

Yugesh Kumar ShuklaUPPSS
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सिविल अपील 1385/2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेट अनिवार्यता के सम्बन्ध में दिये गये निर्णय के विरूद्ध दाखिल रिव्यू पर आज सुनवाई सम्पन्न हुई। सुनवाई के समय सुप्रीम कोर्ट में टी.एफ.आई. की ओर से डा. दिनेश चन्द्र शर्मा, श्री संजय सिंह, श्री राम मूर्ति ठाकुर, श्री राधेरमण त्रिपाठी, श्री अनूप केसरी, श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव, श्री मेघराज भाटी, श्री अशोक कुमार शर्मा एवं सलीम सहाय तिग्गा आदि उपस्थित रहे। देश के विभिन्न राज्यों से दाखिल रिव्यू में याचियों ने सुप्रीम कोर्ट के लगभग एक दर्जन प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पूरी दमदारी एवं तथ्यों सहित शिक्षकों का पक्ष प्रस्तुत किया। आज की सुनवाई के महत्वपूर्ण बिन्दु निम्नवत हैं:- 1. सुनवाई की शुरूआत उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने की। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक बार भी ये स्वीकार नहीं किया गया कि 2017 का संशोधन आर.टी.ई. से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू नहीं होता है। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कोई भी ऐसा तथ्य नहीं रखा गया जो आर.टी.ई. से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के पक्ष में हो। 2. सभी प्रसिद्ध एवं विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा विभिन्न मजबूत तर्कों के साथ यह तथ्य प्रस्तुत किया गया कि आर.टी.ई. लागू होने के समय 23 अगस्त, 2010 के राज पत्र में पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टी.ई.टी. लागू नहीं किया गया है। 3. सुनवाई के दौरान न्यायधीश महोदय ने स्पष्ट कहा कि संसद ने जब 2017 में आर.टी.ई. में संशोधन करके 31 मार्च, 2015 को नियुक्त एवं कार्यरत सभी शिक्षकों पर टी.ई.टी. अनिवार्य किया गया तब इस संशोधन को चुनौती क्यों नहीं दी गयी। (जबकि भारत के किसी भी राज्य ने इस संशोधन को लागू करने हेतु कोई भी शासनादेश निर्गत नहीं किया गया अर्थात भारत सरकार ने यह संशोधन छिपा कर रखा था।) 4. सुनवाई के अन्त में जज साहब ने फैसला रिजर्व कर लिया। @DrDCSHARMAUPPSS @TFI4India @UPPSS1921
























#NoTetBeforeRteAct अपनी जीविका एवं अपने स्वाभिमान पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों को पीछे छोड़ कर सैकड़ों किमी की यात्रा कर @TFI_India9 की रैली में पहुँचें इन सभी साथियों के मजबूत इरादों 💪को प्रणाम 🙏 @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @dpradhanbjp @jagdambikapalmp @UPPSS1921




















#04_अप्रैल_दिल्ली_चलो #NoTetBeforeRteAct सम्मानित साथियों हमारी भारत सरकार से माँग है कि आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु क़ानून बनाया जाये ।इस संबंध में टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल ने 19 दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से वार्ता करके ज्ञापन सौंपा था और हमें आशा थी कि बज़ट सत्र में सरकार इस विषय पर विधेयक लाएगी परन्तु अभी तक ऐसा नहीं हुआ जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है ।अभी तक आप दो दो बार आपने जिलाधिकारी के माध्यम से मा प्रधानमन्त्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया साथ ही मा सांसदों को ज्ञापन सौंपा गया ।अनेक सांसदों द्वारा संसद में विषय को उठाया गया गया लेकिन भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय देश के 20 lakhलाख शिक्षक व उनके परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं है । इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर अपनी सेवा को सुरक्षित करें ।