Ramratan Bajari Pune ретвитнул

ममता बनर्जी ने जो अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और वोटर्स को सिखाया, आज उसी जहर को खुद निगलने के लिए विवश दिख रही हैं ... पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में उपद्रव शुरू हो गया है .... ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की जो लिस्ट जारी की है, उसमें से करीब 15 विधायकों की सीटें बदल दी गयी हैं और करीब 74 से अधिक विधायकों का टिकट इस बार काट दिया गया है.
अब जिन विधायकों का टिकट काटा गया है, उन्होंने अपने समर्थकों को उपद्रव करने के लिए उकसा दिया है. समर्थक अब पश्चिम बंगाल में बवाल काट रहे हैं. ममता बनर्जी का विरोध किया जा रहा है और उनको गालियों से सराबोर किया जा रहा है ... सड़क पर टायर जला कर आगजनी की जा रही है ... वहीँ जिस उम्मीदवार को टिकट मिला है, उसके समर्थक और विरोधी आपस में ही भिड़ने को तैयार दिख रहे हैं ... कई जगहों पर तो दंगे जैसी स्थिति दिखने लगी है.
ममता बनर्जी ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अराजक विचारधारा में संपोषित किया ... हिंसा के लिए उकसाया और इन्हीं अराजक व्यवस्था के नाम पर सत्तासीन होती रहीं .... अब वही अराजकता इनके लिए इस बार के चुनाव से पहले ही सरदर्द बनती हुयी दिख रही है ... इस बार के चुनाव में ममता के लोग ही ममता के खिलाफत में दिख रहे हैं, बगावती तेवर भी दिखा रहे हैं.
ऐसा नहीं है कि टिकट किसी सियासी दल में टिकट काटे जाने का यह पहला उदाहरण है ... हमेशा टिकट बंटते-कटते रहते हैं ... कुछ मामलों में जिस नेता का टिकट काटा जाता है, उनके समर्थक मौखिक विरोध करते हैं ... लेकिन पश्चिम बंगाल में TMC के समर्थकों का विरोध, कभी भी मौखिक नहीं रहा है, वो सीधे तौर पर हिंसा पर उतारू होते हुए दिखते हैं ... ये विरोध पहले बीजेपी, कम्युनिस्ट या कांग्रेस के खिलाफ होता था, इस बार TMC के कार्यकर्त्ता और समर्थक ही आपस में जुझारू तौर पर लड़ते-भिड़ते दिख रहे हैं ... ममता बनर्जी के लिए ये शुभ संकेत तो नहीं ही कहा जा सकता है ... लेकिन ये भी कहना जरुरी हो जाता है कि Karma Returns ... मतबल कि "बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से पाए ?" ... विरोध करने का तरीका जो ममता ने सिखाया है, आज उसी तरीके से खुद जार-जार रोने पर मजबूर दिख रही हैं

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