Parma Nand Jha

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@pnjha2002

धर्मस्य निर्णयो ज्ञेयो मिथिला व्यवहारत : The decision of religion is known in Mithila practice.

Katılım Mayıs 2011
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Keshav Nath
Keshav Nath@KeshavN66421669·
#मैंबिहारीनहींमिथिलावासीहुँ
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Parma Nand Jha
Parma Nand Jha@pnjha2002·
@shekhar_br02 @manojkumarmukul BBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBB IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII MMMMMMMMMMMMMMMMMM AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA RRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRR IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII
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RAJSHEKHAR VERMA
RAJSHEKHAR VERMA@shekhar_br02·
@manojkumarmukul एक मामूली सा कमेंट के लिए घर पे चढ़ गया ! ये कोन सा वाला जंगलराज है ?
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मनोज कुमार (Manoj Mukul)
मुजफ्फरपुर के विधायक रंजन कुमार का वीडियो वायरल। सोशल मीडिया पर टिप्पणी से नाराज होकर गुंडागर्दी पर उतरे। सैकड़ों लोगों के साथ घर में घुसकर धमकाया। विधायक के खिलाफ कार्रवाई कब ???
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RAJSHEKHAR VERMA
RAJSHEKHAR VERMA@shekhar_br02·
@souravreporter2 भेड़ बकरी चराने वाले चरवाहे जितनी भी अक्ल नहीं है। आपके ही छोटे भाई बहन है ।
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SOURAV RAJ
SOURAV RAJ@souravreporter2·
अपने रंगबाज सिपाहियों की भाषा देखिए...लड़कियों के सामने लाठी चलाते हुए मां-बहन की गाली दे रहा है! #BPSCTRE4 #TRE4_Notification
Patna Police@PatnaPolice24x7

आज दिनांक-08.05.2026 को #TRE_04 भर्ती से संबंधित मांगों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों द्वारा पटना कॉलेज से एक जुलूस निकाला गया। उक्त जुलूस #गांधी_मैदान थाना क्षेत्र अंतर्गत जेपी गोलंबर पहुंचने पर वहां पुलिस द्वारा लगाए गए #बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास करते हुए उग्र हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए विधि व्यवस्था संधारण में तैनात #पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की एवं विरोध किया गया, जिसमें नगर डीएसपी-02 सहित कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किये जाने पर भी भीड़ अनियंत्रित एवं उग्र होती गई तत्पश्चात विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा संयमित एवं नियंत्रित तरीके से हल्के बल का प्रयोग किया गया है। इस संबंध में जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति.... @dm_patna @bihar_police @IG_CentralRange @IPRDBihar @BiharHomeDept @ddnewsBihar @AHindinews @CentralSP_patna @BiharHomeDept @AIRPatna #PatnaPolice #BiharPolice #BiharNews #PatnaNews #PatnaDistrict #LawAndOrder #BiharUpdates

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Umesh shukla
Umesh shukla@uscawanpore51·
@jhashyam @sumantkabir बिल्कुल थीं पर इनको लिखते किस लिपि में थे? बोली और भाषा में अंतर होता है। ‌
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सुमन्त
सुमन्त@sumantkabir·
हिंदी भाषा के प्रति विशेष आग्रह नहीं होना चाहिए। संभवतः हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है, जो किसी समाज की #मातृभाषा नहीं है। जिसका कोई #सांस्कृतिक_जनाधार नहीं है। हमारे लिए एक शब्द इस्तेमाल होता है, #हिंदी_पट्टी। यह शब्द #भौगोलिक_परिचय है। आज भी इस परिचय को #सांस्कृतिक_आधार नहीं मिल सका है। ना कभी मिल सकेगा। जैसे हम कथित हिंदी पट्टी में प्रवेश करते हैं, मगही, मैथिल, अवधी, मारवाड़ी, हरियाणवीं, गुरमुखी, डोंगरी, भोजपुरी, बुंदेली...भाषाओं के व्यापक #सांस्कृतिक_परिचयों की परतें खुलती मिलेंगी। कथित हिंदी पट्टी के एक भी मित्र को इस बात से इनकार ना होगा, इन सभी भाषाओं के साथ आज भी व्यापक समाज का "गहन सांस्कृतिक रिश्ता" है। अभिमान है। इस गहन निष्ठा को #परखने के लिए कई बार एक प्रस्ताव रखा, क्यों नहीं #जनगणना में अपनी मातृभाषा #संस्कृत दर्ज करवाते? तो कई मित्रों ने लिखा, "... नहीं! हमारी भाषा तो मगही है! भोजपुरी है या अवधी है।" संस्कृत से मित्रों का विरोध नहीं, पर जैसे ही #मातृभाषा की बात आएगी, निष्ठा, मगही, मैथिल, मारवाड़ी या बुंदेली के साथ स्वतः खड़ी मिलेगी। बाहर के जगत में भले हम हिंदी या अंग्रेजी बोलते हों लेकिन जैसे ही परिवार या गांव-समाज से संवाद करते हैं तो अवधी, मारवाड़ी या हरियाणवी में आते हमें गर्व होता है। अपनापन लगता है। हिंदी का जन्म एक "संपर्क भाषा" के तौर पर हुआ, तुर्की, मुगलिया लश्करों के साथ आमद-रफ्त के लिए। पर सवाल है, हिंदी से पहले भारत की संपर्क भाषा क्या थी? #कुंभ में भारत के कोने-कोने से एक जगह जमा होने वाला समाज किस भाषा में आपस में संवाद करता था? या आज भी कर रहा है? निश्चित रूप से वह भाषा हिंदी तो नहीं होगी? क्योंकि आज भी भारत का बहुसंख्य समाज हिंदी में संवाद करने में असमर्थ है। संस्कृत भी नहीं होगी, क्योंकि तब हमारी बहुतेरी आंचलिक भाषाओं के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो जाएगा। #दक्षिण_भारत यदि हिंदी का विरोध कर रहा है तो इसलिए नहीं कि हिंदी स्वीकार नहीं। बल्कि इसलिए, क्योंकि अपनी #मातृभाषा के प्रति अगाध निष्ठा रखता है। क्या हमने कभी सुना, दक्षिण भारत ने मगही, मैथिल, अवधी या बुंदेली का कभी विरोध किया? दूसरे, हिंदी को राजसत्ता का आश्रय और संरक्षण मिला। राजसत्ता की मेहरबानी पर एक बड़ा #बौद्धिक_समाज खड़ा हो गया। प्रभुत्व संपन्न #राजनेता खड़े हो गए। #बाजार की जरूरत बन गई हिंदी। फ़िल्म इंडस्ट्री और मनोरंजन, मीडिया का खरबो डॉलर का एक विकराल, भयावह मायाजाल। इस #मायाजाल ने भारत के सांस्कृतिकबोध से जुड़े मगही, अवधी या बुंदेली को समाप्त कर एक "राजनीतिक परिचय" दे दिया, #हिंदी_पट्टी। विचार करें, कैसे चतुरता के साथ सिर्फ हिंदी में समेट कर रख दिया हमें? भाषा की सियासत पर हमें #सांस्कृतिक_गुलामी का पट्टा पहना दिया? मगही पट्टी, मैथिल पट्टी, अवध क्षेत्र जैसी #सांस्कृतिक_अस्मिताएं विलुप्त हो गईं। या फिर करीब-करीब हो चुकी हैं। #बंगाल_विजय का एक बड़ा कारण #बंग_क्षेत्र का #बांग्ला_परिचय भी है। बांग्ला में साधु बांग्ला या लोक बांग्ला का भेद संभव है, पर रहेगा #बांग्ला_पट्टी ही। ऐसे ही तमिल पट्टी या मलयालम पट्टी। मेरे इस विचार पर हिंदी पर पलता-खाता, अपने संस्कृतिकबोध से कटा-फटा समाज मुझ पर जरूर टूट पड़ेगा। पर मुझे झपटमारों की परवाह कब रही? सवाल एक ही है, एक #आरोपित_भाषा के असमर्थ पैरों पर खड़े होकर #राजनीतिक_स्वतन्त्रता का संघर्ष संभव है? @narendramodi @RSSorg
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Sirmaur360
Sirmaur360@sirmaur360·
मिथिला के जाति विशेष समुदाय जो महानगरों में रहकर थोड़े बहुत संपन्न और एलीट हो चुके हैं, अक्सर अलगाववाद की बात करते नज़र आयेंगे। बिहार साम्राज्य में ख़ुद को स्थापित ना कर पाने की त्रुटि एक अलग राज्य बनाकर एकाधिकार चाहते हैं। अलग राज्य की नींव ही बगावत भरी है, द्वेष से अंकुरित है, चौमुखी विकास नहीं दरभंगा और मधुबनी तक इनकी राजनीति और क्रांति सीमित है, सीमित है झा और ठाकुर, मिश्रा, पांडेय के बीच। डिजिटल युग में ले देकर दरभंगा एयरपोर्ट के अलावा पूरे मिथिलांचल में कोई ढंग का शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, अच्छी सड़के, ब्रांडेड शॉपिंग स्टोर्स, ऐतिहासिक धरोहर, टूरिज्म, अर्बन सोसाइटी, 3 स्टार होटल, परिवहन, कृषि समृद्धि या इरीगेशन से ड्रेनेज सिस्टम तक जर्जर दयनीय स्थिति में है। इतने साल से इनके सारे MP/MLAs ने क्या किया नहीं किया उनसे न सवाल होगा, न बात होगी। पैसे डकारते रहो, अलग राज्य मांगते रहो और इन भिखारियों को खाद पानी देने का काम नोएडा, गुरुग्राम और बैंगलोर में रहने वाले जाति विशेष करते हैं। NCR बेल्ट में यही ग्रसित लोग दिल्ली और हरियाणा वालों के साथ मिलकर बिहारियों का मज़ाक बनाते हैं। दूर का ढोल सुहावन होता है।
Anuranjan Jha@anuranjanj

मैं बिहारी हूं, दुनिया के किसी कोने में रहूं बिहार मुझे खींच लाता है।जीवन के अर्धशतक पूरे कर चुका हूँ।लेकिन अब बिहार से मोह कम होता जा रहा है क्यूंकि तमाम कोशिशों के बाद बिहारियों को अपनी चिंता नहीं दिखती..सिर्फ प्रवासी बिहारी ही बिहार के बारे में सोचते दिखते हैं -ऐसा मुझे लगता है। .. क्या बिहार को उसके हाल पर छोड़ दिया जाना चाहिए ... या अब सबसे मुफीद वक्त है कि अलग मिथिला राज्य की मांग को मजबूत किया जाना चाहिए।....

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Parma Nand Jha
Parma Nand Jha@pnjha2002·
@sirmaur360 Hindi never belonged to Bihar. None of the languages of Bihar shows any similarity with Hindi rather closer to Bangali, Assemmes & Odia. Hindi was adopted to unite their castes with their counterpart castes of so-called Hindi speaking. Bihari languages thrown into the dustbin.
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Sirmaur360
Sirmaur360@sirmaur360·
Hindi was belonging to Bihar, not was adopted for newly. there was always strong influence of Bhojpuri culture, folks and literature widely. In Magadha, Hindi was more influenced somehow and in simanchal mithila which is highly imposed of Bengali and Nepali culture, mithila is spoken but was never recognised even till early 20s. but nowdays mithila is appreciated and not the maithilis asking for Vikhandana.
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Sirmaur360
Sirmaur360@sirmaur360·
कहां दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र में बिहारियों का स्वाभिमान ढूंढते हैं लोग, जब बिहार में ही इन्हें "बिमारी' बुलाया जाता हो। किसी मार्मिक घटना पर समर्थन देना न देना निजी विषय है, आप संवेदना न भी जताएं तो चलेगा लेकिन बिमारी जैसे शब्दों का चयन संकुचित स्वार्थ और बगावत को दर्शाता है। और किस मिथिला संस्कृति की बात करते हैं जो इतना द्वेष और नफ़रत करना सिखाता है, बांटना सिखाता है यह हृदयविदारक है, मैं स्तब्ध हूँ इतनी नफ़रत इतना द्वेष ही बिहार की समृद्धि का अवरोध है, एकजुटता का अवरोध है। विभाजन की तीव्रता समुदाय विशेष को ही क्यों है? @BlissfulBiharX @Bihar_se_hai @BR_wallah @chasing_highs @shekhar_br02 @souravreporter2 @NewsHunterssss @ChapraZila @magadh_updates आपसब इस विषय पर क्या राय रखते हैं, विभाजन की जड़ों विस्तार कहां है? कौन खाद पानी दे रहा? संभवतः मन दुखी ही होता होगा ये सब पढ़कर, खैर समृद्ध बिहार बनाना है मिलकर 🚩🙏
मैथिल हर्ष@maithilharsh_78

हम मैथिल छी बिमारी नहि। अहा के अपन अस्तित्व लेल अपन भाषा संस्कृति क्षेत्र के लेल टिकल रह' परत , ककरो नेतागिरी के चक्कर में बिमारी चक्रव्यूह में नहि फसू, छने मैथिल छने बिमारी छने पुरवाचली इ बहुते बाप के बनबैत अछि । मैथिली मैथिल मिथिला टा हमर पहिचान अछि।।

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Vikram Acharya
Vikram Acharya@VIKRAMBHARTI·
एक अन्य कारण कि मिथिला को बिहार से अलग करना चाहिए। #मिथिलादेशम
Raj Kumar Jha@rajpadma

१९३० के दशक में #सौराठ_सभा_गाछी का #माधवेश्वरनाथ_महादेव_मन्दिर कितने अज्ञानी/बदमाश/ दुष्ट हैं कुछ लोग! #Bihar_Digital_Archive बेशर्मी से इसे लडके-लड़कियों की खरीद बिक्री का बाज़ार कहता है| धिक्कार है ऐसे लोगों पर|

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Parma Nand Jha
Parma Nand Jha@pnjha2002·
@sirmaur360 Even Bihar was separated from Bengal due to the caste's emotion not due to Bihari emotion. Bihari languages, cultures, etc. were thrown into the dustbin as they might have acted in negativity to unite castes of other states.
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Parma Nand Jha retweetledi
Parma Nand Jha
Parma Nand Jha@pnjha2002·
@Pranav_sharrmma @sirmaur360 Others don't have correct political thought too. They don't associate with Bihari cultures & identify themselves with Hindi to associate their castes of other states. Their precedence is also their castes of other states over Bihari. They classify it as nationality and propagated
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Parma Nand Jha
Parma Nand Jha@pnjha2002·
@Pranav_sharrmma @sirmaur360 Not correct at all. It is a fact that Maithili Brahman don't have correct political thought however they associate themselves with mother tongues, cultures, etc. 1/2
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Dharmendra Jha
Dharmendra Jha@Djanakpurjha·
नेपालके प्रथम राष्ट्रपति डा रमवरण यादवजीद्वारा जगन्मुक्ति स्वीकार कएल गेल । डा यादवप्रति आभार ।
Dharmendra Jha tweet media
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Shoaib 🇮🇳
Shoaib 🇮🇳@Shoaib_Akhter_7·
नवादा टेसन पर तीन गो भाषा लिखल हई, हिंदी,उर्दू और अंग्रेजी ओकरा साथे-साथ मगहीयो लिखल रहे के चाही, जे नवादा के असली पहिचान हई। नवदवा स्टेशन ❣️
Shoaib 🇮🇳 tweet media
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Vinit Vats
Vinit Vats@vatsvinit849·
बिहार के मगही और भोजपुरी क्षेत्र में कौन सी भाषा पढ़ाई जाएगी? We don't need mauga language like maithili and dead language like sanskrit. @Maghi_Khortha @pr
Singer Gunjan Sharma@GunjanSharma72

आब छठम कक्षा सं CBSE के सभ स्कूल मे मैथिली के तेसर भाषा के रूप मे पढ़ाई होएत #मिथिलादेशम #MithilaRajya #maithili #mithila जय मिथिला जय मैथिली

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Parma Nand Jha
Parma Nand Jha@pnjha2002·
@Maghi_Khortha Magahi is just a dialect of Angika. Therefore, the same code will be used but the language name will be Angika.
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Maghi मगही 𑂧𑂏𑂯𑂲 𑀫𑀕𑀳𑀻
पहले ये अपनी मातृभाषा अंगिका को कोड दिलवा ले
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25

@samrat4bjp आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय । आपसे निवेदन है की आप अपने किये हुए वादे को पूरा करें । jagran.com/bihar/saran-bh…

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भागलपुरिया
भागलपुरिया@Bhagalpuriyaa·
The tribal population in these districts is less than 30%. they should be merged with Bihar. Kodarma– 0.96% Chatra– 4.37% Hazaribagh– 7.02% Dhanbad– 8.68% Palamu– 9.34% Giridih– 9.74% Deoghar– 12.13% Bokaro– 12.4% Garhwa– 15.56% Godda– 21.26% Ramgarh– 21.19% Sahibganj– 26.8%
भागलपुरिया tweet media
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