Yadubanshi Sanjay

197 posts

Yadubanshi Sanjay banner
Yadubanshi Sanjay

Yadubanshi Sanjay

@YSanjay

सोच अच्छी होनी चाहिए , क्योंकि नज़र का इलाज़ तो मुमकिन हैं , पर नजरिये का नहीं !

Uttar Pradesh, India Katılım Haziran 2021
540 Takip Edilen157 Takipçiler
Yadubanshi Sanjay
Yadubanshi Sanjay@YSanjay·
@AuthorAtul बाहर दुनिया तेल की कीमतों और बॉर्डर्स के लिए लड़ रही है और यहाँ टिलुआ गाँव की पुलिया पर बैठकर चाय पीते हुए सोच रहा होगा। तेल गया तेल लेने, अपना सिलेंडर फुल है और मम्मी भी कूल है
हिन्दी
1
0
2
208
Atul Kumar Rai
Atul Kumar Rai@AuthorAtul·
प्यार में महबूबा का सिलेंडर भरवा रहे दीवाने कौन सा विश्वयुद्ध लड़ रहे हैं, ये नेतन्याहू और ट्रम्प कभी नहीं बता सकते। स्टेट् ऑफ़ हॉर्मुज खुले या न खुले इन आशिकों की क़िस्मत खुल चुकी है। प्यार का कोई रंग,रूप गैस होता है कि नहीं ये तो साइंसदान ही समझे लेकिन गाँव के टिलुआ ने बताया है कि उसकी मम्मी ने आज पहली बार कहा कि ए बाबू तुम अच्छे लड़के हो जी 😌
हिन्दी
5
15
96
5.8K
Rabia
Rabia@Rabisaed1·
Only Genius can solve this .
Rabia tweet media
English
269
155
265
4.4K
Yadubanshi Sanjay
Yadubanshi Sanjay@YSanjay·
सुप्रीम कोर्ट ने एक EVM की जांच की तो गांव का प्रधान बदल गया अगर सारी EVM की जांच हो जाती तो देश का प्रधानमंत्री भी बदल जाता
हिन्दी
0
0
0
22
Yadubanshi Sanjay retweetledi
Saurabh
Saurabh@sauravyadav1133·
ये अच्छा है कि अब सीनियर खिलाड़ी भी खुलकर बोल रहे हैं कि मैच खेलने का फैसला सरकार है खिलाड़ियों का नहीं तो अब हमारे कहने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा...सुनील गावस्कर को सुनिए #BoycottINDvPAK
हिन्दी
117
1.7K
5.3K
145.2K
Yadubanshi Sanjay
Yadubanshi Sanjay@YSanjay·
@setwickkk विकलांग व गरीब व्यक्ति को आवास योजना से वंचित करना एक गंभीर मामला है।
हिन्दी
0
1
1
37
Yadubanshi Sanjay
Yadubanshi Sanjay@YSanjay·
@setwickkk आवेदन में स्पष्ट लिखें कि आप विकलांग हैं, घर नहीं है आय कम है, जमीन मात्र 2 बीघा है,बच्चा नहीं है, और दौड़-भाग करने में असमर्थ हैं। अपने ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, MLA/MP को लिखित रूप से बताएं और उनसे अनुशंसा पत्र लें। अक्सर उनके दबाव में प्रशासन जल्दी कार्यवाही करता है
हिन्दी
1
0
1
20
Tom Sawyer
Tom Sawyer@setwickk·
एक विकलांग व्यक्ति हैं ! जाती से ब्राह्मण हैं ! उनके कोई बच्चा नहीं है ! खेती दो बीघा है ! घर है नहीं ! प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है ! सचिव ने अपात्र घोषित क्या हुआ है ! विकलांग होने के नाते दौड़ भाग भी नहीं कर पा रहे ! क्या किया जा सकता है ?
हिन्दी
25
27
140
7.4K
Yadubanshi Sanjay retweetledi
Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
- बेल्ट खोल दे रामचंदर - नही साहेब, मैं नही खोल सकता - खोल दे, बहुत दर्द हो रहा है .. रामचंदर कैसे खोलता। थोड़ी देर पहले जब हाथ लगाकर देखा था.. तो समझ गया था कि अंतड़ियां खुल गयी हैं। बेल्ट ने दबा रखा है। उसने बेल्ट खोल दी तो... ●● साहेब बेहोशी के दौरे में चले जाते, फिर सचेत होते। फिर एक बार बुदबुदाये .. - अच्छा, एक बात मानेगा मेरी - हां साहेब - तू बटालियन चला जा। कहना कि पूरी पलटन शहीद हो गयी। लेकिन कोई पीछे नही हटा - आपको छोड़कर नही जाऊंगा साहब पर साहब फिर बेहोश हो चुके थे। अब जेसीओ रामचन्दर यादव ने उन्हें उठाया, और पहाड़ी के नीचे लाने लगा। रास्ते मे उसे अहसास हुआ। मेजर शैतान सिंह दम तोड़ चुके थे। बर्फ अब भी गिर रही थी। ●● राम चन्दर वहां पहुँचा जहां बटालियन का कैम्प था। पर वहाँ बहुत थोड़े लोग थे। जीप में बिठाकर उसे हेडक्वार्टर लाया गया। उसने कहानी बताई.. बारामूला से उन्हें 2 दिन पहले ही चुशुल सेक्टर में भेजा गया था। वहां LAC के पास रेजांग ला पर एक मोर्चा लगाया गया था। कम्पनी वहीं डटी हुई थी। ●● 18 नवम्बर की भयंकर सर्दी थी। लेकिन भारतीय सैनिक चौकस थे। रात साढ़े तीन बजे कुछ चीनियों को आते देखा गया। मेजर साहब ने रेंज में आते ही उन पर फायर करने का आदेश दिया। पहला रेला आते ही एक टुकड़ी ने धुआंधार फायरिंग हुई। चीनी गिरने लगे। वे चींटियों की तरह चढ़े आ रहे थे, मरते जा रहे थे। तीन घण्टे तक लड़ाई चली। फिर थम गई। सुबह साढ़े छह बजे, रोशनी होते ही बंकरों पर गोले बरसने लगे। मानो बरसात हो रही हो। हर पोस्ट, हर बंकर फटने लगी। आधे घण्टे की शेलिंग के बाद नजारा बदल चुका था। धुआं छंटते ही चीनी फिर आने लगे। हमारी कई पोस्ट खामोश हो चुकी थी। जो बचे थे, गोलियां दाग रहे थे। मेजर शैतान सिंह को भी शेल का टुकड़ा लगा था। मगर वे पोस्ट से पोस्ट भागते रहे, जवानों का हौसला बढ़ाते। इसी दौरान गोलियों का एक बर्स्ट लगा। गिर गए, राम चन्दर उन्हें उठाकर ओट में ले आया। खून तेजी से बह रहा था। साहब बेहोश हो गए। फिर होश में आये। तो जानकारी ली। फिर कहा - बेल्ट खोल दे रामचंदर ●● बर्फबारी कुछ दिन बाद रुकी। सीजफायर हो चुका था, मगर बर्फ की मोटी तह हो चुकी थी। सारे निशान मिट चुके थे। पूरे तीन माह के बाद बाद जब बर्फ पिघली, इनकी तलाश शुरू हुई।। एक चरवाहे को पहाड़ी पर लाशों के ढेर दिखा। हैवी शेलिंग से उड़े हुए हाथ पैर, हाथों में अब भी बंदूक, कोई यूँ पड़ा है जैसे अभी उठ कर गोली चलाने लगेगा। गुड्डे गुड़ियों की तरह जहां तहां बिखरे शरीर.. कुमाऊं रेजिमेंट ने अपने 113 सैनिकों की लाशें इकट्ठा की। 18 नवंबर 1962 की उस काल रात्रि में चीनी सेना ने भी अपने 1200 से ज्यादा सैनिक खोए। बाद में आई रिपोर्ट्स बताती है कि चीन को सबसे ज्यादा नुकसान रेजांग ला में हुआ था। ●● उस रात, चीनियों नें आसपास की कई पहाड़ियों को बिना लड़े कब्जा किया था। भारतीय सेना के कम फौजी होने के कारण उन्हें पीछे हटकर रिग्रूप होने को कहा गया था। यह आदेश, रेजांगला में मेजर शैतान सिंह भट्टी को भी मिले थे। मगर उनकी कम्पनी में अपने रिस्क पर, पोस्ट न छोड़ना तय किया था। नतीजा शहादत होगा, वे जानते थे। ●● मेजर शैतान सिंह को परमवीर चक्र मिला। रेजांगला में उस पहाड़ी पर एक स्मारक बनाया गया। जहां कुमाऊं रेजिमेंट के 113 वीर अपनी जान दे गए। स्मारक 60 सालों तक चीन की ओर देखकर फुसफुसाता था- यहां न किसी को घुसने दिया गया, न आने दिया गया है। ●● 60 साल बाद वह इलाका, आखिरकार बिना लड़े हम हार गए। इलाका "बफर जोन" हो गया है। सेना पीछे हट गई। स्मारक तोड़ दिया गया। मेजर शैतान सिंह की हार 60 साल बाद हुई। पर वो यह खबर टीवी पर नही आई। ●● फिर एक शख्स ने सवाल पूछा- वो जमीन क्यो छोड़ी गई। जवाब कोर्ट ने दिया। कहा- तुम सच्चे भारतीय नही हो। 🙏 ★★★★★★★★★★ उस जज को माफ कर देना शैतान सिंह। वो नही जानता वो क्या कह रहा है।
Manish Singh tweet media
हिन्दी
227
1.4K
3.8K
144.7K
Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
WORST NEWS 🚨 गुजरात के सूरत में 23 साल की जो ट्यूशन टीचर 13 साल के छात्र को लेकर भगा भाग गई थी, चार दिन बाद आज पुलिस ने टीचर को गिरफ्तार कर किया. पुलिसिया पूछताछ में टीचर ने हैरान करने वाली जानकारी बताई, आप लोगों से होश उड़ जाएंगे. टीचर ने कहा, मैं 5 महीने की प्रेगनेंट हूँ और मेरे पेट में पल रहा बच्चा इस छात्र का है. इसी कारण डरकर छात्र को लेकर भाग गई थी. पुलिस इन्वेस्टिगेशन में छात्र ने काबुल किया टीचर से साथ वो कई बार फिजिकल रिलेशन बनाया है. हे जुपिटर देवता, पुरुष हो या महिला सभोंग सुख के लिए किस हद तक गिर जाते हैं.
Kranti Kumar tweet mediaKranti Kumar tweet media
हिन्दी
383
1.1K
5.2K
1.2M
Yadubanshi Sanjay
Yadubanshi Sanjay@YSanjay·
@Vini__007 कराहल में भी भोजपुरी बोलते है क्या?
हिन्दी
0
0
0
152
VINI 💞
VINI 💞@_Attitude_Vini·
कौन-किसको वोट दे ये हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है...! लेकिन राजनीतिक नशे में चूर शैतान संविधानिक नियम कहां मानते हैं... #करहल में एक दलित बेटी की निर्मम हत्या अखिलेश यादव कि समाजवादी पार्टी के प्रसांत यादव ने सिर्फ इसलिए कर दि क्योंकि उस लड़की ने कमल पर वोट डालने को कहा... यही इन जातिवादी हत्यारों का समाजवाद है... संविधान केवल राष्ट्रवादी संगठनों कि सरंक्षन में ही सुरक्षित है, जातिवादी गिद्धों के नहीं...
हिन्दी
144
2.5K
3.4K
269.6K
Atul Kumar Rai
Atul Kumar Rai@AuthorAtul·
झा जी शाम को देव दीपावली में दरभंगा घाट पर उपस्थित हो गए। सात वार में नौ त्यौहार मनाने वाली काशी में उस दिन स्वर्ग उतर आया था। अचानक से देखते हैं ...एक सुंदर सा चेहरा दीये की बाती सीधा कर रहा है...कभी दुपट्टा सम्भालता है। कभी चेहरे पर लटके बालो को सीधा करता है..."अरे ये तो वही है बगल वाली...बाप रे आज सज संवरकर इतनी सुंदर..... एकदम परी ।" मन ही मन झा जी मुस्कराये थे। सचमुच स्वर्ग……… 'कैसी हैं आप? अरे आप...यहां क्या हो रहा गायकार जी..? मनोज तिवारी....उसने हंसते हुए पूछा 'आज पूरी दुनिया आज बनारस में हैं और हम यही रहकर न आएं...ऐसा कैसे हो सकता है। ' आपका नाम क्या है? 'राघव..पूरा राघव नंदन झा..' कुछ कहना था आपसे झा जी सकुचा कर बोले क्या? बोलिये.. "वो कुछ नहीं वैसे आपका नाम क्या है? ज्योति..बताकर खूब हंसी थी.... "सब जानते हैं झा जी हम"..मन ही मन कहते हुए ज्योति ने दिए में ज्योति जलाया था...जिसका प्रकाश दरभंगा घाट पर कम दरभंगा वाले झा के दिल में ज्यादा फैल गया था... उनको एक पल लगा आज दिवाली नहीं आज मेरी ईद है...सामने मेरा चाँद....देर तक निहारा था दोनों ने एक दूजे को.... और वो सब कुछ बिना कहे हो गया था..जिसे कहने के लिए लोग तीन शब्दों का सहारा लेतें हैं...दीया गवाह था , ज्योति भी , गंगा और बनारस भी । तब से मिलना जुलना शुरू...ज्योति को हरा रंग खूब पसन्द था..झा जी को आलू के पराठे... वो अग्रसेन से पढ़कर घाट होते हुए घर जाती..ये दरभंगा घाट पर रोज उसका इंतजार करते। सीढ़ियों पर उसके बनाये पराठे खाते। वो बताती "आपका शर्त देखकर आज गंगा जी का पानी भी हरा हो गया है। झा जी खूब हसंते। कौन समझाये इस पगली को..प्रेम दीवानी को.. सावन के अंधे को... कि ये तो प्यार का रंग है...और प्यार का रंग सबसे प्यारा है। "सुनों कल साजन में चलो फिलिम देखने..इमरान हाशमी का.".झा जी ने कहते हुए उसका हाथ छुआ था। "छी उसका..नहीं कल क्लास है...और साजन के पास मेरे मामा दूध बेचते हैं..." 'तो आईपी में..देखेंगे फिर..पर आप मुझे छुएंगे नहीं...वरना हम मम्मी से कह देंगे..." झा जी इस मासूमियत पर खूब हंसे थे... कुछ दिन में ये प्यार की गाडी सड़क पर नहीं बनारस के घाटों की सीढ़ियों पर दौड़ रही थी...कभी अस्सी कभी मानमंदिर कभी केदार घाट..एक साल दो साल तीन साल... अनवरत..पिक्चर, छोला ,चाट ..गिफ्ट..रूठना, मनाना ,मिलना ,बिछड़ना ,रोना धोना सब। अचानक से गाडी को ब्रेक लगा तब जब एक दिन ज्योति ने कहा "पापा को मालूम हो गया रात को। सीधे कह दिया...आप कल घर खाली करिये..वरना आपकी खैर नही.." झा जी को सदमा लगा..बात दरभंगा तक जाए और पिताजी को हार्ट के दौरे पड़ें..इससे पहले झा जी गनेशमहाल में शिफ्ट हो गए। ज्योति की शादी के दिन रो रो कर फैज़ को गाया था...."कफ़स उदास है यारों सबा से कुछ तो कहो.. कहीं तो वहर-ए-खुदा आज जिक्र ए यार चले." उस दिन ग़ज़ल के शेर का मतलब अच्छे से समझ में आया था और ये भी कि प्यार कारोबार नहीं। ओह …… उस रात बस चार ही बोतल बियर पीया..और चार दिन बाद घर से बाहर निकले। आज दस साल हुए ,अब भी सब कुछ भूलना चाहते हैं ,पर भूल नहीं पाते...दाढ़ी बढ़ा ली..अब ध्रुपद सीखने में तल्लीन हो गए हैं। लेकिन हरे रंग से मोह न गया...आज भी सब कुछ उसकी यादों से हरा है...सावन की तरह...लेकिन दिल की बस्ती ऐसी उजड़ी है जिसे बसने में जमाने लगेंगे। तभी तो आज तक दरभंगा घाट पर शाम को बैठे रहते है ... मानों अब आएगी अब आयेगी। दो महीना पहले एक मोटी सी लड़की आई..गोद में बच्चा साथ में उसकी दो सहेली। और देखते ही कहा..."रग्घू."? ई पाँच मिनट उसे अवाक होकर ताकते रहे..."अरे ज्योति" "बहुत दुबले हो गए आप..और आज भी हरा शर्ट.. "ज्योति ने आश्चर्य से पूछा था। "हाँ...लेकिन मेरा पराठा...."? इतना कहते ही फफक पड़े थे झा जी... उस दिन ज्योति की आँखों में उमड़े समन्दर के आगे गंगा की लहरें भी खामोश थीं..... और बनारस भी।। 🖋️:- अतुल कुमार राय 21-10-2015 रीवा कोठी हॉस्टल बीएचयू बनारस
Atul Kumar Rai tweet media
हिन्दी
14
6
47
1.6K
Atul Kumar Rai
Atul Kumar Rai@AuthorAtul·
एक प्रेम कहानी... ❤️ कार्तिक पूर्णिमा से ठीक एक दिन पहले शाम का समय। गंगा आरती की तैयारी..पर्यटकों और नाव वालों में पैसे को लेकर बहस..पानी का श्रृंगार करतीं नावें... इधर घाट के बशिंदों में देव दीपावली का अलग जोश। दशाश्वमेध से दाहिने मुड़ते ही शीतला घाट। आगे मुंशी घाट। फिर दरभंगा घाट। उसके आगे चौसट्टी घाट...थोड़ा आगे बबुआ पांडे घाट .. ठीक उसी बबुआ पांडेय घाट पर एक छोटे से मन्दिर के बगल में गुमटी से सटी चाय और सिगरेट की दूकान.. मने हिप्पियों का काफी हाउस .. वो सुबह जहाँ आपको योगा करते दिख जाएंगे वहीँ शाम को गिटार बजाकर बीथोवेन या द बीटल्स को गुनगुनाते, झूमते गलबहियां लड़ाते एक दूजे को चूमते ,बेफिक्र बेपरवाह... लगता नहीं कि उन्हें दुनिया की कोई फिक्र है। फिलिस्तीन दिवालिया हो जाय या सीरिया बर्बाद हो जाए..उनके लिए हमेशा जश्न है...चाय और सिगरेट में इन हिप्पियों ने एक प्रतिस्पर्धा पैदा की है...ये झा जी मानतें हैं...वैसे झा जी ये भी मानते हैं कि ई भांग और गांजा भी पीतें है सरवा. .भक-भक बसातें हैं..पर शराब पीते नहीं देखा आजतक...शायद हिप्पीयों का दिल नहीं टूटा इनकी तरह। झा जी मने टैलेंट की दूकान...सुंदर मुख, घुंघराले बाल ,गौर वर्ण...बिरजू महराज की चाल..गाना बजाना नाचना..चित्रकार भी...ख्याल ठुमरी और विद्यापति से लेकर मेहँदी हसन तक को गवा लीजिये...ढोलक तबला हारमोनियम बजवा लीजिये..या वान गाग या राजा रवि वर्मा की पेंटिंग की बारीकियां पूछ लीजिये...या मधुबनी पेंटिंग की खासियत...सब में माहिर हैं। अभी संस्कृत विश्वविद्यालय में आचार्य के छात्र हैं..इसके पहले आपको बता दें.आज से चार साल पहले झा जी दरभंगा से बनारस आये... दरभंगा में इनके पिताजी की रामलीला मण्डली थी..जिसमें ये राम बनते थे। एक बार हुआ यों कि ऐसे ही किसी कार्यक्रम में एक सुकन्या इनके रूप लावण्य पर इस कदर मोहित हो गयी की उसे राम की बजाय इनमें कृष्ण दिखने लगे...झा जी ने उत्तम चरित्र का परिचय देते हुए उस कन्या का नम्बर मांग लिया। किसी लौंडे ने देख लिया..हल्ला...अरे ई का.."भगवान राम रासलीला कर रहें हैं." बस इनकी हुई धुनाई...लंका पर चढ़ाई से पहले ही लंका दहन हो गया.....रामलीला खतम ...पिताजी ने सबसे सार्वजनिक माफी माँगी..."अभी सोलह साल का है...बकस दीजिये इसे." मण्डली की बेइज्जती न हो इस डर से ये संगीत सीखने बनारस आ गए...अब बेचारे पाँच साल से बनारस हैं। ठीक सुबह को बबुआ पांडे घाट पर चाय हाथ में लेकर हिप्पियों का योगा देखते हैं. कहतें हैं मन शांत हो जाता हैं देखकर...शाम को दरभंगा घाट पर बैठते हैं. कहतें हैं "लगता है अपने घर बैठें हैं....धन्य हो दरभंगा महराज.... सुबह शाम रोज का यही काम है...सुबह छूट जाए योगा पर शाम नहीं...शाम को उदास सा चेहरा लटकाये किसी के ख्यालों में खोये..कभी कोई बंदिश गुनगुनाते .कभी कोई ग़ज़ल के शेर..कभी पैर पर हाथ से कोई झपताल का टुकड़ा बजाते.. बेवजह खुश होने की कोशिश के बावजूद उनके चेहरे पर साफ़ लिखा हुआ पढ़ा जा सकता है..."इस लड़के का दिल टूट गया है" आदतवश दशाश्वमेध की ओर झाँककर देख लेतें हैं... शायद आएगी मुझसे मिलने....लेकिन क्यों आयेगी...दिल से हूक उठता.. अरे कौन आएगी? अरे वही जिसे दिल दे दिया था झा जी ने कभी..इनके मकान मालिक की बेटी। तब वो बारह में पढ़ती थी और ये तेरह में यानी शास्त्री प्रथम वर्ष...पर प्यार की डिग्री झा जी को तीन दिन में ही मिल गयी थी। एक दिन नल पर पानी भरते हुए नैनाचार हुए थे..उसने कहा था ठेठ बनारसी में..'तू बहुत अच्छा गावेला.' एकदम मनोज तिवरिया मतीन.." झा जी इस उपमा अलंकार से आहत होकर भी खुश थे..और उसकी तरफ देखकर गुनगुना दिया...'बगल वाली जान मारेली'. इतना सुनकर लड़की शरमाते हुए खूब हंसी थी...'बक्क.'...तब झा जी उसके मकान में नए नए रहने आये थे....लड़की अल्हड़ सी इठलाती हुई चलती थी...तीन घण्टा बाल झाड़ती और तेईस बार शीशा देखकर बोरो प्लस लगाती....झा जी अपनी खिड़की से छुपकर उसे देखते थे...और ख्याल गाना छोड़ फिल्मी गाना गाते थे...'तुझे देखा तो ये जाना सनम' उधर से अगली लाइन वो गुनगुनाती 'प्यार होता है दीवाना सनम"..इतने में ही प्यार हो गया था...झा जी के मन में आता कि दिवाल तोड़कर उसके पास जाकर “आई लव यू” बोल दें...लेकिन सीमेंट की दीवाल से ज्यादा मजबूत तो बन्धन और मर्यादा की बनी बनाई दिवालें हैं ,जिनके तले न जाने कितनी प्रेम कहानियाँ शुरू होने से पहले दफन हो जातीं हैं... ठीक तीन दिन बाद देव दीपावली आ गयी। 👇
Atul Kumar Rai tweet media
हिन्दी
7
23
127
5.7K
Yadubanshi Sanjay retweetledi
A.K. Stalin
A.K. Stalin@iamAKstalin·
जौनपुर , DCM में EVM :- बीती 25 मई की रात को पूर्वांचल यूनिवर्सिटी मे बनाए गए स्ट्रांग रूम के बाहर प्रशासन द्वारा फुल प्रोटोकाल देते हुए एक अवैध DCM मे EVM से भरा ट्रक लाया गया , जिसे सपा कार्यकर्ताओ द्वारा धर दबोचा गया । इस पूरे मामले पर @DMjaunpur का कहना था की ये EVM से भरा ट्रक जाम के कारण और गलती से स्ट्रांग रूम आ पहुंचा, जबकि इसे कलेक्ट्रेट के वेयर हाउस जाना था। जौनपुर DM अपनी ही बातो मे फसते नजर आए , पूर्वाचल यूनिवर्सिटी जौनपुर शहर के एकदम किनारे , एक छोर पर स्थित है जबकि कलेक्ट्रेट परिसर शहर के बीच में , जिस रास्ते से ये ट्रक आया है उसी रास्ते पर कलेक्ट्रेट परिसर है , तो कैसे ट्रक कलेक्ट्रेट न जा कर 20 किलो मीटर दूर पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के अंदर सीधे स्ट्रांग रूम के बाहर कैसे आ पहुंचा??? इस पूरे मामले मे जौनपुर DM की भूमिका अनिल मसीह से मिलती है , पर सपा कार्यकर्ताओ की सतर्कता से ये लोग अपने मंसूबो मे कामयाब नही हो सके। इस प्रकरण दबाने की कोशिश जारी है।इस पोस्ट को अधिक से अधिक संख्या मे Retweet करे और लोगो को सावधान करे की मतदान के बाद अपने EVM की सुरक्षा भी पूरी मुस्तैदी से करे।। @yadavakhilesh @RahulGandhi @BabuSinghKush5 @samajwadiparty @ECISVEEP @SpokespersonECI
A.K. Stalin tweet mediaA.K. Stalin tweet media
हिन्दी
136
3.8K
7.4K
476.3K
Mr Tiwari
Mr Tiwari@Mrtiwari·
भाजपा को लोकसभा 2024 में कितनी सीटें मिल रही है ? A. 300. B. 350 C. 400. D.400 पार
Mr Tiwari tweet media
हिन्दी
25.7K
1.9K
18K
2.4M
Yadubanshi Sanjay retweetledi
UP Tak
UP Tak@UPTakOfficial·
Akhilesh Yadav LIVE: राजा भैया, जयंत चौधरी और चंद्रशेखर आज़ाज पर अखिलेश का जवाब! twitter.com/i/broadcasts/1…
हिन्दी
1
15
43
3.5K
तृप्त ...🖤
तृप्त ...🖤@yaduvanshi32·
इस से पहले की यह देह मणिकर्णिका पर जलकर भस्म बन जाये... मेरी अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी जाएँ... मेरी रूह व्याकुल होकर मोक्ष की लालसा में तुम्हें हर तरफ व्यथित नजरों से खोजे। २/२
तृप्त ...🖤 tweet media
हिन्दी
7
20
121
11.8K
Yadubanshi Sanjay
Yadubanshi Sanjay@YSanjay·
@Benarasiyaa उत्तर प्रदेश की पुलिस ऐसी होनी चाहिए
हिन्दी
0
0
0
5
Piyush Rai
Piyush Rai@Benarasiyaa·
वर्दी को हाथ कैसे लगाया...पटक के फिट कर दूंगा...है साला कौन तू ... तटपूंजिया... मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में तैनात बागपत जिले एक हेड कांस्टेबल ने भाजपा जिला अध्यक्ष और उनके समर्थकों का बीच रोड सत्ता का नशा चूर कर दिया.
हिन्दी
128
347
1K
156.1K
Yadubanshi Sanjay retweetledi
छपरा जिला 🇮🇳
अब भोजपुरी में अइसन गीत खूब सुने के मिली 😍❤️🔥
हिन्दी
81
739
4.3K
237.6K
Yadubanshi Sanjay retweetledi
Vineet kumar
Vineet kumar@vineetspeaks·
आप पत्रकार अमित मौर्या हैं।जो लगातार सामंतवाद,पाखंड, आडंबर के ख़िलाफ़ अपने अख़बार अचूक संघर्ष और यूट्यूब चैनल के ज़रिये आवाज़ उठाते रहते थे।लेकिन यह बात सामंतियों और मनुवादियों को नहीं जमी।सुभाष चंद्र शर्मा,आनंद सिंह समेत चंद सवर्ण इनके घर से इन्हें पीटते हुए थाने ले जा रहे हैं।
हिन्दी
101
190
331
12.2K
Yadubanshi Sanjay retweetledi
Anurag Verma ( PATEL )
Anurag Verma ( PATEL )@AnuragVerma_SP·
पढ़े लिखे नेता को वोट देना कितना जरूरी है ये गगन प्रताप मेथ्स के टीचर ने बताया , उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे को भारत का सबसे बड़ा मुद्दा बताया , पढ़े लिखे नेता को वोट देना कितना जरूरी है समझे इस वीडियो से ,
हिन्दी
118
3.8K
10.8K
278.9K