

Deepak Pandey
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CAPF_Vs_IPS:(update) 'काले-जादूगरों का काला-जादू' * आजतक किसी भी IPS अधिकारी ने CAPF मैं तैनाती के दौरान अपनी शहादत नहीं दी है। ना ही आजतक किसी IPS अधिकारी को कभी किसी अभियान के दौरान कोई शारीरिक चोट, bullet injury, IED injury हुई है। ना कभी किसी अभियान के दौरान कोई गोली चलाई है ना कभी कोई हथीयार कोत से लिया है। * परंतु जब कभी भी वीरता-पदक, अन्य पदक,डिस्क,पुरस्कार की सूची जारी होती है। तो उसमें सबसे ऊपर इन्ही काले-जादूगरों के नाम सबसे ऊपर दिखते हैं। कुछ तो ऑपरेशन में गए भी नहीं तथा आपस इलाके से कोसों दूर होते है,फिर भी वीरता पदक पहले पाते है। है ना कमाल का काला-जादू ! * इस बार तो इन्होंने गजब का जादू दिखाया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार बार आदेश के बाद भी, SC के आदेशों का पालन नहीं किया और हाथ की सफाई का जादू दिखाया, सुप्रीम कोर्ट में सालों तक झूठ बोलते रहे कि अनुपालना कर रहे है। कोविड के कारण, इलेक्शन ड्यूटी के कारण,बजट, थोड़ा समय और लगेगा। पिछले हफ्ते ही कोर्ट में कहा, थोड़ा समय और दे दो। * इसी प्रकार लगातार केडर अधिकारियों को भी झूठ बोलते रहे कि अनुपालना जारी है। आप लोग सुझाव दें केडर रिव्यू किस प्रकार से किया जाए। CAPF झांसे में आ गयी और पूरी ईमानदारी से '31.03.2026 तक नक्सली समाप्ति के लक्ष्य' में लग गई। * काले जादूगर गुप्त तरीके से दिल्ली दरबार के ठाठ बाट में, गृह मंत्रालय के बाबूओ के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने में लग गये। * प्रखर राष्ट्रवादी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी, को भी झांसा दिया कि अलग-अलग CAPF है, अलग-अलग नियमावली है, अनेक नियमावली में विसंगतियों के कारण, प्रमोशन की दिक्कत है आई है। यदि एक नियमावली कर देंगे तो सभी सीएपीएफ का एकीकरण होगा, प्रमोशन की समस्या सुलझेगी तथा राष्ट्रहित में बड़ा कदम होगा! * माननीय गृह मंत्री जी को झांसे में साथ लेकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी राष्ट्रहित व CAPF हित की आड़ में यही चूरण बेच दिया। * 'CAPF बिल 2026' बनकर अचानक CAPF पर दे मारा। बेचारे सीआरपीएफ अधिकारी व जवान, पूरा जीवन देशसेवा में देकर बंधुआ मजदूर की तरह विवश और असहाय, भगवान भरोसे रह गए l * सोशल मीडियो के माध्यम से देशप्रेमी जनता, जनार्दन का रूप लेकर ईश्वरीय मदद बनकर आ गई।जनता के देशप्रेम के ज्वार से जनसेवक नेता, मीडिया जुड़ गए। प्रचार प्रसार से छले गए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री भी जागरूक हुए और षड्यंत्र को भांप गए। * CAPF में केडर अधिकारियों, खासकर 15 साल से प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे युवा अधिकारियों में तीव्र उबाल है। मीटिंग,फंक्शन, आदि में उबाल स्पष्ट दिख रहा है। अब शर्मिंदगी में ' अधिकारियों' से आंख नहीं मिला पा रहे हैं तथा देशहित, देशसेवा की शपथ, माता पिता की इज्जत/कसमें खिलाकर शांति की कोशिश में लगे है। भयभीत है कि यदि कोई छोटी सी भी अप्रिय घटना/समाचार मोदी जी व मोटा भाई तक पहुंची, तो अपना आपा ना खो दे! * एक तरफ कैडर अधिकारियों को 15 वर्ष तक प्रमोशन नहीं दे रहे। दूसरी तरफ CAPF में फूट डालने के मकसद से, नए cadre पैदा कर दिए, जिन पर दिल्ली न्यायालय HC ने भी प्रतिकूल टिप्पणी की। मंत्रालयिक बाबू, डॉक्टर, पशु चिकित्सक, इंजीनियर, आदि नए नए ऑफिसर कैडर बनाए जिनकी UPSC के बजाए सीधी भर्ती करनी शुरू की गई। यह अन्य कैडर जो जल्दी जल्दी प्रमोशन देकर एक्जीक्यूटिव/जनरल ड्यूटी कैडर से पहले प्रमोशन देकर सीनियर बना दिया। इससे यह मामला और उलझा दिखे और नेता,मीडिया व जनता को क्लिष्ट दिखे और रुचि ना ले। लड़नेवाले अधिकारियों को अपमानित कर, हतोत्साहित कर, अपना वर्चस्व बनाए रखना। 10 लाख CAPF में फूट डाल केवल अपना स्वार्थ सिद्धि हेतु, क्या देशभक्ति है? अपने इन काले कुकृत्यों से IPS अपना सम्मान खो चुके है!! * देखते हैं कब इन काले-जादूगरो का काला जादू खत्म होगा और CAPF में सूर्य-उदय होगा!!🌞🇮🇳






This is a grave injustice to all #CAPF officers whose boots are on ground. 👢 Anger and discontent in CAPF ranks as MHA likely to bring a bill this budget session to codify IPS deputation in CAPFs. The Hindu reported first on Feb 14 that govt is considering a law against the SC judgement giving CAPFs an organised status.




