
Sumit Kumar Gupta
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सरेआम धमकी दी जा रही है प्रशासन ने कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके है आज फिर जानलेवा हमला किया गया है इसका जिम्मेदार कौन होगा मैं स्वयं जीवन त्याग दूं इसके बाद ही मेरा परिवार सुरक्षित रहेगा











2nd T20I: Quinton de Kock smashes 90 off 46 balls as South Africa reach 213/4 in their 20 overs against India at the Maharaja Yadavindra Singh International Cricket Stadium in New Chandigarh
















हिडमा अगर नक्सली था, तो मैं भी नक्सलवाद का कड़ा विरोध करता हूँ। लेकिन एक सवाल हर किसी को सोचना चाहिए फिर जनता के बीच वह ‘हीरो’ क्यों बना? उसके अंतिम समय में इतनी भीड़ क्यों उमड़ा ? मेरी समझ यह कहता है कि सच्चे आदिवासी जंगल, नदी, पहाड़ प्रकृति के किसी भी हिस्से के विरुद्ध नहीं जाते। वे कभी गलत व्यक्ति का अंधसमर्थन नहीं करते। उनकी खुद्दारी, आत्मसम्मान और अस्तित्व इनसे वे कभी समझौता नहीं करते। और जब उन्हें लगता है कि देश की सुरक्षा, या जल–जंगल ज़मीन पर संकट है, तो वही आदिवासी हिडमा जैसे लोगों का विरोध भी करते हैं और अगर हालात मजबूर करें तो हथियार उठा कर सच के साथ खड़े हो जाते हैं। यहाँ मुद्दा सिर्फ़ एक हिडमा का नहीं है। मुद्दा उन अनगिनत बेगुनाह आदिवासियों का है, जो सालों से बिना वजह मारे जा रहे हैं जिन्हें जबरन नक्सली बताकर ख़त्म कर दिया जाता है, जिनकी आवाज़ सुनी नहीं जाती, और जिनका दर्द आँकड़ों में गुम हो जाता है। मैं बात उन सबकी कर रहा हूँ जिन्हें न्याय कभी मिला ही नहीं, जिनकी कहानी किसी रिपोर्ट में जगह नहीं पाई, और जो केवल इसलिए मारे गए क्योंकि उनके हिस्से का जंगल, जमीन और अधिकार किसी को पसंद नहीं था।





