Kashif Kamal
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Kashif Kamal
@KASHIFSASARAM
RTI Activist|OutSourcing Service Provider|M.Phil|Progressive Citizen|The Man Beyond Objection।आ देख मेरा जोश ओ जुनूँ कम तो नही,सर खून में डूबा है मगर खम तो नही।



🚨 सासाराम (रोहतास) के साथ यह सौतेला व्यवहार आखिर कब तक? राजस्व देने में हम आगे, लेकिन विकास में सबसे पीछे! 🚨 रोहतास जिले का मुख्यालय होने और सरकार व रेलवे को भारी राजस्व देने के बावजूद, हमारा सासाराम आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रेलवे की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार, रेल मंत्रालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से हमारी प्रमुख समस्याएँ और माँगें इस प्रकार हैं: ⛰️ पर्यटन में घोर उपेक्षा: मुख्यमंत्री जी का सासाराम से भेदभाव: हमारे यहाँ 111 फीट ऊंची शिव प्रतिमा, 80 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा, ऐतिहासिक शेरशाह सूरी का मकबरा, गुप्ता धाम, ताराचण्डी शक्तिपीठ और 200 से भी ज्यादा खूबसूरत झरने हैं। अपार संभावनाओं के बावजूद सीएम साहब केवल राजगीर का प्रचार करते हैं, सासाराम के पर्यटन को पूरी तरह मरने के लिए छोड़ दिया गया है! 🏥 शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली: विश्वविद्यालय (University) की सख्त ज़रूरत: सासाराम में अपनी कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। छोटे-छोटे कामों और उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को घंटों सफर कर आरा जाना पड़ता है। PGI स्तर के अस्पताल का अभाव: यहाँ कोई उच्च-स्तरीय अस्पताल नहीं है। सीरियस होने पर मरीजों को बनारस भागना पड़ता है। यहाँ PGI स्तर के एक बड़े अस्पताल का निर्माण बेहद जरूरी है। मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय में बने: रोहतास को जो मेडिकल कॉलेज मिला है, उसका निर्माण सासाराम (जिला मुख्यालय) में ही होना चाहिए, ताकि सदर अस्पताल के गंभीर मरीजों को वक्त रहते रेफर कर उनकी जान बचाई जा सके। 🚂 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी: टर्मिनल प्रोजेक्ट्स से गायब: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) की हालिया 'मेगा टर्मिनल/सैटेलाइट टर्मिनल' लिस्ट से सासाराम का नाम ही गायब है, जो हमारे साथ घोर अन्याय है। पिटलाइन और स्टैबलिंग लाइन: ट्रेनों के रखरखाव के लिए सासाराम स्टेशन पर 'वाशिंग पिटलाइन' और 'स्टैबलिंग लाइन' का जल्द निर्माण हो, ताकि यहाँ से लंबी दूरी की नई ट्रेनें शुरू हो सकें। मिनी मेमू शेड: यहाँ एक 'मिनी मेमू शेड' का निर्माण हो, जिससे सासाराम से सीधे आरा, पटना, गया, डीडीयू, डाल्टनगंज और बक्सर के लिए नई लोकल/मेमू ट्रेनें चल सकें। 🚆 नई ट्रेनें और कनेक्टिविटी: कटड़ा और मुंबई के लिए नई ट्रेनें: सासाराम से कटड़ा (वाया दिल्ली) और मुंबई के लिए नई ट्रेनें चलें। चूँकि यहाँ पिटलाइन नहीं है, तो इनका मेंटेनेंस (RBPC) कटड़ा और मुंबई बेस में ही फिक्स करवाकर इन्हें आसानी से चलाया जा सकता है। सासाराम-चर्लपल्ली (07021/22) नियमित हो: दक्षिण भारत जाने वालों की भारी भीड़ के बावजूद, रेलवे ने छठ में सिर्फ 11 फेरे चलाकर इस ट्रेन को बंद कर दिया। इसे अविलंब रेगुलर कर साल भर चलाया जाए। सासाराम-चुनार रेललाइन: इस नई रेललाइन को जल्द मंजूरी मिले, यह इस क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगा। आरा-छपरा रेललाइन: इस लाइन का निर्माण जल्द हो ताकि हमारा कैमूर और रोहतास सीधे छपरा-सिवान से जुड़ जाए। सासाराम से नई ट्रेन का परिचालन: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए सिवान से सासाराम/भभुआ, सासाराम से बक्सर, भागलपुर, जयनगर, रक्सौल, किशनगंज के बीच कम से कम एक डायरेक्ट ट्रेन चलनी चाहिए। 🚄 सबसे बड़ा भेदभाव - प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव नहीं: इतने वीआईपी रूट पर होने के बावजूद सासाराम जंक्शन पर राजधानी, दुरंतो और संपर्क क्रांति जैसी बड़ी प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव नहीं है। डीडीयू से गया के बीच 200 किमी के लंबे सेक्शन में सासाराम में इनका ठहराव होना ही चाहिए! जबकि दूसरी तरफ झारखंड में देखो तो यही ट्रेनें धनबाद, गोमो, पारसनाथ और कोडरमा जैसी जगहों पर रुकती हैं, जिनके बीच की दूरी बहुत ही कम है। यह हमारे साथ सीधा भेदभाव है! रोहतास, कैमूर वासियों, एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठाएँ! इस पोस्ट को जन-जन और सोए हुए जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। 👇 @snehlataRLM @UpendraKushRLM @UpendraKuOffice @DeepakRLM @YouthVoiceSurya @brdabihar @Buxarrail @BiharRailUsers @IndexBihar @shivesh4BJP @Nivedita_Singh_ @BJP4India @Jduonline @mangalpandeybjp @AshwiniVaishnaw @ECRlyHJP @RailMinIndia @SCRailwayIndia @CPROECR @AgmEcr @GM_ECRly @gm_ecr @teambrandbihar #Sasaram #Rohtas #IndianRailways #BiharTourism #DevelopmentForSasaram #SasaramJunction #Kaimur #Bihar









































