𝔻𝕖𝕖𝕡𝕒𝕜
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@arunpudur @tnpoliceoffl kindly take cognizance and if it is fake then act accordingly
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राम गुहा ने अपने लेख में उमर खालिद के जिस ख़त का उल्लेख किया है, उसका सभी भारतीय भाषाओं में अनुवाद होना चाहिये.
जेल में कैद इंसान कितना उर्जावान ख़त लिख रहा है.
कोई सत्ता इस इंसान को झुका नहीं सकती.
जैसाकि @Ram_Guha महाश्वेता देवी को उद्धृत करते हैं - हम मोईदान नहीं छोड़ेंगे.

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@cmfbynothing @getpeid this is not the way to deal with customers and deprived them from their warranty rights.
𝔻𝕖𝕖𝕡𝕒𝕜@deepak10_11
@cmfbynothing there is no any customer care to connect and you are not interested to solve the problem i guess. pathetic service provider
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@cmfbynothing there is no any customer care to connect and you are not interested to solve the problem i guess. pathetic service provider
𝔻𝕖𝕖𝕡𝕒𝕜@deepak10_11
@nothing @cmfbynothing Your phone 2 pro has been not working from yesterday and now service centre is asking for 5500. My mobile is merely 3 months old as of now, I need replacement or service without any cost. @GyanTherapy @TechnicalGuruji @AmreliaRuhez
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@nothing @cmfbynothing Your phone 2 pro has been not working from yesterday and now service centre is asking for 5500. My mobile is merely 3 months old as of now, I need replacement or service without any cost. @GyanTherapy @TechnicalGuruji @AmreliaRuhez
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जून 2019 की बात है.
यूपी के रामपुर से एक घटना सामने आई थी. एक नाबालिग बच्ची का रेप किया गया, और उसके बाद उसकी लाश पर तेजाब डाल दिया गया ताकि शिनाख्त न हो सके.
10 जून को IPS अजयपाल शर्मा ने रामपुर एसपी का कार्यभार सम्हाला था.
और 22 जून को इस रेप घटना के आरोपी को एक एनकाउंटर के बाद अरेस्ट कर लिया गया.
मीडिया ने ख़बरें चलाईं कि यूपी पुलिस के “सिंघम” ने किया एनकाउंटर. अजयपाल शर्मा ने अपने फेसबुक पर लोगों का धन्यवाद भी किया. लोगों को लगा कि अजयपाल
शर्मा ने ही एनकाउंटर किया है.
उस समय हमने रामपुर क्राइमब्रांच और ख़ुद अजयपाल शर्मा से बात की. सबने कहा - एनकाउंटर के समय अजयपाल शर्मा मौके पर मौजूद ही नहीं थे.
ऐसे में अगर वो मौके पर ही नहीं थे, तो गोली चलाने की बात तो दूर की है.

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@RailMinIndia @RailwaySeva kindly look into matter and let the train running status smooth for better convenience of passangers.
𝔻𝕖𝕖𝕡𝕒𝕜@deepak10_11
@RailMinIndia @RailwaySeva why the train number 22362 Amrit Bharat Express is being treated like a special train, halted at non- stoppage points for more than half an hour, it is deliberate attempt to harrassing the people onboard & their time and train running late everyday now.
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@RailMinIndia @RailwaySeva why the train number 22362 Amrit Bharat Express is being treated like a special train, halted at non- stoppage points for more than half an hour, it is deliberate attempt to harrassing the people onboard & their time and train running late everyday now.
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@RailMinIndia @RailwaySeva why the train number 22362 Amrit Bharat Express is being treated like a special train, halted at non- stoppage points for more than half an hour, it is deliberate attempt to harrassing the people onboard and their valuable time.
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पीस, कट पीस और लाल लेजर की कहानी।
बिना किसी जलन के ये बात स्वीकारी जानी चाहिए कि इस पीस प्रॉसेस में पाकिस्तान सिर्फ़ मैसेंजर बॉय नहीं था। इस शुक्रवार अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में मुलाक़ात होगी। इस पूरे समझौते को इस्लामाबाद एकॉर्ड नाम दिया जा रहा है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की ये सलाहियत नहीं है कि इतनी काम्प्लेक्स डील करवा सकें। पर्दे के पीछे से आसिम मुनीर इस पूरे खेल को चला रहे थे। उन्हें चीन का साथ मिला हुआ था। उन्होंने ईरान की शर्तों पर ट्रम्प को राजी कर लिया।
अमेरिका के झुकने के एक वजह ये भी है कि अमेरिका और इजराइल की 25000 से ज़्यादा स्ट्राइक के बाद भी ईरान मिसाईल दागने की सलाहियत ख़त्म नहीं की जा सकी।
जंग की शुरुआत में मोसाद का अनुमान था कि ईरान के पास 2500 मिसाइल हैं। इजराइल ने हिज़्बुल्लाह को ख़त्म मान लिया था। ये दोनों ही अनुमान ग़लत साबित हुए। ईरान ने पाकिस्तानी मीडियेटर्स को बताया कि अभी उनके पास 15000 मिसाइल और 45000 ड्रोन का जखीरा पड़ा हुआ है। 14 लाख लोगों ने ग्राउंड इनवेजन की सूरत में आख़िर दम तक लड़ने की क़सम उठाई है। ईरान को तोड़ना अमेरिका और इजराइल के बस की बात नहीं है।
अब आख़िर में बात हमारी भी।
हमारे विदेश मंत्री का पाकिस्तानी मध्यस्थता पर बयान था कि हम किसी के दलाल नहीं है। दरअसल हमने इस युद्ध में विदेश नीति के स्तर पर ब्लंडर किए हैं। हम खुले तौर पर इजराइल के पक्ष में खड़े थे। हमने ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या पर एक बयान देना तक जरूरी नहीं समझा। पाँच दिन बाद IRS डेना के मारे जाने के बाद नैतिक दबाव में हमने ईरान के दूतावास जाकर श्रद्धांजलि दी। जिस ईरान ने कश्मीर के मुद्दे पर भारत का साथ दिया, जिसके साथ हमारी सिविलाइजेशनल संबंध रहे हैं, उस ईरान एक आयल टैंकर निकालने के हमें चिरौरी करनी पड़ी। हम इस शर्त पर आयल टैंकर निकाल पाए कि हम ईरान से आयल ख़रीदेंगे।
पाकिस्तान की जगह हर लिहाज़ से इस युद्ध में मध्यस्थता करवाने की बेहतर स्थिति में थे। इजराइल अमेरिका और ईरान तीनों से हमारे अच्छे संबंध थे। लेकिन हमने ख़ुद को एक ऐसी स्थिति में डाल दिया कि अब ये फादरलैंड हमसे ना निगलते बन रहा है, ना उगलते बन रहा है।
ऑयल टैंकर और गैस कैरियर निकाल लेना डिप्लोमेटिक जीत बताया जा रहा है। जबकि ये कारनामा कई प्राइवेट शिपिंग कंपनिया भी कर पा रही थीं।
लिखने को बहुत कुछ है लेकिन डर लग रहा कि आँख से लेजर मारकर भस्म कर दिया जाऊँगा।

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खुरपेंची सलाह:
हमारे ऊपर FIR करने वालों को लगता है कि खुरपेंच कोई एक व्यक्ति है, उनको ये नहीं पता कि ये लाइक माइंडेड यंगस्टर्स का एक ग्रुप है , जिसमें डिफरेंट वॉक ऑफ लाइफ से लोग जुड़े हुए हैं,
जो संवैधानिक दायरे में रहकर सिस्टम को साफ और इफेक्टिव बनाना चाहते हैं, हमारी लड़ाई किसी पॉलिटिकल पार्टी , संस्था या व्यक्ति से नहीं है, हमारी लड़ाई भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है, जो हमारे टैक्स के पैसों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं,
हम 48 से 72 घंटे पर अपना ट्वीट शेड्यूल करके रखते हैं,जिसमें तमाम भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जानकारियां हैं ,अगर हमारे खिलाफ किसी प्रकार की इल्लीगल कानूनी कार्यवाही की गई तो वो सारे ट्वीट्स आप तक पहुंच जायेंगे और बहुत बड़े अधिकारी उसमें शामिल होंगे ,हम लीगल प्रोसेस में जिम्मेदार नागरिक की तरह सहयोग देना चाहते हैं, लेकिन कोई भी इल्लीगल एक्टिविटी जैसे फोन ट्रेसिंग, हम तक पहुंचने के लिए ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ का फॉलो न होना आपको ही परेशानी में डाल देगा,
पिछले दो सालों में हमने सिर्फ पब्लिक इश्यूज़ पर काम किया है, जिसके वजह से आज देश भर में खुरपेंच नाम से तकरीबन 300 या उससे ज्यादा हैंडल्स एक्टिव हैं, हम उनको पर्सनली जानते भी नहीं ,हमारी उनसे कभी बात नहीं हुई, लेकिन जनता से जुड़े मुद्दों पर वो हमारा साथ देते हैं, इसलिए हमारे साथ कोई धोखा मतलब जनता से धोखा माना जाएगा,
हमारी जीत सुनिश्चित है, जीतने के बाद जिसने हमारे खिलाफ बोगस FIR करवाई है और जिसने ये बोगस FIR लिखी है, उसको हम देश के हर कोने से कानूनी नोटिस भिजवाएंगे , इसलिए जो इन भ्रष्टाचारियों के साथ हैं वो भी सचेत रहें, हमारी नजर बनी हुई है, हम आपके अगल ही बगल हैं।
जय हिंद जय भारत । थैंक यू सो मच।
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ममता के अपमान से आहत कांग्रेस इस बार बंगाल चुनाव बीजेपी को रोकने के लिए नहीं,ममता को हराने के लिए लड़ रही है।बंगाल में कांग्रेस का दुश्मन नंबर वन बीजेपी नहीं,ममता बनर्जी है।
2023 के उपचुनाव में कांग्रेस ने मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बाहुल सीट सागरदिघी तृणमूल कांग्रेस को हराकर जीती थी।सागरदिघी सीट पर ममता समर्थक मुस्लिम 64 फीसद होने के बाद भी कांग्रेस की जीत ने ममता के होश उड़ा दिए थे।
ममता ने बिना समय गवाए कांग्रेस विधायक को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया और कांग्रेस को फिर से विधानसभा में शून्य पर पहुचा दिया।
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हर हाल में हराने के लिए ममता बेनर्जी ने गुजरात से यूसुफ पठान को लाकर बहरामपुर से मैदान में उतारा और खुद प्रचार कर कांग्रेस की हार सुनिश्चित कर दी।ममता यही नहीं रूकी,दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को समर्थन दिया।ममता बनर्जी से अपमानित महसूस कर रही
कांग्रेस ने अपमान का घूंट पीया और बंगाल चुनाव का इंतजार किया।
कांग्रेस ने 2006 में 262 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इस बार सबसे ज्यादा 294 सीटों पर अपने दम पर लड़ रही है।मकसद साफ है,ममता का रायता फैलाना है।
2024 के लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस ने एक लोकसभा सीट जीतने के साथ ही 11 विधानसभा सीटों पर नंबर वन थी। ये सीटें मुस्लिम बाहुल चांचल चाकुलिया,हरिचंद्रपुर,मालतीपुर,रतुआ,मोथाबाड़ी,
शुजापुर,लालगोला,बहरामपुर और मुर्शिदाबाद की अन्य सीटें थी।14 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर थी।लोकसभा चुनाव में विधानसभा की नंबर वन और नंबर दो रही इन 25 सीटों पर कांग्रेस का फोकस है।
मौसम बेनज़ीर नूर के तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल होने से भी कांग्रेस को ताक़त मिली है।
सिर्फ एक दशक पहले 2016 में बंगाल से 44 सीटें जीतने वाली कांग्रेस आज शून्य भले ही हो,लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 28 लाख से ज्यादा वोट और एक सीट मिली है।
2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लगभग 18 लाख वोट मिले थे।
ऐसे में जब ममता को बीजेपी से तगड़ी चुनौती मिल रही है,ऐसे मे कांग्रेस का 294 सीटों पर लड़ना कांग्रेस की जीत का भले ना हो ममता के लिए हार का कारण बन सकता है।
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@flipkartsupport details shared, kindly share the customer care number here so I can reach out, not with an AI bot
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I am extremely sorry to keep you waiting for the order delivery. We want to sort this out for you. Please help us with the order details here via DM to keep your details safe. We are looking forward to your response. To make sure that your Flipkart account information is safe, please start a private chat with us by clicking here.
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@Vmro_Chill @Madhurendra13 क्यूंकि रियल मनी नहीं है उनके पास केवल चीन के पास पैसा है बाकी बैंकिंग क़र्ज़ पर चल रहे है
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@Madhurendra13 एक बात समझ नहीं आती , के जब अमरीका और चीन के उद्योगपति फंडिंग देकर दूसरे देश की राजनीति में हस्तक्षेप करते हैं । तो फिर ये अंबानी , अडानी , और टाटा जैसे भारतीय उद्योगपति ऐसा क्यों नहीं करते ??? 🤔
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@VoiceOfTribals_ @umashankarsingh एक युद्ध होगा तुर्की और इसराइल के बीच जब भी पर होगा जरूर
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@umashankarsingh तो अब वक्त आ गया हैं तुर्की को शामिल हो जाना चाहिए युद्ध में?
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रूस यूक्रेन युद्ध में उलझा है इसलिए वह ईरान को चाहकर भी बड़ी मदद नहीं कर सकता। चीन अपने पड़ोसी देशों और अमेरिका को सैन्य ताक़त की muscle flexing कर दिखाता ज़रूर रहता है लेकिन वह अपनी ज़मीनी या समुद्री सीमा को बढ़ाने की कोशिश तक सीमित रहता है। और वह ताक़त के बूते ताइवान लेने के लिए अपनी सैन्य क्षमता अक्षुण्ण रखना चाहेगा, दुनिया के किसी और हिस्से के युद्ध में शामिल नहीं होगा। साथ ही, वह आर्थिक महाशक्ति के तौर पर अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने पर फ़ोकस्ड रहता है। इसलिए ईरान इज़राइल अमेरिका युद्ध में वो सीधे तौर पर हस्तक्षेप करता कतई नहीं दिखेगा। रूस और चीन बस बयानों से काम चलाते रहेंगे
बेरोजगार कॉकरोच@AnkitKu01547303
@umashankarsingh रूस और चीन को भी ईरान की मदद करनी चाहिए।
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