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@Crazybakchod Modi and Kejri use this to count kitni gaaliya padi he unhe.
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Yeh kya hota?
Sankasm@_sankasm_
I have the same colour tally counter that Anushka Sharma is wearing.
Indonesia

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CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षडयंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
⦿ COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
⦿ कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
⦿ COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
⦿ COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
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@Unknown77333 @Crazybakchod @Azaad028 @srivatsayb Creating many Shadow accounts like @bharatjodo type to push same message.
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CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
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नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने शांतिवन में देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को पुष्पांजलि अर्पित की।
पंडित नेहरू का जीवन कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और देशभक्ति की वो मिसाल है, जो हमें आज भी चुनौतियों से लड़ने का हौसला देता है और रास्ता दिखाता है।
'हिंद के जवाहर' को कोटिश नमन 🙏🏼
📍 दिल्ली
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देश के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आधुनिक भारत की मज़बूत नींव रखते हुए उन्होंने एक समावेशी, सौहार्दपूर्ण और प्रगतिशील भारत निर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित उनका दूरदर्शी नेतृत्व सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।




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सिजिमाली आदिवासी संघर्ष यात्रा- दिन 05
BJP सरकार आदिवासियों के अधिकारों को छीनने में लगी है, अपने पूंजीपति मित्रों के लिए उनकी पहचान मिटाने पर तुली है।
ऐसे में IYC प्रभारी @ManishSharmaIYC जी के नेतृत्व में 'सिजिमाली आदिवासी संघर्ष यात्रा' एक संदेश है कि हम आदिवासियों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
आज इस यात्रा में ओडिशा कांग्रेस प्रभारी @AjayLalluINC जी और सांसद @saptagiriulaka जी शामिल हुए और आदिवासी हकों की आवाज बुलंद की।
सिजिमाली के आदिवासियों की मांग है:
• पूरे ओडिशा में तुरंत PESA Act लागू किया जाए
• सिजिमाली पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन पर तुरंत रोक लगे और कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष ग्राम सभा प्रक्रिया दोबारा कराई जाए
• वेदांता और अडानी समर्थित कंपनियों द्वारा आदिवासियों पर हो रहे पुलिस दमन और अत्याचार बंद किए जाएं
• जेल में बंद आदिवासी युवा कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं
📍 ओडिशा




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Screenshot from the video with the QR code. Time to stand up against the communal forces!! ✊

Ayush Saxena@Witty_Ayush
Deepak Kumar is facing financial difficulties for standing up for India’s unity. You can help him by contributing on the mentioned QR code as explained in the video by @ajitanjum He stood up for us!! Now it’s our time!! 🇮🇳✊ #DeepakKumar
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Deepak Kumar is facing financial difficulties for standing up for India’s unity.
You can help him by contributing on the mentioned QR code as explained in the video by @ajitanjum
He stood up for us!! Now it’s our time!! 🇮🇳✊
#DeepakKumar
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“हाथ कंगन को आरसी क्या,
पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या!”
PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय basket का कच्चा तेल $108.05 प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय पेट्रोल ₹71.51 और डीज़ल ₹56.71 प्रति लीटर मिल रहा था।
आज कच्चे तेल की कीमत $99 प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः ₹102.12 और ₹95.20 प्रति लीटर हो गए हैं।
यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 % और डीज़ल करीब 67.9 % महँगा हो गया।
हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महँगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महँगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है।
सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महँगा क्यों?
जनता को राहत क्यों नहीं?

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