
एक साल हो रहा इस पत्र को @oprajbhar कुल मिलाकर पंचायत सहायकों की पूरी जीवन व्यथा अब शासन पर ही निर्भर दिख रही है। न निदेशालय निर्णय ले सकता है, न ग्राम पंचायत के पास अधिकार है। फिर आखिर पंचायत राज मंत्री @oprajbhar जी क्यों कह रहे थे कि “आप लोग प्रधान के अंतर्गत हो आपका शासन से कोई संबंध नहीं है ? जब पंचायत सहायकों के मानदेय वृद्धि और सेवा नियमावली का अधिकार सीधे शासन के पास है, तो फिर सरकार स्पष्ट करे @UPGovt कार्य शासन का, आदेश शासन के, पोर्टल शासन के, डेटा शासन का और जवाबदेही भी शासन की है, तो पंचायत सहायकों को राजकीय कर्मी का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा है?? सीधा वेतन प्रणाली से जोड़ियों 57,000+ पंचायत सहायक वर्षों से हर विभाग का डिजिटल और प्रशासनिक कार्य संभाल रहे हैं, लेकिन आज भी न सेवा सुरक्षा, न सम्मानजनक वेतन, न कर्मचारी का दर्जा। यदि शासन ही अंतिम निर्णयकर्ता है, तो अब जिम्मेदारी भी शासन को ही लेनी चाहिए। @ChiefSecyUP @Manojkmr_singh @AwasthiAwanishK #पंचायत_सहायक #मानदेय_वृद्धि




























