Uma Shankar Patel
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माइग्रेशन घोटाले के कारण RO/ARO परीक्षा 2023 के ज्वाइनिंग प्रक्रिया पर लगाया रोक 🔥🔥 साथियों उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग माइग्रेशन घोटाला कर रहा था जिसमें OBC कैटेगरी का छात्र UR कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बाद भी बाहर कर दिया जा रहा था। हम सभी साथी इस माइग्रेशन घोटाले के खिलाफ हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ रहे थे । आज माननीय हाईकोर्ट ने RO/ARO 2023 के ज्वाइनिंग पर रोक लगा दिया है और OBC वर्ग के उन सभी छात्रों की लिस्ट मांग लिया है जो UR कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बाद भी फेल कर दिए गए थे। ये साबित हो गया है कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग आरक्षण चोरी कर रहा है। #UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA #Migration_Scam_In_UPPSC #UPPSC_Migration_Scam #Save_Merit_Save_Reservation





साथियों आइए उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के माइग्रेशन घोटाले को समझते है🔥 "यूपी पीसीएस 2023 – ये कैसा आरक्षण का खेल है??" प्रीलिम्स में कटऑफ था: Gen – 125 | OBC – 128 | EWS – 129 और अब मेंस में आया है: Gen – 734 | OBC – 738 | EWS – 750 क्या अब आरक्षण का मतलब ये है कि OBC और EWS को सिर्फ उनकी 27% और 10% सीटों में ही सीमित कर दिया जाए? जनरल मेरिट की सीटों पर उनका हक नहीं? अब पूरा खेल इस उदाहरण से समझिए👇 मान लीजिए UPPCS में सीटों की संख्या 100 है तो इसमें आरक्षण के नियमानुसार 40 सीटें GN की,27 सीटें OBC की,10 सीटें EWS की,21 सीटें SC की,2 सीटें ST की हुई। UPPCS प्री में 15 गुना अभ्यर्थी पास किए जाते है।अब चूंकि आयोग प्री में आरक्षण नहीं दे रहा है और आरक्षित वर्ग को अपने संबंधित कोटे में ही पास किया जा रहा है, यानी ओवरलैपिंग नहीं कराया जा रहा है इसी कारण प्री में आरक्षित वर्ग का कटऑफ GEN से ज्यादा जा रहा है। इस हिसाब से मेंस परीक्षा में GN से 600 अभ्यर्थी,OBC वर्ग से 405 अभ्यर्थी,SC वर्ग से 315 अभ्यर्थी,ST वर्ग से 30 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए। यहां ध्यान रखिएगा ओवरलैपिंग नहीं हुई है। अब बात करते है इंटरव्यू की, सीटों का तीन गुना इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई कराया जाता है। इस हिसाब से GEN के 600 अभ्यर्थियों में से 40 सीटों के सापेक्ष 120 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए,OBC के 405 अभ्यर्थियों में से 27 सीटों के सापेक्ष 81 अभ्यर्थी,SC के 315 अभ्यर्थियों में से 21 सीटों के सापेक्ष 63 अभ्यर्थी,EWS के 10 सीटों के सापेक्ष 30 अभ्यर्थी तथा ST के 2 सीटों के सापेक्ष 6 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए। ध्यान दीजियेगा यहां भी ओवरलैपिंग नहीं हुई है क्योंकि मेंस का कटऑफ भी आरक्षित वर्ग का GN से ज्यादा गया है। अब दिमाग़ लगाकर सोचिए 100 सीटों के सापेक्ष कुल 300 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में जाना था उनमें से 150(120GEN+30EWS) सवर्ण अभ्यर्थी गए है और 150(81OBC+63SC+6ST) आरक्षित वर्ग से गए है। यानी सवर्ण अभ्यर्थियों को इंटरव्यू तक पहुंचाने में सीधे 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। प्री और मेन्स में आरक्षण ने देकर, ओवरलैपिंग न करवाकर बड़ी संख्या में OBC,SC,ST अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में पहुंचने से पहले से रोक दिया गया। अब जब फाइनल सिलेक्शन होना है तो GEN की 40 सीटों के लिए 120 सवर्ण,54 OBC,42 SC,20 EWS और 4 ST अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा यानी 40 GN सीटों के लिए 140 सवर्ण और 100 आरक्षित वर्ग (OBC,SC,ST)के अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा तो यहां कम से कम 28 सीटें सवर्ण अभ्यर्थियों को मिलेंगी और ज्यादा से ज्यादा 12 सीटें आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST) को मिलेंगी। अब अगर देखें को 100 सीटों में से 38(28+10) सीटें सवर्णों को मिली जिनकी आबादी 10-15 प्रतिशत है वहीं 62 सीटें आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST) को मिली जिसकी संख्या 85-90 प्रतिशत है। यूपी सरकार और लोक सेवा आयोग जवाब दें – क्या यही है ‘समान अवसर’ का मतलब? या फिर ‘सिस्टम’ अब काबिलियत से नहीं, कैटेगरी देखकर फैसला करता है?" #Migration_Scam_In_UPPSC #UPPSC_Migration_Scam #Save_Merit_Save_Reservation











प्रदेश के शोषित वर्गों के अधिकारों का हनन बंद हो। माइग्रेशन लागू हो। UPPSC में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। #Migration_Scam_In_UPPSC #Save_Merit_Save_Reservation

















