@AAPDelhi Sir, please look into the fee hikes in Noida private schools. Parents are no longer in a position to bear every year fee hikes. Situation is beyond control in Noida. Urgent intervention is needed.
ये गुंडागर्दी नहीं तो और क्या है...
दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की गुंडागर्दी चल रही है और रेखा गुप्ता सरकार झूठे वादे करने के बाद ये सब होने दे रही है।
DPS द्वारका ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कई बच्चों का नाम काट दिया, लेकिन भाजपा प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया।
बेबस अभिभावक के पास अपने बच्चों की पढ़ाई बचाने के लिए सड़क पर प्रदर्शन करने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा।
शिक्षा माफिया के साथ बीजेपी की सांठगांठ के चलते ही निजी स्कूलों की इतनी हिम्मत बढ़ गई है।
सांसद क्यों चुप है स्कूलों की लूट पर?
"बच्चों की किताबें लेकर आया हूं स्कूल से। 4th और UKG की, टोटल बिल बना 11500 रुपए का, क्या करे? पढ़ाना तो पड़ेगा। बस लूट है। शिक्षा के नाम पर। कोई सुनने वाला नहीं। कोई बचाने वाला नहीं।"
@AamAadmiParty@PMOIndia@CMOfficeUP Private schools in Delhi can’t match the hefty fee hikes of Noida’s Pvt. schools. We don’t get free electricity or water from the UP govt—just asking for intervention to cap fees and mandate NCERT books. My child’s books alone cost nearly ₹10K this year.
दिल्ली
➡दिल्ली में अभिभावकों का साइलेंट प्रोटेस्ट
➡द्वारका के DPS स्कूल गेट नंबर 2 पर प्रोटेस्ट
➡सुबह 8 बजे से अभिभावकों का प्रदर्शन जारी
➡कोर्ट के आदेश के बावजूद बच्चों के नाम काटे
➡स्कूल प्रशासन कर रहा मनमानी - अभिभावक
#Delhi | @DelhiPolice@CMODelhi
शिक्षा या स्कैम??
6500 की books लो और साथ में 2500 के स्टिकर लो, लेकिन UPI से पेमेंट नहीं करना है
मतलब दो नंबर के धंधे को स्कूलों द्वारा एक नंबर का बनाया जा रहा है.
एडमिशन शुरू हो गए हैं, शिक्षा माफियाओं की लूट का स्वर्णिम अवसर भी आरंभ हो चुका है,
1. एडमिशन के नाम पर
2. फीस के नाम पर
3. किताबों के दाम पर
4. स्कूल ड्रेस के नाम पर
सरकार और प्रशासन अब कुछ दिन सोएगी, अभिभावक जब बच्चों का एडमिशन करा लेंगे ब्याज लेकर, लोन लेकर, खून के आंसू रो कर. तब इन्हें होश आएगा,,!!
हमारे देश का यही सिस्टम है एक भी स्कूल के ऊपर कार्यवाही नहीं होगी, भले ही जनता अपना सर पटक के मर जाए..!!
@DocRGM_ Govt is busy in war hypocrisy—hamari aur aapki kaun sunega?
In most countries, K–12 education is free with world-class infrastructure, (e.g. China). Private schools are limited.
In India, private schools seem to have more govt patronage than public education. Bharat Mata ki Jai.
@Kanpurneeds@PMOIndia@CMOfficeUP See the fee increased by Jagran Public School every year. This year too they have increase the Fee of Class 9 from 24,150 to 26,500 Quarterly. Govt. can easily put a clamp on these Pvt schools monopoly, if they not people will come on road soon.
लोकसभा में @samajwadiparty की सांसद @IqraMunawwar_ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के ख़िलाफ़ एक बेहद ज़रूरी सवाल उठाया है। जब स्कूल बच्चों की किताबें, ड्रेस और कॉपियाँ एक तय दुकानदार से ही महँगे दामों पर खरीदने को मजबूर करें, तो यह सिर्फ़ अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार पर सीधा प्रहार है।
जब करोड़ों परिवार मुफ़्त राशन के सहारे जीवन चला रहे हों और दूसरी तरफ़ सरकारी स्कूल लगातार बंद किए जा रहे हों, तब यह चिंता और गहरी हो जाती है। क्या अब अच्छी शिक्षा सिर्फ़ अमीरों के बच्चों के लिए बचाई जा रही है?
सरकार को बताना होगा—वह बच्चों का भविष्य बना रही है या उसे बाज़ार के हवाले कर रही है?
@EduMinOfIndia
स्कूल-कॉलेज अब शिक्षा के केंद्र नहीं, कमाई के कॉरपोरेट सेंटर बन चुके हैं।
शिक्षा का निजीकरण सिर्फ़ एक नीति नहीं, बल्कि गरीब और पिछड़े बच्चों के सपनों का सरकारी अपहरण है। जब पढ़ाई बिकने लगे, तब बराबरी, अवसर और संविधान—तीनों खतरे में पड़ जाते हैं।
700 रुपये की किताबें 3,000 रुपये में बिक रही हैं।
लखनऊ में निजी स्कूल कमीशन के लिए पाठ्यपुस्तकों का सौदा कर रहे हैं।
माता-पिता को बढ़ी हुई कीमत चुकानी पड़ रही है;
सौदेबाजी कैमरे में कैद हो गई।
दिल्ली में किताबें 15-20 हजार रुपये में बिक रही हैं।
आज लोकसभा में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज़ उठाई।
कई स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के लिए एक ही दुकानदार तय कर अभिभावकों को महंगी खरीदारी के लिए मजबूर करना गलत है।
इस समस्या के समाधान के लिए शिकायत दर्ज करने हेतु एक समर्पित पोर्टल की मांग की।