@sanjaygupta1304 मान लीजिए सर किसी का फॉरेस्ट मेंस 2023 के लिऐ सिलेक्शन हुआ है और वह एक दम बॉर्डर में है कटऑफ के और मेंस का फॉर्म भी भर चुका है तो यदि अंदर रहता हैं तो ठीक है नहीं तो क्या उसे बाहर भी किया जा सकता है , बेचारा इतने दिन से मेंस में लगा हुआ है ??
@VivekGa54515036 Inke pitaji mazdoor nahi hai contractor hai makan banane ke contract lete hai..mistri ko mazdoor bata ke story Jo banani hai ..mere hi home district se hai ye.
नॉमिनेशन के पीछे का कारण जो चुनाव आयोग कार्यालय से आपको दिखा रहें है उसकी भी सच्चाई आपके सामने रख रहा हूँ,
लोकतंत्र में उन्हीं को लड़ने का अधिकार है जिन्हें आयोग चुनेगा 🙏🏽💔
@khurpenchh Iske fan toh wo ek different level main khelte hain yaar...mtlb alag hi sasta nasa krta hai BC... team main ya IPL main bhi koi player kuch bhi kre uska credit Dhoni ko hi jata hai...aur ye log self image k liye PR bahut krta hai...
@NEYU4INDIA upsc का सीट डिस्ट्रीब्यूशन देख लो और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अपने मन से व्याख्या मत करो, जानता हूं कि सवर्ण विरोधी मानसिकता है @NEYU4INDIA की और ये कुछ खास लोगो का प्रोपोगेंडा है जो डबल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में नही टिकेगा इसलिए अपने स्तर को इतना मत गिराओ #Ews_विरोधी_मोहन_यादव
मध्यप्रदेश HighCourt का EWS आरक्षण पर एक फैसला आया है जिसमें कहा है कि EWS आरक्षण 50 प्रतिशत अनारक्षित सीटों में से 10% मिलेगा न कि कुल सीटों में से...
इस फैसले से EWS को जहाँ 5% सीट्स का नुकसान होगा वहीं दूसरी ओर UR ओपन में एक्स्ट्रा 5% सीट्स बढ़ जाएंगी।
@rst_adv धन्य है मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 5 जज के फैसले को सिंगल जज बेंच ने बदल दियाews रिजर्वेशन वर्टिकल रिजर्वेशन है न कि horizontal ये टोटल पोस्ट का 10% होगा डबल बेंच में खारिज होने की पूरी संभावना है। मतलब mp हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है😂
@sanjaygupta1304 Marksheet Ane do jab pata chalega logo ko ki kitna anyay hua hai is normalisation se. supreme court ko gumrah karke Psc ne ise sahi to sabit Kara liya hai khair isme opposition ke lawyer ka bhi yogdan hai jisne normalisation par sawal hi nahi uthaye. But ye nyay to nahi hua hai👎
यदि बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काटकर उनके बेटे करणभूषण सिंह को दिया जाता है तो ये ना केवल बृजभूषण की राजनीती का अंत है बल्कि अवध पूर्वांचल में क्षत्रिय राजनीती के अंत की भी शुरुआत है। जिस तरह जौनपुर में धनञ्जय सिंह की राजनीती समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। राजा भैया केवल कुंडा तक सिमिति कर दिए गए हैं। राज्यसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन देने के बाद भी कौशाम्बी सीट उन्हें नहीं दी गयी और प्रतापगढ़ सीट तो बीजेपी की ही सीट है और वहां भी क्षत्रियो का दबदबा होने के बाद भी ये सीट राजकुमारी रत्ना सिंह को नहीं वरन संगम लाल गुप्ता को ही मिलेगी। बृजेश सिंह बगैरह कभी भी अपनी आपराधिक पृष्ठ्भूमि के कारण निबटाये जा सकते हैं। तो कुल मिलाकर बृजभूषण शरण सिंह ही पूर्वांचल में क्षत्रिय राजनीती के सिरमौर थे जो केवल मात्र अपनी लोकसभा कैसरगंज तक ही सिमित नहीं थे अपितु पूर्वांचल अवध की 7 लोकसभा सीट्स पे उनका दबदबा था है पर अब रहेगा ये संदिग्ध है। जिन सीट्स पर उनका दबदबा है वो सीट हैं कैसरगंज, बलरामपुर, गौंडा, बहराइच, श्रावस्ती, आंबेडकर नगर और अयोध्या। ये दबदबा बृजभूषण सिंह का था जो अब उनकी राजनीती के साथ ही समाप्त हो सकता है। कुल मिलाकर मोदी शाह ने बृजभूषण और क्षत्रिय राजनीती को निबटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब बृजभूषण को अपनी सीट जीतने में और बाकि हरवाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए। कम से कम राजनीती और कूटनीति तो यही कहती है और यही बृजभूषण के भविष्य को भी निर्धारित कर सकता है कि 63 साल में राजनीती से आउट होना है या और मजबूत बनकर उभरना है
#BrijBhushanSharanSingh
@ShivNar58309033@rst_adv Ews ews karne walo us par supreme court ka judgement a chuka hai 5 judges ki bench ka wo economic aadhar par reservation hai or ab constitutionally valid ho chuka hai. Yaha bahas karne se acha hai wo judgement padh lein clear ho jayega 60% or 50%
@rst_adv जज सामान्य वर्ग के हैं तो इस पोस्ट का लेखक भी तो ओबीसी वर्ग का है । वकील साहब आप भी जानते हैं की जातिगत आरक्षण 50% से उपर नहीं जा सकता और जनसंख्या आरक्षण का आधार नहीं हो सकती अगर है तो मुसलमानों को भी 20% आरक्षण दे दीजिए । शील नागू ओबीसी वर्ग से ही आते हैं जिनके बेंच में है केस
मध्य प्रदेश की राजनीति की रोचक तस्वीरें।
पिता कांग्रेस में है, पुत्र भाजपा में। दोनों अपनी अपनी पार्टी का प्रचार कर रहें है। अटकलें थी, आमने सामने होने की वजह से पार्टी बदल लेंगे पर पार्टी के प्रति समर्पण जारी रहा।
@ElectionMP2023 तैयार रहे है भिंड मुरैना राजगढ़ दमोह छिंदवाड़ा मंडला सीधी सतना झाबुआ होशंगाबाद जमकर टक्कर है कांग्रेस पार्टी मजबूत है जीत की खबर मिल सकती है
हॉस्टल काण्ड
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अब जब सभी को मेरे हॉस्टल कांड की भनक लग ही चुकी है तो आप भी इसे पूरा जान लीजिए.
दोस्तों, ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई घर से पूरी करने के बाद मैं अपने पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए हॉस्टल जाने ही वाली थी कि उसी दौरान तिवारी जी का “बबुनी के लागल बा शहर के हवा अउरी पढ़ावा” गाना मशहूर हो गया.
मेरी माताजी डर गयीं और पैसों की कमी का बहाना बनाकर मुझे हॉस्टल नहीं जाने दिया.
ग़ुस्से में मैंने इस महिला-शिक्षा-विरोधी गीत के गायक के पोस्टर पर भरी-दोपहरी कालिख पोत दी.
अगले साल जब मैंने दोबारा हॉस्टल जाकर पोस्ट ग्रेजुएशन करने की बात कही तो माताजी ने कहा कि बचिया धीरज धरो, 15 लाख खाते में आने ही वाले हैं, जब आयेंगे तब चली जाना हॉस्टल.
पर रुपये नहीं आये.
तब इस 15 लाख वाले झूठ के लिये ज़िम्मेदार दढ़ियल बाबा के पोस्टर को मैंने भरी दोपहरी चप्पलों से तब तक पीटा जब तक मेरी चप्पल टूट नहीं गई.
तीसरे साल जब मैंने आगे की पढ़ाई लिए भाई से जिद की तो उसने बताया कि वो फ़ौजी बनने जा रहा है. अब पोस्ट ग्रेजुएशन तो क्या पीएचडी भी करवा देगा.
पर दोस्तों, वो फ़ौजी बनते-बनते अग्निवीर बन कर रह गया और उसने बताया कि उसकी नौकरी PHD से भी छोटी है.
ये सुनते ही मैं चप्पल उठाकर दीवार की ओर फिर से बढ़ ही रही थी कि तभी बाबूजी आ गये और बोले,
“धान रोप देले बानी बचिया…मोदीजी ने कहा है आमदनी दुगुनी होने ही वाली है, फिर चली जाना हॉस्टल!”
मैं फिर से रुक गई. पर गाइज़, उस साल धान की फसल साँड़ चर गये.
अंत में थक-हारकर मैंने अपने व्यापारी मामाजी से फ़ोन पर कहा कि वो मुझे आगे की पढ़ाई के लिए हॉस्टल भेज दें, पर उन्होंने रुआंसे होकर बताया कि दो गुजराती गुंडों ने उनको इलेक्टोरल बॉण्ड ख़रीदकर पार्टी फण्ड में जमा कराने को कहा है. वो मेरी मदद नहीं कर पायेंगे.
उस दिन मैंने गाँव की चट्टी पर चिल्ला-चिल्लाकर गाँव-जवार को इकट्ठा कर लिया और सबके साथ मिलकर नारा लगाया कि
-चौकीदार ही चोर है.
उसी दिन से ये घटना मेरे गाँव-जवार में नेहा हॉस्टल कांड के नाम से मशहूर हो गई.
#हॉस्टल_कांड
#nehasinghrathore
@INCIndia सही कहा क्योंकि वैलेट पेपर से चुनाव हुए तो बूथ कैप्चरिंग में आपसे कोई नही जीत पाएगा😁 अरे कुछ तो शर्म करो विपक्ष मिला है तो उसकी ही भूमिका सही से निभा लो लेकिन कांग्रेस तो अभी से हार के बहाने खोज रही है। कुछ नहीं होना कांग्रेस का
@digvijaya_28@ECISVEEP पाकिस्तान तो कटोरा रखकर भीख मांग रहा है क्या हम भी वही करे? तुलना भी की तो किस से आपने और वहां 16 घंटे से मतगणना जारी है क्या हाल है वहा किसी से छुपा नहीं है। राजा साहब ये evm प्रलाप से अच्छा है अपनी पार्टी को मजबूत बनाए और उस शहजादे और राजमाता की गुलामी त्याग कर देशहित में सोचे।
माननीय चुनाव आयोग @ECISVEEP की पहली ज़िम्मेदारी है कि वे मतदाता सूची से कोई मतदाता का नाम बिना प्रमाण के ना काटे और फ़र्ज़ी मतदाता ना जोड़ें।दूसरी ज़िम्मेदारी है कि मेरा वोट वहॉं जाएँ जहॉं मैं चाहता हूँ और हर वोट निष्पक्षता से गिना जाए।
दोनों ज़िम्मेदारी में चुनाव आयोग असफल है।
अब आप बताएँ “Mother of Democracy” में यदि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है तो विश्व में हमारी छवि पर क्या असर पड़ेगा?
इसलिए माननीय प्रधान मंत्री जी @PMO आप तो इतने शक्तिशाली हैं लोकप्रिय हैं तो मतदान Ballot Paper से कराने से क्यों डरते हैं? चुनौती स्वीकार करिए और बिना #EVM के २०२४ का लोक सभा का चुनाव Ballot Paper से कराइए। पाकिस्तान भी अब EVM छोड़ कर बैलट पेपर पर आ गये हैं। @INCIndia@BJP4India
'EVM धांधली के सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने नए सबूत दिखाए', Evm के खिलाफ ब... youtu.be/sMI5w2oAWjI?si… via @YouTube
@INCMP पहले तो लग रहा था मुझे की गड़बड़ है सारे exit polls में लेकिन @INCMP की छटपटाहट देखकर अब यकीन है कि mp में कांग्रेस का खेला हो गया है बीजेपी आ रही है।
मध्यप्रदेश में बीजेपी की हालत नाज़ुक,
— काँटे की टक्कर वाली सीटें बीजेपी के खिलाफ गई तो बनेगा इतिहास;
कांग्रेस 153-165
बीजेपी 60-72
अन्य 0-10
“जीत रहा मध्यप्रदेश, जीत रही कांग्रेस”