सुनिल चंद्रकांत भुसारा NCPSP retweetledi

ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने का प्रमाण दो.
सर्टिफिकेट बनवाना गरीब जीतू के लिए पहाड़ चढ़ने सा था, उन्होंने आसान रास्ता चुना.
जीतू ने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और कंधे पर कंकाल को लादकर बैंक पहुंच गए. इस दौरान जीतू 5 किलोमीटर ऐसे ही चलते रहे. रास्ते में जिसने भी ये देखा, वो स्तब्ध रह गया.
सोचिए.. अपने देश में ये है गरीबी का हाल, 19,300 रुपए के लिए लोग ऐसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं.
फिर आएंगे न्यूज एंकर जो चिल्लाएंगे कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं... सॉरी, अब तो छठवीं अर्थव्यवस्था हो गए हैं.
ये है असल भारत
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