
N.R.Kadam
21K posts

N.R.Kadam
@nr_kadam
ऋचा अनिरुद्ध एवं ज़िंदगी विद ऋचा परिवार का सदस्य ! कविता लिखने का शौक़ !






“हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या!” PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय basket का कच्चा तेल $108.05 प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय पेट्रोल ₹71.51 और डीज़ल ₹56.71 प्रति लीटर मिल रहा था। आज कच्चे तेल की कीमत $99 प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः ₹102.12 और ₹95.20 प्रति लीटर हो गए हैं। यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 % और डीज़ल करीब 67.9 % महँगा हो गया। हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महँगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महँगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है। सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महँगा क्यों? जनता को राहत क्यों नहीं?







आप देख रहे हैं रेप कन्विक्ट अपराधी राम रहीम का काफिला! अगर यह दृश्य किसी को शर्म और गुस्सा में नहीं देता है कैसा दृश्य देगा? अगर ऐसे दृश्य से सरकार, जुडिशरी, सिस्टम के खिलाफ गुस्सा होगा तो इसमें किसका दोष मान जाएगा? अगर ऐसे दृश्य से कॉकरोच जैसा मूवमेंट हो तो इसके लिए डीप स्टेट जिम्मेदार होगा या अपना फेल स्टेट? बताएं!








मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में अब सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर देशभक्ति गीत और भजन बजाए जाएंगे. गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंदर मंदार ने जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों में देशभक्ति और आध्यात्मिक भावना को बढ़ावा देना है. #TollPlaza #UttarPradesh #YogiAdityanath #ABPNews














