Prashant Bhardwaj

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@prashantbanker

बैंक को समर्पित दिल से बैंकर, Optimist with A Good Sense of humor, Be positive always, Kishore&MSD Fan (Gaane Aur Gloves)

Uttarakhand Katılım Aralık 2013
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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
मैं आज एक सरकारी बैंक में गया था, मैने 10,000/- निकालने का फॉर्म भरा बैंक वालो ने पैसे देने को मना कर दिया कह रहे हैं खाते में 1150 बैलेंस है निजीकरण कर दो सालों का #FakeBankStory
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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
ओडिशा incident के बाद कुछ लोगों ने बैंकिंग को कंटेंट बना लिया है, बैंकों के खिलाफ आधी-अधूरी झूठी कहानियां पोस्ट करो और फॉलोअर्स बटोर लो क्योंकि ट्विटर पर बैंकर्स ग्रुप सक्रिय है जो कि एक दूसरे को फॉलो करते हैं। अफसोस इन कहानियों में, banking knowledge कम और drama ज्यादा है।
Prashant Bhardwaj@prashantbanker

पांडे जी, 50K फॉलोअर्स होने से बैंकिंग नियम नहीं बदल जाते। RBI गाइडलाइन के अनुसार हर ब्रांच की एक रिटेंशन लिमिट होती है, उससे अधिक कैश रखना जोखिम माना जाता है। ट्विटर पर झूठी कहानी लिखने से बेहतर है थोड़ा बैंकिंग नॉलेज भी रख लीजिए।

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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
पांडे जी, 50K फॉलोअर्स होने से बैंकिंग नियम नहीं बदल जाते। RBI गाइडलाइन के अनुसार हर ब्रांच की एक रिटेंशन लिमिट होती है, उससे अधिक कैश रखना जोखिम माना जाता है। ट्विटर पर झूठी कहानी लिखने से बेहतर है थोड़ा बैंकिंग नॉलेज भी रख लीजिए।
Vishal Pandey@Vishal_aawaj

आज मैं पंजाब नेशनल बैंक में गया था. मैं ₹ 1 लाख का चेक लेकर बैंक काउण्टर पर पहुँचा, एक महिला कर्मचारी थी. उन्होंने कहा 30 हज़ार रुपये से ज़्यादा नहीं मिलेगा. दो दिन बाद यानी सोमवार को आना, मैंने बताया घर में शादी है, जरूरत है. यही बात मैंने मैनेजर को भी बताया, मैनेजर ने कैश देने से इनकार कर दिया. मैं फिर से अपनी बात रख ही रहा था इतने में बैंक में काम करने वाला एक प्राइवेट कर्मचारी मुझसे बेहद सख़्त लहजे में अभद्र तरीके से बात करने लगता है. मैंने सिर्फ़ लाइन में बोला - भाई साहब twitter पर मेरे 50 हज़ार फॉलोअर्स है, अब आप लोग तय कर ले की कैश अभी देंगे या बाद में बुला देंगे. क्योंकि कैश तो देना ही पड़ेगा, मैं भीख मांगने नहीं आया हूँ, मेरी बात सुनने ही बैंक मैनेजर को दिन में तारे दिखने लगे, उन्होंने मेरा चेक लिया, उसे बाद बैंक औपचारिकताओं को पूरा करके तुरंत ₹1 लाख रुपये दे दिया. मेरी तरह और 3-4 लोग बैंक में कैश की लाइन में थे. और सब को जानबूझ परेशान किया जा रहा था क्योंकि बैंक वाले भारी भरकम कैश बड़े व्यापारियों को दे देते है जिसके एवज में उन्हें कमीशन मिल जाता है. एक बात तो तय है कि अगर आप शिक्षित है तो आपका शोषण नहीं हो सकता. बाक़ी @pnbindia को ऐसे मामलों में बैंक कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए.

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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
बैंकिंग व्यवस्था सीधे तौर पर जनता के धन और विश्वास से जुड़ी होती है, इसलिए पारदर्शिता, सुरक्षा एवं वित्तीय अनुशासन बनाए रखने हेतु कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं बैंकर के लिए इन नियमों का अनुपालन करना अनिवार्य होता है इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य जन की अमानत(धन)की रक्षा करना है
Pooja sharma@Poojakumar89308

बैंक वालों ने लोगो को परेशान करने का नया तरीका ढूंढ लिया है ये अंकल जी चेक लेकर इन लोगों के पास जाते है तो मना कर देते हैं और कहते हैं साइन यहां पर नहीं ऊपर करना था तो अंकल जी कहते हैं साइन ऊपर ही तो है और पीछे भी 2 साइन किए हुए है पार्टी ने तब भी आप पैसे नहीं दे रहे हो तो बैंक वाले बोलते हैं कि साइन थोड़ा और ऊपर होता तो लीगल माना जाता तो वो अंकल जी बोलते हैं की जिसने चेक दिया था वो चला गया में उसे कहां से ढूंढ कर लाऊ इस पर बैंक वाले कहते हैं ये हमारी समस्या नहीं है जब तक साइन सही नहीं होगा हम पैसे नहीं दे सकते हैं मेरी एक बात समझ में नहीं आई जब चेक सही है साइन सही है फिर थोड़े से नीचे साइन हो गए तो चेक लीगल कैसे नहीं है फिर पैसे देने से क्यों मना कर रहे हैं बैंक वाले ये बैंक वाले ग्राहकों को ऐसे ही परेशान करते हैं उनको धूप में दौड़ाते हैं बार बार और आप AC में बैठे रहते हैं क्या बैंक वालों का ये रवैया सही है क्या कस्टमर की कोई वैल्यू नहीं है बैंक वालों की नजर में आप अपनी राय दे

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dD@$h
dD@$h@dashman207·
Here in the clip Jeetu Mundu himself admits the bank asked for a death certificate, and he didn’t have it. That’s why it’s misleading to say the bank alone is guilty. The deeper failure lies in the support system around him: • ASHA workers: Should have notified the panchayat and guided Jeetu with paperwork. Their absence in the scene shows a breakdown in grassroots outreach. • Panchayat leaders: Could have certified the death and helped him apply for the certificate. That didn’t happen. • Local NGOs: In tribal belts, NGOs often step in to bridge literacy gaps. Here, no one intervened. • Administrative machinery: RI and block office should process certificates quickly. Their inaction left Jeetu helpless. The irony is sharp: this happened in the tribal CM’s native district Keonjhar, which should have been a showcase of accessibility. Instead, it exposed ground-level gaps poor awareness, weak panchayat & administrative support, and missing NGO presence.
ଓଟିଭି@otvkhabar

ମୃତ ଭଉଣୀର ଟଙ୍କା ଉଠାଇବା ପାଇଁ ବ୍ୟାଙ୍କକୁ କାହିଁକି ନେଇକି ଆସିଲେ ଭଉଣୀର କଙ୍କାଳ? ଶୁଣନ୍ତୁ କଣ କହିଛନ୍ତି ମୃତ ମହିଳାଙ୍କ ଭାଇ । #BankingIssue #HumanInterestStory #Keonjhar #RuralProblems #BankingSystemFailure #OdishaBankCase #OTV

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Sourabh Mishra
Sourabh Mishra@iSourabhMishra·
कल को कोई भी दरुआ, दारू में टून्न होकर, बैंक में आके बोलेगा कि मेरे भाई के, बहन के, बाप के, फलाना के खाते से पैसा निकालकर दो यही बोला जाएगा, बिना खाताधारक के पेमेंट नहीं होगी अब वो उसे मारकर, उसकी लाश लेकर बैंक आ जाए तो भी आप उसे ही सपोर्ट करोगे और बैंक को गाली दोगे ?? 🤔🤔
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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
@HansrajMeena आपके हिसाब से फिर तो डेथ सर्टिफिकेट बनाने से आसान हर कोई कब्र खोदे और कंकाल लेकर बैंक और विभागों में कम करवाए बैंक तो RBI नॉर्म्स को ही मानेगा ना कौन अपनी नौकरी दांव पर लगा कर बिना दस्तावेजों के क्लेम देगा
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
बैंककर्मी पर क्या कार्यवाही हुई? जिला कलेक्टर पर क्या कार्यवाही हुई? कोई बताएगा?
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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
@JaikyYadav16 जो काम इसने किया है उससे ज्यादा आसान मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसान प्रमाण पत्र देना था बैंक द्वारा दस्तावेज देखने का कारण सिर्फ अपात्र व्यक्ति को धनराशि ना मिल जाए यही होता है
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Jaiky Yadav
Jaiky Yadav@JaikyYadav16·
पहले गलती करो और जब हर तरफ से थू थू होने लगे अपनी सफाई में कुछ भी रायता फैला दो ठीक ऐसा ही हो रहा है जीतू मुंडा के बैंक से जुड़े मामले को लेकर जिसमें बैंक वालों की गलती साफ नजर आई लेकिन उसपर पर्दा डालने के लिए बैंक वाले इस हद तक गिर गए कि उन्हें झूठ बोलना पड़ रहा ओडिशा ग्रामीण बैंक वालों का कहना है कि जीतू मुंडा पहली बार ब्रांच आया था ऐसी कोई बात नहीं थी लेकिन जब जांच हुई तो CCTV में साफ दिखा कि जीतू मुंडा कई बार बैंक आ चुका था।
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Uttarakhand Gramin Bank
Uttarakhand Gramin Bank@UttarakhandBank·
सपनों को दें नई उड़ान! बड़े सपने देखने से अब डरना कैसा? उत्तराखंड ग्रामीण बैंक लाया है खुशियों की चाबी। ✅ Home Loan: अपना घर बनाने का सपना पूरा करें। ✅ MSME Loan: व्यापार को दें एक नई पहचान। ✅ Fast Approval: कम कागज़ी कार्रवाई, ज़्यादा भरोसा। तनाव छोड़ें, प्रगति चुनें। आज ही अपनी नज़दीकी शाखा में संपर्क करें! 🚀 #UGBank #HomeLoan #MSMELoan #Uttarakhand #Banking #SukhKiChabi
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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
Digital Banking Runs 24×7; Bankers Can’t —5Day Banking Is Reform. Modern Economy, Modern Workweek -#5DaysBankingNow UPI Never Sleeps, Humans Need Balance—5Day Banking. Digital India Needs Sustainable Banking—5Days, Not 6. Efficiency Needs Reform, Not Exhaustion— #5daybanking
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Prashant Bhardwaj
Prashant Bhardwaj@prashantbanker·
Digital Banking Runs 24×7; Bankers Can’t —5Day Banking Is Reform. Modern Economy, Modern Workweek —5Day Banking. UPI Never Sleeps, Humans Need Balance—5Day Banking. Digital India Needs Sustainable Banking—5Days, Not 6. Efficiency Needs Reform, Not Exhaustion— #5daybanking
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Nitin Tyagi
Nitin Tyagi@iNitinTyagi·
लंबा लिख रहा हूँ, क्योंकि दर्द छोटा नहीं है पूरा पढ़िएगा सरकारी बैंक (RRB) से Morgan Stanley और फिर अपना बिज़नेस - तीन दुनियाओं का सफर और मेरी कहानी मैंने अपनी करियर की शुरुआत भारत के सरकारी बैंक (RRB) से फिर किस्मत ने मौका दिया यूरोप में पढ़ने और फिर वहाँ मॉर्गन स्टेनली में काम करने का। फर्क क्या था? सिर्फ सैलरी का नहीं। सिर्फ नाम का नहीं। सबसे बड़ा फर्क था - इज्जत, माहौल और इंसानियत का। भारत के सरकारी बैंकों में क्या देखा? 🔻 रोज़ नए-नए टारगेट 🔻 सीनियर्स के धमकी भरे व्हाट्सएप मेसेज 🔻 “आज 20 PMJJBY अकाउंट क्यों नहीं खुले?” जैसे सवाल 🔻 ऑफिस की हालत - टूटी कुर्सियाँ, टपकती छत, न एसी, न इंटरनेट 🔻 मेमो, सस्पेंशन और ट्रांसफर की तलवार हर वक्त सिर पर 🔻 छुट्टी मांगो तो जुर्म मानो 🔻 काम करो चाहे जान चली जाए - कोई पहचान नहीं, कोई तारीफ नहीं वहाँ हमें इंसान नहीं, टारगेट मशीन समझा जाता था। मेंटल हेल्थ? वर्क-लाइफ बैलेंस? करियर डेवलपमेंट? ❌ भारतीय बैंकिंग में ये शब्द सुनने तक को नहीं मिलते। फिर मैंने मॉर्गन स्टेनली यूरोप जॉइन किया। वहाँ जाकर महसूस हुआ, बैंकिंग का असली मतलब क्या होता है। ✅ अगर किसी दिन देर तक काम करो, तो ओवरटाइम खुद सिस्टम में रिकॉर्ड होता था। फिर मैनेजर से पूछा जाता था - Why did he work late? ✅ अगर काम ज्यादा है, तो मैनेजर खुद कहते थे - Need more staff? Take it. But your team should have work-life balance. ✅ महीने का एंड बहुत बिज़ी होता था, पर फिर मैनेजर खुद कहते - Go for some holiday and we will partially pay. ✅ ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर - सब्सिडाइज़्ड। ✅ ऑफिस में जिम, पूल, स्पा। ✅ कोई ड्रेस कोड का झंझट नहीं। ✅ “मन नहीं है काम करने का, कोई बात नहीं, आज आराम कर लो। टीम में कोई और संभाल लेगा। ✅ प्रमोशन, इनक्रीमेंट सब कुछ सिर्फ परफॉरमेंस पर बेस्ड। ✅ अगर किसी को बीच में बिज़नेस करना है, या कोई दूसरा वेंचर ट्राय करना है, तो मैनेजर बोलते - जाओ, ट्राय करो। कभी भी वापस आना चाहो, दरवाज़ा खुला है ✅ बिना सीलिंग के फुल मेडिकल फैसिलिटी। ✅ तनाव हो रहा है तो थेरेपी की सुविधा उपलब्ध। ✅ कभी भी किसी से भी संपर्क करने की छूट, कोई हीरार्की नहीं - आप किसी से भी अपनी समस्या शेयर कर सकते हो ✅ रिजाइन करने के बाद भी HR और मैनेजर टाइम-टाइम पर टच में रहते है- सब ठीक तो है? किसी मदद की ज़रूरत है? ये सब देखकर एक ही बात समझ में आई - मॉर्गन स्टेनली में जो सपोर्ट और माहौल मिला, उसी ने मुझे कॉन्फिडेंस दिया कि मैं खुद का वेंचर शुरू कर सकूं। जो आत्मविश्वास मुझे मॉर्गन स्टेनली में मिला, वो भारतीय बैंकिंग सिस्टम में कभी नहीं मिला। शायद वही माहौल और जॉब सिक्योरिटी थी, जिसने मुझे अपना वेंचर शुरू करने की हिम्मत दी। आज पिछले डेढ़ साल से यूरोप, अफ्रीका और इंडिया में छोटा ही सही, लेकिन अपना वेंचर चला रहा हूँ - और उस फाइनेंशियल लेवल पर हूँ, जिसकी सरकारी बैंकिंग में रहते हुए कभी कल्पना भी नहीं कर सकता था। सरकारी बैंकिंग में रहता, तो शायद आज इतनी हिम्मत नहीं होती। बल्कि सच कहूँ, तो शायद डिप्रेशन में या सुसाइड की कगार पर पहुँच गया होता। क्योंकि सरकारी बैंकिंग में तो सब कुछ उल्टा था: ❌ सबसे बहतरीन स्टाफ लेकिन सबसे ख़राब प्रबंधन ❌ देर तक काम करो, तो पूछने वाला कोई नहीं कि क्यों रुके ❌ स्टाफ कम है तो भी मैनेजर कहेंगे - काम तो करना ही पड़ेगा ❌ छुट्टी लेना जुर्म है ❌ घूमने-फिरने का तो सवाल ही नहीं। ❌ कोई सपोर्ट नहीं, कोई समझ नहीं। ❌ बस टारगेट, टारगेट, और धमकी। ❌ अपनी खुद की ग्रोथ के बारे में सोचना भी गुनाह। ❌ रिजाइन कर दो, तो बैंक के लिए तुम जैसे कभी थे ही नहीं Morgan Stanley became a global investment bank not just because of capital and clients - but because it invests in people. भारत की बैंकिंग सिस्टम टूट रही है, क्योंकि वो अपने ही लोगों को तोड़ रही है। If you torture your employees with unrealistic targets, verbal abuse, and outdated systems - you destroy morale. अगर आप लोगों को ही कुचल दोगे, तो कोई सिस्टम टिकेगा नहीं। भारतीय बैंकिंग पॉलिसी मेकर्स से अपील है - अगर आप सच में बैंकिंग सिस्टम को सुधारना चाहते हैं, तो शुरुआत उन लोगों से कीजिए, जो वहाँ दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। – कर्मचारियों को इज्जत दो। – उनका वर्क-लाइफ बैलेंस बचाओ। – मेंटल हेल्थ को सीरियसली लो। – रोज-रोज के टारगेट और धमकियाँ बंद करो। – उन्हें आगे बढ़ने का मौका दो। बैंक सिर्फ अकाउंट खोलने से नहीं चलते। बैंक चलते हैं इंसानों से। उन्हें संभालो - इससे पहले कि देर हो जाए। नितिन त्यागी (एक पूर्व बैंककर्मी) #IndianBanking #RRB #MorganStanley #Bankervoice
Nitin Tyagi tweet media
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वरिष्ठ बैंक पर-बंधक
One more suicide in Banking Industry... Bankers की जान की कोई कीमत नहीं, किसी को कोई परवाह नहीं, ना सरकार, ना @RBI ना मंथली चंदा लेने वाले, ना कोई मानवतावादी संगठन... कोई नही है...
Nitin Tyagi@iNitinTyagi

बैंकर्स की मौत = सिस्टम की हत्या उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में एक बैंक कर्मचारी ने सुसाइड नोट लिखकर अपनी मौत का जिम्मेदार #UPGB RO मैनपुरी के RM J.C. Matti को ठहराया। - रोज़ाना रात 7:30–8 बजे तक अनऑफिशियल VC/मीटिंग - अफसर ही नहीं, क्लेरिकल स्टाफ तक को बुलाना - गालियाँ देकर बेइज़्ज़ती करना - असंभव टारगेट्स व लगातार प्रेशर - मानसिक प्रताड़ना से मजबूर होकर मौत चुनना सुसाइड नोट में साफ़ लिखा कि मेरी मौत का जिम्मेदार RM J.C. Matti है। और कॉपी RO व SP को भेजने की बात कही। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि चेयरमैन ठाकुर सब जानते हुए भी चुप क्यों हैं? क्या वो भी इस हत्या के हिस्सेदार नहीं? ये आत्महत्या नहीं, ये है इंस्टीट्यूशनल मर्डर। #YS_Thakur साब आप इसमें शामिल नहीं है तो तुरंत इस जाहिल आरएम पर कार्यवाही करते हुए इसे हटाए अन्यथा अपनी भी संलिप्तता स्वीकार करे। @DFS_India @RBI @bankofbaroda @FinMinIndia कितनी और लाशें चाहिए आपको? कब रुकेगा ये अत्याचार? @DmMainpuri @mainpuripolice इस आरएम पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करके इसे तुरंत गिरफ्तार करे। @myogiadityanath @dgpup कृपया कार्यवाही कराए। #BankerLivesMatter #StopBankerHarassment #UPGB

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Narendra Modi
Narendra Modi@narendramodi·
UPSC की अलग-अलग परीक्षाओं में जो होनहार प्रतिभागी आखिरी मेरिट लिस्ट का हिस्सा नहीं बन पाते, उनके लिए ‘प्रतिभा सेतु’ Digital Platform बनाया गया है। यह बहुत खुशी की बात है कि इसकी मदद से उन्हें नए अवसर मिलने लगे हैं। #MannKiBaat
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