India @tfi-teachersfederationofindia?si=ol8BJXbZo2EYoBte" target="_blank" rel="nofollow noopener">youtube.com/@tfi-teachersf… via @YouTube
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Sanjay Singh ब्लॉक-मंत्री-UPPSS-mawai
टी ई टी की अनिवार्यता समस्या समाधान एवं आंदोलन पर स्पस्ट बात डॉ दिनेशचंद्र शर्मा जिंदाबाद टी एफ आई जिंदाबाद 04 अप्रैल दिल्ली चलो @DrDCSHARMAUPPSS @TFI_2025
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS

#04_अप्रैल_दिल्ली_चलो #NoTetBeforeRteAct सम्मानित साथियों हमारी भारत सरकार से माँग है कि आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु क़ानून बनाया जाये ।इस संबंध में टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल ने 19 दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से वार्ता करके ज्ञापन सौंपा था और हमें आशा थी कि बज़ट सत्र में सरकार इस विषय पर विधेयक लाएगी परन्तु अभी तक ऐसा नहीं हुआ जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है ।अभी तक आप दो दो बार आपने जिलाधिकारी के माध्यम से मा प्रधानमन्त्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया साथ ही मा सांसदों को ज्ञापन सौंपा गया ।अनेक सांसदों द्वारा संसद में विषय को उठाया गया गया लेकिन भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय देश के 20 lakhलाख शिक्षक व उनके परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं है । इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर अपनी सेवा को सुरक्षित करें ।

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