Mohit Kumar Dwivedi 🇮🇳 รีทวีตแล้ว

उड़ीसा के फुलबानी में पुलिसकर्मी की पीटपीट कर हत्या के प्रयास की घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी “महान भीड़ संस्कृति” का लाइव प्रदर्शन थी।
एक तरफ सिविल कपड़ों में बेसुध पड़ा पुलिसकर्मी अपने जीवन के अंतिम सांसों से जूझ रहा था, वही दूसरी तरफ खुद को दूसरे से ज्यादा ताकतवर और बहादुर मानने वाले दर्शकों की भीड़ में कोई वीडियो बना रहा था, कोई हाथ बांधे चुपचाप खड़ा था, मानो कोई नौटंकी चल रही हो।
अगर उसी भीड़ में से 5–10 लोग इंसानियत दिखा देते, तो शायद आज हालात कुछ और होते। लेकिन नहीं, हम तो वही लोग हैं जो हादसे के बाद सबसे पहले लिखते हैं – “बहुत गलत हुआ”।
(घटना दिनांक: 27 फरवरी 2026)
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