rakesh dubey

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@rkdspeaks

Microfinance professional and development enabler...working in rural India,

Gurgaon, India Katılım Ocak 2013
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
Customer care @amazonIN is useless place to understand the grievance. They put you on hold and then disconnect if you ask them do some extra effort to resolve the issue.
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𝐊𝐫𝐢𝐬𝐡𝐧𝐚𝐩𝐫𝐞𝐞𝐭𝐢
8 Bade Mangalwar. 8 chances to reset your fate. Not every Tuesday is the same… Some carry the power to remove obstacles & shift your path. ✨ From 5th May to 23rd June — this is divine timing calling you to act. 🙏 Do it with faith. Watch what changes. 💫 Thread 🧵👇
𝐊𝐫𝐢𝐬𝐡𝐧𝐚𝐩𝐫𝐞𝐞𝐭𝐢 tweet media
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
.@airtelindia booked for new WiFi connection, person came for installation, asking money and saying I have to get it done by other electrician, they will give only wire. What a system, paid 1500, installation suppose to be free
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
ना तीन में रहे ना तेरह में ….
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Researcher of Astrology
Researcher of Astrology@Astro_Panditji_·
Rahu gives Generational Wealth. Drop your Rahu placement and find out how much wealth you're destined to make.
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Researcher of Astrology
Researcher of Astrology@Astro_Panditji_·
If you have Rahu in the 10th or 11th, your career jumps suddenly. Foreign links or unconventional paths make you rich. Drop your full DOB and uncover your breakout period. Retweet, follow, and like to get a reply.
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
काशी पौराणिक ही है, और लोग वही देखने और महसूस करने और मोक्ष की कामना से जाते हैं , बाकी आधुनिकता , पौराणिक धरोहर को बचाने के काम आनी चाहिए , ना की विध्वंस के आप अपने पूर्वजों के चित्र की फ्रेम बदलते हैं या उनके बदले आधुनिक चित्र लगा देते है … पहले समझिए क्या कहना है आपको !
saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳@saket71

काशी पहले लोग पैदल जाते थे। आज वायुयान और वंदे भारत से जाते हैं। जो हवाई अड्डे पर उतरते हैं, उनका मानना है कि हवाई अड्डा बनने तक आधुनिकीकरण स्वीकार्य है, इसके आगे कुछ नया बनेगा या रेलवे स्टेशन भी बेहतर होगा तो नगर के पौराणिक चरित्र का हनन हो जाएगा, जो वंदे भारत से आते हैं, उनके अनुसार स्टेशन तक सुविधाएँ विश्व स्तरीय हो जाएँ परंतु बस स्टॉप के आस पास कोई विस्तार, अवैध निर्माण का भंजन शहर के मूल चरित्र को प्रभावित कर देगा। जो पाँच सितारा में ठहरते हैं, उन्हें पाँच सितारा के निर्माण तक विकास स्वीकार्य है, जिनकी सामर्थ्य में तीन सितारा है, उन्हें तीन सितारा तक विकास शास्त्रोचित लगता है, धर्मशाला विश्व स्तरीय हॉस्टलों के स्तर की हो जाये तो तीर्थ टूरिज्म हो जाएगा। यह कौन तय करेगा कि किस स्तर तक पहुँचने की कठिनाई, रहने खाने की असुविधा तीर्थ को शास्त्रों के अनुरूप स्वीकार्य होगी। कई ऐसे मंदिर होंगे जिन पर लिखा हुआ है कि यह एक ऐसी गुफा थी जिसमे साहसी लोग ही घुसते थे और अहिल्या बाई ने वहाँ मंदिर बनवाया। कितने ही घाट राजाओं के बनवाये हुए काशी में हैं और अब वाराणसी का प्रतिनिधि चित्र हैं। महाराजा रणजीत सिंह में जब स्वर्ण कलश ज्ञानवापी पर बैठाया होगा तो क्या उसका चरित्र दूषित हुआ या कच्चे घाटों पर कब सीढ़ियाँ बनी तो काशी का स्तर गिर गया? या उनका सौभाग्य था कि यह सब परिवर्तन सोशल मीडिया के आने के पहले हुए, और जिसे जो तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने का साधन सूझा, धर्म की प्रतिष्ठा बढ़ाने का साधन सूझा, उसने बनाया। मक्का में पैगंबर साहब के जीवन से जुड़े भवन ध्वस्त हुए, वेटिकन में एक सुनियोजित नगर व्यवस्था के लिए नई व्यवस्था बनायी गई। धर्म की निरंतरता के लिए राजा तालाब और बावड़ी बनवाते रहे हैं। तीर्थयात्रियों के आगमन को सुगम बनाने के लिए राजशाही में भी शासन प्रयासरत रहा है। विशाल हज हाउस बनते रहे हैं, अरब देशों से आने वाले धन से विराट मस्जिदें बनती रही हैं। यह धर्म की शक्ति का प्रतिबिंब बन के युवाओं को अपने धर्म में गौरव की अनुभूति करा के उन्हें अपनी ओर खींचता रहा है। सात सौ वर्ष एक हिंदुओं से घृणा करने वाले शासन और सत्तर साल के हिन्दू लज्जा और अपराधबोध पर आधारित व्यवस्था ने हिंदू तीर्थों को बढ़ती जनसंख्या के साथ आगे नहीं बढ़ने दिया और अधिकांश तीर्थ दुर्गम क्षेत्रों, संकरी गलियों और गन्दगी का पर्याय हो गए। हिंदू बच्चे गोवा में चर्च के विस्तृत प्रांगणों में रील बनाते रहे और माँ बाप के साथ काशी विश्वनाथ की संकरी गलियों में पंडों की कृपा से दर्शन करने से बचते रहे। इनकी अगली पीढ़ी छुट्टियों में कहाँ जाएगी सोचिएगा ज़रूर।

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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
काम से डरो नहीं और काम को करो नहीं, काम करो या ना करो, काम की फिक्र जरुर करो फिक्र करो या ना करो पर उसका जिक्र जरुर करो
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
भरम सबका टूटता है सबसे “ऊपर” होने का चाहे IndiGo हो या .… #समय आने पर
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
1.शिक्षा बढ़ रही है, लेकिन भाईचारा ? 2.कथावाचक बढ़ गए लेकिन सदाचार ? 3.नेता बढ़ रहे हैं, लेकिन सुनवाई ? 4.टेक्नोलॉजी बढ़ती जा रही है,लेकिन प्राइवेसी? 5.लॉ एंड ऑर्डर ठीक हो रहा है ,लेकिन चोरी ? 6.अर्थव्यवस्था ऊपर बढ़ रही है, लेकिन रुपया ? 7.भ्रष्टाचार कम हो रहा लेकिन रेट ?
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rakesh dubey
rakesh dubey@rkdspeaks·
Three days have passed @airtelindia is unable to deliver the DTH remote despite many reminders and calls to there dedicated customer cares executives. What a bad service in Gurgram, no follow up , no followup calls …
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