Akshat Saxena

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@akshat9211

Movies 😍. Foodie 😋. TT & Cricket Champ 🏓🏏. Music is Soul 🎧 Bourbon and Spicy Food🥃🌶️is Bae.Passionate Marathon Runner🏃🏽‍♂️ and Cyclist 🚴

Noida, India Katılım Mart 2011
590 Takip Edilen33 Takipçiler
Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
@OfficialDMRC AC not working in coach M3A05 of blue line. Too much of suffocation. Pls check
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
#MetroInDino is one of the worst movies of modern times,how much nonsensical one can be to write pathetic script,screenplay.how idiotically directed and above all each and every actor has shown his her worst skill.i wanna slap myself having chosen this trash to see.
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
@OfficialDMRC every day magenta line and blue line runs with delayed gaps during peak hours. What is the point of taking metro if I reach office late due to your incapable system. Pls let me know why there is so much of delay, everyday in morning, in evening it runs smoothly
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
Can I get wheelchair at railway station of. Vidisha (m.p.) my parents r travelling alone and I need it for my mom who cannot walk due to her knee problem. 12156 required on 9jun mrng at BHS.Pls help @RailMinIndia @RailwaySeva
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
@RailwaySeva @RailMinIndia received message from TM-IRSMSa, PNR:6138981777,Trn: 12409 has been cancelled due to operational reasons.Inconvenience caused is deeply regretted.IR-CRIS Is it correct? And if yes, when will I get refund
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
I need refund of all 3 tickets for the incompetent services rendered by @RailMinIndia @RailwaySeva train is just halted for hours at multiple stations without any reason.other trains are passing by and we are sitting in train without any pantry
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
@RailwaySeva What will you do with pnr no. If the issue is with whole train ....it's stranded for 5 hours... crawling like a snail
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Akshat Saxena
Akshat Saxena@akshat9211·
@RailwaySeva @DRM_Agra There is no respite. We are still struggling to reach NZM. Absolutely no help no info as to why train is crawling
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ADITI✨
ADITI✨@Aditi_Nit·
Drop Your Name ! I will make one for You 🙌🏻❤️
ADITI✨ tweet media
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The Instigator
The Instigator@Am_Blujay·
Some of these pranks should be illegal
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desi mojito
desi mojito@desimojito·
All mothers are same
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Vatsala Singh
Vatsala Singh@_vatsalasingh·
एक गोत्र में विवाह न करने का कारण..?? पुत्री को अपने पिता का गोत्र क्यों नही प्राप्त होता आइये वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें..??हम आप सब जानते हैं कि स्त्री में गुणसूत्र xx और पुरुष में xy गुणसूत्र होते हैं।इनकी सन्तति में माना कि पुत्र हुआ (xy गुणसूत्र) अर्थात इस पुत्र में y गुणसूत्र पिता से ही आया यह तो निश्चित ही है क्योंकि माता में तो y गुणसूत्र होता ही नही है और यदि पुत्री हुई तो (xx गुणसूत्र) यानी यह गुणसूत्र पुत्री में माता व पिता दोनों से आते हैं । 1. xx गुणसूत्र :- xx गुणसूत्र अर्थात पुत्री , अस्तु xx गुणसूत्र के जोड़े में एक x गुणसूत्र पिता से तथा दूसरा x गुणसूत्र माता से आता है । तथा इन दोनों गुणसूत्रों का संयोग एक गांठ सी रचना बना लेता है जिसे Crossover कहा जाता है । 2. xy गुणसूत्र :- xy गुणसूत्र अर्थात पुत्र , यानी पुत्र में y गुणसूत्र केवल पिता से ही आना संभव है क्योंकि माता में y गुणसूत्र है ही नही । और दोनों गुणसूत्र असमान होने के कारन पूर्ण Crossover नही होता केवल ५ % तक ही होता है । और ९५ % y गुणसूत्र ज्यों का त्यों (intact) ही रहता है, तो महत्त्वपूर्ण y गुणसूत्र हुआ । क्योंकि y गुणसूत्र के विषय में हमें निश्चित है कि यह पुत्र में केवल पिता से ही आया है।बस इसी y गुणसूत्र का पता लगाना ही गोत्र प्रणाली का एकमात्र उदेश्य है जो हजारों / लाखों वर्ष पूर्व हमारे ऋषियों ने जान लिया था वैदिक गोत्र प्रणाली और y गुणसूत्र अब तक हम यह समझ चुके है कि वैदिक गोत्र प्रणाली y गुणसूत्र पर आधारित है अथवा y गुणसूत्र को ट्रेस करने का एक माध्यम है ।उदहारण के लिए यदि किसी व्यक्ति का गोत्र कश्यप है तो उस व्यक्ति में विद्यमान y गुणसूत्र कश्यप ऋषि से आया है या कश्यप ऋषि उस y गुणसूत्र के मूल हैं।चूँकि y गुणसूत्र स्त्रियों में नही होता यही कारण है कि विवाह के पश्चात स्त्रियों को उसके पति के गोत्र से जोड़ दिया जाता है।वैदिक / हिन्दू संस्कृति में एक ही गोत्र में विवाह वर्जित होने का मुख्य कारण यह है कि एक ही गोत्र से होने के कारण वह पुरुष व स्त्री भाई बहन कहलाएंगे क्योंकि उनका प्रथम पूर्वज एक ही है ।परन्तु ये थोड़ी अजीब बात नही कि जिन स्त्री व पुरुष ने एक दुसरे को कभी देखा तक नही और दोनों अलग अलग देशों में परन्तु एक ही गोत्र में जन्मे , तो वे भाई बहन हो गये ? इसका मुख्य कारण एक ही गोत्र होने के कारण गुणसूत्रों में समानता का भी है । आज के आनुवंशिक विज्ञान के अनुसार यदि सामान गुणसूत्रों वाले दो व्यक्तियों में विवाह हो तो उनकी सन्तति आनुवंशिक विकारों के साथ उत्पन्न होगी ।ऐसे दंपत्तियों की संतान में एक सी विचारधारा , पसंद , व्यवहार आदि में कोई नयापन नहीं होता । ऐसे बच्चों में रचनात्मकता का अभाव होता है। विज्ञान द्वारा भी इस संबंध में यही बात कही गई है कि सगोत्र शादी करने पर अधिकांश ऐसे दंपत्ति की संतानों में अनुवांशिक दोष अर्थात मानसिक विकलांगता , अपंगता , गंभीर रोग आदि जन्मजात ही पाए जाते हैं । शास्त्रों के अनुसार इन्हीं कारणों से सगोत्र विवाह पर प्रतिबंध लगाया था। इस गोत्र का संवहन यानी उत्तराधिकार पुत्री को एक पिता प्रेषित न कर सके , इसलिये विवाह से पहले कन्यादान कराया जाता है और गोत्र मुक्त कन्या का पाणिग्रहण कर भावी वर अपने कुल गोत्र में उस कन्या को स्थान देता है , यही कारण था कि उस समय विधवा विवाह भी स्वीकार्य नहीं था , क्योंकि , कुल गोत्र प्रदान करने वाला पति तो मृत्यु को प्राप्त कर चुका है।इसीलिये , कुंडली मिलान के समय वैधव्य पर खास ध्यान दिया जाता और मांगलिक कन्या होने पर ज्यादा सावधानी बरती जाती है ।आत्मज या आत्मजा का सन्धिविच्छेद तो कीजिये आत्म + ज अथवा आत्म + जा आत्म = मैं , ज या जा = जन्मा या जन्मी , यानी मैं ही जन्मा या जन्मी हूँ। यदि पुत्र है तो 95% पिता और 5% माता का सम्मिलन है । यदि पुत्री है तो 50% पिता और 50% माता का सम्मिलन है । फिर यदि पुत्री की पुत्री हुई तो वह डीएनए 50% का 50% रह जायेगा , फिर यदि उसके भी पुत्री हुई तो उस 25% का 50% डीएनए रह जायेगा , इस तरह से सातवीं पीढ़ी में पुत्री जन्म में यह प्रतिशत घटकर 1% रह जायेगा ।अर्थात , एक पति-पत्नी का ही डीएनए सातवीं पीढ़ी तक पुनः पुनः जन्म लेता रहता है , और यही है सात जन्मों का साथ। लेकिन , जब पुत्र होता है तो पुत्र का गुणसूत्र पिता के गुणसूत्रों का 95% गुणों को अनुवांशिकी में ग्रहण करता है और माता का 5% ( जो कि किन्हीं परिस्थितियों में एक % से कम भी हो सकता है ) डीएनए ग्रहण करता है , और यही क्रम अनवरत चलता रहता है, जिस कारण पति और पत्नी के गुणों युक्त डीएनए बारम्बार जन्म लेते रहते हैं, अर्थात यह जन्म जन्मांतर का साथ हो जाता है.. जय गोविंदा
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