हेम नारायण सिंह
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हेम नारायण सिंह
@hem05288
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एक आदमी अपनी कार में हवा भरवाने के लिए Indian Oil के एक पेट्रोल पंप पर गया।
उसने सोचा, 2 मिनट में हवा भर जाएगी और वह निकल जाएगा।
हवा भरने के बाद कर्मचारी बोला,
"₹40 दे दीजिए।"
आदमी ने पूछा,
"किस बात के ₹40?"
वह बोला,
"नाइट्रोजन है, ₹10 प्रति टायर लगता है।"
आदमी ने इधर-उधर देखा।
यह कोई प्राइवेट पंचर की दुकान नहीं थी।
बल्कि एक अधिकृत पेट्रोल पंप था।
उसे एक और बात अजीब लगी।
हवा भरने वाली मशीन पर लगे कंपनी और सरकारी सूचना वाले स्टिकर भी ढके हुए थे।
उसने कर्मचारी से पूछा,
"यह मशीन पेट्रोल पंप की है या आपकी?"
कर्मचारी बोला,
"मेरी अपनी मशीन है।"
आदमी को बात पर शक हुआ।
उसने वहीं मैनेजर से बात करने की मांग की।
फिर उसने बताया कि पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के लिए हवा, पानी और फर्स्ट एड जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।
यह सुनते ही कर्मचारी अपने बयान बदलने लगा।
पहले बोला,
"साहब, सादी हवा तो फ्री है।"
फिर बोला,
"पैसे तो सिर्फ नाइट्रोजन के हैं।"
आदमी ने कहा,
"अगर कोई अतिरिक्त सेवा है तो उसकी जानकारी और शुल्क स्पष्ट होना चाहिए। ग्राहक को पहले बताया जाना चाहिए, बाद में नहीं।"
उस दिन उसे समझ आया कि कई बार जानकारी की कमी की वजह से लोग ₹10-₹40 जैसी छोटी रकम देकर आगे बढ़ जाते हैं।
लेकिन छोटी-छोटी रकम भी हजारों ग्राहकों से ली जाए,
तो बड़ा आंकड़ा बन सकता है।
इसलिए उसने तय किया कि आगे से किसी भी अतिरिक्त शुल्क का कारण पहले जरूर पूछेगा।
और अगर किसी सुविधा या शुल्क को लेकर संदेह हो,
तो पेट्रोल पंप के मैनेजर या संबंधित शिकायत माध्यम से जानकारी जरूर लेगा।
क्या आपने भी कभी पेट्रोल पंप पर हवा भरवाने के बाद अतिरिक्त पैसे मांगे जाने का अनुभव किया है?


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ये कानपुर के चमनगंज का शब्बू उर्फ़ मोहम्मद कैफ। ये डायपर बेचने का काम करता है इतना हर्रामी था की इसने अपने घर के बाथरूम में कैमरा लगाकार अपनी बहन, मां, चाची और भाभी की नहाते हुए वीडियो रिकॉर्ड की....
बाद में वीडियो के द्वारा ब्लैकमेल करके अपनी ही बहन, चाची, और भाभी का रेप किया... लगातार किया....करता रहा... वो बेचारी बेबस थीं....
इतना ही नहीं अपनी भांजी, भतीजी व रिश्तेदार जो भी घर आते या रुकते उन बच्चियों के साथ बकायदा दरिंदगी करके उसकी वीडियो भी बनाता....
और बाद में अपने गूगल ड्राइव पर सभी वीडियो अपलोड करके सेव करता.....बस यहीं फंस गया ये....
अपलोड करने के बाद गूगल का सेफ्टी मोड ऑटोमैटिक ऑन हुआ... और एक उसके बाद गूगल ने कानपुर पुलिस को लगातार अलर्ट भेजना शुरू किया।
पहले तो चाइल्ड के मामले में बाद में एडल्ट संबंधी....
गूगल ने मोबाइल की लोकेशन, मोबाइल में पड़ा Gmail और मोबाइल का IMEI नंबर और मोबाइल नंबर तक पुलिस को उपलब्ध कर दिया.....
उसके बाद पुलिस एक्शन में आई और इसको गिरफ्तार किया तब जाकर सारे कारनामों का खुलासा हुआ...
सोच कर देखिए अगर टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस ना होती और गूगल ने पुलिस को अलर्ट ना भेजा होता तो अभी ना जाने कितने लोग शिकार होते.....
लोक लाज के डर से घर की महिलाएं ही मुंह नहीं खोल रही थी.....
सोच कर देखिए आपकी रूह कांप जाएगी..... कोई आदमी अपनी मां, बहन, चाची, भाभी के साथ ऐसा करने का सोच भी सकता है.......
वैसे मेरे हिसाब से दुनिया इतनी खराब हो चुकी है की अपनी बच्चियों को बचा कर रखिए चाहे वो घर का कोई हो या रिश्तेदार....किसी पर भरोसा न करिए...... अंधा भरोसा तो बिलकुल भी नहीं....
देश दुनियां में ऐसे नीच लोग हैँ जो खुद के घर की महिलाओं को भी नहीं छोड़ रहे तो आपके घर महिलाओं के लिए कितनी दया दिखाएंगे...!

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यह वीडियो देख कलेजा फट जाएगा 💔
बताया जा रहा है कि- इलाज के लिए एक मां अपने दो बच्चो के साथ अस्पताल पहुंची थी, माँ की तबियत अचानक बिगड़ी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बच्चों के पिता पहले ही परिवार से अलग हो चुके थे। मां के निधन के बाद दोनों मासूम घंटों तक अस्पताल में अपनी मां के शव के पास बैठे रहे।
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल है।
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आप विश्वास करेंगे की सिर्फ 7 महीने पहले यह लड़की पश्चिम बंगाल की एक ब्राह्मण लड़की थी जिसका नाम मिस्टी भट्टाचार्य था
लेकिन आज यह मुस्लिम बन गई है और अपना नाम आएशा रख ली है
मिस्टी भट्टाचार्य मुलाक़ात 'फ्री फायर' गेम खेलते समय एक मु'स्लिम लड़के से हुई
सिर्फ 7 महीने में उसे मुस्लिम लड़के ने मिस्टी भट्टाचार्य का दिमाग पूरी तरह से अपने काबू में कर लिया और उसे अपना घर छोड़कर उसके साथ आने के लिए तैयार कर लिया
उसने अपने माता-पिता की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ घर छोड़ा, इ'स्लाम अपनाया और उस लड़के से शादी कर ली
अब उसका नया नाम आयशा है..!!
कुछ महीने पहले ठीक ऐसी ही घटना गुजरात में भी हुई थी जहां दो नाबालिक लड़कियां किसी मोबाइल गेम में किसी मुस्लिम के द्वारा बहला फुसलाकर बिहार भाग गई थी और उन के साथ रहने लगी थी
और घर वालों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें लेकर आये और उन्हें महीनों तक साइकोलॉजी से काउंसलिंग करवाना पड़ा
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