
हम है बिहार के
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हम है बिहार के
@Manishkumar0286
“राजनीति | विचार | समाज की बात 🔥 रोज़ कुछ नया सोचने को मजबूर करेगा”







देश भर के कर्मचारी और पेंशनर्स जनवरी से बढ़ने वाले #DA का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब इतनी देरी हुई हो #DA अनाउंसमेंट करने में। कर्मचारियों में इस आशंका की सुगबुगाहट है कि सरकार अमेरिकी ईरानी युद्ध के चलते कोरोना काल की तरह #DA को फ्रीज करना चाहती है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो उसे तुरंत इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि इतनी देरी की वजह क्या है और कब तक ऐलान हो जाएगा। #ManjeetSinghPatel


अदभुत :- 21 साल नौकरी करने के बाद बीएसएफ जवान को NPS के तहत सिर्फ 7129/ पेंशन मिलेगी, और इतनी ही पेंशन उसे पूरी उम्रभर मिलेगी, इसमें बढ़ोतरी नहीं होगी #ops #nps #CAPF #NoNPS_NoUPS_OnlyOPS #पुरानी_पैंशन_लागू_करो

21 साल देश की सेवा करने के बाद अगर एक बीएसएफ जवान को सिर्फ ₹7129 महीना पेंशन मिले, तो यह केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता का प्रतीक है। जो जवान अपनी जवानी सीमाओं पर खपा देता है, उसकी बुढ़ापे की सुरक्षा इतनी कमजोर हो—यह सवाल खड़ा करता है कि क्या हम सच में अपने सुरक्षाकर्मियों की कद्र करते हैं? NPS को आधुनिक और टिकाऊ व्यवस्था बताकर लागू किया गया था, लेकिन हकीकत में यह अनिश्चितता और असुरक्षा का मॉडल बन चुका है। इसमें न तो पेंशन की गारंटी है और न ही महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी। ऐसे में एक जवान, जिसने पूरी जिंदगी जोखिम में बिताई, उसे भविष्य के लिए सिर्फ अस्थिरता मिलती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन पेंशन स्थिर रहती है। ₹7129 जैसी राशि आज के समय में बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए भी पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य, दवाइयां, परिवार की जिम्मेदारियां—इन सबके बीच यह पेंशन एक मजाक जैसी लगती है। सरकार की नीतियों में यह असमानता भी साफ दिखती है कि एक ओर कुछ वर्गों को पुरानी पेंशन (OPS) का लाभ मिलता है, जबकि CAPF जैसे बलों के जवानों को NPS के भरोसे छोड़ दिया गया है। क्या देश की सुरक्षा में लगे जवान कम महत्वपूर्ण हैं, या उनकी सेवाओं की कीमत कम आंकी जा रही है? अगर समय रहते इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो यह न केवल जवानों के मनोबल को तोड़ेगा, बल्कि युवाओं में भी सुरक्षा बलों में जाने की इच्छा को कम करेगा। देश की सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं, बल्कि उन जवानों के विश्वास और सम्मान से भी मजबूत होती है—और आज वही विश्वास डगमगाता नजर आ रहा है।







CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) को भी शामिल करो CAPF बिल 2026 में ये भारत संघ के सशस्त्र बल हैं। और ARMED FORCES OF THE UNION के लिए पुरानी पेंशन (OPS) लागू होता है।









