Satyaprakash Jai Hind 🇮🇳
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Satyaprakash Jai Hind 🇮🇳
@satyap916
JaiHind 🇮🇳
Madhya Pradesh, India Katılım Temmuz 2012
5K Takip Edilen3.7K Takipçiler
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अदम्य साहस, शौर्य एवं गौरवशाली सैन्य परंपराओं का निर्वहन करने वाली सैन्य भूमि उत्तराखण्ड का गौरव गढ़वाल राइफल्स के स्थापना दिवस पर सभी वीर-जवानों एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
#GarhwalRifles
#UttarakhandPolice
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पटना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है,
जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को अपेंडिक्स ऑपरेशन का झांसा देकर भ्रूण जांच करवाई।
जब पता चला कि गर्भ में बेटी है, तो उसने पत्नी को चप्पल-जूतों से बेरहमी से पीटा और यहाँ तक कि उसे कोठे पर बैठाने की धमकी भी दी।
यह मामला वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र का है, जिसकी शिकायत बिहार राज्य महिला आयोग में दर्ज कराई गई है।
पीड़िता की माँ ने आवेदन देते हुए बताया कि उनकी बेटी की शादी 13 दिसंबर 2021 को हुई थी।
माँ के अनुसार, पति की मौत के बाद उन्होंने अपनी जमीन बेचकर करीब 10 लाख रुपए खर्च कर बेटी की शादी की थी।
लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से 5 लाख रुपए अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई। मांग पूरी न होने पर बेटी के साथ लगातार मारपीट की जाती रही और कई बार उसे मायके भेज दिया गया।
कुछ समय बाद पति ने माफी मांगकर पत्नी को वापस ससुराल बुलाया। उस दौरान महिला गर्भवती थी, लेकिन इसी बीच उसके साथ यह अमानवीय व्यवहार किया गया।

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सत्ता में ममता होनी चाहिए....
क्या खाओगे? क्या बना दूं? हिंदुस्तान में आज भी बहुत से घरों में महिलाओं की औक़ात इससे ज़्यादा की नहीं है कि घर के लोगों से पूछ के उनकी पसंद का खाना बना दे। जो खाना तक अपनी पसंद का नहीं बना सकती, वों क्या सरकार बनाएंगी।इसीलिए घर के बड़े फैसले कई बार करके उन्हें बता दिए जाते हैं या कई बार बताना तक ज़रूरी नहीं समझा जाता। फैसले हो जाते हैं। वो कभी मन से कभी अनमने मन से, बिना सहमति के थोपे हुए फैसले मानती निभाती रहती है।
यही बात जब आप वृहद रूप में देखेंगे तो हमेशा से ये सोचा गया कि अब औरत थोड़ी ना तय करेगी कि सरकार किसकी बनेगी। घर के मुखिया ने लाउडस्पीकर की तरह बोला और महिलाएं कौम की तरह एकमुश्त वोट डालने चली गईं। घर के पुरुष तय कर लेते है कि सरकारें कौन सी बनेगी और महिलाएँ न चाहते हुए भी वहीं जाकर वोट डाल आती थीं। बाद में भले ही उसी पार्टी के गुंडे उसी घर की बेटी वो छेड़ें।
ये आजादी ये समझ जब महिलाओं के हाथ आई, उन्होनें जाना कि सुरक्षा का मतलब किसी के आगे खुद की सलामती के लिए रिरियाना नहीं है। हमेशा घर के लड़के को साथ बाज़ार लाए बिना भी बात बन सकती है। अगर सरकार के तौर पर ही सुरक्षा चुन लो। कुतर्क, विश्लेषण, इस पर सब कुछ हो सकता है लेकिन वोटबैंक की राजनीति में हमेशा कुर्मी, बनिया, यादव और मुस्लिम तलाशने वाले अब जाके जान पाएं हैं बैंक नहीं असल खजाना वो महिलाएं ही हैं, जिनको आपने कभी ठीक से गिना भी नहीं।
लेकिन अब भारत की राजनीति का परिदृश्य बदल गया है। महिलाएं देखती हैं, यूपी के एक नेता की पत्नी के लिए घटिया शब्द कहें गए और वो कुछ नहीं बोल पाईं। पति का मुंह ताकती रहीं और पति भी वोटबैंक की खातिर कुछ नहीं बोल पाएं। आपने वो वोटबैंक तो बचा लिया लेकिन बाक़ी महिलाएं देखती रह गई कि जो अपनी पत्नी के लिए ना आवाज उठा सका वो हमें कैसे गारंटी देगा। बड़े मुद्दे नहीं छोटी-छोटी बातें आपकी नीयत बता जाती हैं।
साल 2017 में एक फिल्म आई थी मॉम। श्रीदेवी ने एक रेप विक्टिम की मां का किरदार निभाया थीा। मदर होकर जब अपनी बेटी का बदला लिया तो उसे कानूनी तौर पर न्यायसंगत भले ही ना कहा जाए लेकिन हर मां को वो एकदम सही लगा होगा। औरतें औरतों की दुश्मन होती हैं, वाली कहावत से ज्यादा पावरफुल बात ये हैं कि औरते ही औरतों के कष्ट को समझती हैं। लेकिन बंगाल में रेप विक्टिम की मां को शायद सरकार से वो सांत्वना नहीं मिली। संदेशखाली का संदेश अब साफ है। सिस्टम बदलने के लिए वो खुद सिस्टिम हो गईं। मायावती, ममता, सोनिया, जयललिता... हों या एक आम औरत, एक औरत का संघर्ष इस सृष्टि की बहुत ही सामान्य घटना है। लेकिन सत्ता पाकर अगर आपने इस सामान्य घटना को सामान्य ही रहने दिया तो आप सत्ता के लायक नहीं।
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र सत्ता
#बंगाल_का_रिजल्ट #पश्चिम_बंगाल #electionresult2026

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@umashankarsingh भ्रष्टाचार, स्वार्थ, लालच की नींव पर ऐसे ही निर्माण होते हैं जो अधिक समय तक नहीं टिक पाते...
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बिहार में गिरे पुल के इस वीडियो पर नज़र पड़ी तो AI जेनेरेटेड लगा… जब कई बार देखा तो ये Act of God लगा… इसलिए साझा कर रहा हूँ कि आप बताएँ आपको क्या लगा…
Umashankar Singh उमाशंकर सिंह@umashankarsingh
बिहार एक ग़ज़ब जागरूक प्रदेश है। पुल गिरते ही ड्रोन विजुअल आ गए थे… पार्श्व गीत के साथ 🤓 जिन्होंने भी बनाया उनका नाम पता चले तो credit 🙏
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This NEPO kid with STOLEN Surname is the Biggest FRAUD in Indian Politics with logic as fake as his identity
दम है तो केरल मैंडेट को STOLEN बोल अपने MLAs से तुरंत इस्तीफा करवाओ
केरल में सरकार बनाने का तुम जैसे चोर को कोई हक नहीं
हार नहीं पचती तो मेहनत करो,वरना राजनीति छोड़ दो
Rahul Gandhi@RahulGandhi
Assam and Bengal are clear cases of the election being stolen by the BJP with the support of the EC. We agree with Mamata ji. More than 100 seats were stolen in Bengal. We have seen this playbook before: Madhya Pradesh. Haryana. Maharashtra. Lok Sabha 2024 etc चुनाव चोरी, संस्था चोरी - अब और चारा ही क्या है!
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चुनाव में हार जीत लगी रहती हैं, लेकिन चुनाव में इज्जत मिट्टी में मिल जाए तो इसे साधारण हार नहीं कह सकते है।ममता मिट्टी में मिल गई।ख़ुद अपने घर में हारी और पार्टी भी बुरी तरह हारी।
ऐसा कहा जाता हैं कि वक़्त जख्मों को भर देता हैं।लेकिन अफ़सोस हैं कि राजनीति में ऐसा होता नहीं हैं।ममता का यह ज़ख़्म ताउम्र हरा रहने वाला है।कई दर्द ऐसे होते हैं जिसकी दवा नहीं होती,ममता के इस दर्द की भी कोई दवा नहीं है।अपनों से बिना वजह दर्द मिले तो दुख होता हैं,समाज भी सहानुभूति व्यक्त करता है। लेकिन ममता ने अपने लगातार 15 साल के शासन में बंगाल की जनता को दुख दिया,दर्द दिया,डर दिया धोखा दिया।अब 15 साल बाद बंगाल की जनता की सहनशक्ति खत्म हो गई।
ममता बनर्जी बंगाल की जनता से 15 साल के शासन के बाद पाँच साल और माँग रही थीं।लेकिन बंगाल की जनता इस बार जरा भी वक्त ममता सरकार को देने के लिए तैयार नहीं थी।बंगाल की जनता ममता के शासन में मिले जख्मों को ओर गहरा होने देना नहीं चाहती थी।बंगाल की जनता मरहम चाहती थी।बंगाल की जनता को मोदी में ममता के दिए दर्द का मरहम दिखा।
ममता बनर्जी इस चुनावी मंथन से अमृत चाह रही थीं। ममता ने ज़हर सींचा हैं,अमृत कैसे मिलता?
15 साल से बंगाल में जल रही रोटी को पलटने का वक़्त आ गया था।जनता ने सत्ता पलट दी।जनता जनार्दन होती है।
जनता भोली होती है,भावनाओं में बह जाती है।पहले 32 साल कम्युनिस्टों के बहकावे में बही, फिर 15 साल ममता के बंगाली अस्मिता के नाम पर ममता के साथ बह गईं।
बंगाल के मतदाताओं ने अपनी ऐतिहासिक भूल की भारी क़ीमत चुकाई।कम्युनिस्टों और ममता के भूल भुलैया में बंगाल की जनता उलझी रही।
45 साल बाद बंगाल की जनता ने भूल सुधार की है।
बंगाल को भगवामय कर दिया।उम्मीद है बीजेपी बंगाल की जनता के उम्मीदों पर खरा उतरेगी।
बंगाल बच गया।
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मैं बीजेपी से लगाव रखता हूं इसलिए कह रहा हूं कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर का मुद्दा भाजपा को हराने की क्षमता रखता है।
इस समय वैसे ही आप लोगों की लोकप्रियता कम है और उसके ऊपर यह स्मार्ट मीटर एक ठग की तरह सबके घरों में अपने बैठा दिया है।
या तो यह आपका मिसमैनेजमेंट है अन्यथा आपको आत्मविश्वास इतना हो गया है कि आप जानते हैं कि चुनाव तो आप ही जीतेंगे क्योंकि आपके समर्थक आखिर जाएंगे कहां??
खैर आपका जो भी सोचना हो, हमारा काम है आपको जमीनी सच्चाई से अवगत करा देना।
@myogiadityanath @AmitShah
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यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ते आक्रोश और विवाद के बीच यूपी सरकार ने 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी है। प्रदेश में प्रीपेड सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे। यानी प्रीपेड सिस्टम (पहले रिचार्ज) की व्यवस्था खत्म की जा रही है।
उपभोक्ताओं को फिर से हर महीने का बिल मिलेगा। बकाया किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर बिजली न काटी जाए और शिकायतों का प्राथमिकता पर निस्तारण हो।
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राजनीति के व्याकरण में खौफ की उम्र सबसे छोटी होती है। जब खौफ की वह महीन रेखा टूटती है तो सत्ता परिवर्तन कोई संभावना नहीं रह जाती, बल्कि एक ऐतिहासिक अनिवार्यता बन जाती है। बंगाल में इस खौफ के तिलिस्म को तोड़ने का काम किसी रातों रात हुए चमत्कार ने नहीं किया, बल्कि इसके पीछे एक बेहद आक्रामक और सधी हुई रणनीतिक बिसात थी। और इस मोर्चे पर सत्ता के अहंकार पर सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रहार किया अमित शाह ने।
amarujala.com/india-news/spe…
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So many accounts are now emerging on social media, stories of families, friends, neighbours, and known killed, assaulted, or having property destroyed under TMC rule, just for political inclination.
Scary how so much crime can be brushed off under the cloak of intellectualism. Development, jobs, and infrastructure can progress together, but none of it holds without basic law and order. The primary reason Bengalis brought the BJP to power is the demand for peace and security.
I just hope they appoint a strong CM and crack down on crime and radical networks. Dismantle the local ecosystems that protect offenders, illegal financing, land mafias, extortion rackets, and political patronage. Secure the borders properly, plug the entry points, and push infiltration back to Bangladesh.
English

@abhishekaitc मत बोला करो ऐसे, बहुत दर्द होता है बाद में...
~ पाकिस्तान.
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Ten lifetimes won't be enough for your Bangla Birodhi Gujarati gang and their stooge Gyanesh Kumar to put even a dent in my DIAMOND HARBOUR MODEL.
Bring everything you have got. I challenge the entire Union of India- Come to Falta. Send your strongest, send one of the godfathers from Delhi. If you have got the nerve, contest in Falta.
Amit Malviya@amitmalviya
The Diamond Harbour model crumbles.
English










