
@desikishu नृत्य या देह व्यवसाय आदिकाल से हो रहा है।इन लोगों को गंदी दृष्टि से देखना अनुचित है।यह लोग भ्रष्ट नेताओं, जजों अधिकारियों, मिलावटखोरों से अच्छे हैं जो मोटी सैलरी वगैरह के बावजूद अपना ईमान बेचते हैं।यह बेचारी तो जीवन यापन के लिए मामूली रकम में कला प्रदर्शन करती हैं।
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