jhaparitosh
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jhaparitosh
@jhaparitosh
Social worker believes in humanity
Saharsa Katılım Aralık 2011
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@rajeevranjanMKH आप जरूरत से ज्यादा उदास दिखाई पड़ते हैं। थोड़ी भी शर्म है तो सच्ची न्यूज दिखाएं
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@UnSubtleDesi आप बहुत बहादुर है नूपुर। जहां तक रही चुनाव परिणाम की बात तो अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि कल रात मैंने जो देखा वह सच था या सपना था।
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The next 10 years aren’t going to be easy. Whoever becomes the chief minister of bengal, will need a spine of titanium and a steady heart. From infiltration and demographic change to the rot bengal has been pushed into - no infra, no jobs, no industry, nothing, it’ll be an uphill task.
As the euphoric day comes to an end, an ocean of fire awaits the new govt in Bengal.
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@anantvijay एक शहीद स्मारक बनाया जाए जिस पर भारतीय जनता पार्टी के उन कार्यकर्ताओं की तस्वीर और नाम दोनों हो जिन्हें तृणमूल कांग्रेस के गुंडो ने जान से मार दिया।
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@MediaHarshVT विनोद अग्निहोत्री के साथ आप कैसे बैठते हैं हर्षवर्धन जी? क्या आपको लगता है कि वह पत्रकारिता ही करते हैं? इतनी उम्र हो गई उनकी अभी भी सच नहीं बोल पाते? अनंत विजय जी उनको ठीक देते हैं!
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इसे रीपोस्ट करने की वजह यह नहीं है कि, हमारा अनुमान एक बार फिर सही दिशा में जाकर लगा। इसे रीपोस्ट करने की वजह यह है कि, कैसे-कैसे लोग खुद को बड़का पत्रकार कहते हैं जिनको यह नहीं दिख रहा था। कुछ बड़के पत्रकार जो मोटी पेंशन टाइप पता नहीं किस आधार पर ले रहे हैं, #ExitPolls को पूरी तरह से खारिज कर रहे थे। पोल सही होते हैं, ऐसा कभी नहीं होता, लेकिन एक्जिट पोल करने वाला माहौल बनाने के लिए पोल क्यों करेगा? परिणाम तो बदलता नहीं, लेकिन सारी जिंदगी बँधुआ दिमाग के साथ पत्रकारिता करने वाले “गोदी पत्रकार” उछलते हुए जिन आँकड़ों पर बात करते थे, चिहुंकते थे, अब वही आँकड़े, वही पद्धति भाजपा के पक्ष में जाने लगी तो मानसिक विक्षिप्तावस्था में पहुँच गए। सबके बाद जनता जनार्दन होती है, यह बात भी भूल गए। इतनी ऊटपटांग बात करने के बाद भी उनकी पेंशन चलती रहती है। क्या करते होंगे? ओह! किसी की गोदी में बैठे होंगे। हमारा लोकतंत्र बड़ा ख़ूबसूरत है।
हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi@MediaHarshVT
BJP 154+ दिखने लगा है
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@pankajjha_ राजीव रंजन को आप लोग पत्रकार मानते होंगे। आम लोग उसे पत्रकार नहीं मानते। @rajeevranjanMKH
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@SudhanidhiB अच्छा किया। आने वाले 5 साल में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा।
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@BikerGirlkancha @narendramodi बहुत दुख होता है यह दृश्य देखकर। हालांकि भाजपा ने चुनाव तो बहुत अच्छा लड़ा था वह जयराम महतो वाला मामला नहीं होता तो यहां भी चीजें ठीक ही रहती। लेकिन चुनाव हारने के बाद एक राष्ट्रीय पार्टी को जो करना चाहिए था वह भाजपा ने झारखंड में नहीं किया।
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भगवे रग के बीच यह जो हरा दाग देख रहे हैं यह झारखंड भाजपा के उपर कलंक है| जिसे झारखंड के भाजपाई मिटा नहीं पा रहे हैं l बहुत शर्मनाक स्थिति है l
विधानसभा चुनाव में झारखंड भाजपा लगातार दुसरी बार बुरी तरह हारी है l ग्रामीण आदिवासी बहुल और ST (अनुसूचित जनजाति) आरक्षित सीटों पर भाजपा चुनाव नहीं जीत पाती | इसके पिछे कई कारण है कई बार बता चुकी हुं| दोहरा कर कोई फायदा नहीं l झारखंड भाजपा के बस की बात नहीं है| आगे भी 28 अनुसूचित जनजाति (ST आरक्षित) सीटों पर जीतने की दूर तक कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है|
ग्रामीण और आदिवासी सीटों को छोड़ दीजिए l शहरी क्षेत्रों में भी झारखंड भाजपा के नेताओं ने पार्टी का बंटाधार किया है| पिछले विधानसभा चुनाव में झारखंड भाजपा को आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी करारी हार का सामना करना पड़ा था l झारखंड की राजनीति में भाजपा नेताओं की शिथिलता, लापरवाही, गलत रणनीतियों और एक के बाद एक गलत फैसलों की वजह से शहरी क्षेत्रों में कई ऐसी कई महत्वपूर्ण विधानसभा सीटें गंवाईं, जो भाजपा के लिए पारंपरिक या सुरक्षित गढ़ माने जाते थे।
झारखंड में बीजेपी लगातार चुनाव इसलिए भी हार रही है क्योंकि वे समय के हिसाब से सिस्टम को अपडेट नहीं करते | झारखंड भाजपा के सिस्टम में कई वायरस हैं l ये लोग अब भी पुराने घिसे पीटे पार्ट्स पर ही काम चला रहे हैंl भाजपा को झारखंड अगर जितना है तो सिस्टम को फॉर्मेट कर नया सॉफ्टवेयर डालने की जरुरत है| एडवांस और अपडेटेट...
जोहार
@NitinNabin @narendramodi @AdityaPdSahu @BJP4Jharkhand

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@semeerc पहले तो आपको बहुत-बहुत बधाई हो सर। आप वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने गारंटी लेकर कहा था की बंगाल में भाजपा आराम से सरकार बना रही है। आपके बाद कई लोगों ने फिर कहा लेकिन सबसे पहले आप ही ने कहा था।
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चुनाव में हार जीत लगी रहती हैं, लेकिन चुनाव में इज्जत मिट्टी में मिल जाए तो इसे साधारण हार नहीं कह सकते है।ममता मिट्टी में मिल गई।ख़ुद अपने घर में हारी और पार्टी भी बुरी तरह हारी।
ऐसा कहा जाता हैं कि वक़्त जख्मों को भर देता हैं।लेकिन अफ़सोस हैं कि राजनीति में ऐसा होता नहीं हैं।ममता का यह ज़ख़्म ताउम्र हरा रहने वाला है।कई दर्द ऐसे होते हैं जिसकी दवा नहीं होती,ममता के इस दर्द की भी कोई दवा नहीं है।अपनों से बिना वजह दर्द मिले तो दुख होता हैं,समाज भी सहानुभूति व्यक्त करता है। लेकिन ममता ने अपने लगातार 15 साल के शासन में बंगाल की जनता को दुख दिया,दर्द दिया,डर दिया धोखा दिया।अब 15 साल बाद बंगाल की जनता की सहनशक्ति खत्म हो गई।
ममता बनर्जी बंगाल की जनता से 15 साल के शासन के बाद पाँच साल और माँग रही थीं।लेकिन बंगाल की जनता इस बार जरा भी वक्त ममता सरकार को देने के लिए तैयार नहीं थी।बंगाल की जनता ममता के शासन में मिले जख्मों को ओर गहरा होने देना नहीं चाहती थी।बंगाल की जनता मरहम चाहती थी।बंगाल की जनता को मोदी में ममता के दिए दर्द का मरहम दिखा।
ममता बनर्जी इस चुनावी मंथन से अमृत चाह रही थीं। ममता ने ज़हर सींचा हैं,अमृत कैसे मिलता?
15 साल से बंगाल में जल रही रोटी को पलटने का वक़्त आ गया था।जनता ने सत्ता पलट दी।जनता जनार्दन होती है।
जनता भोली होती है,भावनाओं में बह जाती है।पहले 32 साल कम्युनिस्टों के बहकावे में बही, फिर 15 साल ममता के बंगाली अस्मिता के नाम पर ममता के साथ बह गईं।
बंगाल के मतदाताओं ने अपनी ऐतिहासिक भूल की भारी क़ीमत चुकाई।कम्युनिस्टों और ममता के भूल भुलैया में बंगाल की जनता उलझी रही।
45 साल बाद बंगाल की जनता ने भूल सुधार की है।
बंगाल को भगवामय कर दिया।उम्मीद है बीजेपी बंगाल की जनता के उम्मीदों पर खरा उतरेगी।
बंगाल बच गया।
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@ShivamSanghi12 आपसे आग्रह है शिवम भाई की गरिमा सिंह के शो में जरूर जाइएगा आज।
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@SonOfBharat7 दीपक भाई आप कंफर्म करें कि कल रात जो परिणाम आए वह कोई सपना तो नहीं था क्योंकि मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। रात भर तो खुशी से सोया नहीं।
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@Tushar15 रात भर खुशी से सोया नहीं तुषार भाई। यह खुशी बंगाल के लोगों के लिए है।
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@Tushar15 मुझे तो अभी तक लग रहा है कि मैं कोई सपना तो नहीं देख रहा।
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@yadavakhilesh हिंदुओं का अपमान करने में आपको ममता बनर्जी से काफी आगे है। आपको लगता है कि हिंदू आपको कभी भी वोट देंगे । लोकसभा चुनाव में वह आरक्षण वाला एक गलत नॉरेटिव अपने चला लिया तो कुछ सीट आप जीत गए।आगे नहीं होगा।
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@yadavakhilesh बंगाल चुनाव का परिणाम देखने के बाद हिंदू याद आ रहा है। आपके पार्टी की दुर्गति ममता बनर्जी से ज्यादा होगी
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@PreetiChoudhry क्या-क्या देखा था तुमने बंगाल में? तुमने बीजेपी को जीतते हुए नहीं देखा था?
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PM Modi’s “badla nahin, badlav” echoes Mamata Banerjee’s 2011 pitch against the Left...she flipped it this election with “badlaav nahin, badla.” but good on the PM, a welcome note of restraint in times of heightened tension. #Bengal
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Mamata Banerjee loses her Bhabhanipur seat by a margin of over 15,000 votes.
Only 3,875 votes were deleted post adjudication during the SIR process.
Arunudoy Bhattacharjee@ArunudoyB
@UnSubtleDesi @MamataOfficial She lost by 15k+. Confirmed by Rahul Kanwal.
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