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Prof. Abhishek Mishra
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Prof. Abhishek Mishra
@profamishra
National Secretary, & Spokesperson. Former Cabinet Minister UP Govt. Former Professor of Strategy & Innovation at IIM Ahmedabad. #AkhileshYadav
Lucknow, India Katılım Ocak 2017
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हम महिला आरक्षण के साथ हैं पर उस भाजपाई चालबाज़ी के ख़िलाफ़ हैं, जो एक साज़िश के तहत की जा रही है। भाजपाई और उनके संगी-साथी देश की सबसे बड़ी आबादी के वर्ग मतलब ‘पिछड़े वर्ग’ की महिलाओं के बारे में चुप्पी साधे बैठे हैं। ये संशोधन के नाम पर जो जल्दबाज़ी दिखा रहे हैं दरअसल उसके पीछे भाजपाइयों की मंशा ये है कि जनगणना न करनी पड़े क्योंकि अगर जनगणना हुई तो जातिवार आँकड़े भी देने पड़ेंगे और जातिवार आरक्षण भी। ये भाजपा का एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जिसमें जनगणना आधारित परिसीमन को नकार कर पिछड़ों का अधिकार लूटा जा रहा है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर इसे लागू करने की छूट पार्टियों को मिलनी चाहिए।
ये लोकतंत्र के ख़िलाफ़ ख़ुफ़िया लोगों की गुप्त योजना है, जो तब तक स्वीकार्य नहीं जब तक प्रक्रिया में सुधार नहीं।
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लखनऊ के टेढ़ी पुलिया इलाके की झुग्गी-झोपड़ी में लगी भीषण आग के पीड़ितों के लिए सरकार तत्काल भोजन, पानी और घायलों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए व रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करी जाए। ग़रीबों के पक्ष को सुनकर इस बड़े अग्निकांड की हर पहलू से गहरी जाँच हो और जो लोग नहीं मिल रहे हैं, उनके बारे में हर आशंका को दूर किया जाए।
हम सभी से हर तरह की मदद पहुँचाने की माँग करते हैं।
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नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करनेवाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मज़दूरों का शोषण।
भाजपाई चंदादायी पूँजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मज़दूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं।
बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है।
वेतनभोगी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
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प्रिय शिक्षामित्रों,
हमारे समय में आपको 40000 मिलता था और 9 साल की प्रताड़ना के बाद, शिक्षामित्रों की एकता, एकजुटता और रोष से डरकर भाजपा सरकार ने एहसान दिखाते हुए पैसे बढ़ाए भी तो केवल 18000, वो भी हार के डर से। अगर भाजपा सच में हितैषी है तो पिछले सालों का बकाया भी दे।
भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षामित्रों को 22000 हर महीने का जो घाटा, सालों साल हुआ है, उसको सांकेतिक संख्या मानकर हर विधानसभा के सारे पीड़ित शिक्षामित्र मिलकर अपने परिवार, रिश्ते-नातेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के 22000 वोट भाजपा के ख़िलाफ़ डलवाकर भाजपा को हराने का संकल्प लेकर ‘पीडीए सरकार’ बनवाएंगे क्योंकि सबसे ज़्यादा ज्यादती शिक्षामित्रों और उनके परिवारवालों के ही साथ हुई है। जिन शिक्षामित्रों को इस भाजपाई प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी, हम भविष्य में उनके परिजनों के सहयोग-समर्थन के लिए वचनबद्ध हैं।
हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट काटकर शिक्षामित्र भाजपा का SIR कर देंगे। इस SIR में ‘S’ को ‘शिक्षामित्र’ पढ़ा-समझा जाए! जब हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट घट जाएंगे तो भाजपा हारकर कहाँ मुँह छिपाएगी?
पीडीए सरकार आने पर शिक्षामित्रों के मान-सम्मान-मानदेय सबमें वृद्धि होगी। शिक्षा की दुश्मन भाजपा से शिक्षामित्र कोई उम्मीद न करें।
शिक्षामित्र कहे आजका, नहीं चाहिए भाजपा!
छोटी चिट्ठी, बड़ा संदेश!
आपका
अखिलेश
#शिक्षामित्र
#जो_पीड़ित_वो_पीडीए
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
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